Official Twitter Account of District Administration,
District Jaunpur, Uttar Pradesh
Grievance Cell 7985912030,7905776418,7985900197
(For Office Hours Only)
➡️दिनांक 03-08-26 को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आधार नामांकन एवं अद्यतन कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में आधार सेवाओं की प्रगति, 0-5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के आधार नामांकन, 5-7 वर्ष एवं 15-17 वर्ष आयु वर्ग के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट, लंबित प्रकरणों तथा आधार केंद्रों के संचालन की विस्तृत समीक्षा की गई।
➡️जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि आधार नामांकन एवं अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट के कार्य में तेजी लाई जाए तथा प्रत्येक पात्र नागरिक को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण आधार सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने विद्यालयों, आंगनवाड़ी केंद्रों एवं स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने पर बल दिया।
➡️बैठक में जिलाधिकारी ने UIDAI के Aadhaar App के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि आमजन को आधार एप के माध्यम से उपलब्ध सुविधाओं, जैसे डिजिटल आधार प्रोफाइल, सुरक्षित क्यूआर कोड आधारित पहचान सत्यापन, आधार विवरण साझा करने की सुविधा तथा अन्य उपलब्ध सेवाओं के बारे में जागरूक किया जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, UIDAI के प्रतिनिधि तथा आधार नामांकन एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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➡️दिनांक 03-08-26 को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला ओटीडी सेल की प्रथम त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के सकल जिला घरेलू उत्पाद से संबंधित विभिन्न विभागों द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे आंकड़ों एवं प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान कृषि, उद्योग, व्यापार, पर्यटन, परिवहन, ऊर्जा, निर्माण, बैंकिंग, वित्तीय सेवायें तथा अन्य आर्थिक गतिविधियों से जुड़े विभागों को निर्धारित प्रारूप के अनुसार समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण आंकड़े उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
➡️जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के आर्थिक विकास का सही आकलन तभी संभव है, जब सभी विभाग अपने-अपने क्षेत्र से संबंधित सूचनाओं एवं आंकड़ों को पूर्ण पारदर्शिता, शुद्धता एवं समयबद्धता के साथ उपलब्ध कराएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आंकड़ों के संकलन में किसी भी प्रकार की त्रुटि न रहे तथा विभागीय समन्वय के माध्यम से सभी सूचनाएं निर्धारित समयावधि में जिला अर्थ और संख्या अधिकारी,कार्यालय को उपलब्ध कराई जाएं।
➡️बैठक में प्राथमिक क्षेत्र के अंतर्गत कृषि, पशुपालन, मत्स्य, उद्यान एवं वानिकी विभाग की प्रगति की समीक्षा की गई। खाद्यान्न, दलहन, तिलहन, गन्ना, फल, सब्जी, मसाला एवं पुष्प उत्पादन के साथ-साथ दुग्ध, मांस, अंडा, मत्स्य एवं टिम्बर उत्पादन से संबंधित आंकड़ों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को वास्तविक प्रगति के अनुरूप डेटा अद्यतन करने के निर्देश दिए गए। द्वितीयक क्षेत्र की समीक्षा के दौरान उन्होंने उद्योग, श्रम, विद्युत, जलापूर्ति एवं निर्माण कार्यों से संबंधित प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। कारखाना अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत इकाइयों, एमएसएमई, जीएसटी संग्रह, औद्योगिक गतिविधियों तथा स्थानीय निकायों के राजस्व संबंधी आंकड़ों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि सभी आंकड़े अद्यतन एवं प्रमाणिक हों।
➡️तृतीयक क्षेत्र के अंतर्गत व्यापार, पर्यटन, होटल, परिवहन, वित्तीय सेवाएं, बैंकिंग, पंजीकृत वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, जीएसटी संग्रह, पर्यटकों की संख्या, बस परमिट, वाणिज्यिक वाहनों, बैंक ऋण एवं जमा राशि सहित विभिन्न आर्थिक संकेतकों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि इन सूचनाओं के आधार पर जनपद की आर्थिक गतिविधियों का समुचित मूल्यांकन किया जाता है, इसलिए सभी विभाग नियमित रूप से आंकड़ों का सत्यापन करते हुए समय से उपलब्ध कराएं। बैठक में जनपद के सकल जिला घरेलू उत्पाद सहित अन्य संबंधित उपलब्ध आंकड़ों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि भविष्य की योजनाओं एवं विकास कार्यों के लिए आर्थिक संकेतकों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाए तथा डेटा की गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
➡️जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि ओटीडी सेल से संबंधित सूचनाओं का संकलन नियमित रूप से किया जाए तथा किसी भी स्तर पर लंबित सूचना को तत्काल उपलब्ध कराया जाए, जिससे जनपद के आर्थिक विकास का यथार्थ एवं अद्यतन आकलन समय पर शासन को प्रेषित किया जा सके। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०), जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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➡️आज दिनांक 02-08-26 को श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षित दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जनपद के समस्त नगर निकायों, विकास खंडों एवं ग्राम पंचायतों में स्थित प्रमुख शिवालयों एवं अन्य प्रमुख मंदिरों में विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया गया।
