Khelo India has become a wonderful platform for nurturing sporting talent across the country. It is providing young athletes with opportunities and support to pursue their dreams.
@kheloindia
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राहुल गांधी झूठ बोलते रहें, कोई बात नहीं…अब हर झूठ का जवाब तथ्यों की रसीद के साथ मिलेगा!
‘झूठ की गूंज’ वेबसाइट राहुल गांधी के झूठे दावों की एक-एक परत खोल रही है।
अब कहानी सीधी है, जितना तेज प्रोपेगेंडा गूंजेगा, उतनी ही तेज आवाज में सच सामने आएगा।
झूठ की गूंज कितनी भी हो,
सच की आवाज आखिर में भारी पड़ती है!
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पहाड़ की कर्मठ बहनों की रचनात्मक सोच ने पिरुल को लोक संस्कृति की ब्रांडिंग और रोजगार से जोड़ा। पिरुल चीड़ (पाइन) के पेड़ का धागेनुमा ज्वलनशील पत्तियाँ होती हैं । पिरुल की पत्तियों की ज्वलनशीलता जंगल में आग का बड़ा कारण होती है।
गढ़वाल लोक सभा क्षेत्र की हमारी मातृशक्ति द्वारा कड़े परिश्रम से तैयार की गई ये सुंदर राखियाँ हमारी समृद्ध लोककला, रचनात्मकता और स्वावलंबन की प्रेरणादायी मिसाल हैं।
आइए इस रक्षाबंधन पर अपने पहाड़ की बहनों के हुनर को सम्मान दें, स्थानीय उत्पादों को अपनाएँ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के संकल्प के साथ उत्तराखंड की स्थानीय प्रतिभाओं, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को नई ताकत दें और इन राखियों को ख़रीदें ।
आज माननीय केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री @JoshiPralhad जी से भेंट कर उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने पर शुभकामनाएँ प्रेषित की।
इस अवसर पर उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की अपनी मांग को पुनः दोहराते हुए माननीय मंत्री जी से आवश्यक कार्रवाई का आग्रह किया। साथ ही रामनगर, यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र एवं देवप्रयाग में भी केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना का अनुरोध किया।
माननीय मंत्री जी ने इस महत्वपूर्ण विषय पर सकारात्मकता के साथ आवश्यक कार्रवाई हेतु आश्वस्त किया।
इन क्षेत्रों में केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना से स्थानीय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे और पहाड़ के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।
एक समय था, जब जेब में नकद रखना जरूरी होता था। आज आपका स्मार्टफोन ही आपका वॉलेट बन गया है।
चाय की छोटी-सी दुकान से लेकर कॉलेज की कैंटीन तक, गांवों से लेकर बड़े कारोबार तक UPI ने भारत में भुगतान को बेहद आसान, तेज और सहज बना दिया है।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में दुनिया के सामने एक नई मिसाल कायम की है। 🇮🇳
#10YearsOfUPI #DigitalIndia
A decade ago, UPI was rolled out, marking a major turning point in India’s digital payments journey.
The sheer scale and reach of UPI are something every Indian must be proud of.
Tell me about your UPI experience and how it impacted your life...
