@gsushma55
इतने खूबसूरत शब्दों से संजोया है आपने अपने ख्यालों को वाह ❤️
इतना खूबसूरत पढ़ने लगा मुझे
कि अपनी आवाज देने से रोक नहीं पाया खुद को
अगर कहीं कोई गलती हुई हो तो माफी चाहूंगा 🙏 ☕ ❤️
स्वतंत्र भारद्वाज ने गलत किया तो 70 दिन बाद भी SC/ST लगा दिया जाएगा और वो जेल जाएगा लेकिन उसको पीटनेवाले वीडियो में दिख रहे हैं पर उनपर कोई कार्रवाई नहीं होगी।
अजीत भारती को गाली देनेवाले का बाल भी बांका नहीं होगा लेकिन अजीत के जवाब पर SC/ST एक्ट भी लगेगा और उसको एंटीसिपेटरी बेल भी नहीं मिलेगी।
ये सिर्फ दो उदाहरण नहीं हैं.. यही आज की डेट में हमारे समाज की सच्चाई है।
सवाल बस इतना है कि जब किसी के गलत पर होनेवाला कानूनी एक्शन उसकी जाति देखकर होता है तो वो प्रक्रिया बटेंगे तो कटेंगे की कैटेगरी में आती है या नहीं?
जब देश की व्यवस्था ही हमें एक नहीं मान रही तो काहे का एक हैं तो सेफ हैं फिर? आज कोई और है.. कल को हममें से कोई होगा। बस अपनी बारी का इंतजार कीजिए।
सारे हिंदू इस हैशटैग को लगाओ
एक देश दो संविधान ऐसे कैसे चलेगा भाई
एक संविधान में— स्वतंत्र भारद्वाज भाई को जेल
एक संविधान में— खुला घूम रहा निशु आज़ाद का पिता
हिंदुओं अगर चूड़ी ना पहन लिया हो तुमने तो हैशटैग लगाओ
#ArrestSanjayAzad
आज कोर्ट में मेरे केस पर सुनवाई हुई। न्यायाधीश महोदय ने अगली सुनवाई तक केस पर पुलिस जाँच के लिए मुझे बुलाने से पूर्व जाँच अधिकारी को मुझे नोटिस देने कहा। यही नोटिस कोर्ट को भी दी जाएगी ताकि कोर्ट यह तय करेगा कि इसमें कोई तर्क है या नहीं।
कोर्ट ने यह भी नोट किया कि हमारे अधिवक्ता @jai_a_dehadrai ने हमारा पक्ष रखा कि उक्त व्यक्ति पर न तो कोई जातिगत टिप्पणी हुई, न ही उसका इस विषय में जातिसूचक शब्दों से कोई अपमान हुआ। अतः, कोई केस ही नहीं बनता।
जय अनंत जी समेत श्री सिंह एवम् प्रत्युष भाई आदि अधिवक्ताओं को मेरा ससम्मान आभार जिन्होंने मेरा पूर्ण पक्ष रखा। अगली सुनाई सप्ता�� भर बाद है।
अगर @ajeetbharti को तथाकथित SC-ST Act के तहत गिरफ्तार किया गया, तो यह SC-ST Act के ताबूत में आखिरी कील साबित होगी।
इसके बाद इस कानून के खिलाफ उठने वाली आवाज़ को दबाना इतना आसान नहीं होगा।
Arresting Ajeet Bharti will be the last nail in the coffin of the SC-ST Act.
पूरा विपक्ष हमारे खिलाफ़ है, पूरा पक्ष ख़िलाफ़ है।
न कोई नेत���, न मंत्री, न कोई कवि न कोई साहित्यकार, न मीडिया और न कोई बड़ा सेलिब्रिटी! किसी का कोई सपोर्ट नहीं!
याद रखना इन सबको!
मेरे ऊपर SC/ST एक्ट में FIR पर कुछ बातें सवर्ण समाज से
कोई मेरी माँ या बहन पर सीधे बलात्कारी मानसिकता के साथ यह कहे कि उसका विवाह मैं चंद्रशेखर के साथ करा दूँ, और मैं चुप रह जाऊँ तो आप बताइए कि मैं कैसा पुत्र या भाई हूँ?
इतने पर भी चंद्रशेखर को ले कर मैंने कोई जातिसूचक शब्द नहीं बोला, जो उक्त वीडियो में है। जब स्टेज से ब्राह्मणों की बेटियों को खींचने की बातें होती हैं और किसी SC नेता का चेला सोच-समझ कर उकसाने के लिए ऐसी बात करेगा, तो मैं चुप कैसे रहूँगा?
आज व्यक्ति अपने मौलिक अधिकारों को समझे या न समझे, वह यह अवश्य जानता है कि SC/ST एक्ट क्या है। तो मैं जब बोलता हूँ तो मुझे अपनी सी��ाएँ (चाहे वह कितनी ही अनुचित क्यों न हों) पता हैं कि क्या बोलना है, क्या नहीं।
मैं जानता हूँ कि दिल्ली पुलिस के नॉर्थ अवेन्यू स्टेशन में आजाद समाज पार्टी वालों ने कितना दवाब दे कर रात के बारह बजे यह FIR लिखवाया है जो कोर्ट में दो मिनट नहीं टिकेगा। एक भी धारा ऐसी नहीं है जो होल्ड करेगी।
मैं सैनिक स्कूल का छात्र हूँ और इतनी रैगिंग झेल चुका हूँ कि मेरा मनोबल तोड़ने के लिए दिल्ली पुलिस को कस्टडी मे�� मेरी हत्या करनी पड़ेगी, दो-चार डंडों से मेरा मनोबल नहीं टूटने वाला। और यदि मैं जीवित बच गया तो इसी स्थिति में जंतर मंतर जाऊँगा और अपने समाज से कहूँगा कि बताओ, तुम्हारी बहन और माँ को ले कर कोई ऐसी टिप्पणी करे तो क्या करोगे?
यदि ऐसा कमेंट फिर मेरे वीडियो पर आया तो मैं पुनः उसी तरीक�� से उत्तर दूँगा जो मैंने दिया। कानून जब तक है, संशोधन नहीं होता, मैं उसका सम्मान करूँगा और दिल्ली पुलिस के साथ पूर्ण सहयोग करूँगा। 92% ऐसे केस केवल प्रताड़ित करने के लिए होते हैं।
अंत में, सवर्ण समाज से यह पूछना चाहता हूँ कि क्या इस तरह की टिप्पणी पर मुझे सह लेनी चाहिए थी क्योंकि किसी पार्टी के लोग नाराज हो जाएँगे? क्या ब्राह्मणों की माँ और बहनें इन रेप मैंटिलिटी से संचालित गुंडों के शाब्दिक बलात्कार के लिए जन्म लेती हैं?