➡️जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया था कि जनपद के सभी प्रमुख मंदिरों में नियमित एवं विधिवत साफ-सफाई कराई जाए तथा श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसी क्रम में आज संबंधित विभागों एवं स्थानीय निकायों द्वारा मंदिर परिसरों, संपर्क मार्गों, प्रवेश द्वारों, जलनिकासी व्यवस्था तथा आसपास के क्षेत्रों की व्यापक सफाई कराई गई।
➡️साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय, कूड़ेदान, जलभराव की रोकथाम, बैरिकेडिंग तथा अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाओं को भी सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक कार्य कराए गए। संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा की अवधि तक मंदिर परिसरों में स्वच्छता एवं सुविधाओं का नियमित निरीक्षण करते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए रखें।
➡️जिलाधिकारी ने कहा कि श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित करें। जनपद प्रशासन द्वारा संपूर्ण श्रावण मास के दौरान व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को सुगम एवं सुविधाजनक दर्शन का लाभ मिल सके।
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➡️दिनांक 31-07-26 को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में 50 लाख रुपये से अधिक लागत की परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी कार्यदायी संस्थाओं एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों से परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। जिन परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब हो रहा है, उनमें तेजी लाते हुए नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
➡️समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धर्मापुर के पुनर्निर्माण कार्य का गुणवत्ता परीक्षण कराने के निर्देश दिए। त्रिलोचन महादेव मंदिर के दिव्य एवं भव्य रूप देने के लिए जिलाधिकारी स्तर से प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया जाए। साथ ही रासमंडल स्थित हनुमान जी मंदिर के सौन्दर्यीकरण कार्य को शीघ्र पूर्ण करने एवं परिसर में फिनिशिंग कार्य और ग्रीनरी विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इंदिरा गांधी स्टेडियम में महिला शौचालय एवं स्विमिंग पूल की क्रियाशीलता रखने के निर्देश दिए। जिला क्रीड़ा अधिकारी को स्टेडियम का समुचित रखरखाव सुनिश्चित करने निर्देश दिये।
➡️जिलाधिकारी ने साइबर थाना भवन का गुणवत्ता परीक्षण कराने के निर्देश दिए। उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम के अधिकारियों की बैठक में अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उनके विरुद्ध उच्च स्तर पर पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिए। शीतला चौकियां मंदिर से कार्यों की अत्यंत धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देशित किया कि श्रमिक बढाकर शीघ्र अति शीघ्र कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिया।
➡️उन्होंने लोक निर्माण विभाग को सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए तथा विभाग की सभी परियोजनाओं की अलग से विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित किए जाने की बात कही। साथ ही सभी विभागों को नियमित स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा पूर्ण परियोजनाओं को जनहित में शीघ्र संचालित कराने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सहित संबंधित विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।
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➡️दिनांक 31-07-26 को जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा जिला कारागार का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बंदियों से संवाद कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। बंदियों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए उनके त्वरित एवं नियमानुसार निस्तारण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
➡️जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने जेल चिकित्सालय का निरीक्षण किया। वहां भर्ती बंदियों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा चिकित्सकों से उपचार व्यवस्था, उपलब्ध दवाओं एवं नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि बन्दियों को समय पर उपचार उपलब्ध करायी जाए तथा गंभीर रोगियों पर विशेष निगरानी रखी जाए।
➡️अधिकारियों ने कारागार परिसर में साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल, रसोईघर, भोजन वितरण व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, तथा शासन की मंशा के अनुरूप बंदियों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक, सीओ सदर सहित कारागार के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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➡️आज दिनांक 01-08-26 को जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक जौनपुर द्वारा मा० मुख्यमंत्री, उ०प्र० आदरणीय श्री योगी आदित्यनाथ जी से शिष्टाचार भेंट की गयी।
