Exposing Whispers from Palaces-Secretariat-Assembly-Media.
🙏 to all who dare to stand with us; Without You, this handle is just word. #HappyToHelp | VŌX POPULĪ
वोट की आवाज़ दबाई नहीं जा सकती, लोकतंत्र से खिलवाड़ स्वीकार नहीं होगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर NSUI साथियों के साथ चुनाव आयोग कार्यालय का घेराव कर विरोध-प्रदर्शन किया। हजारों की संख्या में पुलिस बल तैनात कर हमें हिरासत में लिया, लेकिन दमन और गिरफ्तारी से लोकतंत्र की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता।
नेता प्रतिपक्ष @RahulGandhi जी लगातार चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े गंभीर सवाल लगातार उठा रहे हैं। इन सवालों का जवाब देश की जनता के सामने आना चाहिए।
जनता के वोट का सम्मान सर्वोपरि है। हम सवाल पूछेंगे, जवाब मांगेंगे और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
#RemoveGyaneshKumar
शहीद ऐ आज़म भगत सिंह पर हमारे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान का नज़रिया कैसा है ? क्या भगत सिंह हिंदुस्तानी नौजवानों के साथ पाकिस्तानी नौजवानों के भी हीरो हैं ? सवाल इसलिए भी लाज़मी है कि भगत सिंह का जन्म उसी मुल्क की सरजमीं पर हुआ था और लाहौर उनकी इंकलाबी तहरीरों की सबसे बड़ी जगह थी।
पाकिस्तान में मोहम्मद अली जिन्ना और अल्लामा इक़बाल से बड़ा कोई नायक नहीं है। ये दोनों ही नायक इस्लामपरस्त हैं। बँटवारे के बाद पाकिस्तानी हुकूमत ने ये सहूलियत ढूँढ ली कि वहाँ के युवाओं के नायक भी इस्लामपरस्त ही हों। हुकूमत की इस कारगुज़ारी में ख़ुद को नास्तिक कहने वाले भगत सिंह इतिहास के पन्नों से गायब हो गए हैं।
जो इतिहास से मिटा दिया जाता है उसे लोक और वहाँ की संस्कृति ज़िंदा रखती है। वहाँ की अवाम ने और उसके गीतों ने भगत सिंह को अब तक थोड़ा बहुत महफ़ूज़ रखा है। पाकिस्तान की पंजाबी तहज़ीब अपने भगत सिंह को कभी नहीं भूल पाई।
पंजाबी तहज़ीब में एक बात कही जाती है कि दीन से पहले ज़मीन आती है। दीन और धर्म भले कभी रूह से रुखसत हो जाए लेकिन नमक और निशान को किसी भी सूरत में नहीं बिसारा जा सकता है। यही नमक और निशान की एक बुनियाद भगत सिंह के लिए पाकिस्तान में अभी तक मजबूत है कि वहाँ सरदार को अब भी “लाहौर दा पुत्त” कहने वाले लोग मिल जायेंगें।
भींत भले ढह जाए लेकिन गीत बचे रहते हैं। पंजाबी लोकमन में भगत सिंह के गीत ज़िंदा हैं। जो सावन की मल्हारों के साथ गए जाते हैं। एक पंजाबी गीत इस तरह है -
आओ नी सहियो रल गाविए घोड़ियाँ
जांझ ते होई आ तैयार वे हाँ
मौत कुड़ी नूं विआहुण चल्या
भगत सिंह सरदार वे हाँ
(अर्थात—बहनो, घोड़ी गाओ; बारात तैयार है; सरदार भगत सिंह मौत से ब्याह रचाने जा रहे हैं। फाँसी का फंदा खड़ा बन जाता है, आँसुओं का लोटा स्नान का जल, खून से रँगी मौहली सेहरा। सुखदेव और राजगुरु सरबाला हैं। यह घोड़ी बाद में कई कवियों ने दोहराई।)
घोड़ी एक लोकगीत है जो बारात के वक़्त महिलाएँ गाती हैं। भगत सिंह पर गाई जाने वाली इस घोड़ी को पंजाब के ही कवि तैर ने लिखा था। भगत सिंह की फाँसी से ठीक एक साल बाद। तब मुल्क का बँटवारा नहीं हुआ था और लाहौर की गली-गली में ये गीत गूंजता था। लेकिन अलग-अलग मुल्क हो जाने के बाद ये गीत अब महज़ गाँव,खेत और खलिहानों में महिलाओं में कंठों में ही महफ़ूज़ है।
फिर एक अलग तरह की ऐतिहासिक गुत्थी तारीखों को लेकर उलझी हुई है, जिससे कि भगत सिंह वहाँ ठीक से याद नहीं किए जाते। 23 मार्च 1931 वो दिन जब लाहौर में भगत सिंह को फाँसी लगी थी और इसके ठीक 9 साल बाद 23 मार्च 1940 को मुस्लिम लीग का लाहौर प्रस्ताव जिसमे भारत के विभाजन और अलग से पाकिस्तान नाम के देश को औपचारिक रूप दिया था। पाकिस्तान इस दिन जश्न में डूबा होता है, परेड होती है लेकिन भगत सिंह के बहाने नहीं बल्कि उस प्रस्ताव के बहाने जो भगत सिंह की शहादत के 9 साल बाद आया था।
