इंसाफ़ की ज़ुबान समझ आने से ही इंसाफ़ होगा।
न्याय के लिए भाषाई समावेश भी निर्णायक बिंदु है।
The dispensation of justice is contingent upon the utilization of a language that is comprehensible to all parties involved.
Linguistic inclusivity is a determinative factor in the true administration of justice.
और चाणक्य नीति कहने लगे हैं! लोकतंत्र में वोटर के विश्वास की आहुति दे दी जाए, तो बचता क्या है! टेलीप्रॉम्प्टर पढ़ के झूठ परोसने वाला तानाशाह !!
@RahulGandhi@SupremeCourtFan@UN
मनमोहन सिंह सरकार जब घोटालों के आरोपों से घिरी हुई थी तो वो व्यक्ति जिसने विदेशी मल्टीनशनल कंपनियों के एकाधिकार से देश की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए सैकड़ों सेक्टर और हज़ारों परतों वाली सप्लाई चैन के लिए सुरक्षित और संतुलित LPG नीतियाँ गढ़ीं वही शख़्स प्रधानमंत्री बनकर सत्ता
में बने रहने के लिए पाँच–छह संस्थाओं जैसे कि CAG, ED, CBI, MEDIA, EC etc को ‘मैनेज’ क्यों नहीं कर पाया? क्या यह अयोग्यता थी या फिर कुछ बुनियादी नैतिकता! क्या वो पीएम की शक्तियों को समझ नहीं पाए! क्या हम किसी अफ़ीम के नशे में शातिर चोरों और डाकुओं के प्लान को ही मास्टर स्ट्रोक
सरकार तो औरंगज़ेब की भी थी,अंग्रेज़ों की भी थी। तमाम संस्थाएँ तब भी थीं।फिर 15 अगस्त 1947 को मिलने वाली आज़ादी क्या थी? क्या उसका मतलब केवल पाँच साल में 1 दिन वोट डालना है? बाक़ी के दिन लोकतंत्र साँस कैसे लेता है? संस्थाओं की स्वायत्ता के बिना लोकतंत्र की कल्पना की जा सकती है?
CEC जिसे हमारी चुनी सरकार के दो लोग मिलकर नियुक्त करते हैं और जिसमे संविधान की झूठी कसमें खायी वो हमें ही मतदाता सूची का डेटा देने से मना कर दे।अंग्रेज़ गवर्नर भी पढ़े-लिखे तो होते ही थे और ओथ तब भी होती थी। रूल तो तब भी थे लेकिन रूल ऑफ़ लॉ नहीं था।
कालोऽस्मि लोकक्षयकृत् प्रवृद्धो लोकान्समाहर्तुमिह प्रवृत्तः।
I am Time, the mighty destroyer of worlds. I have come to annihilate all.
The timeless truth When humanity turns deaf to the language of love, harmony, and peace The time is bound to speak in thunder.
@narendramodi
Viewing medieval sovereignty as if it were a modern nation-state is like trying to locate your lost conscience on Google Maps—amusing if you’re doodling for kicks, but hardly newsworthy unless you’re auditioning for a history satire show.
@RahulGandhi@ShashiTharoor
बीपीएससी 70वीं परीक्षा के परीक्षार्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशांत किशोर से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशांत किशोर से उच्चतम स्तर पर सहयोग की अपेक्षा करते हुए एक पत्र सौंपा। परीक्षार्थियों के संघर्ष और उनके साथ हो रहे अन्याय को देखते हुए जन सुराज पार्टी ने माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखा है। जन सुराज की मांग है कि माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं परीक्षार्थियों के प्रतिनिधिमंडल से बात करें और उनकी मांगों पर न्यायसंगत निर्णय लें। अगर कल दिनांक 28 दिसंबर 2024, दोपहर 12 बजे तक वे परीक्षार्थियों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात नहीं करते हैं और कोई उचित समाधान नहीं निकालते हैं तो जन सुराज, छात्रों के इस आंदोलन को पूरी तरह से सहयोग करेगा और परीक्षार्थियों को लेकर जन सुराज, मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचेगा। (1/2)
@INCIndia Reality of Pragati Yatra of Bihar .
Corruption is all time high at top level in the ministry.
@NitishKumar negligence is responsible for Lathicharge at educated and talented youth of state .
Black day for Bihar .
#BPSC#bpscprotest
@INCIndia@BJP4India@AamAadmiParty@RJDforIndia@Jduonline@LJP4India@JansurajYatra मैं जुर्म का ए'तिराफ़ कर के
कुछ और है जो छुपा गया हूँ
रूह नहीं काँपता तुम वर्दी वालों का जब तुम बेगुनाहों पे लाठियाँ भांजते है ।
तुम्हारा भ्रम कब दूर होगा कि जिनके ऑर्डर्स मानने के लिए तुम बाध्य हो वो तुम्हारे मालिक नहीं है ।
उनकी भी हैसियत इसी जानता के पैसे से आबाद है ।
@INCIndia मैं जुर्म का ए'तिराफ़ कर के
कुछ और है जो छुपा गया हूँ
रूह नहीं काँपता तुम वर्दी वालों का जब तुम बेगुनाहों पे लाठियाँ भांजते है ।
तुम्हारा भ्रम कब दूर होगा कि जिनके ऑर्डर्स मानने के लिए तुम बाध्य हो वो तुम्हारे मालिक नहीं है ।
उनकी भी हैसियत इसी जानता के पैसे से आबाद है ।
बिहार में BPSC परीक्षा में धांधली के खिलाफ बेरोजगार युवा कई दिन से प्रदर्शन कर रहे थे।
आज बिहार सरकार ने पुलिस भेजकर युवाओं पर लाठी चलवाई।
वीडियो में दिख रहा है कि युवा हाथ जोड़ रहे हैं, दया की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन बिहार की बेरहम पुलिस सरकार के आदेशों का पालन करती रही।
ये हालात सिर्फ बिहार के युवाओं के नहीं है, आज पूरे देश में युवा नौकरी और रोजगार के लिए लाठी खाने को मजबूर हैं।
बिहार में BPSC परीक्षा में धांधली के खिलाफ बेरोजगार युवा कई दिन से प्रदर्शन कर रहे थे।
आज बिहार सरकार ने पुलिस भेजकर युवाओं पर लाठी चलवाई।
वीडियो में दिख रहा है कि युवा हाथ जोड़ रहे हैं, दया की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन बिहार की बेरहम पुलिस सरकार के आदेशों का पालन करती रही।
ये हालात सिर्फ बिहार के युवाओं के नहीं है, आज पूरे देश में युवा नौकरी और रोजगार के लिए लाठी खाने को मजबूर हैं।
बिहार में BPSC परीक्षा में धांधली के खिलाफ बेरोजगार युवा कई दिन से प्रदर्शन कर रहे थे।
आज बिहार सरकार ने पुलिस भेजकर युवाओं पर लाठी चलवाई।
वीडियो में दिख रहा है कि युवा हाथ जोड़ रहे हैं, दया की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन बिहार की बेरहम पुलिस सरकार के आदेशों का पालन करती रही।
ये हालात सिर्फ बिहार के युवाओं के नहीं है, आज पूरे देश में युवा नौकरी और रोजगार के लिए लाठी खाने को मजबूर हैं।