पुस्तकालयध्यक्ष, लैब असिस्टेंट , पीटीआई ग्रेड-।।। के स्थानांतरण नहीं होंगे
बाकी तृतीय श्रेणी शिक्षक, व हाल ही पद्दोन्नत, स्थानांतरण करवा चुके प्रिंसिपल, व्याख्याता, मंत्रालयिक कर्मचारी के स्थानातंरण भी नहीं होंगे
शिक्षा(विधालयी,संस्कृत ) एवं पंचायतीराज मंत्री माननीय मदन जी दिलावर का 31.01.26 वार शनिवार को झुंझुनू विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करने का कार्यक्रम प्रस्तावित…..
@madandilawar
यह तो हद ही हो गई! सोशल मीडिया पर आजकल कोई भी व्यक्ति किसी के बारे में कुछ भी लिखकर फैला देता है, बिना सच्चाई की परख किए।
बाड़मेर की जिला कलेक्टर टीना डाबी को आज कुछ लोग ट्रोल कर रहे हैं कि उन्हें ध्वजारोहण के दौरान किस तरफ खड़ा होना चाहिए, यह भी पता नहीं। जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। मैं इस ट्रोलिंग वाले मामले पर इसलिए लिख रहा हूं, क्योंकि मैं स्वयं वहां उपस्थित था और जो कुछ हुआ, उसे अपनी आंखों से देखा है। जिला कलेक्ट्रेट के बाहर ध्वजारोहण के दौरान एक तरफ कर्मचारी तथा अधिकारी खड़े थे, तो दूसरी तरफ मीडिया के कुछ साथी। जैसे ही ध्वजारोहण हुआ, मैडम अपनी सही स्थिति में सलामी देते हुए खड़ी हो गईं। उसके बाद कुछ कैमरामैन ने कहा, "मैडम, इस तरफ खड़ी हो जाएं, ताकि ध्वज और आपका फोटो एक साथ आए, जिससे देशभक्ति का एक मजबूत संदेश जाए।" तभी पीछे खड़े सुरक्षा गार्ड ने भी कहा कि मैडम, उस तरफ देखिए।
अब सुनिए, ऐसा सिर्फ बाड़मेर में या यहां पहली बार नहीं हुआ। बल्कि हर जगह पर फोटो पोजिशन के लिए कैमरामैन और मीडिया वाले बड़े-बड़े अधिकारियों तथा नेताओं से निवेदन करते हैं । यह एक सामान्य प्रक्रिया है, जो हर कार्यक्रम में होती है। लेकिन टीना डाबी को इसलिए निशाना बनाया जाता है, क्योंकि उनके नाम की पहुंच सोशल मीडिया पर लोगों को आसानी से मिल जाती है। साथ ही, बाड़मेर जिला कलेक्टर मैडम अपने अच्छे स्वभाव के कारण कभी किसी को पलटकर जवाब नहीं देतीं। यदि उनकी जगह कोई और अधिकारी होते, तो इस तरह की साइबर बुलिंग और गलत अफवाह फैलाने पर कानूनी कार्रवाई भी कर सकते थे।
सोशल मीडिया पर लिखने का अधिकार सबको है, लेकिन बिना कुछ समझे-बूझे, किसी की गरिमा का ध्यान रखे बिना यदि हम यूं ही जारी रखेंगे, तो मैं व्यक्तिगत रूप से इसे गलत मानता हूं। आइए, जिम्मेदारी से सोचें और सच्चाई का सम्मान करें।
@BarmerDm
यह तो हद ही हो गई! सोशल मीडिया पर आजकल कोई भी व्यक्ति किसी के बारे में कुछ भी लिखकर फैला देता है, बिना सच्चाई की परख किए।
