शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे स्कूली बच्चों से इतना डर???????
मोदी जी के कुशल नेतृत्व में कायरता की मिसाल कायम हो रही है।
फतेहपुर, यूपी में स्कूल के बच्चों ने बिजली, पंखा, पानी और शौचालय के लिए प्रदर्शन कर दिया। उनकी मांग भी मान ली गई। अब उनके घर पुलिस जा रही है। बच्चों को और उनके माता-पिता को डर���ने के लिए।
क्लासरूम में पानी और पंखा मांग लेना इतना बड़ा गुनाह हो गया कि पुलिस लगाकर बच्चों को प्रताड़ित किया जा रहा है?
दिल्ली से यूपी बिहार तक यही चल रहा है। यह अमानवीय है। यह मानवताविरोधी काम है। यह है असली देशविरोध जिसमें ��च्चों के सपनों और उड़ानों को पुलिस बूटों के नीचे रौंदने की कोशिश की जा रही है।
हे भगवान!
ईंट पत्थर से लादे जिस ट्रक को जंतर मंतर प्रोटेस्ट साइट पर पार्क किया गया था, @newslaundry के पत्रकार @ImAvdheshkumar की इंवेस्टिगेटिव रिपोर्ट के मुताबिक़ दिल्ली पुलिस ने उसे चार दिन पहले ज़ब्त किया था!
पढ़िए ये ��ाइंड ब्लोविंग स्टोरी
https://t.co/rOgLJcx5nh
मोदी जी ‘Excellency-Excellency’ कहते हुए ट्रम्प के आगे ‘नतमस्तक’ हुए जा रहे हैं
मोदी जी के Interpreter सुधार करते हुए ‘Mister President’ कहते जा र��े हैं
पर ‘Entire Political Science’ डिग्री धारक ‘Teleprompter’ के अभाव में ‘पर्ची’ पढ़ने में कु�� ज्यादा ही व्यस्त नज़र आ रहे हैं 🥴
UPSSSC Lower pcs की भर्ती 7 साल बाद आई है जिसमें PET देने वाला हर युवा फॉर्म भर सकता है यानी 18 लाख बच्चे।
फॉर्म भरने के लिए कुल समय मिला 18 दिन जिसमें से 7 दिन से वेबसाइड बंद है कल आखिरी दिन है।
आयोग सोया हुआ है लाखों युवा रात रात भर जाग रहे हैं कुलमिलाकर न फॉर्म भरने देंगे न नौकरी देनी पड़ेगी।
तत्काल संज्ञान लेकर डेट बढ़ाई जाए।
@InfoDeptUP@myogioffice@yadavakhilesh@myogiadityanath@UPGovt@sn_sabat
पिछले दो दिनों से प्रतियोगी छात्रों का मैसेज आ रहा है कि UPSSSC की साइट नहीं चल रही है
जिसके कारण छात्र LOWER PCS का फॉर्म नहीं भर पा रहे है।
18 June को UPSSSC LOWER PCS का फॉर्म भरने की अन्तिम डेट है।
साइट न चलने से हजारों प्रतियोगी छात्र फॉर्म नहीं भर पा रहे है। ये क्या हर मोड़ पर युवाओ��� के खिलाफ सरकारी साज़िश हैं? #UPSSSC @CMOfficeUP @yadavakhilesh
CUET के बच्चों को सुनिए। सीधे स्टुडियो में बैठ कर अपनी बात बहादुरी से कह रहे हैं। डर का माहौल ख़त्म होता जा रहा है। हक़ के लिए जागरूकता प्रबल होती जा रही है।
इस पर बात कीजिए। कहां पड़े हैं किसी और चक्कर में!
कोई भी Gym या Bodybuilding करने वाला ये सब करके नहीं दिखा सकता ये तो सौ फीसद सच बात है.!
बिना किसी मशीन या पैसा बर्बाद किए भी फिटनेस का वो मक़ाम हासिल किया जा सकता है!
अगर कुछ चाहिए तो वो है इरादा और नीयत !!
