गुजरात में 'भारत डिस्कोर्सेस ऑन वॉटर @2047' में गूंजा यूपी की जल संरक्षण मॉडल
पर्यावरण सलाहकार डॉ. उमर सैफ और डॉ. कल्पना अरोड़ा ने पेश की गाजियाबाद के तत्कालीन नगर आयुक्त एवं वर्तमान में जनपद कुशीनगर के जिलाधिकारी श्री महेंद्र सिंह तंवर के 'ग्रीन फाइनेंस व माइक्रो-इन्वेस्टमेंट मॉडल' की केस स्टडी
गाजियाबाद के ग्रीन बॉन्ड, 40 MLD इंडस्ट्रियल रीयूज और कुशीनगर की नदियों-वेटलैंड्स के पुनर्जीवन मॉडल को राष्ट्रीय मंच पर मिली सराहना
अहमदाबाद / गांधीनगर
गुजरात में 'विकसित भारत 2047' के विजन के तहत 22 एवं 23 अगस्त को आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय जल महामंथन "भारत डिस्कोर्सेस ऑन वॉटर @2047" (Bharat Discourses on Water @2047) में उत्तर प्रदेश के अभिनव जल प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण नीति को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। इस राष्ट्रीय कॉन्क्लेव का आयोजन आई-हब (i-Hub गुजरात सरकार), सेंटर फॉर वॉटर पीस (CWP), डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन एवं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST, गुजरात) के सं��ुक्त तत्वावधान में किया गया।
कॉन्क्लेव के 'ग्रीन फाइनेंस' सत्र के दौरान जनपद कुशीनगर के पर्यावरण सलाहकार द्वारा गाजियाबाद में तैनात रहे तत्कालीन नगर आयुक्त एवं वर्तमान में जनपद कुशीनगर के जिलाधिकारी श्री महेंद्र सिंह तंवर के अभिनव जल प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण मॉडल को एक सफल केस स्टडी के रूप में देश भर से आए नीति-निर्माताओं, जल विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
1. देश का पहला ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड और 40 MLD जल का सतत पुनर्चक्रण
प्रस्तुति के दौरान विशेषज्ञों ने रेखांकित किया कि गाजियाबाद नगर आयुक्त रहते हुए श्री महेंद्र सिंह तंवर ने वित्तीय नवाचार का ऐतिहासिक उदाहरण पेश किया था। नगर निगम गाजियाबाद ने वेस्ट वॉटर टर्शियरी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (TSTP) के निर्माण के लिए ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड (Green Municipal Bond) के माध्यम से वित्तीय संसाधन जुटाए।
इस दूरदर्शी परि���ोजना से प्रतिदिन 40 MLD (मिलियन लीटर प्रतिदिन) शोधित पानी को साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र की इंडस्ट्रीज के लिए सुरक्षित एवं सतत आपूर्ति में बदला। इसने न केवल भूजल के अत्यधिक दोहन पर ना केवल रोक लगी बल्कि औद्योगिक उपयोग के लिए 'सर्कुलर वॉटर इकोनॉमी' की एक मजबूत मिसाल भी कायम की।
2. ग्रीन माइक्रो-इन्वेस्टमेंट: सोलर एरियेशन व ओजोनेशन से हिंडन के प्रदूषण में 5% की कमी
महंगे सीवेज प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ तत्कालीन नगर आयुक्त श्री तंवर ने 'ग्रीन माइक्रो-इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव' (Green Micro Investment Initiative) की शुरुआत की।
* इस नवाचार के तहत वै��्ञानिकों और पर्यावरण विशेषज्ञों के सहयोग से मात्र कुछ लाख रुपयों के किफायती निवेश में नालों और दूषित जल स्रोतों में इन-सीटू सोलर एरियेशन (Solar Aeration) और ओजोनेशन सिस्टम (Ozonation Systems) स्थापित किए गए।
* इस पर्यावरण-अनुकूल वैज्ञानिक तकनीक के माध्यम से पानी के प्रदूषण भार (Pollution Load) को स्रोत पर ही उपचारित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप ��िंडन नदी में जाने वाले प्रदूषण लोड में लगभग 5 प्रतिशत तक की ठोस कमी दर्ज की गई।