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➡️दिनांक 31-07-26 को जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत त्रिलोचन महादेव मंदिर परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, कंट्रोल रूम, यातायात प्रबंधन तथा चिकित्सा सुविधाओं को सुचारु रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
➡️निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई व्यवस्था संतोष जनक नहीं पाए जाने पर जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी को साफ-सफाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया गया कि सुनिश्चित करें कि कांवड़ यात्रा के दौरान सभी मार्गों की स्थिति दुरुस्त रहे।
➡️जिलाधिकारी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ पूरी सतर्कता एवं जिम्मेदारी से कार्य करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने तथा भीड़ प्रबंधन के लिए प्रभावी पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए।
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➡️दिनांक 31-07-26 को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में निपुण भारत मिशन एवं जिला टास्क फोर्स (डीटीएफ) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बेसिक शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान निपुण भारत मिशन की प्रगति, डीबीटी के माध्यम से विद्यार्थियों को दी जाने वाली रु. 1200 की धनराशि के ब्लॉकवार वितरण, मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की गुणवत्ता, विद्यालय कायाकल्प के 19 मानकों की पूर्ति, दिव्यांग बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाओं के सत्यापन तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के निर्माण एवं शैक्षिक सुधार की समीक्षा की गई।
➡️जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बरसात के मौसम को देखते हुए विद्यालय परिसरों में विद्युत खंभों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने शत-प्रतिशत छात्र उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा प्रत्येक माह के चतुर्थ शनिवार को आयोजित होने वाली अभिभावक-शिक्षक बैठक में अधिकारियों की अनिवार्य सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालयों में भौतिक, नैतिक, सांस्कृतिक, खेलकूद, नवाचार एवं वैज्ञानिक सोच को बढावा देने वाली सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों पर विशेष बल देने को कहा।
➡️मुख्य विकास अधिकारी ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने तथा कक्षा 5 से 6, 8 से 9, 10 से 11 एवं 12 से उच्च शिक्षा में प्रवेश (ट्रांजिशन रेट) बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने विद्यालय छोड चुके बच्चों की पहचान कर उनके अभिभावकों से संपर्क स्थापित करते हुए आयु-संगत कक्षाओं में पुनः प्रवेश दिलाने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने महामहिम राज्यपाल की मंशा के अनुरूप आंगनबाड़ी से लेकर डिग्री कॉलेज तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था विकसित करने के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार करने पर बल दिया। साथ ही निजी विद्यालयों की बसों की सुरक्षा व्यवस्था, विद्यार्थियों की सुरक्षा तथा एक्सपोजर विजिट जैसी सुविधाओं को भी प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
➡️बैठक के अंत में शैक्षिक सत्र 2026-27 में सर्वाधिक नामांकन करने वाले तीन परिषदीय विद्यालयों/कंपोजिट विद्यालय सटवां (मुंगराबादशाहपुर), कंपोजिट विद्यालय चेतरहाँ (सुईथाकला) एवं कंपोजिट विद्यालय राजापुर डडापुर (रामनगर) के प्रधानाध्यापकों को जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी द्वारा सम्मानित किया गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, समस्त खंड शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक एवं एसआरजी सहित जिला टास्क फोर्स के सदस्य उपस्थित रहे।
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➡️दिनांक 30-07-26 को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित जनसुनवाई कक्ष में अभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न न्यायालयों में लंबित अभियोजन प्रकरणों, दोषसिद्धि की प्रगति एवं विभागवार लंबित मामलों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अभियोजन अधिकारियों को निर्देशित किया कि गंभीर एवं संवेदनशील मामलों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करते हुए समयबद्ध कार्रवाई की जाए।
➡️उन्होंने कहा कि न्यायालयों में विचाराधीन प्रकरणों में अभियोजन पक्ष साक्ष्यों के साथ प्रभावी ढंग से पैरवी करे, ताकि दोषियों को शीघ्र सजा दिलाई जा सके। उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण एवं दोषसिद्धि दर बढ़ाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, पुलिस विभाग, अभियोजन विभाग तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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➡️दिनांक 30-07-26 जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में विभिन्न ग्रामों में संचालित पेयजल परियोजनाओं की प्रगति, रोड रेस्टोरेशन, कार्यों की गुणवत्ता तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर परियोजनाओं को पूर्ण कराने की समीक्षा की गई। बैठक में प्रत्येक घर तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने, पाइपलाइन बिछाने, घरेलू नल कनेक्शन, ओवरहेड टैंक निर्माण तथा जलापूर्ति व्यवस्था के नियमित संचालन की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि कार्य पूर्ण होने के उपरांत क्षतिग्रस्त सड़कों का रोड रेस्टोरेशन एवं साफ-सफाई का कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए।
