आज की खबर सिर्फ़ यह नहीं कि चुनाव आयुक्तों में SIR को लेकर गंभीर असहमति थी।
बड़ा सवाल यह है कि अगर दोनों चुनाव आयुक्त इन फैसलों को गलत या गैरकानूनी मानते थे, तो उन्हें रोकने के लिए क्या किया? क्या चुपचाप असहमति दर्ज करना पर्याप्त था, या यह भी जवाबदेही का सवाल है?
इस सवाल का पूरा सच अभी सामने आना बाकी है।
#SIR #ElectionCommission #IndianExpress
ज्ञानेश कुमार एकतरफा फैसले ले रहे, SIR के बाद चुनाव का कोई मतलब नहीं है।
देश भर का चुनाव लूटने के अपराध में ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार करके जेल भेजना चाहिए।
#ArrestGyaneshKumar
ये विशुद्ध अश्लीलता है!
बिहार बाढ़ से पीड़ित है, कई जाने चली गई है मगर एक आत्ममुग्ध बूढ़े के जन्मदिन पर करोड़ों के दिये बहा दिये गए!
मोदी जी शर्म भी नहीं आती?
चिराग पासवान को भईया बताने वाला स्वतंत्र भारद्वाज पर चिराग पासवान जी भड़क गए और शिकायत दर्ज कराई है
इस लड़के ने @narendramodi जी @AmitShah जी का भी नाम लेकर बदनाम करने की कोशिश की है...
सख्त कार्यवाही करे इस अपराधी पर ताकि समाज में कोई भी व्यक्ति गलत कार्य करने से पहले डरे...🙏
खुलेआम ये गुंडा आख़िर किसे ललकार रहा है - कानून को या पुलिस-प्रशासन को?
सरकारी संरक्षण तो है ही, लेकिन क्या पुलिस ने भी इसे गुंडागर्दी का ‘लाइसेंस’ दे रखा है?
आख़िर इतना बेख़ौफ़ होने की ताक़त इन्हें कौन दे रहा है?
@priyanshu__63 मानव बम पैदा नहीं होते, उन्हें नफरत की आग में तैयार किया जाता है।
जब किसी इंसान के भीतर इंसानियत से ज्यादा नफरत भर दी जाए,
तो उसका इस्तेमाल सिर्फ एक हथियार की तरह किया जाता है।
ये एक मानव बम्ब के सिवा कुछ नहीं है
प्रियंका भारती
नाम ही काफ़ी है, बीजपी के प्रवक्ता हो या गोंदी मीडिया।
सभी को ठण्डी में पसीना का देने वाली शेरनी का नाम है प्रियंका भारती @priyanka2bharti
गलियों की बात चली है, तो मोदी जी अपने सामने आईना रखे!
मिक्स ब्रीड, 50 करोड़ की गर्लफ्रेंड, जर्सी गाय जैसी अनगिनत गालियाँ हमारे महामानव के शब्दकोष में है।
सिर्फ मोदी जी की माँ देश की मां तो नहीं है! तेजस्वी जी, राहुल जी की माँ भी देश की मां है।
संसद और विधानसभाओं में गाली देने का रिकॉर्ड भाजपाई रखते है, भाषा के इस स्तर को किसने गिराया?
गजब शिगूफा चला है कि मुलायम लालू के बच्चों को भी आरक्षण मिलेगा।
CM PM के बच्चों को भी मिलेगा,विशुद्ध झूठ है। OBC में क्रीमी लेयर है। 70 हजार वालों के बच्चों को भी नहीं मिलता है।
SC/ST से छुआछूत होता है इसलिए पैसे से वहाँ कुछ नहीं बदलता है।
@SanjayAzadSln
सोशल मीडिया पर स्वतंत्र भारद्वाज नाम के एक लड़के की वीडियो वायरल हो रहा है. जिसमें वो दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा और प्रधानमंत्री तक को अपना बड़ा भाई बता रहा है. इस वीडियो में जानिए दिल्ली पुलिस ने उसके बारे में क्या कहा है.
#indianexpresshindi
दिल्ली पुलिस की सारी “बहादुरी” क्या छात्रों और महिला पत्रकारों पर लाठियाँ बरसाने के लिए ही बची है? कहाँ हैं मोदी जी? ये कबूलनामा सुना या नहीं? अमित शाह जी, आप तक आवाज़ पहुँची या नहीं?