अचरज वाली बात ये है कि पाकिस्तानी युवाओं के बीच भगत सिंह की पहली मजबूत छवि एक भारतीय फ़िल्म “रंग दे बसंती चोला ” देखकर बनी थी। ये फ़िल्म पाकिस्तानी नौजवानों की भगत सिंह से पहली मुलाक़ात थी। फ़िल्म पाकिस्तान में रिलीज नहीं हुई थी लेकिन सीडी-डीवीडी और इंटरनेट ने इस्लामपरस्त मुल्क में नास्तिक भगत सिंह को ठीक से पहुँचा दिया था।
भगत सिंह अब भी पाकिस्तानी अवाम के नायक नहीं हैं। ना किताबों में दर्ज हैं, ना ऐतिहासिक इमारतों की दीवारों पर उन्हें कोई जगह है। बस पंजाबी तहज़ीब उन्हें मेले, हाट, खेत, चौपाल और कुछ बेसुरे गीतों के साथ कंठों में महफ़ूज़ रखे हुए है।
शहीद भगत सिंह को उनकी जयंती पर नमन
आज जयपुर में शहीद स्मारक से राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग तक वोट चोरी और निकाय चुनाव में भाजपा की बेईमानी के खिलाफ प्रदर्शन और पैदल मार्च में शामिल हुए और गिरफ्तारी दी।
आज जयपुर में शहीद स्मारक से राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग तक वोट चोरी और निकाय चुनाव में भाजपा की बेईमानी के खिलाफ प्रदर्शन और पैदल मार्च में शामिल हुए और गिरफ्तारी दी।
Parvesh verma exposed ‼️
Yesterday’s full sequence, step by step:
Minister Called me for Road Inspection → Road quality questioned in front of Minister → Road layer came off when I inspected by hand → heated exchange with Minister→ my colleague was allegedly slapped while recording the inspection Live → Minister’s security manhandled my volunteers→ minister ran away from the spot
Watch the full video and see what happened.
@aamaadmiparty@arvindkejriwal@bjp4delhi@bjp4india@p_sahibsingh
#RoadQuality #PWD #Accountability
#parveshverma #परवेश
“याद रखो, तुम्हारी उम्र छोटी हो सकती है,
लेकिन तुम्हारे विचारों का प्रभाव सदियों
तक जीवित रह सकता है। इसलिए ऐसा सोचो,
ऐसा पढ़ो और ऐसा जियो कि तुम्हारे जाने
के बाद भी तुम्हारे विचार लोगों के दिलों में
ज़िंदा रहें।”
शहीद-ए-आज़म भगत सिंह जी की 119वीं जयंती पर उन्हें शत-शत नमन।🙏🇮🇳
भाजपा के दिग्गज नेता राजेंद्र राठौड़ के पुत्र पराक्रम राठौड़ का बड़ा बयान-
मेरे पास RCA अध्यक्ष का चुनाव जीतने के लिए पूरा बहुमत था
लेकिन पार्टी के आदेश ले बाद मैंने अपना नामांकन वापस ले लिया है
#BREAKING Supreme Court declines to advance the hearing in the West Bengal SIR matter concerning over 18,000 appeals stated to be pending before the appellate authorities, despite a request for listing before the October 6 bypolls in Reginagar and Nandigram
CJI Surya Kant remarks, “These are only by-elections, that’s all,” after counsel submitted that affected voters risked missing out on voting for a second time.
The matter will remain listed on October 5.
कांग्रेस में गुटबाजी इस कदर बढ़ गई है की @INCRajasthan के अधिकृत X हैंडल ने पूर्व मुख्यमंत्री श्री @ashokgehlot51 को ही अनफॉलो कर दिया है ।
डोटासरा और जूली अब गहलोत को हाशिये पर लगाने में बहुत आगे बढ़ चुके हैं और गहलोत को नीचा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ते ।
(@INCRajasthan के फॉलोअर्स की लिस्ट, और @grok का कन्फर्मेशन दोनों स्क्रीनशॉट लगा रहा हूँ।
The false narrative ends here. No speculation. No hearsay. Hear the truth directly from the students who were there.
This video is published with the express consent of the students featured.
A university campus should be one of the safest places for a woman. If women don’t feel safe even inside their hostels, we have a serious problem.
It’s 2026. Women should not have to protest, plead or fight for something as basic as their safety.
#Jaipur के प्रख्यात टेराकोटा कलाकार चंद्रशेखर को 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी 2026 में ललित कला अकादमी का प्रतिष्ठित राष्ट्रीय अकादमी पुरस्कार मिला है। उन्हें बहुत बहुत बधाई
उनकी कृति “My Entire World–I” को यह सम्मान मिला। राजस्थान की मिट्टी, कला और समृद्ध टेराकोटा परंपरा के लिए यह गौरव का क्षण है।