बाड़मेर की जिला कलेक्टर टीना डाबी को आज कुछ लोग ट्रोल कर रहे हैं कि उन्हें ध्वजारोहण के दौरान किस तरफ खड़ा होना चाहिए, यह भी पता नहीं। जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। मैं इस ट्रोलिंग वाले मामले पर इसलिए लिख रहा हूं, जिला कलेक्ट्रेट के बाहर ध्वजारोहण के दौरान एक तरफ कर्मचारी तथा अधिकारी खड़े थे, तो दूसरी तरफ मीडिया के कुछ साथी। जैसे ही ध्वजारोहण हुआ, मैडम अपनी सही स्थिति में सलामी देते हुए खड़ी हो गईं। उसके बाद कुछ कैमरामैन ने कहा, "मैडम, इस तरफ खड़ी हो जाएं, ताकि ध्वज और आपका फोटो एक साथ आए, जिससे देशभक्ति का एक मजबूत संदेश जाए।" तभी पीछे खड़े सुरक्षा गार्ड ने भी कहा कि मैडम, उस तरफ देखिए।
अब सुनिए, ऐसा सिर्फ बाड़मेर में या यहां पहली बार नहीं हुआ। बल्कि हर जगह पर फोटो पोजिशन के लिए कैमरामैन और मीडिया वाले बड़े-बड़े अधिकारियों तथा नेताओं से निवेदन करते हैं । यह एक सामान्य प्रक्रिया है, जो हर कार्यक्रम में होती है। लेकिन टीना डाबी को इसलिए निशाना बनाया जाता है, क्योंकि उनके नाम की पहुंच सोशल मीडिया पर लोगों को आसानी से मिल जाती है। साथ ही, बाड़मेर जिला कलेक्टर मैडम अपने अच्छे स्वभाव के कारण कभी किसी को पलटकर जवाब नहीं देतीं। यदि उनकी जगह कोई और अधिकारी होते, तो इस तरह की साइबर बुलिंग और गलत अफवाह फैलाने पर कानूनी कार्रवाई भी कर सकते थे।
सोशल मीडिया पर लिखने का अधिकार सबको है, लेकिन बिना कुछ समझे-बूझे, किसी की गरिमा का ध्यान रखे बिना यदि हम यूं ही जारी रखेंगे, तो मैं व्यक्तिगत रूप से इसे गलत मानता हूं। आइए, जिम्मेदारी से सोचें और सच्चाई का सम्मान करें।
@BarmerDm
यह तो हद ही हो गई! सोशल मीडिया पर आजकल कोई भी व्यक्ति किसी के बारे में कुछ भी लिखकर फैला देता है, बिना सच्चाई की परख किए।
बाड़मेर की जिला कलेक्टर टीना डाबी को आज कुछ लोग ट्रोल कर रहे हैं कि उन्हें ध्वजारोहण के दौरान किस तरफ खड़ा होना चाहिए, यह भी पता नहीं। जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। मैं इस ट्रोलिंग वाले मामले पर इसलिए लिख रहा हूं, क्योंकि मैं स्वयं वहां उपस्थित था और जो कुछ हुआ, उसे अपनी आंखों से देखा है। जिला कलेक्ट्रेट के बाहर ध्वजारोहण के दौरान एक तरफ कर्मचारी तथा अधिकारी खड़े थे, तो दूसरी तरफ मीडिया के कुछ साथी। जैसे ही ध्वजारोहण हुआ, मैडम अपनी सही स्थिति में सलामी देते हुए खड़ी हो गईं। उसके बाद कुछ कैमरामैन ने कहा, "मैडम, इस तरफ खड़ी हो जाएं, ताकि ध्वज और आपका फोटो एक साथ आए, जिससे देशभक्ति का एक मजबूत संदेश जाए।" तभी पीछे खड़े सुरक्षा गार्ड ने भी कहा कि मैडम, उस तरफ देखिए।
अब सुनिए, ऐसा सिर्फ बाड़मेर में या यहां पहली बार नहीं हुआ। बल्कि हर जगह पर फोटो पोजिशन के लिए कैमरामैन और मीडिया वाले बड़े-बड़े अधिकारियों तथा नेताओं से निवेदन करते हैं । यह एक सामान्य प्रक्रिया है, जो हर कार्यक्रम में होती है। लेकिन टीना डाबी को इसलिए निशाना बनाया जाता है, क्योंकि उनके नाम की पहुंच सोशल मीडिया पर लोगों को आसानी से मिल जाती है। साथ ही, बाड़मेर जिला कलेक्टर मैडम अपने अच्छे स्वभाव के कारण कभी किसी को पलटकर जवाब नहीं देतीं। यदि उनकी जगह कोई और अधिकारी होते, तो इस तरह की साइबर बुलिंग और गलत अफवाह फैलाने पर कानूनी कार्रवाई भी कर सकते थे।