3. मजबूत प्रशासनिक सुधार और नीतियों की निरंतरता केस स्टडी में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि इस मॉडल की सबसे बड़ी मजबूती इसकी प्रशासनिक निरंतरता (Institutional Sustainability) रही। श्री तंवर द्वारा किए गए ठोस प्रशासनिक और प्रक्रियागत सुधारों का ही परिणाम है कि उनके स्थानांतरण के बाद आने वाले नगर आयुक्तों ने भी इन ग्रीन इनिशिएटिव्स को निरंतर जारी रखा और आगे बढ़ाया।
4. कुशीनगर में मॉडल का विस्तार: 10 वेटलैंड्स और 2 स्थानीय नदियों का कायाकल्प गाजियाबाद में सफल प्रयोग के उपरांत, इस 'ग्रीन माइक्रो-इन्वेस्टमेंट मॉडल' को जिलाधिकारी कुशीनगर के रूप में श्री महेंद्र सिंह तंवर द्वारा ग्रामीण और अर्ध-शहरी पारिस्थितिकी तंत्र में बड़े पैमाने पर स्केल-अप किया गया।
* कुशीनगर जनपद के 10 महत्वपूर्ण वेटलैंड्स (आर्द्रभूमियों) और 2 स्थान��य नदियों के दीर्घकालिक संरक्षण एवं पुनरुद्धार के लिए इस मॉडल को सफलतापूर्वक लागू किया गया है।
* स्थानीय संसाधनों और वैज्ञानिक निगरानी के समन्वय से जल संरक्षण एवं जैव विविधता का दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है।
"विकसित भारत @2047 के जल सुरक्षा लक्ष्य को हासिल करने के लिए बड़े पूंजीगत प्रोजेक्ट्स (ग्रीन बॉन्ड) और जमीनी स्तर पर बेहद कम लागत वाले वैज्ञानिक नवाचारों (ग्रीन माइक्रो-इन्वेस्टमेंट) का संतुलन सबसे सटीक और व्यावहारिक समाधान है।"
विशेषज्ञों ने उ.प्र.के इस मॉडल को अन्य राज्यों के नगर निकायों और जनपदों में भी नीतिगत स्तर पर लागू करने योग्य बताया।
19 मुसहर परिवारों के लिए आवासीय परिसर का भूमि पूजन एवं शिलान्यास।
फाजिलनगर विकास खण्ड के ग्राम सभा बलियवां स्थित मुसहर बस्ती में 19 मुसहर परिवारों के लिए आवासीय परिसर के निर्माण कार्य का देवरिया सांसद श्री शशांक मणि त्रिपाठी, क्षेत्रीय विधायक श्री सुरेन्द्र कुमार कुशवाहा ��वं ब्लॉक प्रमुख श्रीमती उर्मिला जायसवाल द्वारा भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर चयनित लाभार्थियों को संबंधित भूमि के आवासीय पट्टे के प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मा0 सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुसहर परिवारों को आवास एवं आवश्यक मूलभू�� सुविधाएं उपलब्ध कराना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि आवासीय परिसर में केवल मकानों का निर्माण ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि यहां निवास करने वाले परिवारों को शिक्षा, खेल, बिजली, पानी सहित बेहतर जीवन के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना भी प्राथमिकता है।
क्षेत्रीय विधायक सुरेन्द्र सिंह कुशवाहा ने कहा कि वर्तमान सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के ��िए प्रतिबद्ध है। गांवों में गरीब एवं वंचित परिवारों को शहरी मॉडल के अनुरूप आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार का उद्देश्य गरीब परिवारों को सम्मानजनक एवं स���रक्षित जीवन उपलब्ध कराना है।
मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती बंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि यह योजना का प्रथम चरण है, जिसके तहत लगभग 82 डिसमिल भूमि पर आवासीय परिसर का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त अन्य पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार होने के उपरांत योजना के द्वितीय चरण में इसी स्थान से सटे क्षेत्र में अन्य पात्र परिवारों के लिए भी आवासीय परिसर का निर्माण कराया जाएगा।
परियोजना निदेशक पीयूष सिंह, डीसी मनरेगा राकेश कुमार, एसडीएम कसया विवेक कुमार मिश्रा, सहित जनप्रतिनिधिगण, लाभार्थी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
