ये 3 साल की बच्ची गरीब व बीपीएल परिवार की गांव Choundiyawas, तहसील लालसोट जिला दौसा हैं। इसकी एक आंख कैंसर से पीड़ित है। आंख से पूरे शरीर में इन्फेक्शन न हो ओपरेशन तुरंत जरूरत हैं,क्यों सरकारी मदद नहीं मिल रहीं,स्वास्थ्य योजनाऐं फैल हैं क्या ? @RajCMO @CMHelpdesk @RGHS@pantlp
बागेश्वर मामले में पुलिस फ़ौरन अपराधी को गिरफ़्तारी करे। संविधान और क़ानून को किसी पाखंडी के दरवाज़े पर ठिठकना नहीं चाहिए। FIR में गुंडे की भाषा देखिए। इसकी अगर 48 घंटे में गिरफ़्तारी न हुई तो हम अगले कदम का ऐलान करेंगे। समाज के सम्मान और स्वाभिमान के साथ कोई समझौता नहीं होगा।
पूर्वी राजस्थान के आदिवासी बहुल 16 जिलों को चंबल नदी से पानी पहुंचाने के लिए साल 2018 में पीएम @narendramodi ने पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना लाने का वादा किया। वोट लिया। सभी 25 लोकसभा सीटों पर कब्जा किया। लेकिन आज तक इन ग्रामीणों को पानी नसीब नहीं हुआ। #मोदी_ERCP_वादा_पूरा_करो
खंडवा, मध्य प्रदेश में महाशिवरात्रि पर पुजारियों ने SC लड़कियों को शिव मंदिर में प्रवेश करने से रोका। पुजारियों ने कहा कि वे मंदिर के बाहर पूजा करें।
क्या हुआ बहनों? मिल गया प्रसाद? और बनो जबरदस्ती हिंदू। काश ये बाबासाहेब को पढ़ी होतीं!
चंद्रशेखर आजाद भाई को बूंदी में दी जाएगी यह तस्वीर
सांगानेर से हमारे आदरणीय भाई आर्टिस्ट महेंद्र जी वर्मा द्वारा चंद्रशेखर आजाद भाई की कमाल की अद्भुत फोटो बनाई जा रही है जैसे मानो हकीकत में ही हो महेंद्र भाई की कला इसे देखते ही निखरती है महेंद्र भाई की मेहनत को दिल से सलाम है।
गुरुद्वारे में पढ़ी गई नमाज, भाईचारे की खूबसूरत तस्वीर आई सामने
◆ वीडियो Indore के गुरुद्वारे का है, जहां दूसरे शहरों से आई 30 लड़कियों की ठहरने की व्यवस्था की गई थी
यूपी के मिर्जापुर के छोटे से गांव मझवा का रहने वाला यह देवांश है। गरीब घर से है। घर वालों से छुप छुपकर गांव के बाहर दूसरो की किट से मेहनत करता है। इनका सपना है कि वह आगे चलकर टीम में देश के लिए खेलें। अत: कोई अच्छी एकेडमी में स्थान और क्रिकेट किट दिला दें इसलिए यह वीडियो भेजा है।
बाबासाहेब आंबेडकर का मानना था कि गरीब और ज़रूरतमंद लोगों तक शिक्षा की सुविधाएं पहुँचाना एक विश्वविद्यालय का मूलभूत कर्त्तव्य है। उनके अनुसार एक शिक्षण संस्थान को सभी वर्गों के विद्यार्थियों को बिना किसी भेदभाव के अच्छी शिक्षा देनी चाहिए।
उत्तम शिक्षा व्यवस्था के लिए उत्तम शिक्षकों का होना बहुत ही ज़रूरी है। हमारे होनहार छात्र-छ���त्राओं को टीचिंग को एक profession के रूप में अपना कर देश के भविष्य को सुंदर बनाने में बहुमूल्य योगदान देना चाहिए।
@missarsingh मैं कभी गुरूद्वारा तो नहीं गया लेकिन मेरे बहुत से मित्र है जो बताते है कि वो लोग गुरुद्वारे में रूखे थे और ख़ाना पानी सब बहुत अच्छे सम्मानजनक तरीक़े से मिलता है और वहाँ पर जाकर अपनापन और सुरक्षित महसूस होता है और ये बाद सिर्फ़ अपने देश की ही नहीं दुनिया में कही भी हो सेम2 होता है
@thakurvikramHP भूखे को रोटी, मजबूरों की रक्षा, जरूरतमंद की जरूरत पूरी करना गुरु गोबिंद सिंह महाराज के विचारों पर चलना है ���भी तो सीरिया में आए भूकंप में भी सबसे पहले लंगर लगाने सिखों की टीम ही निकली है ,
बाहर से आई हॉस्टल की 30 लड़कियो ने धर्मशाला की जगह गुरुद्वारों में रुकना उचित समझा इसमें कुछ हमारी मुस्लिम बहनें भी थी जो गुरुद्वारे में नमाज करते नजर आ रही है मजहब चाहे जो हो लेकिन इंसानियत जिंदा रहे तो सभी अमन चैन से जी स���ते हैं