सोशल मीडिया पर लिखने का अधिकार सबको है, लेकिन बिना कुछ समझे-बूझे, किसी की गरिमा का ध्यान रखे बिना यदि हम यूं ही जारी रखेंगे, तो मैं व्यक्तिगत रूप से इसे गलत मानता हूं। आइए, जिम्मेदारी से सोचें और सच्चाई का सम्मान करें।
@BarmerDm
यह तो हद ही हो गई! सोशल मीडिया पर आजकल कोई भी व्यक्ति किसी के बारे में कुछ भी लिखकर फैला देता है, बिना सच्चाई की परख किए।
बाड़मेर की जिला कलेक्टर टीना डाबी को आज कुछ लोग ट्रोल कर रहे हैं कि उन्हें ध्वजारोहण के दौरान किस तरफ खड़ा होना चाहिए, यह भी पता नहीं। जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। मैं इस ट्रोलिंग वाले मामले पर इसलिए लिख रहा हूं, क्योंकि मैं स्वयं वहां उपस्थित था और जो कुछ हुआ, उसे अपनी आंखों से देखा है। जिला कलेक्ट्रेट के बाहर ध्वजारोहण के दौरान एक तरफ कर्मचारी तथा अधिकारी खड़े थे, तो दूसरी तरफ मीडिया के कुछ साथी। जैसे ही ध्वजारोहण हुआ, मैडम अपनी सही स्थिति में सलामी देते हुए खड़ी हो गईं। उसके बाद कुछ कैमरामैन ने कहा, "मैडम, इस तरफ खड़ी हो जाएं, ताकि ध्वज और आपका फोटो एक साथ आए, जिससे देशभक्ति का एक मजबूत संदेश जाए।" तभी पीछे खड़े सुरक्षा गार्ड ने भी कहा कि मैडम, उस तरफ देखिए।
अब सुनिए, ऐसा सिर्फ बाड़मेर में या यहां पहली बार नहीं हुआ। बल्कि हर जगह पर फोटो पोजिशन के लिए कैमरामैन और मीडिया वाले बड़े-बड़े अधिकारियों तथा नेताओं से निवेदन करते हैं । यह एक सामान्य प्रक्रिया है, जो हर कार्यक्रम में होती है। लेकिन टीना डाबी को इसलिए निशाना बनाया जाता है, क्योंकि उनके नाम की पहुंच सोशल मीडिया पर लोगों को आसानी से मिल जाती है। साथ ही, बाड़मेर जिला कलेक्टर मैडम अपने अच्छे स्वभाव के कारण कभी किसी को पलटकर जवाब नहीं देतीं। यदि उनकी जगह कोई और अधिकारी होते, तो इस तरह की साइबर बुलिंग और गलत अफवाह फैलाने पर कानूनी कार्रवाई भी कर सकते थे।
सोशल मीडिया पर लिखने का अधिकार सबको है, लेकिन बिना कुछ समझे-बूझे, किसी की गरिमा का ध्यान रखे बिना यदि हम यूं ही जारी रखेंगे, तो मैं व्यक्तिगत रूप से इसे गलत मानता हूं। आइए, जिम्मेदारी से सोचें और सच्चाई का सम्मान करें।
@BarmerDm
यह तो हद ही हो गई! सोशल मीडिया पर आजकल कोई भी व्यक्ति किसी के बारे में कुछ भी लिखकर फैला देता है, बिना सच्चाई की परख किए।