"सबकी समस्या का हल हो, प्रशासन हर पल आपके साथ हो।"
आज कार्यालय कक्ष में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में जन सामान्य की शिकायतों/समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों/प्रकरणों को समयबद्ध, निष्पक्ष एवं गुणवत्ता युक्��� निस्तारण हेतु संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
जनसुनवाई मात्र एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता के भरोसे को मजबूत करने का एक माध्यम है। जन-हित में लिए गए निर्णय ही जिले की प्रगति का आधार हैं।
आज कलेक्ट्रेट सभागार में अखिल भारतीय प्रधान संगठन के सदस्यों एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की गई।सभी प्रधानों की समस्याओं/मांग को सुना गया। सरकार द्वारा प्रधानों को प्रशासक नियुक्त के बाद शासन द्वारा निर्धारित गाइड लाइन के अनुसार नियमानुसार काम करने हेतु निर्देशित किया गया तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि प्रधानों को अना���श्यक दौड़ाया ना जाए एवं उनके कार्यों में अवरोध न उत्पन्न करें। प्रधानों को यह भी बताया गया कि पूर्व के स्वीकृत कार्यों/भुगतान पर कोई रोक नहीं है तथा नए कार्यों हेतु स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें।
आज कलेक्ट्रेट कक्ष मे जनसुनवाई करते हुए जनसामान्य की विभिन्न विभागों से संब��धित समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना गया। शिकायतों/जनसमस्याओ से संबंधित जन सामान्य द्वारा दिये गए प्रार्थना पत्रों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
जनहित सर्वोपरि है। शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
छात्राओं के सवालों का सीडीओ वंदिता श्रीवास्तव ने सरलता से किया समाधान।
राजकीय बालिका इंटरमीडिएट कॉलेज पडरौ��ा में छात्राओं के साथ संवाद के दौरान मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव ने छात्राओं के विभिन्न सवालों को गंभीरता से सुना और उन्हें सरल, सहज एवं प्रभावी ढंग से समझाया। उन्होंने केवल सवालों के जवाब ही नहीं दिए, बल्कि छात्राओं को शिक्षा, लक्ष्य निर्धारण, आत्मविश्वास और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी किया।
सीडीओ वंदिता श्रीवास्तव का छात्राओं के बीच सहज संवाद और मार्गदर्शन उनके संवेदनशील एवं प्रेरणादायी प्रशासनिक व्यक्तित्व को दर्शाता है। उन्होंने छात्राओं ��े कहा कि वे अपने सवाल पूछने में संकोच न करें, जिज्ञासु बनें और निरंतर सीखने की आदत विकसित करें। उनके इस संवाद से छात्राओं में उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला।
कुशीनगर में 1500 एकड़ से अधिक भूमि सीलिंग घोषित।
पडरौना राजदरबार की सीलिंग खातेदार रानी रेवती देवी की 1503.57 एकड़ अतिरिक्त सीलिंग भूमि अब राज्य सरकार में निहित कर दी गई है।
पडर���ना, खड्डा, कसया और कप्तानगंज तहसील के 90 से अधिक गांवों में थी भूमि। नियमानुसार 18.04 एकड़ सिंचित भूमि छोड़कर शेष भूमि बेदखली की होगी कार्यवाही।
44 वर्षों के लंबे कानूनी संघर्ष के बाद हुए इस निर्णय से भूमि का उपयोग गरीब एवं भूमिहीन परिवारों को कृषि व आवासीय पट्टा देने तथा विद्यालय, अस्पताल, आंगनबाड़ी, पंचायत भवन आदि जनकल्याणकारी कार्यों के लिए किया जाएगा।
जनसुनवाई केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि आमजन के विश्वास और प्रशासन की जवाबदेही का माध्यम है।