“हम कहाँ पीछे रहे… हमने ईरान से तेल लेना बंद कर दिया, हमने रूस से तेल लेना बंद कर दिया, हमने विपक्ष की तमाम आलोचना झेली, इसके बावजूद हमने 50% टैरिफ़ पर कुछ नहीं बोला। यहाँ तक कि FTA में हमने 18% टैरिफ़ देना स्वीकार लिया जो पहले से कहीं अधिक है… बताइए हम कहाँ पीछे रहे?”
- BJP/RSS नेता राम माधव ने विदेशी, वो भी अमेरिकी ज़मीन पर ही जाकर वो सब स्वीकार लिया जो मोदी सरकार के मंत्री या बीजेपी नेता ��हाँ देश में साफ़ शब्दों ��ें स्वीकारने को तैयार नहीं रहते हैं!
ये जो नए ज़माने के “गिरते हुए सितारे” होते हैं न…
इनकी सबसे बड़ी पहचान य��� होती है कि ये खुद तो बुझ चुके होते हैं,
लेकिन दूसरों की रोशनी से जलते बहुत हैं ..
शुभांकर मिश्रा…
जिसको अडानी के चैनल से लात मारकर भगाया गया .
कभी कैमरे के सामने खड़े होकर खुद को पत्रकार कहते थे,
आज कैमरे के सामने खड़े होकर बोतलें बेचते हैं…
ये तेल लगाइए… ये गोली खाइए… ज़िंदगी बदल जाएगी…
दिन भर सैक्स ब��़ाने की दवाओं का प्रचार करते हैं ..
और हाँ, बदलती भी है..
पर ज़िंदगी नहीं… इंसान की गिरावट..
ये वही लोग हैं जो कभी सत्ता के गलियारों में घूमते थे,
और आज एल्गोरिद्म के दरवाज़े पर भीख मांग रहे हैं ..
थोड़ा attention दे दो… किसी बड़े का नाम दे दो… कुछ तो viral करा दो…
और तभी उन्हें दिख जाता है समय रैना।
एक लड़का…
जिसने mic उठाया, लोगों को हंसाया,
और अपने हुनर से पहचान बनाई..
ना किसी के दरबार में गया,
ना किसी के जूते चमकाए,
बस खड़ा हुआ… और बोल दिया..
और यही बात चुभती है… बहुत चुभती है..
क्योंकि जब कोई बिना झुके खड़ा हो जाए,
तो झुककर जीने वालों को अपनी औकात दिख जाती है..
शुभांकर मिश्रा ने सोचा होगा
चलो, इस पर बोलकर थोड़ी सुर्खियाँ बटोर लेते हैं…
लेकिन वो भूल ��ए…
ये 90’s का टीवी नहीं है,
ये आज का इंटरनेट है ..
यहाँ जवाब भी मिलता है… और हिसाब भी..
और जब समय रैना ने जवाब दिया…
तो वो सिर्फ जवाब नहीं था,
वो एक आईना था ..
जिसमें शुभांकर मिश्रा ने खुद को देखा होगा..
और जो दिखा होगा,
वो शायद उन्हें भी पसंद नहीं आया होगा..
क्योंकि वहाँ कोई पत्रकार नहीं था…
वहाँ सिर्फ एक ऐसा आदमी खड़ा था
जो अपने ही बनाए हुए शोर में डूब चुका है..
ये लड़ाई बराबरी की नहीं थी…
एक तरफ हु���र था…
और दूसरी तरफ हताशा..
एक तरफ आत्मविश्वास था…
दूसरी तरफ वो बेचैनी,
जो हर गिरते हुए इंसान के अंदर पलती है
कि मैं खत्म हो रहा हूँ…
और सच तो यही है ..
समय रैना ने शुभांकर को हराया नहीं…
बस उन्हें उनके असली कद से मिलवा दिया।
पर सैक्स बढ़ाने की और तेल बेचने का प्रचार करने वाले शुभांकर को ये कभी समझ नहीं आयेगा @ReheSamay
"आलू से सोना "
अभी कुछ दिन पहले ही @chitraaum ने अपने TV शो में भाजपा कार्यकर्ता से यही सवाल कांग्रेस प्रवक्ता @drajayupadhyay G पूछने और अजय जी के विरोध करने पर चित्रा त्रिपाठी ने बदतमीजी की, जिस पर अजय जी चित्रा का शो छोड़कर चले गए।
सवाल मीडिया निष्पक्ष है❓️
@Aloksharmaaicc