#10YearsOfUPI
संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर ‘समरसता संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहा हूं। https://t.co/UoHxcu8i8l
आज @BJP4India के केन्द्रीय कार्यालय में यशस्वी प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ संवाद कर संगठन एवं राष्ट्रसेवा की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान किया।
निःस्वार्थ भाव से राष्ट्रसेवा, संगठन के प्रति पूर्ण समर्पण और विकसित भारत @ 2047 के संकल्प को साकार करने का प्रधानमंत्री जी का संदेश हम सभी के लिए नई प्रेरणा और ऊर्जा देने वाला है।
माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @NitinNabin जी के नेतृत्व में संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा राष्ट्र निर्माण की इस महायात्रा को गति देने के संकल्प के साथ हम सभी पूरी निष्ठा एवं समर्पण से कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
आज नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी की गरिमामयी उपस्थिति में पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में सम्मिलित हुआ।
प्रधानमंत्री जी का मार्गदर्शन प्रत्येक कार्यकर्ता में नई ऊर्जा का संचार करता है और राष्ट्रसेवा के संकल्प को और दृढ़ करता है। आपके नेतृत्व में ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए संगठन का प्रत्येक कार्यकर्ता पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने हेतु संकल्पित है।
@BJP4India
आज भाजपा मुख्यालय में पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों, प्रदेश अध्यक्षों, प्रदेश संगठन महामंत्रियों सहित अन्य प्रमुख पदाधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में सम्मिलित हुआ।
बैठक में आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के सेवा समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले 'सेवा संकल्प अभियान' की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
@BJP4India
आज भाजपा मुख्यालय में नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता की।
असंख्या कार्यकर्ताओं के परिश्रम, त्याग और अनुशासन के बल पर ही आज संगठन इस ऊँचाई पर पहुँचा है।
माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने हेतु भाजपा के निरंतर विस्तार और विकास के लिए यह टीम पूर्ण सेवा, समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने हेतु संकल्पित है।
@BJP4India
Organisational meetings are all about new ideas and perspectives aimed at strengthening the Party and deepening connect with the people.
Great interaction with fellow Party colleagues and the new organisational team!
@BJP4India
वंदे मातरम्! 🇮🇳
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री @NitinNabin जी की अध्यक्षता में नई दिल्ली स्थित भाजपा केन्द्रीय कार्यालय में आयोजित नव-नियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक का शुभारंभ राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की सभी छह छंदों के सामूहिक एवं भावपूर्ण गायन के साथ हुआ।
माँ भारती के चरणों में समर्पित यह स्वर राष्ट्र प्रथम की भावना, सेवा के संकल्प और राष्ट्र निर्माण के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
भारतीय जनता पार्टी ने आज 22 अगस्त 2026 को वंदे मातरम् के सम्मान और उसकी ऐतिहासिक विरासत की रक्षा के संबंध में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया।
भारतीय जनता पार्टी 19 अगस्त 2026 को कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा 1937 के अपने प्रस्ताव को पुनः स्वीकार करते हुए कांग्रेस के कार्यक्रमों में ‘वन्दे मातरम्’ के केवल प्रथम दो पदों के गायन को सीमित करने के निर्णय की कड़ी निंदा और स्पष्ट शब्दों में विरोध करती है।
भाजपा वन्दे मातरम् को भारत का राष्ट्रीय गीत, भारत माता के प्रति श्रद्धा की अभिव्यक्ति, स्वतंत्रता संग्राम का मंत्र और भारत की राष्ट्रीय चेतना का अमर प्रतीक मानती है।
अतः भारतीय जनता पार्टी संकल्प करती है:
