स्वच्छ भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी जिलों में 'स्पेशल सेल' गठित करने, रियल-टाइम मॉनिटरिंग को सुदृढ़ बनाने तथा सभी नगर निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों एवं नगर आयुक्तों के साथ स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 की समीक्षा की। प्रदेश के सभी वार्डों में शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने तथा मिशन के सभी कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
धार्मिक, पर्यटन एवं विरासत स्थलों पर प्रभावी स्वच्छता व्यवस्था, चार-स्तरीय कचरा पृथक्करण को बढ़ावा देने तथा सभी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने प्रशासनिक अनुभव का प्रभावी उपयोग करते हुए पारदर्शिता, संवेदनशीलता, उत्तरदायित्व एवं जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तथा शासन की प्राथमिकताओं एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
आज पीसीएस संवर्ग से भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में पदोन्नत अधिकारियों ने शिष्टाचार भेंट की। सभी अधिकारियों को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल प्रशासनिक कार्यकाल की कामना की।
मौसम पूर्वानुमान एवं अर्ली वार्निंग सिस्टम के आधार पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने, सोशल मीडिया के माध्यम से नियमित जनसूचनाएं साझा करने तथा शहरी क्षेत्रों में जलभराव एवं बाढ़ से प्रभावी ढंग से निपटने के निर्देश दिए।
आज संभावित बाढ़ की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। सभी बाढ़ प्रभावित जनपदों में राहत शिविरों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग करने तथा घर-घर संपर्क अभियान चलाकर नागरिकों को जागरूक करने के निर्देश दिए।
राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, विद्युत तथा महिलाओं एवं बच्चों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक संवेदनशील क्षेत्र में मॉडल फ्लड शेल्टर विकसित करने पर जोर दिया।
अतिदोहित एवं क्रिटिकल विकास खंडों में भूजल रिचार्ज कार्यों को प्राथमिकता देने, रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग एवं तालाब संरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने के निर्देश दिए।
आज प्रदेश की वर्तमान भूजल स्थिति, जल संरक्षण एवं जल संवर्धन की भावी कार्ययोजना की समीक्षा की। संबंधित विभागों को ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में दीर्घकालिक भूजल प्रबंधन, वर्षा जल संचयन तथा प्रभावी कार्ययोजना के क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
16 से 22 जुलाई तक पूरे प्रदेश में 'भूजल सप्ताह-2026' मनाया जाएगा। सभी ग्राम पंचायतों एवं शहरी निकायों की सहभागिता के साथ जन-जागरूकता अभियान संचालित करने तथा जनभागीदारी को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
पशुपालन विभाग की समीक्षा में वीबी-जी-राम-जी योजना के अंतर्गत चारागाह एवं गोचर भूमि का विकास करने तथा अतिक्रमित गोचर भूमि को अभियान चलाकर कब्जामुक्त कराने के निर्देश दिए।
आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक की। 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत 12 जुलाई को 35 करोड़ पौधारोपण की तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी करने तथा प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को एक पौधा लगाने के निर्देश दिए।
जीरो पॉवर्टी उत्तर प्रदेश अभियान की समीक्षा में सभी पात्र परिवारों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से शत-प्रतिशत आच्छादित करने के निर्देश दिए। साथ ही पात्र किसानों को प्राथमिकता के आधार पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जोड़ने पर जोर दिया।
बैठक में राज्य, जनपद एवं क्लस्टर स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग व्यवस्था, डिजिटल डैशबोर्ड के माध्यम से रियल-टाइम समीक्षा तथा उद्योगोन्मुख एवं रोजगारपरक स्किलिंग इकोसिस्टम विकसित करने के विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई।
आज नवीन योजना Integrated Scheme in Skilling Architecture (ISSA) के क्रियान्वयन की समीक्षा की। योजना के प्रभावी अभिसरण, उद्योगों की सक्रिय सहभागिता तथा परिणाम-आधारित कार्यप्रणाली के साथ समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
आईएसएसए के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण, करियर मार्गदर्शन, अप्रेंटिसशिप, इंटर्नशिप एवं रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध कराने तथा शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्योगों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया।
सभी विभागों को नोडल अधिकारी नामित कर स्थापना कार्य की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सौर ऊर्जा के व्यापक उपयोग से सरकारी व्यय में कमी, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा एवं पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य प्राप्त करने पर जोर दिया।
आज समस्त सरकारी एवं अर्धसरकारी भवनों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जाने की प्रगति की समीक्षा की। सभी विभागों को अपने-अपने भवनों का सर्वेक्षण कर पात्र भवनों पर शीघ्र रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कराने के निर्देश दिए।
बैठक में आपातकालीन, पीडियाट्रिक पल्मोनोलॉजी एवं पीडियाट्रिक क्रिटिकल केयर विभाग प्रारम्भ करने को मंजूरी दी गई। साथ ही संस्थान के भविष्य के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव शीघ्र शासन को प्रेषित करने के निर्देश दिए।
आज बाल चिकित्सा एवं स्नातकोत्तर शैक्षणिक संस्थान, नोएडा की 13वीं शासी निकाय की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में संस्थान के चिकित्सा, शिक्षण एवं शोध कार्यों को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।