➡️जिलाधिकारी ने भूमि विवाद एवं विद्युत आपूर्ति से संबंधित समस्याओं का संबंधित विभागों के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिन स्थानों पर कार्य धीमी गति से संचालित हो रहे हैं, वहां पर श्रमिकों की संख्या बढाकर, मशीनरी और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिशासी अभियंता जल निगम और अन्य संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण कराया जाए।
➡️जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि जलापूर्ति से संबंधित शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जाए तथा नियमित स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। साथ ही परियोजनाओं की सतत निगरानी करते हुए शासन को समय-समय पर अद्यतन प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग एवं कार्यदायी संस्थाएं टीम भावना के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि पानी पहुंचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने पाइपलाइन को क्षति पहुंचाने वाली संस्थाओं एवं एजेंसियों के विरुद्ध नोटिस जारी करने के निर्देश दिये।
➡️जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल सारथी मोबाइल ऐप का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण नागरिक इस ऐप का उपयोग कर सकें। उन्होंने कहा कि जल सारथी ऐप के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल योजनाओं की रीयल टाइम जानकारी, योजना की स्थिति, शिकायत निवारण, ग्राम पंचायत संबंधी जानकारी एवं अन्य महत्वपूर्ण सेवाएं एक क्लिक पर उपलब्ध हैं। इसलिए सभी संबंधित विभाग आमजन को ऐप डाउनलोड करने एवं उसके उपयोग के लिए जागरूक करें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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➡️समस्त वर्गो के छात्र/छात्राओं हेतु शासन द्वारा संचालित पूर्वदशम् व दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 में वृहद समय-सारिणी जारी की गयी है। योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद स्तर पर गठित अनुश्रवण समिति की बैठक आहूत की गयी।
➡️वित्तीय वर्ष 2026-27 में पूर्वदशम (कक्षा 09-10) व दशमोत्तर छात्रवृत्ति कक्षा 11-12 हेतु जारी समय सारिणी के अनुसार 22 जुलाई, 2026 से 05 अगस्त, 2026 तक विद्यालय स्तर से मास्टर डाटा व प्रोफाईल तैयार किया जायेगा। नवीनकरण छात्र 11 अगस्त, 2026 से 25 अगस्त 2026 तक तथा नवीन छात्र 11 अगस्त, 2026 से 21 सितम्बर, 2026 तक आनलाइन आवेदन कर पायेंगे। दशमोत्तर छात्रवृत्ति (उच्च कक्षा) योजनान्तर्गत समय सारिणी के अनुसार 22 जुलाई, 2026 से 15 अगस्त, 2026 तक विद्यालय स्तर से मास्टर डाटा व प्रोफाईल तैयार किया जायेगा। नवीनकरण छात्र 15 सितम्बर, 2026 से 15 अक्टूबर, 2026 तक तथा नवीन छात्र 15 सितम्बर, 2026 से 31 अक्टूबर, 2026 आनलाइन आवेदन कर पायेंगे।
➡️जिलाधिकारी द्वारा बैठक में उपस्थिति शिक्षण संस्थाओं के प्रधानाचार्य व नोडल अधिकारी/एफिलियेटिंक एजेंसी/विश्वविद्यालय को निर्देशित किया गया कि शासन द्वारा जारी समय-सारिणी के अनुसार ससमय अपने अधीनष्ठ शिक्षण संस्थाओं से कार्यवाही करना सुनिश्चित करें और यह भी सुनिश्चित किया जाय की छात्रवृत्ति नियमावली-2023 में दी गयी व्यवस्था के अनुसार छात्रवृत्ति आनलाइन आवेदन में लगने वाला आय प्रमाण छात्र/छात्रा अपने अभिभावक का ही लगायें। ऐसे पाठ्यक्रम जिसमें छात्र/छात्राओं का प्रवेश राष्ट्रीय/राज्य स्तरीय संयुक्त परीक्षा के माध्यम से होता है, छात्र/छात्राये छात्रवृत्ति आवेदन पत्र में प्रवेश परीक्षा का विवरण अवश्य अंकित करें। उक्त कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलिता न बरती जाय।
➡️बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अधीष्ठाता छात्र कल्याण वीर बहादुर सिंह पूर्वाचल विश्वविद्यालय जौनपुर, प्राचार्य शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, सह जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, प्रधानाचार्य राजकीय आई0टी0आई0 सिद्दीकपुर, शाहगंज, उसरावॅ व जनपद के समस्त राजकीय शिक्षण संस्था के प्रधानाचार्य व छात्रवृत्ति नोडल अधिकारी उपस्थिति रहें।
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➡️आज दिनांक 28-07-26 को मा० मंत्री, नगर विकास, शहरी समग्र विकास, नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन, ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग, उ०प्र०/जनपद प्रभारी मंत्री श्री ए०के० शर्मा जी ने माननीय जनप्रतिनिधियों एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ प्रशासनिक समन्वय समिति एवं विकास कार्यों की समीक्षा बैठक कर बरसात, श्रावण मास में आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा तथा विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को जनहित से जुड़े सभी कार्य समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