आज कलेक्ट्रेट कक्ष में जनसुनवाई करते हुए जनता दर्शन में जनपद के दूर-दराज क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरता से सुना गया तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक प्रकरण का ��िष्पक्षता, संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।
जनता की संतुष्टि ही प्रशासन की प्राथमिकता है।
उपजिलाधिकारी खड्डा द्वारा वीरभार ठोकर, भैंसहाँ, मदनपुर सुकरौली बँधे का निरीक्षण बाढ़ खंड विभाग एसडीआरएफ के साथ संयुक्त रूप से किया गया l नायब तहसीलदार खड्डा द्वारा महादेव में ग्रामीण चौपाल का आयोजन किया गय���।
विद्यालय वाहनों की सुरक्षा एवं ऋण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा।
आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिला विद्यालय परिवहन यान सुरक्षा समिति तथा जिला उद्योग, व्यापार एवं श्रम बन्धु एवं जिला अग्रणी बैंक की डी.सी.सी./डी.एल.आर.सी. की बैठक आयोजित हुई।
बैठक में सभी विद्यालयों में विद्यालय सुरक्षा परिवहन यान समिति का अनिवार्य ��ठन, विद्यालय वाहनों की शत-प्रतिशत फिटनेस, चालकों की फिटनेस जांच एवं पुलिस सत्यापन सुनिश्चित करने तथा किसी भी दशा में अनफिट वाहन का संचालन न होने देने के निर्देश दिए गए।
साथ ही मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत उद्योग स्थापना हेतु ऋण आवेदनों को अधिक से अधिक स्वीकृत करने, बिना उचित कारण निरस्त आवेदनों की पुनः जांच कराने तथा बैंकों का सीडी रेशियो बढ़ाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्���ेश दिए गए।
आज का जनता दर्शन सिर्फ समस्याएं सुनने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि हर फरियादी के चेहरे पर समाधान का विश्वास देने का प्रयास रहा।
कलेक्ट्रेट कक्ष में आयोज��त जनसुनवाई कार्यक्रम में आमजन की समस्याओं/शिकायतों को सीधे कि सुनवाई की गई और प्रत्येक प्रकरण को संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि हर शिकायत का निस्तारण तय समय-सीमा में, पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ हो।
प्रशासन का उद्देश्य सिर्फ सुनना नहीं, बल्कि हर समस्या का समाधान सुनिश्चित करना है — यही सुशासन की पहचान है।
जनसमस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता।
आज तहसील तमकुहीराज में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में आमजन की समस्��ाओं एवं शिकायतों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। कुल 43 प्रकरण प्राप्त हुए, जिनमें 06 का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
शेष प्रकरणों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। भूमि विवाद, कृषि, सिंचाई,एवं अन्य संवेदनशील मामलों में राजस्व एवं पुलिस विभाग को आपसी समन्वय से प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
आमजन को शासन की योजनाओं का लाभ पारदर्शिता एवं बिना किसी बाधा के मिले और प्रत्येक शिकायत का न्यायसंगत समाधान हो—यही जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
आज 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट भवन पर ध्वजारोहण किया गया। स्कूली छात्राओं द्वारा राष्ट्र गान गाया गया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री प्रहलाद प्रजापति एवं अन्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रितों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित/स्वागत किया गया। कलेक्ट्रेट परिसर में वृक्षारोपण किया गया तथा अमर शहीद स्वतंत्रता संग्राम सेनानी
आजाद भगत सिंह जी एवं चन्द्रशेखर आजाद जी की मूर्ति पर माल्यार्पण कर नमन किया गया।