1. 19 अगस्त 2026 को कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा 1937 के प्रस्ताव को दोहराते हुए वन्दे मातरम् के प्रथम दो पदों तक गायन सीमित करने के निर्णय की कड़ी निंदा और स्पष्ट विरोध करेगी।
2. पूर्ण वन्दे मातरम् के सम्मान, गरिमा, विरासत और राष्ट्रीय स्वरूप की रक्षा करेगी, इसे भारत का राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रीय चेतना का अमर प्रतीक और स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली विरासत मानेगी।
3. 1950 में संविधान सभा की घोषणा तथा 2026 में संसद द्वारा राष्ट्रीय गीत को जन गण मन के समान वैधानिक संरक्षण प्रदान किए जाने से स्थापित स्थिति की दृढ़ता से पुष्टि करेगी।
4. राष्ट्रीय गीत को सांप्रदायिक दबाव, राजनीतिक तुष्टीकरण अथवा संकीर्ण वोट-बैंक की राजनीति के अधीन करने के हर प्रयास का विरोध करेगी।
5. कांग्रेस को स्मरण कराएगी कि उसकी कार्यसमिति का कोई प्रस्ताव भारत के संवैधानिक संस्थानों और संसद द्वारा बनाए गए कानूनों से ऊपर नहीं हो सकता। 1937 का राजनीतिक समझौता 1950 के संवैधानिक निर्णय और 2026 में संसद द्वारा बनाए गए कानून से ऊपर नहीं रखा जा सकता।
6. जनता के सामने उस ऐतिहासिक और राजनीतिक संदर्भ को उजागर करेगी, जिसमें वन्दे मातरम् के गायन को सीमित किया गया था, जिसमें मुस्लिम लीग की आपत्तियां तथा बाद में बढ़ती सांप्रदायिक और अलगाववादी मांगों की राजनीति शामिल थी।
7. महात्मा गांधी के उस ऐतिहासिक कथन को जन-जन तक पहुंचाएगी, जिसमें उन्होंने वन्दे मातरम् को “साम्राज्यवाद-विरोधी नारा” और “शुद्धतम राष्ट्रीय भावना” से जुड़ा हुआ बताया था।
8. भाजपा कार्यकर्ताओं के माध्यम से देशव्यापी अभियान चलाएगी, जिसके अंतर्गत वन्दे मातरम् का इतिहास, अर्थ, राष्ट्रीय महत्व और गौरवशाली विरासत भारत के हर कोने तक पहुंचाई जाएगी।
9. विशेषकर युवा पीढ़ी के बीच जागरूकता का अभियान चलाया जाएगा, ताकि छह पदों वाले पूर्ण राष्ट्रीय गीत और उसके इतिहास को विस्मृति में न जाने दिया जाए तथा आने वाली पीढ़ियां समझ सकें कि वन्दे मातरम् के साथ भारत की स्वतंत्रता, संघर्ष, बलिदान और राष्ट्र-जागरण की कितनी गहरी स्मृतियां जुड़ी हैं।
10. राजनीतिक सुविधा या तुष्टीकरण के लिए वन्दे मातरम् के सम्मान और विरासत से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
यह केवल किसी राजनीतिक दल से जुड़ा विषय नहीं है। यह भारत के सम्मान और उन असंख्य देशभक्तों की विरासत का प्रश्न है, जिन्होंने राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
भारतीय जनता पार्टी देशवासियों से आह्वान करती है कि वे स्मरण रखें - वन्दे मातरम् के शब्द कभी इतने शक्तिशाली थे कि एक साम्राज्य उनसे भयभीत हो उठा था। अंग्रेजों ने इन्हें दबाने का प्रयास इसलिए किया क्योंकि इन शब्दों ने प्रतिरोध की चेतना जगाई थी। पीढ़ियों के भारतीयों ने इन्हें स्वतंत्रता, बलिदान और राष्ट्रगौरव के मंत्र के रूप में अपनाया।
इस विरासत को आज की वोट-बैंक राजनीति की गणित में सीमित नहीं किया जा सकता।
1947 में भारत की स्वतंत्रता का जयघोष 'वंदे मातरम्' था, और आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में 2047 के 'विकसित भारत' का महाघोष भी 'वंदे मातरम्' ही होगा।
वन्दे मातरम्।
At the core of India’s reform journey is a change in the philosophy of governance.
We are moving from ‘Prohibited unless permitted’ to ‘Permitted unless prohibited.’ Through Jan Vishwas, decriminalisation, the removal of thousands of compliances and many obsolete laws, we are reducing the burden on citizens and enterprises.
India has moved from Production Linked Punishment to Production Linked Incentives.
There was a time when companies would be penalised for producing beyond prescribed limits! That mindset of the Licence Raj discouraged enterprise, production and job creation.
Today, the approach is completely different. We incentivise production, encourage ambition and trust our entrepreneurs.
India has moved from controlling enterprise to enabling it.