➡️मा० प्रभारी मंत्री जी ने लोक निर्माण विभाग को वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर निकायों को जलभराव की समस्या की प्रभावी रोकथाम, नालों-नालियों की नियमित सफाई तथा संचारी रोगों की रोकथाम के लिए व्यापक स्वच्छता अभियान, फॉगिंग एवं एंटी-लार्वा छिड़काव प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।मा० प्रभारी मंत्री जी ने कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कांवड़ मार्गों पर स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
➡️विद्युत विभाग को निर्देशित किया गया कि सक्रिय मोड़ पर रहते हुए सभी कांवड़ मार्गों पर विद्युत लाइनों एवं पोलों का निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा उपाय तत्काल पूरे किए जाएं तथा कहीं भी लटकते हुए विद्युत तार न पाए जाएं, जिससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे। उन्होंने किसानों को निर्धारित रोस्टर के अनुसार निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। मा० प्रभारी मंत्री जी ने उप कृषि निदेशक से उर्वरक की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त की। प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी से पशुओं के लिए वैक्सीन की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि शत-प्रतिशत पशुओं को टीकाकरण करना सुनिश्चित करें । अधिशासी अभियंता सिंचाई को निर्देशित किया कि नहरों में टेल तक पर्याप्त पानी पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
➡️स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि जिन स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों की कमी है, वहां आवश्यक चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो सकें। उन्होंने सभी कार्यदायी संस्थाओं को विकास एवं निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा गुणवत्ता मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
➡️बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न जनसमस्याओं एवं विकास कार्यों से जुड़े मुद्दे उठाए, जिन मा० प्रभारी मंत्री जी ने संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मा० प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं मा० मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी की मंशा के अनुरूप शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर प्रत्येक पात्र व्यक्ति को उनका लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए।
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➡️वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30 वां दीक्षांत समारोह सोमवार दिनांक 27-07-26 को महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी हाल में मनाया गया। इस अवसर पर माननीय कुलाधिपति, श्री राज्यपाल उत्तर प्रदेश श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले स्नातक एवं स्नातकोत्तर 83 मेधावियों (31 छात्र एवं 52 छात्राएं) को 84 स्वर्ण पदक प्रदान की। 339 शोधार्थियों को पीएच.डी. एवं एक को डीएससी की उपाधि दी। 39 छात्राओं को एचपीबी वैक्सीनेशन हुआ।
➡️राज्यपाल ने कहा कि मा0प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने के लिए नशा-मुक्त भारत, स्वस्थ भारत और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में बालिकाओं का सफल टीकाकरण किया गया है। विश्वविद्यालय में भी सैकड़ों छात्राओं का टीकाकरण कराया गया, जो महिला स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन, मुख्य विकास अधिकारी, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, स्वास्थ्य विभाग तथा विश्वविद्यालय प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि जनभागीदारी से ही ऐसे अभियान सफल होते हैं और स्वस्थ एवं विकसित समाज का निर्माण संभव है।
➡️राज्यपाल ने बच्चों को उपहार स्वरूप शिक्षा-सामग्री वितरित की - प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने दीक्षांत के पावन अवसर पर प्राइमरी के नन्हे-मनोरथों को स्कूल बैग, फल, ड्राई फ्रूट जामेट्री बॉक्स तथा महापुरुषों पर प्रकाशित पुस्तकें भेंट कीं। विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए कुकड़ीपुर, देवकली, सुल्तानपुर और जासोपुर,जफरपुर गांवों में आयोजित खेलों के प्रथम तीन विजेताओं को भी राज्यपाल के हाथों विशेष पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके बाद 15 स्कूली बच्चे देशभक्ति और लोकगीत 3 बच्चे पर्यावरण और जलबचाव पर गीत सुनाकर लोगों को भावुक कर दिया। जिससे बच्चों के सपनों को उज्जवल प्रोत्साहन मिला।
➡️आंगनबाड़ी केंद्रों को राज्यपाल ने किट सौंपे - 500 आंगनबाड़ी किट का वितरण किया गया। इसमें 100 किट वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, 200 आंगनबाड़ी किट जिला प्रशासन जौनपुर और 200 किट जिला प्रशासन गाजीपुर की ओर से दिया गया, जिसके लिए मा0 राज्यपाल ने सराहना की। गोद ली गई ग्रामीण आंगनबाड़ियों तथा अन्य के लिए 67 वस्तुओं के किट (ट्राइसाइकिल, झूला, स्टोरी बुक, व्हाइट बोर्ड, कुर्सी, किडनी सेप टेबल, हार्स राइडिंग आदि) का वितरण कर मा0 राज्यपाल ने बाल विकास एवं सामुदायिक सशक्तिकरण को महत्वपूर्ण ताकत दी। इस दौरान जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी गाजीपुर के साथ-साथ विश्वविद्यालय के सीएसआर प्रतिनिधि, उप महाप्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक वाराणसी मंडल भी उपस्थित रहे।
