"मैंने पहली बार उन्हें बांद्रा में मौजूद अजंता आर्ट्स के ऑफ़िस में घुसते हुए देखा था। मैं भी वहां काम मिलने की उम्मीद में गया था। वो बहुत हैंडसम दिख रहे थे। चाल में भी स्वैग था उनकी। जब उन्होंने मुझे देखा तो बहुत जेंटली मुस्कुराए थे वो। ये साल 1969 की बात है। वो अजंता आर्ट्स की मन का मीत फ़िल्म में काम कर रहे थे। और मैं तब एक रोल हासिल करने के लिए स्ट्रगल कर रहा था। कोई भी रोल। कहीं पर भी।"
साल 2017 में जब विनोद खन्ना जी का देहांत हुआ था तब अमिताभ बच्चन ने उनके बारे में एक नोट लिखा था, जिसमें उन्होंने ये सब बातें कही थी। अभी 5 दिन पहले ही विनोद खन्ना जी का जन्मदिवस था। अगर ज़िंदा होते तो 83 साल के हो जाते विनोद खन्ना जी। उस नोट में बच्चन साहब ने और भी बातें लिखी थी। चलिए, बच्चन साहब का वो नोट पढ़ते हैं।
कुछ समय बाद मैं उनसे फिर मिला। इस बार हम दोनों दत्त साहब की रेशमा और शेरा में काम कर रहे थे। जैसलमेर में लोकेशन तक हमने साथ में ट्रैवल किया। और काफ़ी वक्त साथ गुज़ारा। वहां सिर्फ़ रेत ही रेत थी। दूर-दूर तक लोग नहीं होते थे। मैं, विनोद जी, रंजीत, थापा साहब, अली रज़ा साहब, कुल सात लोग थे हम जो एक ही टैंट में रहते थे। बाद में जैसलमेर में भी एक जगह हम सब साथ में रहे। तब अमरीश पुरी भी हमारे रूम में ही रहने आए। खूब हंसी-मज़ाक होता था काम के बाद। वहां से वापस लौटने के बाद भी हम टच में रहे। वो बड़े स्टार थे। मगर बहुत हम्बल भी थे।
उन्होंने एक पीले रंग की फॉक्सवैगन बीटल कार खरीदी थी। वो मुझे उसमें घुमाने ले जाया करते थे। उन दिनों बॉम्बे में एक ही डिस्को क्लब था। वो ताज होटल में था। विनोद जी उस क्लब के मैंबर थे। और मैं दूर-दूर तक भी उस क्लब का मैंबर बनने की अवस्था में नहीं था तब। मगर वो किसी तरह मुझे अंदर ले जाते थे। एक बार साउथ बॉम्बे के एक रेस्टोरेंट में किसी ने उन पर एक गलत टिप्पणी कर दी थी। विनोद जी उससे हाथापाई कर बैठे थे। उस आदमी के पास चाकू था। उस आदमी ने विनोद जी की बाज़ू में चाकू मार दिया था। चोट हल्की थी। लेकिन विनोद जी जी उस आदमी पर भारी पड़े थे।
रेशमा और शेरा की शूटिंग खत्म होने के कुछ दिन बाद ही अचानक उनके पिता की मौत हो गई थी। उस दुख की घड़ी में मैं उनके साथ था। उसके बाद मैंने और उन्होंने कई फ़िल्मों में साथ काम किया। बहुत वक्त गुज़रा उनके साथ। हम एक-दूजे के मेकअप रूप में बैठे रहते थे। लंच शेयर करते थे। और हर तरह की बातें करते थे। कभी शूट देर से खत्म होता था तो जुहू बीच पर रात के वक्त हम साथ बैठते थे। हमारे डायरेक्टर्स भी साथ होते थे। ड्रिंक्स भी लेते थे।
एक फ़िल्म के शूट के दौरान मुझे एक गिलास उनकी तरफ़ फेंकना था। मगर वो गिलास दुर्घटनावश उनकी चिन पर जाकर लगा। उन्हें गहरी चोट लग गई। मुझे बहुत अफ़सोस हुआ था उस दिन। हम फौरन उन्हें उनके डॉक्टर के पास लेकर गए। काफ़ी रात हो चुकी थी। उन्हें कई टांके लगाने पड़े थे। उसके बाद मैं उन्हें उनके घर तक छोड़ने भी गया। रास्ते भर मैं उनसे माफ़ी मांगता रहा था।