इस अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में उपस्थित अधिकारियों/कर्मचारियों के साथ ही जनपदवासियों को 80 वें स्वतंत्रता दिवस कि हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई तथा संकल्प दिलाया गया। उन्हें बताया गया कि ��ेश को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी हम सबकी है।अधिकारियों/कर्मचारियों को अपने कर्तव्य,अधिकारो कि याद दिलाते हुए अपने कार्यक्षेत्रों में शत प्रतिशत योगदान देने, उत्तरदायित्वों का निर्वहन पूरे निष्ठा एवं ईमानदारी से करने का अवाहन किया गया।सबसे पहले कर्तव्य की बात करें तो एक अच्छा कल अपनी आने वाली पीढ़ियों को दिए जा सकते है ।आजादी केवल राजनैतिक स्वतंत्रता नहीं है बल्कि सामाजिक रूप से भी सभी आजादी मिलनी चाहिए ऐसा प्रयास हम सबको करना चाहिए। राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजिक आजादी के अलावा भी बहुत सी चीजों से आजादी की जरूरत है जैसे गंदगी।हमें गंदगी को हटाने में भी अपनी भूमिका नियाभानी होगी। इसके साथ ही आज उन सभी महापुरुषों को भी नमन और सम्मान करें जिन्होंने आजादी की प्राप्ति में महत्व पूर्ण भूमिका निभाई है।
आज राजकीय बौद्ध संग्रहालय, कुशीनगर में संस्कृति विभाग द्वारा विभ���जन विभीषिका दिवस के अवसर पर विभाजन की त्रासदी से संबंधित प्रदर्शनी लगायी गयी, जिसका उद्घाटन माननीय सांसद श्री विजय कुमार दुबे जी द्वारा किया गया। कार्यक्रम मे माननीय विधायक, माननीय जनप्रतिनिधि, मुख्य विकास अधिकारी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर वर्ष 1947 के विभाजन की त्रासदी में प्राण गंवाने वाले ल���गों को याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा विभाजन की पीड़ा और उससे मिली सीख को स्मरण किया गया। यह दिवस हमें एकता, अखंडता, आपसी भाईचारे एवं सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। विजय कुमार दुबे जी द्वारा किया गया। कार्यक्रम मे माननीय विधायक, माननीय जनप्रतिनिधि, मुख्य विकास अधिकारी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर वर्ष 1947 के विभाजन की त्रासदी में प्राण गंवाने वाले लोगों को याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा विभाजन की पीड़ा और उससे मिली सीख को स्मरण किया गया। यह दिवस हमें एकता, अखंडता, आपसी भाईचारे एवं सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने की प्रेरणा देता है।
तिरंगा यात्रा🇮🇳
जनपद कुशीनगर के पड़रौना बावली चौक से जूनियर हाईस्कूल( BRC) के प्रांगण तक आज माध्यमिक शिक्षा व बेसिक शिक्षा के बच्चो द्वारा तिरंगा यात्रा निकाली गई, यात्रा में जनपद के मा0 सांसद ��ी,मा0 विधायक जी पड़रौना, हाटा,खडडा व फ़ाजिलनगर के साथ अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
@dm_kushinagar
@UPGovt
@CMOfficeUP @ChiefSecyUP
#tirangayatra
जनपद के सम्मानित नागरिकों से अपील:-
1. 70 या 70 वर्ष से अधिक उम्र के सभी वरिष्ठ नागरिक बिना किसी आय सीमा के आयुष्मान कार्ड अनिवार्य रूप से बनवाएं ।
2. आयुष्मान डाटा नाम के अतिरिक्त कोइ त्रुटि होने पर नजदीकी CHC जाकर BDMP पोर्टल से आधार अनुसार संशोधन कराएं ।
3. मुखिया के आयुष्मान कार्ड सभी को लाभ नहीं मिलेगा अतः परिवार के प्रत्येक सदस्य का अलग कार्ड बनना जरूरी है।
4. 'Ayushman App' से स्वयं बनाएं य�� नजदीकी आरोग्य मंदिर / CHC / CSC पर जाएं (आधार और राशन कार्ड साथ लाएं)।
वेबसाइट लिंक - https://t.co/0mwye1AMJo
IOS (आईफ़ोन ) ऐप लिंक - https://t.co/oEIeaQcY5n
एंड्रॉयड ऐप लिंक - https://t.co/PI6z7q8DXg
आयुष्मान कार्ड बनाने की विधि-
https://t.co/5KIZLEr54g
70 या 70 वर्ष से अधिक लाभार्थियों का कार्ड बनाने की विधि-
https://t.co/4M3LG8mgDx.