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➡️शासन की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ कार्यक्रम को आयोजन रविवार दिनांक 26-07-26 को कलेक्ट्रेट स्थित प्रेक्षागृह में किया गया। इस दौरान मा० मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के सजीव प्रसारण के कार्यक्रम को मुख्य अतिथि मा0 विधायक मड़ियाहू श्री आर.के. पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री अजीत प्रजापति, श्री अजय कुमार सिंह, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी की उपस्थिति में देखा गया।
➡️इस अवसर पर मुख्य अतिथि मा0 विधायक श्री आर.के. पटेल ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों के सम्मान और उनके सामाजिक सुरक्षा कवच को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना से शिक्षक और उनके परिवार गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक चिंता से मुक्त होकर बेहतर उपचार प्राप्त कर सकेंगे।
➡️जिलाधिकारी ने कहा कि यह योजना शिक्षकों के स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक पात्र शिक्षक योजना का लाभ प्राप्त करें तथा कार्ड वितरण की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि शिक्षकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा, शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा पात्र शिक्षकों को योजना से जोड़ने की प्रक्रिया निरंतर जारी है तथा सभी को योजना के लाभों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
➡️कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों को योजना की पात्रता, अस्पतालों में मिलने वाली कैशलेस चिकित्सा सुविधा तथा स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े विभिन्न प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर जनपद के 20 शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के कार्ड प्रदान किए गए।
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➡️युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अधीन स्वायत्त संस्था 'मेरा युवा भारत' (MY Bharat) द्वारा गृह मंत्रालय एवं भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के सहयोग से आयोजित 'विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम' (VVVP) के अंतर्गत देशभर से चयनित 403 युवा प्रतिभागियों में उत्तर प्रदेश के जौनपुर जनपद के बदलापुर ब्लॉक निवासी श्री आशीष सोनी को आज माननीय प्रधानमंत्री जी के साथ वर्चुअल संवाद कार्यक्रम में भाग लेने का सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ।
➡️उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम 3 जून से 30 जून 2026 तक आयोजित किया गया था, जिसमें देश के 245 जनपदों का प्रतिनिधित्व करने वाले 403 युवाओं ने लद्दाख, हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखंड की 74 वाइब्रेंट सीमावर्ती ग्राम पंचायतों में जाकर वहां के जनजीवन, संस्कृति एवं विकास संबंधी गतिविधियों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया। जौनपुर जनपद देश के उन चुनिंदा 245 जिलों में सम्मिलित रहा, जिनके प्रतिनिधियों को इस राष्ट्रीय कार्यक्रम हेतु चयनित किया गया तथा श्री आशीष सोनी पूरे भारत से चयनित 403 प्रतिभागियों में से एक रहे। गौरतलब है कि प्रतिभागियों का चयन एक राष्ट्रव्यापी क्विज़ प्रतियोगिता के माध्यम से किया गया था, जिसमें देशभर से लगभग 2.7 लाख युवाओं ने प्रतिभाग किया, जिनमें से मेधा एवं प्रदर्शन के आधार पर मात्र 403 प्रतिभागियों का अंतिम चयन किया गया।
➡️रविवार दिनांक 26-07-26 को आयोजित वर्चुअल संवाद के दौरान माननीय प्रधानमंत्री जी ने आशीष सोनी से हिमाचल प्रदेश के हिक्किम स्थित विश्व के सबसे ऊंचे डाकघर में उनके अनुभव के विषय में जिज्ञासा व्यक्त की। आशीष ने बताया कि उन्होंने हिक्किम डाकघर से स्वयं माननीय प्रधानमंत्री जी के नाम एक पत्र प्रेषित किया था। उन्होंने यह भी साझा किया कि समुद्र तल से 15,000 फुट से अधिक की ऊंचाई पर भी क्यूआर कोड आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली पूर्णतः कार्यशील पाई गई। इसके अतिरिक्त, आशीष ने चिचम पुल के महत्व को रेखांकित करते हुए क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों एवं नाइट टूरिज्म को बढ़ावा मिलने की जानकारी साझा की। माननीय प्रधानमंत्री जी ने इसकी सराहना की।
➡️इस अवसर पर आशीष सोनी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के साथ यह संवाद उनके जीवन का अविस्मरणीय क्षण है। गौरतलब है कि यह कार्यक्रम 'विकसित भारत @2047' के विजन के अनुरूप युवाओं को सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास एवं आईटीबीपी जवानों के जीवन से परिचित कराने की अभिनव पहल है। इस अवसर पर जिला प्रशासन के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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➡️दिनांक 27 जुलाई 2026 को महामहिम राज्यपाल, उत्तर प्रदेश श्रीमती आनन्दीबेन पटेल जी के प्रस्तावित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दीक्षान्त समारोह कार्यक्रम में जनपद आगमन के दृष्टिगत आज दिनांक 26-07-26 को जिलाधिकारी द्वारा कैम्प कार्यालय में पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में समस्त संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