एक बार मैं ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में एडमिट अपने एक दोस्त से मिलने गया था। तभी वहां विनोद खन्ना भी आए। वो सीढ़ियों पर बहुत तेज़ी से जा रहे थे। बहुत गुस्से में लग रहे थे। उनकी कोई रिश्तेदार मोटर साइकिल एक्सीडेंट में गंभीर रूप से घायल हो गई थी। वो ज़िंदगी और मौत से जूझ रही थी। विनोद उसके पास जाना चाहते थे।
मेरी फ़िल्म ज़मीर में उन्होंने एक छोटा सा रोल निभाया था। ज़मीर की शूटिंग के दौरान हमने कई लोकेशन्स पर साथ में वक्त गुज़ारा था। उदयपुर के इंटीरियर इलाकों में ज़मीर के एक्शन सीन्स फ़िल्माए गए थे। वो सीक्वेंस जब पूरा फ़िल्मा लिया गया तो एक सुबह एक्शन डायरेक्टर खन्ना साहब हमारे साथ बैठे थे। बहुत भावुक होकर खन्ना साहब ने उस दिन कहा कि मुझे किसी एक्शन ड्रामा में ये दोनों एक्टर्स दे दो। मैं बेस्ट एक्शन सीन्स क्रिएट कर सकता हूं। खन्ना साहब को हमारे साथ काम करके बहुत अच्छा लगा था।
उदयपुर के जिस होटल में हम ठहरे हुए थे वहां मेरा और उनका कमरा काफ़ी दूर था। मैं एक कोने में था। और वो बिल्कुल दूसरी तरफ़ थे। वहां एकदम शांति रहती थी। मैं जब अकेला फ़ील करने लगता था तो उनके रूम में फोन करता था। उन्हें बताता था कि कैसे मुझे ये अकेलापन अच्छा नहीं लग रहा है। तब वो मुझे अपने रूम में आने के लिए कहते थे। आप अंदाज़ा नहीं लगा सकते कि मेरे जैसे न्यूकमर के लिए एक स्टार से ऐसा ट्रीटमेंट मिलना कितनी बड़ी बात थी।
और फिर एक दिन अचानक उन्होंने रजनीश को फॉलो करने का फ़ैसला कर लिया। वो अमेरिका भी चले गए। मैें एक बार लॉस एंजलिस में उनसे एक कॉमन फ्रेंड के घर मिला था। उन्होंने रजनीश को फॉलो करने की वजहें मुझे बताई थी।
Remembering Kishore Kumar.
Teen Deviyan
Till the late 60's Kishore Kumar used to sing only for himself. He refused to give play back to any other actor. But he made an exception for Dev Anand. Under the music direction of SD Burman Kishore Kumar playbacked only for Dev.
The musical association between Kishore Kumar and Dev Anand is one of the most charming chapters in Hindi film history. Kishore's youthful exuberance, playful mischief and effortless yodelling perfectly complemented Dev Anand's carefree, romantic screen persona.
In this song romantic poetry meets Kishore 's expressive voice
Song courtsey @Upjeet7
*🌹🌹विचारणीय बात 🌹🌹*
*हर व्यक्ति के जीवन में...*
*कुछ कमी जरूर रह जाती है...*
*ताकि वह यह समझ सके कि...*
*दुनिया मनुष्य नहीं, ईश्वर चलाता है...*
*🌷🌷 आपका दिन मंगलमय हो 🌷🌷*
'KHOSLA KA GHOSLA 2' GETS A NEW RELEASE DATE... #KhoslaKaGhosla2 – the much-awaited sequel to the cult classic – is all set to arrive in cinemas on 5 March 2027.
Directed by Priya Mishra and Prashant Bhagia, the film stars Anupam Kher, Boman Irani, Ranvir Shorey, Parvin Dabas, Tara Sharma, and Kiran Juneja.
Ravi Kishan, Divya Khossla, Nishant Verma, Kangan Baruah Nangia, and Danish Iqbal are the new additions to the cast.
Produced by Bhushan Kumar, Krishan Kumar, Savita Raj Hiremath, and Raaj Hiremath.