गृह मंत्री अमित शाह ने कुछ ठान लिया तो वो होकर ही रहता है। इतिहास इस बात की गवाही देता है। इतना ही नहीं ओवैसी जैसे नेता भी मान रहे हैं कि अमित शाह हवाई बातें नहीं करते। यानी ये तय मान लिया जाए कि देश में घुसपैठियों का काउंटडाउन शुरू हो चुका है।
ऐसा दावा किया जा रहा है कि फिल्म सतलुज में पंजाब की सच्चाई को दिखाया गया है। लेकिन सही बात ये है कि फिल्म पूरी सच्चाई नहीं बताती। फिल्म में ये नहीं बताया कि पंजाब में आतंकवाद आया कैसे? खालिस्तान की सच्चाई फिल्म में नहीं बताई गई, भिंडरावाला कौन था ये नहीं बताया गया। आखिर ये सब सच्चाई क्यों नहीं दिखाई गई?