लाखों में रिक्त पद , हजारों में बंद स्कूल और रोजगार के नाम पर सिर्फ 10k पद।
यही अगर बीजेपी सरकार विपक्ष में होती तो सड़क पर लेट के शिक्षा की दुहाई , आरटीआई,मौलिक अधिकार का रोना रो रही होती।
78000 शिक्षक भर्ती देने में सरकार को आखिर कौन सी दुविधा है।
#78000शिक्षकभर्ती@UPGovt
खुद की माता जो 90 साल से ऊपर थी वो स्वाभाविक मृत्यु प्राप्त करती है तो दहाड़े मार कर रोते हैं
PR करवाते हैं। टीवी पर चलवाते हैं।
पर जिन 20 से ऊपर बच्चों की जाने (जो मुश्किल से 20 साल के रहे होंगे उनका पूरा जीवन बचा था)इनके एजुकेशन सिस्टम ले ली उनके अपनो को आंदोलन करने का भी अधिकार नही है क्योंकि इनकी पुलिस आंदोलनकारियों को जबरन उठाकर ले जाने को तत्पर है।
अरे!
तुम सफेद चादर में सोनम वांगचुक को लेकर नहीं गए, बल्कि भारत के लोकतंत्र को लेकर गए हो।
डरपोक हो तुम,
क़ायर हो,
जनरल डायर हो।
जबसे बीजेपी आई है तबसे देश अजीब सन्नाटे की ओर चला जा रहा है लोग सच बोलने और लिखने से पहले सौ बार सोच रहे हैं स्वतंत्रता का अधिकारों का हनन हो रहा है,अनशन पर बैठे इंसान को जबरदस्ती उठाया जा रहा है,एक इंसान की गलती पर बुलडोजर चलाकर पूरे परिवार को तबाह किया जा रहा है।
पेपर लीक पर छात्रों पर ही मुक़दमा किया जा रहा है
महिला सशक्तिकरण का ढोंग करके रेपिस्ट को पैरोल पर बाहर लाया जा रहा है
अब सवाल यह है इतना कुछ घटित हो रहा है फिर चुप्पी क्यों?
इसका जवाब भी है मेरे पास
जो विरोध में आवाज उठाता है
सरकार की प्रतिक्रिया तो बाद में आती है
उसके पहले ही अंधभक्त और रागदरबारी विरोध करने वालों पर ही टूट पड़ते हैं।
नतीजा यह कि लोग चुप रहना पसंद करने लगे हैं।
NEET है या CHEAT है?
NEET REEXAM में घपलों की ख़बरें बढ़ती जा रही हैं लेकिन भाजपा सरकार में न किसी की ज़िम्मेदारी तय की जाती है, न किसी की जवाबदेही। इस्तीफ़ा देना या दिलवाना तो असंभव बात है।
अभ्यर्थी कह रहे हैं कि कड़वा सच ये है कि भाजपा के संगठन में भी सबसे ऊपर बैठे तथाकथित नैतिक लोग अपने किसी संगी-साथी मंत्री पर दबाव बनाकर इस्तीफ़ा लेने की स्थिति में नहीं हैं क्योंकि उन्हें डर है कि अपने को फँसता देख, वो मंत्री जी कहीं बाक़ी सारे भाजपाई हिस्सेदारों के घपलों का दबा-छुपा राज़ न खोल दें। यही हाल भाजपा सरकार के हर मंत्रालय का है, इसीलिए भाजपा में इस्तीफ़े नहीं होते हैं।
जनता पूछ रही है कि ‘मुख़बिरी और लीक में कोई ऐतिहासिक संबंध होता है क्या?’
छुपे बैठे भ्रष्टाचार की काली कोठरी में
भाजपाई साझेदार हैं लूट की पोटली में
#NTA
#NEET
#NEET_REEXAM
पूरे देश में प्रदर्शनकारियों को हटाने से अच्छा है, भाजपा सरकार स्वयं ससम्मान हट जाए।
यदि भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों ने इतिहास पढ़ा होता या स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया होता तो वो जानते कि जन-शक्ति जब हर संभावना से निराश हो जाती है, तो वो ख़ुद एक शक्ति बन जाती है।
भाजपा के राज में लोग जीते-जी अपनी चिता ख़ुद सजा के लेट गये, अब इससे ज़्यादा ‘अच्छे दिन’ भाजपा क्या लाएगी। भाजपा का समय पूरा हुआ।
भाजपा का अंतिम दौर शुरू होता है अब…
#चिता_आंदोलन
#केन_बेतवा_विरोध
"पेपर लीक" के बाद पेश है...