बाड़मेर की जिला कलेक्टर टीना डाबी को आज कुछ लोग ट्रोल कर रहे हैं कि उन्हें ध्वजारोहण के दौरान किस तरफ खड़ा होना चाहिए, यह भी पता नहीं। जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। मैं इस ट्रोलिंग वाले मामले पर इसलिए लिख रहा हूं, क्योंकि मैं स्वयं वहां उपस्थित था और जो कुछ हुआ, उसे अपनी आंखों से देखा है। जिला कलेक्ट्रेट के बाहर ध्वजारोहण के दौरान एक तरफ कर्मचारी तथा अधिकारी खड़े थे, तो दूसरी तरफ मीडिया के कुछ साथी। जैसे ही ध्वजारोहण हुआ, मैडम अपनी सही स्थिति में सलामी देते हुए खड़ी हो गईं। उसके बाद कुछ कैमरामैन ने कहा, "मैडम, इस तरफ खड़ी हो जाएं, ताकि ध्वज और आपका फोटो एक साथ आए, जिससे देशभक्ति का एक मजबूत संदेश जाए।" तभी पीछे खड़े सुरक्षा गार्ड ने भी कहा कि मैडम, उस तरफ देखिए।
अब सुनिए, ऐसा सिर्फ बाड़मेर में या यहां पहली बार नहीं हुआ। बल्कि हर जगह पर फोटो पोजिशन के लिए कैमरामैन और मीडिया वाले बड़े-बड़े अधिकारियों तथा नेताओं से निवेदन करते हैं । यह एक सामान्य प्रक्रिया है, जो हर कार्यक्रम में होती है। लेकिन टीना डाबी को इसलिए निशाना बनाया जाता है, क्योंकि उनके नाम की पहुंच सोशल मीडिया पर लोगों को आसानी से मिल जाती है। साथ ही, बाड़मेर जिला कलेक्टर मैडम अपने अच्छे स्वभाव के कारण कभी किसी को पलटकर जवाब नहीं देतीं। यदि उनकी जगह कोई और अधिकारी होते, तो इस तरह की साइबर बुलिंग और गलत अफवाह फैलाने पर कानूनी कार्रवाई भी कर सकते थे।
सोशल मीडिया पर लिखने का अधिकार सबको है, लेकिन बिना कुछ समझे-बूझे, किसी की गरिमा का ध्यान रखे बिना यदि हम यूं ही जारी रखेंगे, तो मैं व्यक्तिगत रूप से इसे गलत मानता हूं। आइए, जिम्मेदारी से सोचें और सच्चाई का सम्मान करें।
@BarmerDm
यह तो हद ही हो गई! सोशल मीडिया पर आजकल कोई भी व्यक्ति किसी के बारे में कुछ भी लिखकर फैला देता है, बिना सच्चाई की परख किए।
बाड़मेर की जिला कलेक्टर टीना डाबी को आज कुछ लोग ट्रोल कर रहे हैं कि उन्हें ध्वजारोहण के दौरान किस तरफ खड़ा होना चाहिए, यह भी पता नहीं। जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। मैं इस ट्रोलिंग वाले मामले पर इसलिए लिख रहा हूं, क्योंकि मैं स्वयं वहां उपस्थित था और जो कुछ हुआ, उसे अपनी आंखों से देखा है। जिला कलेक्ट्रेट के बाहर ध्वजारोहण के दौरान एक तरफ कर्मचारी तथा अधिकारी खड़े थे, तो दूसरी तरफ मीडिया के कुछ साथी। जैसे ही ध्वजारोहण हुआ, मैडम अपनी सही स्थिति में सलामी देते हुए खड़ी हो गईं। उसके बाद कुछ कैमरामैन ने कहा, "मैडम, इस तरफ खड़ी हो जाएं, ताकि ध्वज और आपका फोटो एक साथ आए, जिससे देशभक्ति का एक मजबूत संदेश जाए।" तभी पीछे खड़े सुरक्षा गार्ड ने भी कहा कि मैडम, उस तरफ देखिए।
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सोशल मीडिया पर लिखने का अधिकार सबको है, लेकिन बिना कुछ समझे-बूझे, किसी की गरिमा का ध्यान रखे बिना यदि हम यूं ही जारी रखेंगे, तो मैं व्यक्तिगत रूप से इसे गलत मानता हूं। आइए, जिम्मेदारी से सोचें और सच्चाई का सम्मान करें।