➡️बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि कार्यक्रम से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए अपने-अपने दायित्वों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निर्वहन सुनिश्चित करें। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को कार्यक्रम स्थल पर आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं, एम्बुलेंस एवं चिकित्सकीय टीम की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), अग्निशमन विभाग, ई ओ नगरपालिका, खाद्य सुरक्षा विभाग, डीपीआरओ सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
➡️बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, साफ-सफाई, पेयजल, पार्किंग तथा यातायात प्रबंधन सहित अन्य व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो तथा सभी व्यवस्थाएं निर्धारित समय से पूर्व पूर्ण कर ली जाएं। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिला अधिकारी वि०/रा०, नगर मजिस्ट्रेट सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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➡️आज दिनांक 23-07-26 को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना पीड़ित अस्पताल उपचार एवं सुनिश्चित उपचार योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को गोल्डन ऑवर के दौरान त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है। उन्होंने निर्देश दिए कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना के प्रत्येक पात्र पीड़ित को दुर्घटना की तिथि से 7 दिनों तक रु0 1.50 लाख तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है।
➡️बैठक के दौरान ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने अवगत कराया कि जनपद में अब तक कुल 12 सड़क दुर्घटना पीड़ितों को इस योजना का लाभ दिलाया जा चुका है। इस पर जिलाधिकारी ने योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक इसका लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद के सभी ट्रॉमा सेंटर एवं सूचीबद्ध अस्पतालों के चिकित्सकों तथा संबंधित अधिकारियों की शीघ्र कार्यशाला आयोजित कराई जाए। कार्यशाला में योजना की पात्रता, कैशलेस उपचार प्रक्रिया, ईडीएआर और टीएमएस पोर्टल के संचालन तथा अस्पतालों की जिम्मेदारियों के संबंध में प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि दुर्घटना पीड़ितों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
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➡️आज दिनांक 23-07-26 को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति एवं उनमें आई कमी की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को सड़क सुरक्षा के प्रति प्रभावी एवं ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने चाँदपुर अंडरपास से सिटी स्टेशन तक स्ट्रीट लाइट लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद के ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही विद्यालयों में कार्यशालाएं आयोजित कर छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।
➡️जिलाधिकारी द्वारा हेलमेट एवं सीट बेल्ट का प्रयोग न करने वाले वाहन चालकों को पहले जागरूक एवं प्रेरित करने, स्कूल वाहनों की फिटनेस की नियमित जांच सुनिश्चित करने तथा सड़क निर्माण के दौरान मानक के अनुरूप स्पीड ब्रेकर बनाए जाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सड़क के किनारे एवं विद्युत पोलों पर रिफ्लेक्टर लगाए जाने के निर्देश भी दिए, जिससे रात्रि के समय दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य राजस्व अधिकारी, जिला विकास अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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➡️आज दिनांक 23-07-26 को जिलाधिकारी द्वारा जिला महिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जन आरोग्य केंद्र, टीकाकरण व्यवस्था, ऑक्सीजन प्लांट, जन सुविधा केंद्र सहित चिकित्सालय की समग्र व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया तथा कमियों सुधारात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए। जन आरोग्य केंद के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रजिस्टर एवं अन्य अभिलेखों का अवलोकन किया।
➡️इस दौरान कार्यालय सुव्यवस्थित नहीं पाया गया तथा परिसर में विभिन्न स्थानों पर गंदगी मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देशित किया कि चिकित्सालय परिसर में स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा कार्यालयों को व्यवस्थित रखा जाए। टीकाकरण व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने टीकाकरण की प्रगति एवं अभिलेखों की जानकारी प्राप्त की तथा नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
➡️निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को ऑक्सीजन प्लांट को तत्काल कार्यशील कराने एवं आवश्यक मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती मरीजों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने वार्ड में भर्ती मरीजों से संवाद कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं एवं भोजन की गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने मरीजों से पूछा कि उन्हें भोजन में क्या-क्या उपलब्ध कराया गया तथा भोजन की गुणवत्ता संतोषजनक है या नहीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मरीजों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए।