रौब और रसूख़ का अंदाज़ देखिए - मानो सत्ता से लेकर पुलिस-प्रशासन तक सबकी डोर इनके ही हाथ में हो! सवाल सिर्फ़ एक व्यक्ति के दावे का नहीं है, सवाल उस व्यवस्था का है जिसमें कोई इतनी बेख़ौफ़ी से प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और दिल्ली पुलिस तक का नाम लेकर अपना प्रभाव जताने लगे।
अगर ऐसे दावों पर भी सत्ता और पुलिस खामोश रहें, तो जवाबदेही किसकी होगी?
यह स्वतंत्र भारद्वाज है
शान से बता रहा है कि स्टूडेंट प्रोटेस्ट में प्रदर्शनकारी के पिता पर हमला किया - उन्हें 60 टांके लगे और वह मौत के कगार पर थे
307 के अंतर्गत हाफ मर्डर का मामला बनता था. लेकिन वह जेल नहीं गया - रात भर बेख़ौफ़ घूमता रहा
कपिल मिश्रा के एक फोन के बाद उसे राहत मिल गई
आगे बताता है कि कपिल मिश्रा, चिराग पासवान ही नहीं मोदी जी भी उसके “बड़े भाई” हैं, सबका समर्थन प्राप्त है
आज जिला जौनपुर की मछलीशहर विधान सभा में आयोजित विशाल जनसभा में अपनों के बीच।
जनसभा को सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत करने वाले सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का हृदय से आभार। अपने अपार प्यार, समर्थन और विश्वास से जनसभा को ऐतिहासिक बनाने वाली जौनपुर की महान जनता को दिल से सलाम और अभिनंदन।
आपकी यह एकजुटता आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के मिशन-2027 को नई ऊर्जा और ताकत देगी।
जय भीम! जय भारत! जय मंडल!
#ASP_K_Mission2027
-नीले अंडों से आजादी
-एससी-एसटी से आजादी
-आरक्षण से आजादी
-चन्द्रशेखर रावण को दे देंगे आजादी
-5हजार साल से पानी नहीं पीने दिया, इसबार भी नहीं पीने देंगे
-पानी नहीं पीने दिया, अब मूत पिलाएंगे
ये शब्द हैं उन लोगों के जो कल दिल्ली जंतर-मंतर पर आरक्षण ख़त्म करने के लिए गये थे। खुद को सवर्ण बोलते हैं और दूसरे लोगों से खुद को ऊंचा समझते हैं
आप लोग खुद देखिए इन लोगों की मानसिकता किस स्तर तक गिरी हुई है। बोलते हैं कि जातिवाद नहीं है लेकिन खुलेआम दूसरी जातियों को नीचा दिखा रहे हैं। कितना जहर भरा हुआ है इनके भीतर दूसरी जातियों को लेकर जिसकी कोई सीमा नहीं है
आज 21 वीं सदी के जिस दौर में पूरा विश्व विज्ञान व प्रौद्योगिकी की तरफ आगे बढ़ रहा है, ये लोग इस संकीर्ण नीच सोच से बाहर नहीं आ पा रहे हैं..!!😑
जब कोई “भीमटी” कहता है तो “भीम” का नाम गूंजता है , जब कोई “नीलचट्टी” कहता है तो नीला रंग याद आता है जो समता और सामाजिक न्याय का प्रतीक है।
ये शब्द हमें मज़बूत करते हैं। हम महिलाओं से ना कोई हमारी आवाज़ छीन सकता है, ना समाज और ना ही समाज का समर्थन।
चाहे मैं हूँ, “कंचना यादव” हों या “सारिका पासवान” तीनों बहुजन महिलाएं हैं, जिन्होंने बेड़ियों में बंधने से इनकार किया है।
बाबा साहब ने हमारी बेड़ियों से हमें मुक्त किया, उन बेड़ियों में हम दुबारा क़ैद नहीं हो सकते।
नफ़रत, हिंसा, पितृसत्ता और जातिवाद के ख़िलाफ़ “उलगुलान” था, है और जारी रहेगा।
We can be defeated but cannot be destroyed. We’ll rise from own ashes and wipe out the casteist and communal forces.
Together we stand , together we rise.