@BarmerDm
यह तो हद ही हो गई! सोशल मीडिया पर आजकल कोई भी व्यक्ति किसी के बारे में कुछ भी लिखकर फैला देता है, बिना सच्चाई की परख किए।
बाड़मेर की जिला कलेक्टर टीना डाबी को आज कुछ लोग ट्रोल कर रहे हैं कि उन्हें ध्वजारोहण के दौरान किस तरफ खड़ा होना चाहिए, यह भी पता नहीं। जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। मैं इस ट्रोलिंग वाले मामले पर इसलिए लिख रहा हूं, क्योंकि मैं स्वयं वहां उपस्थित था और जो कुछ हुआ, उसे अपनी आंखों से देखा है। जिला कलेक्ट्रेट के बाहर ध्वजारोहण के दौरान एक तरफ कर्मचारी तथा अधिकारी खड़े थे, तो दूसरी तरफ मीडिया के कुछ साथी। जैसे ही ध्वजारोहण हुआ, मैडम अपनी सही स्थिति में सलामी देते हुए खड़ी हो गईं। उसके बाद कुछ कैमरामैन ने कहा, "मैडम, इस तरफ खड़ी हो जाएं, ताकि ध्वज और आपका फोटो एक साथ आए, जिससे देशभक्ति का एक मजबूत संदेश जाए।" तभी पीछे खड़े सुरक्षा गार्ड ने भी कहा कि मैडम, उस तरफ देखिए।
अब सुनिए, ऐसा सिर्फ बाड़मेर में या यहां पहली बार नहीं हुआ। बल्कि हर जगह पर फोटो पोजिशन के लिए कैमरामैन और मीडिया वाले बड़े-बड़े अधिकारियों तथा नेताओं से निवेदन करते हैं । यह एक सामान्य प्रक्रिया है, जो हर कार्यक्रम में होती है। लेकिन टीना डाबी को इसलिए निशाना बनाया जाता है, क्योंकि उनके नाम की पहुंच सोशल मीडिया पर लोगों को आसानी से मिल जाती है। साथ ही, बाड़मेर जिला कलेक्टर मैडम अपने अच्छे स्वभाव के कारण कभी किसी को पलटकर जवाब नहीं देतीं। यदि उनकी जगह कोई और अधिकारी होते, तो इस तरह की साइबर बुलिंग और गलत अफवाह फैलाने पर कानूनी कार्रवाई भी कर सकते थे।
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@BarmerDm
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बाड़मेर की जिला कलेक्टर टीना डाबी को आज कुछ लोग ट्रोल कर रहे हैं कि उन्हें ध्वजारोहण के दौरान किस तरफ खड़ा होना चाहिए, यह भी पता नहीं। जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। मैं इस ट्रोलिंग वाले मामले पर इसलिए लिख रहा हूं, क्योंकि मैं स्वयं वहां उपस्थित था और जो कुछ हुआ, उसे अपनी आंखों से देखा है। जिला कलेक्ट्रेट के बाहर ध्वजारोहण के दौरान एक तरफ कर्मचारी तथा अधिकारी खड़े थे, तो दूसरी तरफ मीडिया के कुछ साथी। जैसे ही ध्वजारोहण हुआ, मैडम अपनी सही स्थिति में सलामी देते हुए खड़ी हो गईं। उसके बाद कुछ कैमरामैन ने कहा, "मैडम, इस तरफ खड़ी हो जाएं, ताकि ध्वज और आपका फोटो एक साथ आए, जिससे देशभक्ति का एक मजबूत संदेश जाए।" तभी पीछे खड़े सुरक्षा गार्ड ने भी कहा कि मैडम, उस तरफ देखिए।
