निशा ने अपनी बात रखी, @RahulGandhi जी ने उसे गंभीरता से लिया और कुछ ही दिनों में बदलाव हो गया।
महाराष्ट्र में आदिवासी छात्रों के हॉस्टल में दाखिले की 30 साल की उम्र सीमा अब खत्म कर दी गई है।
24 अगस्त को श्री राहुल गांधी जी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस पाबंदी को हटाने की मांग की थी।
छात्रों की आवाज़ जब श्री राहुल गांधी जी तक पहुंचती है, तो उसका असर दिखाई देता है।
यह कांग्रेस की ताकत है, यह सच की ताकत है।
''CM अंकल रोड बनाओ''
- कीचड़ में सनकर स्कूल जाने को मजबूर ये बच्चे, सरकार और प्रशासन से सड़क बनवाने की मांग कर रहे हैं।
वीडियो बिहार के बांका का है, जहां बच्चे कह रहे हैं-
• रोड न होने से उन्हें स्कूल जाने में दिक्कत होती है
• कीचड़ के कारण स्कूल यूनिफॉर्म खराब हो जाती है
• कीचड़ के कारण स्कूल में टीचर ही नहीं आते हैं
लोगों ने बताया कि इस सड़क के नाम पर लाखों रुपए डकार लिए गए, लेकिन सड़क नहीं बनवाई गई।
पूरे देश में Gen Alpha बदहाल सिस्टम के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं- नारे लगा रहे हैं, अपनी मांग को लेकर सड़क पर उतर रहे हैं।
लेकिन करप्शन में गले तक डूबी BJP सरकार को रत्ती भर फर्क नहीं पड़ रहा- शर्म आनी चाहिए।
राजस्थान में लगातार स्कूलों की जो हालत हम देख चुके हैं, कहीं जर्जर रही है, कहीं बच्चे धरना दे रहे हैं… लेकिन सरकार बजाय सुधार के लोगों को स्कूलों में आने से रोक रही है और फोटोग्राफी पर रोक लगा रही है। अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए आदेश जारी कर रही है।
हाईकोर्ट ने भी सरकार की खिंचाई की है और स्कूलों को बेहतर बनाने का निर्देश दिया है। सरकार शिक्षा, बच्चों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर गंभीर नहीं है।
“अगर आपके बच्चे होते, तो क्या आप उन्हें ऐसी ही सुविधाओं में पढ़ाते?” राजस्थान की भाजपा सरकार इस छोटी बच्ची के सवालो का जवाब दे !
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, थानागाजी, जोधावास (अलवर) में टूटी पट्टियाँ, जर्जर भवन और हर पल हादसे का खतरा—क्या सरकार किसी मासूम के साथ अनहोनी होने का इंतज़ार कर रही है?
बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो। स्कूलों की बदहाली दूर करो।
#Rajasthan #GenAlpha
“अगर आपके बच्चे होते, तो क्या आप उन्हें ऐसी ही सुविधा देते क्या?”
इस छोटी बच्ची का यह सवाल पूरी सरकार से जवाब मांग रहा है।
ये Gen Alpha है जो अपनी शिक्षा के हक में खड़ी है। स्कूल की टूटी पट्टियाँ, जर्जर भवन और हर पल हादसे का खतरा! क्या किसी बच्चे की जान जाने का इंतज़ार किया जा रहा है?
आए दिन प्रदेश के स्कूलों में ऐसे हादसे हो रहे हैं। ये बच्चियाँ राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय थानागाजी - अलवर की हैं और बुलन्द हौसलों के साथ अपनी लड़ाई लड़ रही हैं।
पढ़ाई छोड़कर जब विद्यार्थियों को अपने हक और बुनियादी सुविधाओं के लिए सड़क पर उतारकर धरना देना पड़े, तो यह शिक्षा प्रणाली और व्यवस्था पर गंभीर सवाल है।
मूलभूत सुविधाओं से रहित और असुरक्षित स्कूल भवनों में पढ़ने को मजबूर छात्रों को अब स्कूलों पर तालाबंदी करने की नौबत आ गई है।
पढ़ाई छोड़कर जब विद्यार्थियों को अपने हक और बुनियादी सुविधाओं के लिए सड़क पर उतारकर धरना देना पड़े, तो यह शिक्षा प्रणाली और व्यवस्था पर गंभीर सवाल है।
मूलभूत सुविधाओं से रहित और असुरक्षित स्कूल भवनों में पढ़ने को मजबूर छात्रों को अब स्कूलों पर तालाबंदी करने की नौबत आ गई है। जिम्मेदार अधिकारियों और मंत्री ने आँखें मूँद रखी हैं।
सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करते हुए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
पढ़ाई छोड़कर जब विद्यार्थियों को अपने हक और बुनियादी सुविधाओं के लिए सड़क पर उतारकर धरना देना पड़े, तो यह शिक्षा प्रणाली और व्यवस्था पर गंभीर सवाल है।
मूलभूत सुविधाओं से रहित और असुरक्षित स्कूल भवनों में पढ़ने को मजबूर छात्रों को अब स्कूलों पर तालाबंदी करने की नौबत आ गई है। जिम्मेदार अधिकारियों और मंत्री ने आँखें मूँद रखी हैं।
सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करते हुए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष @Kharge जी के मंच से भाषण देने के बाद जिन व्यक्तियों ने उस स्थल का “शुद्धिकरण” किया, वह केवल उनका अपमान नहीं, बल्कि संविधान की मूल भावना और सामाजिक समानता पर सीधा प्रहार है।
खरगे जी का लंबा संघर्ष, राजनीतिक जीवन और संविधान के प्रति उनकी निष्ठा सभी के लिए प्रेरणादायी है। वह राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। इस अपमानजनक घटना ने उनके सम्मान को ठेस पहुँचाने के साथ-साथ समानता और अधिकारों पर भी कई सवाल खड़े किए हैं।
हल्द्वानी में जिन लोगों ने मंच का “शुद्धिकरण” किया, उनके खिलाफ लागू कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो।
जातिगत भेदभाव और छुआछूत के लिए देश में कोई जगह नहीं है।
हल्द्वानी, उत्तराखंड में कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे जी की जनसभा के बाद उस स्टेज का शुद्धिकरण करना RSS-BJP की मानसिकता का प्रदर्शन है। इससे पता चलता है कि इनकी विचारधारा क्या है।
प्रधानमंत्री जी को इसका खंडन करना चाहिए और माफी मांगनी चाहिए।
BJP-RSS को छात्रों ने आईना दिखाया है। Gen Z ने संविधान में दिए अधिकारों, शिक्षा और समान अवसर के लिए शांतिपूर्ण तरीके से एकजुट होकर लोकतंत्र की ताकत बता दी है।
बदलाव की राह बन चुकी है।
युवा समझदार हैं, जागरूक हैं और अपने भविष्य को लेकर भी सजग हैं। अब उनकी आवाज़ को नज़रअंदाज़ करना आसान नहीं होगा।
आज प्दोपहर सुभाष नगर कुन्हाड़ी में श्री जतिन शर्मा के नवीन प्रतिष्ठान डमरूवाला फूड्स का उद्घाटन किया और अभी रात्रि 9 बजे श्री श्याम मित्रमंडल संस्था द्वारा आयोजित श्री श्याम झूला महोत्सव के कार्यक्रम में भाग लिया ।
पहली बार संसद में गूँजी डॉ. अल्का गुर्जर @alka_gurjar की आवाज: देव नारायण धाम–सवाई भोज हेरिटेज कॉरिडोर को प्रेमसागर के अमृतसर मॉडल जैसा विकसित किया जाए।
पर्यटन बढ़ेगा, रोजगार सृजित होंगे और हमारी संस्कृति‑विरासत सुरक्षित रहेगी।
#जय_श्रीदेवनारायण_भगवान 🚩🙏
दतिया उपचुनाव में विजय प्राप्त करने पर घनश्याम सिंह जी को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ।
इस शानदार जीत के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी जी एवं मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी जी सहित सभी कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी हार्दिक बधाई। यह जनादेश प्रदेश में जनसेवा के संकल्प को और अधिक बुलंद करेगा तथा संगठन को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
सभी को पुनः हार्दिक शुभकामनाएँ।
@jitupatwari@Barmer_Harish@INCMP@INCIndia
UGC मुद्दे पर कल हुए प्रदर्शन में शामिल प्रदर्शनकारी श्री देवराज सिंह घायल हुए थे, जिनकी उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति दें।
बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज और वाटर कैनन के प्रयोग के माध्यम से प्रदर्शन को नियंत्रण करने का प्रयास जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। लोकतंत्र में प्रत्येक पक्ष को अपनी बात रखने का अधिकार होता है और सरकार की ज़िम्मेदारी है कि वह सभी पक्षों की बात गंभीरता और संवेदनशीलता से सुने। इसके विपरीत, लगातार लाठी-डंडे के सहारे कार्रवाई कर जनता की आवाज़ को दबाने की कोशिश बेहद चिंताजनक है।
इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए, जवाबदेही तय होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
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प्रजातंत्र में सभी को अपनी न्यायोचित मांग सरकार के समक्ष रखने का अधिकार है और इसके लिए हर वर्ग हर समाज हर राजनीतिक विचारधारा के सभी दलों को सड़क पर आंदोलन करने का भी अधिकार है ।
भाजपा की सरकारों में आंदोलनकारियों के साथ जिस प्रकार का बर्ताव हो रहा है उससे लगता है कि (1/2)