"न्यूक्लियर पावर प्लांट का डाटा लीक"
भारत के सबसे बड़े कुंडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट,तमिलनाडु की बन रही तीन और चार नंबर की यूनिटों के प्रोजेक्ट के ठेकेदार "रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर" के डाटा को होस्ट करने वाली कंपनी 'योटा डाटा सर्विसेज' के प्लेटफार्म से 'वर्ल्ड हैकिंग ग्रुप' ने 29 मई 2026 को 19,000 हजार यानि कि लगभग 14.5 जीबी की पार कर दी,और डार्क वेब पर डाल दी,भारत सरकार इसे सिरे बिल्कुल नकारती रही, लेकिन कई सारे ओपन प्लेटफार्म पर डाटा अवेलेबल होने के बाद 15 जुलाई को इसे दबी जुबान में स्वीकारा गया।
आखिर हम कैसे विश्व गुरु हैं ना हम एम्स का डाटा बचा पा रहे हैं, और ना ही अपने न्यूक्लियर पावर प्लांट का डाटा लीक होने से बचा पा रहे है।
भविष्य में युद्ध के दौरान चीन को न्यूक्लियर हमले करने की जरूरत नहीं है, वो बस साइबर हमले करेगा, और पूरा देश मिट्टी में मिल जाएगा। तुम अपने धर्म के मंत्र से उसके मालवेयर अटैक को रोक लेना।
🏬विद्यालय में समाचार पत्र वाचन📰और बुक रीडिंग(पुस्तक पठन)📓छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण और सकारात्मक आदतें हैं। यह न केवल उनके ज्ञान को बढ़ाती हैं, बल्कि उनके व्यक्तित्व को भी नया आयाम देती हैं।
Newspaper & book reading fair
#newspaperreading#bookreading
दो चार साल किसी जानवर के साथ रहो तो उससे भी लगाव हो जाता है और जब वो खत्म हो जाये तो बहुत दुःख होता है.. ..ये कैसी क्रूर औरतें हैं जो अपने ही पति को मार डालती है....इस जहां में प्यार व्यार कुछ है ही नहीं कि लव मैरिज करो तो लाइफ अच्छी कटेगी ....!!
श्री सोनम वांगचुक जी को ‘बल-प्रयोग’ करके, ज़बरदस्ती उनके आमरण अनशन स्थल से उठाकर ले जाना अत्यंत निंदनीय समाचार है। आज सुबह घटी ये घटना थोड़ी ही देर में पूरे देश और संपूर्ण विश्व में फैल चुकी है। सारी दुनिया और देशभर में श्री सोनम वांगचुक जी को लेकर गहरी चिंता है और भाजपा सरकार के ख़िलाफ़ आक्रोश भी। जो लोग सादी वर्दी में इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए धोखे से अचानक घुसे थे, उनकी पहचान सार्वजनिक की जाए।
ये हमारी पुरज़ोर माँग है कि श्री सोनम वांगचुक जी की चिकित्सा ‘न्यायिक निगरानी’ में हो क्योंकि श्री सोनम वांगचुक जी का जीवन मानवता, पर्यावरण-संरक्षण, लोकतांत्रिक मूल्यों, युवा ऊर्जा की प्रेरणा, साइंस और इनोवेशन के लिए अनमोल है।
हमारे देश की जनता व समस्त विश्व इस समय भाजपा सरकार को संदेह और सवाल भरी संदिग्ध नज़र से देख रहा है। दमनकारी राजनीति करनेवाली भाजपा सरकार की इस अवांछनीय कार्रवाई ने इंटरनेशनल लेवल पर हमारे देश की मानवीय और डेमोक्रेटिक इमेज को बेहद धूमिल और खंडित करने का काम किया है।
भाजपा ने न कभी गांधी जी में विश्वास किया, न कभी उनके गांधीवादी तौर-तरीक़ों में।
भाजपा की नकारात्मक विचारधारा ही ‘विवाद’ की है; संवाद की नहीं।
भाजपा निराशा का पर्याय बन चुकी है।
भाजपा सरकार नहीं, अहंकार है!
भाजपा की सोच दरारवादी है, इसीलिए जहाँ भी एकता, सौहार्द और एकजुटता होती है, भाजपा डरकर प्रतिक्रियावादी बनकर आंदोलनों को तितर-बितर कर देती है लेकिन भाजपा भूल गयी है कि आज की नई पीढ़ी ‘डिजिटल यूनिटी’ के माध्यम से वैचारिक क्रांति लाने में सक्षम है. ऐसा हुआ है, हो रहा है और होगा भी…
@Wangchuk66
सपा बहादुर श्री अखिलेश यादव की छत्रछाया में उनके मुंहलगे मुस्लिम नेता इतने बेलगाम हो चुके हैं कि भगवान श्रीकृष्ण और श्रीमद्भगवद्गीता को भी नहीं बख़्श रहे हैं।
कुछ हिंदू संतों ने सपा बहादुर को श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर सहयोग करने को क्या कह दिया कि तभी से ये मुस्लिम नेता भगवान श्रीकृष्ण को ही नमाज़ी बताने लगे। यह सरासर हिंदुओं की आस्था का अपमान है। इन बेलगाम नेताओं के समर्थन में तुष्टिकरण करने वाले नेताओं की तरफ से बयान भी दिए जा रहे हैं। ऐसे नेता कड़ी निंदा के पात्र हैं।
सपा बहादुर को इस विषय पर अपनी स्थिति साफ करनी चाहिए। अगर वे खुद को भगवान श्रीकृष्ण का वंशज और भक्त मानते हैं, तो उन्हें खुलकर करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं का अपमान करने वाले बयानों के प्रति न केवल अपनी असहमति दर्ज करानी चाहिए, बल्कि हिंदुओं से माफ़ी भी मांगनी चाहिए।
"बहाकर लहू मासूमों का जो सिंहासन सजाते हैं,
इतिहास के पन्नों में वो सिर्फ 'ज़ालिम' कहलाते हैं"
बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य किसी को नहीं चाहिए,
मरेंगे सबके सब, धर्म की चाशनी पीकर.......
@Wangchuk66@abhijeet_dipke