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सोशल मीडिया पर लिखने का अधिकार सबको है, लेकिन बिना कुछ समझे-बूझे, किसी की गरिमा का ध्यान रखे बिना यदि हम यूं ही जारी रखेंगे, तो मैं व्यक्तिगत रूप से इसे गलत मानता हूं। आइए, जिम्मेदारी से सोचें और सच्चाई का सम्मान करें।
@BarmerDm
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बाड़मेर की जिला कलेक्टर टीना डाबी को आज कुछ लोग ट्रोल कर रहे हैं कि उन्हें ध्वजारोहण के दौरान किस तरफ खड़ा होना चाहिए, यह भी पता नहीं। जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। मैं इस ट्रोलिंग वाले मामले पर इसलिए लिख रहा हूं, क्योंकि मैं स्वयं वहां उपस्थित था और जो कुछ हुआ, उसे अपनी आंखों से देखा है। जिला कलेक्ट्रेट के बाहर ध्वजारोहण के दौरान एक तरफ कर्मचारी तथा अधिकारी खड़े थे, तो दूसरी तरफ मीडिया के कुछ साथी। जैसे ही ध्वजारोहण हुआ, मैडम अपनी सही स्थिति में सलामी देते हुए खड़ी हो गईं। उसके बाद कुछ कैमरामैन ने कहा, "मैडम, इस तरफ खड़ी हो जाएं, ताकि ध्वज और आपका फोटो एक साथ आए, जिससे देशभक्ति का एक मजबूत संदेश जाए।" तभी पीछे खड़े सुरक्षा गार्ड ने भी कहा कि मैडम, उस तरफ देखिए।
अब सुनिए, ऐसा सिर्फ बाड़मेर में या यहां पहली बार नहीं हुआ। बल्कि हर जगह पर फोटो पोजिशन के लिए कैमरामैन और मीडिया वाले बड़े-बड़े अधिकारियों तथा नेताओं से निवेदन करते हैं । यह एक सामान्य प्रक्रिया है, जो हर कार्यक्रम में होती है। लेकिन टीना डाबी को इसलिए निशाना बनाया जाता है, क्योंकि उनके नाम की पहुंच सोशल मीडिया पर लोगों को आसानी से मिल जाती है। साथ ही, बाड़मेर जिला कलेक्टर मैडम अपने अच्छे स्वभाव के कारण कभी किसी को पलटकर जवाब नहीं देतीं। यदि उनकी जगह कोई और अधिकारी होते, तो इस तरह की साइबर बुलिंग और गलत अफवाह फैलाने पर कानूनी कार्रवाई भी कर सकते थे।
सोशल मीडिया पर लिखने का अधिकार सबको है, लेकिन बिना कुछ समझे-बूझे, किसी की गरिमा का ध्यान रखे बिना यदि हम यूं ही जारी रखेंगे, तो मैं व्यक्तिगत रूप से इसे गलत मानता हूं। आइए, जिम्मेदारी से सोचें और सच्चाई का सम्मान करें।
@BarmerDm
यह तो हद ही हो गई! सोशल मीडिया पर आजकल कोई भी व्यक्ति किसी के बारे में कुछ भी लिखकर फैला देता है, बिना सच्चाई की परख किए।
बाड़मेर की जिला कलेक्टर टीना डाबी को आज कुछ लोग ट्रोल कर रहे हैं कि उन्हें ध्वजारोहण के दौरान किस तरफ खड़ा होना चाहिए, यह भी पता नहीं। जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। मैं इस ट्रोलिंग वाले मामले पर इसलिए लिख रहा हूं, क्योंकि मैं स्वयं वहां उपस्थित था और जो कुछ हुआ, उसे अपनी आंखों से देखा है। जिला कलेक्ट्रेट के बाहर ध्वजारोहण के दौरान एक तरफ कर्मचारी तथा अधिकारी खड़े थे, तो दूसरी तरफ मीडिया के कुछ साथी। जैसे ही ध्वजारोहण हुआ, मैडम अपनी सही स्थिति में सलामी देते हुए खड़ी हो गईं। उसके बाद कुछ कैमरामैन ने कहा, "मैडम, इस तरफ खड़ी हो जाएं, ताकि ध्वज और आपका फोटो एक साथ आए, जिससे देशभक्ति का एक मजबूत संदेश जाए।" तभी पीछे खड़े सुरक्षा गार्ड ने भी कहा कि मैडम, उस तरफ देखिए।