➡️निरीक्षण के दौरान फायर अलार्म प्रणाली को सही रखने तथा मरीजों के पंजीकरण (पेशेंट रजिस्टर) को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए तथा कहा कि अस्पताल में सुरक्षा एवं अभिलेखों का उचित रख-रखाव अत्यंत आवश्यक है। अस्पताल के शौचालयों की स्थिति खराब पाए जाने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अस्पताल में स्वच्छता व्यवस्था खराब पाए जाने पर जिलाधिकारी ने अस्पताल में सफाई कार्य देख रही संस्था को तत्काल कारण बताओ (शो कॉज) नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
➡️उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में गंदगी, अव्यवस्था एवं लापरवाही किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी कमियों को समयबद्ध ढंग से दूर कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निरीक्षण में पाई गई सभी कमियों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा भविष्य में ऐसी लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो।
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➡️दिनांक 22-07-26 को आगामी श्रावण मास, कांवड़ यात्रा, नागपंचमी एवं चेहलुम को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट प्रेक्षागृह में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा इसकी नियमित समीक्षा की जा रही है। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय स्थापित करते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।
➡️जिलाधिकारी ने बताया कि त्रिलोचन महादेव, गौरीशंकर धाम, चौकिया धाम सहित अन्य प्रमुख मंदिरों पर सीसीटीवी कैमरों से सतत निगरानी की जाएगी तथा कंट्रोल रूम संचालित रहेंगे। भीड़ प्रबंधन के लिए प्रवेश एवं निकास के पृथक मार्ग निर्धारित किए जाएंगे तथा महिला पुलिस बल सहित पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती रहेगी। कांवड़ मार्गों एवं प्रमुख मेलों के लिए कुछ प्रभावी ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू रहेगा। मानसून के दृष्टिगत स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करते हुए सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला चिकित्सालय एवं महिला चिकित्सालय में एंटी-स्नेक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। कांवड़ मार्गों पर प्रमुख स्थानों पर हेल्थ बूथ स्थापित किए जाएंगे, जहां चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, ओआरएस एवं आवश्यक दवाएं उपलब्ध रहेंगी।
➡️श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगर पालिका एवं जिला पंचायत राज विभाग को निर्देशित किया गया कि मंदिर परिसरों, धर्मशालाओं एवं सार्वजनिक स्थलों पर कांवड़ रखने हेतु सम्मानजनक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। वहीं लोक निर्माण विभाग को प्रमुख मंदिरों एवं कांवड़ मार्गों पर मजबूत बैरिकेडिंग एवं कतार प्रबंधन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि कावड़ के दृष्टिगत जलाशयों पर प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती अनिवार्य रूप से की जाए।
➡️जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग, नगर निकाय एवं संबंधित विभागों को कांवड़ मार्गों पर विद्युत तारों एवं खंभों की सुरक्षा, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल एवं साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग सहित अन्य विभागों को निर्देशित किया कि कावड़ यात्रा के दृष्टिगत सड़क मार्ग को ठीक करा दिया जाए जिससे श्रद्वालुओं को कोई समस्या न हो। उन्होंने कहा कि डीजे एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संचालन पर सभी डीजे संचालकों को शासन द्वारा निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन करना होगा।
➡️जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिये कि त्यौहारों के दौरान किसी भी प्रकार की नई परंपरा प्रारम्भ नहीं की जाएगी। श्रद्धालुओं के हितों को ध्यान में रखते हुए कांवड़ मार्गों एवं मंदिर परिसरों के आसपास स्थित दुकानों एवं ढाबों पर रेट लिस्ट और मेन्यू कार्ड प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है, जिससे किसी भी प्रकार की मनमानी वसूली या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।
➡️बैठक में सोशल मीडिया की निगरानी एवं अफवाहों पर प्रभावी नियंत्रण के संबंध में भी विस्तृत चर्चा की गई। आमजन से अपील की गई कि किसी भी प्रकार की भ्रामक, धार्मिक अथवा भड़काऊ सामग्री का प्रसार न करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अफवाह की सूचना तत्काल संबंधित थाना, एलआईयू अथवा प्रशासनिक अधिकारियों को दें। प्रशासन द्वारा 24 घंटे सतर्क रहकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
➡️जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद सदैव गंगा-जमुनी तहजीब एवं सामाजिक सौहार्द का प्रतीक रहा है। उन्होंने सभी नागरिकों, शांति समिति के सदस्यों एवं जनप्रतिनिधियों से पुलिस-प्रशासन का सहयोग करते हुए श्रावण मास, कांवड़ यात्रा, नागपंचमी एवं चेहलुम के पर्वों को आपसी भाईचारे, शांति एवं उल्लास के साथ संपन्न कराने का आह्वान किया। इस अवसर पर मुख्य राजस्व अधिकारी, अपर जिलाधिकारी वि०/रा०, अपर पुलिस अधीक्षक, उप ज़िलाधिकारी सदर, सीओ सिटी, जिला स्तरीय अधिकारीगण एवं जिला शांति समिति के सम्मानित सदस्यगण उपस्थित रहे।
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