अब सुनिए, ऐसा सिर्फ बाड़मेर में या यहां पहली बार नहीं हुआ। बल्कि हर जगह पर फोटो पोजिशन के लिए कैमरामैन और मीडिया वाले बड़े-बड़े अधिकारियों तथा नेताओं से निवेदन करते हैं । यह एक सामान्य प्रक्रिया है, जो हर कार्यक्रम में होती है। लेकिन टीना डाबी को इसलिए निशाना बनाया जाता है, क्योंकि उनके नाम की पहुंच सोशल मीडिया पर लोगों को आसानी से मिल जाती है। साथ ही, बाड़मेर जिला कलेक्टर मैडम अपने अच्छे स्वभाव के कारण कभी किसी को पलटकर जवाब नहीं देतीं। यदि उनकी जगह कोई और अधिकारी होते, तो इस तरह की साइबर बुलिंग और गलत अफवाह फैलाने पर कानूनी कार्रवाई भी कर सकते थे।
सोशल मीडिया पर लिखने का अधिकार सबको है, लेकिन बिना कुछ समझे-बूझे, किसी की गरिमा का ध्यान रखे बिना यदि हम यूं ही जारी रखेंगे, तो मैं व्यक्तिगत रूप से इसे गलत मानता हूं। आइए, जिम्मेदारी से सोचें और सच्चाई का सम्मान करें।
@BarmerDm
यह तो हद ही हो गई! सोशल मीडिया पर आजकल कोई भी व्यक्ति किसी के बारे में कुछ भी लिखकर फैला देता है, बिना सच्चाई की परख किए।
बाड़मेर की जिला कलेक्टर टीना डाबी को आज कुछ लोग ट्रोल कर रहे हैं कि उन्हें ध्वजारोहण के दौरान किस तरफ खड़ा होना चाहिए, यह भी पता नहीं। जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। मैं इस ट्रोलिंग वाले मामले पर इसलिए लिख रहा हूं, क्योंकि मैं स्वयं वहां उपस्थित था और जो कुछ हुआ, उसे अपनी आंखों से देखा है। जिला कलेक्ट्रेट के बाहर ध्वजारोहण के दौरान एक तरफ कर्मचारी तथा अधिकारी खड़े थे, तो दूसरी तरफ मीडिया के कुछ साथी। जैसे ही ध्वजारोहण हुआ, मैडम अपनी सही स्थिति में सलामी देते हुए खड़ी हो गईं। उसके बाद कुछ कैमरामैन ने कहा, "मैडम, इस तरफ खड़ी हो जाएं, ताकि ध्वज और आपका फोटो एक साथ आए, जिससे देशभक्ति का एक मजबूत संदेश जाए।" तभी पीछे खड़े सुरक्षा गार्ड ने भी कहा कि मैडम, उस तरफ देखिए।
अब सुनिए, ऐसा सिर्फ बाड़मेर में या यहां पहली बार नहीं हुआ। बल्कि हर जगह पर फोटो पोजिशन के लिए कैमरामैन और मीडिया वाले बड़े-बड़े अधिकारियों तथा नेताओं से निवेदन करते हैं । यह एक सामान्य प्रक्रिया है, जो हर कार्यक्रम में होती है। लेकिन टीना डाबी को इसलिए निशाना बनाया जाता है, क्योंकि उनके नाम की पहुंच सोशल मीडिया पर लोगों को आसानी से मिल जाती है। साथ ही, बाड़मेर जिला कलेक्टर मैडम अपने अच्छे स्वभाव के कारण कभी किसी को पलटकर जवाब नहीं देतीं। यदि उनकी जगह कोई और अधिकारी होते, तो इस तरह की साइबर बुलिंग और गलत अफवाह फैलाने पर कानूनी कार्रवाई भी कर सकते थे।
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