@Ambedkarism_ is an organized struggle for justice against all the odds and social discriminations that are being faced by historically excluded communities.
दलित समाज के समस्त वक़ील को #SupremeCourt#HighCourt#DistCourt में हो और जो समाज के लिए कुछ करने का जज़्बा रखते हो , कृपया अपना नाम , Mobile No , Court सहित #DirectSMS करे , हम आप से बात करेंगे और समाज को संगिठत I
जय भीम जय भारत I
दलितों तुम्हे धोका खाने की आदत है क्या ?
जरा याद करो 2012-17 का कार्यकाल कैसे भरोसा कर लेते हो इन पर ? —-
1) अम्बेडकर पार्क को आइयाशी का अड्डा कहा गया इनकी सरकार में |
2) SC/ST के प्रमोशन में आरक्षण का फिल फटा इनकी सरकार में |
3) 3.5 लाख दलित कर्मचारी रिवर्ट हुए इनकी सरकार में |
4) बाबासाहब के नाम पर बने कन्नौज मेडिकल कॉलेज का नाम इन्होंने बदला |
5) बाबासाहब के नाम पर चल रही सरकारी स्कीम इन्होंने बंद की |
6) भीम नगर का नाम ��दल कर संभल इन्होंने किया |
7) SC लिस्ट में अन्य जातीयों को डालने की कोशिश इनकी सरकार में हुई |
8) दलितों के सरकारी ठेको पट्टो में आरक्षण इनकी सरकार में खत्म हुआ |
9) आदरणीय बहनजी और महापुरषों की मूर्तियां इनके लोगो ने तोड़ी |
10) दलितों पर सबसे ज़्यादा उत्पीड़न और उनकी जमीनें हड़पी गई इसी सरकार में |
कैसे भरोसा कर लेते हो तुम लोग की यदि भविष्य में इनकी सरकार बनी तो तुम सुरक्षित हो ? नहीं भाई तुमपर ��ही अत्याचार होगा वही हुड़दंगई होगी ||
सोच समझ कर वोट करे बसपा आपका घर है.
— हर्ष जाटव
( BSP सोशल एक्टिविस्ट )
@AMISHDEVGAN देश की मीडिया का हाल विश्व पटल पर किसी से छुपा नहीं है ,
देश में देशद्रोहियों को पकड़ना और उन पर मुकदमा चलना सरकार का काम है
गोदी पत्रकार कब से देश हित के बारे में सोचने लगे ?
कानून में संशोधन कीजिए और गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित कीजिए, देश में न करवापाए तो कम से कम यूपी में किसी भी तरह की गाय चाहे वो मिथुन प्रजाति की हो बीमार हो उनके काटने पर प्रतिबंध लगाए, गाय के अलावा बैल और भैंस, आदि के काटने पर भी पूर्ण रोक लगाए ।
सिर्फ भाषणों में बात करने से क्या होगा कानून भी बनाए ।
बीएसपी को लेकर टर्र - टर्र करने वाले क्षेत्रीय पार्टियों के नेताओं और उनके भक्तों को नहीं भूलना चाहिए कि बीएसपी आज भी भारत की तीसरी राष्ट्रीय पार्टी है. बहन कुमारी @Mayawati जी आज भी देश की सशक्त नेता हैं.
बंगाल में ज्यादा नही कुछ सालों पहले तक मार्क्सवादी की सरकार थी। इस चुनाव में कम्युनिस्ट को मिला वोट;
CPI = 00.16%
CPI (ML)(L) = 4.45%
इसके अलावा कोंग्रेस की भी आजादी के बाद लम��बे समय तक सरकार रही। कोंग्रेस को मिला वोट;
"2.97%"
वास्तव में चुनाव की परिस्थिति समय के अनुसार बदलती रहती है। बंगाल में ऐसा माहौल बना जिसमे 15 साल पहले 34 साल तक शासन करने वाली मार्क्सवादी पार्टियां साढ़े चार प्रतिशत पर सिमट गई। क्या 20 साल पहले, जब लोकसभा में लेफ्ट पार्टियो ने मनमोहन सिंह सरकार को उंगलियों पर नचा रखा था, वो साढ़े 4 प्रतिशत पर आ जाएगी।
अब इंहा पर ध्यान से देखे की वर्ष 2011 में ही;
"बस��ा सत्ता से हटी व इसी वर्ष लेफ्ट 34 साल के शासन के बाद सत्ता से हटे"
लेकिन लेफ्ट कँहा है। है भी या नही��� कोई चर्चा नही। जबकिं;
"बसपा 10% वोट बचाकर रखी है। चर्चा के केंद्र में है"
लेफ्ट के हटने का कारण एक ऐसे वातावरण का निर्माण जिसमे भद्रलोक के एक ग्रुप को हटाकर उसी भद्रलोक की ममता बनर्जी को लाया गया। जिसमें कोंग्रेस व भाजपा का अप्रत्यक्ष साहयोग था।
बहनजी के जाने का कारण?
"गैर एससी, जिसमे चाहे कोई भी जाति व धर्म हो। उन्हें एकाएक चुभने लगा कि जो एससी खाट के पास बैठ नही सकते थे, जो झाड़ू लगाते थे, व��� 10% सरकारी ठेकों में आरक्षण तक ले रहे है। ठेकेदार बन गए। बाउजी कहलवा रहे है"
यह एक मनोवैज्ञानिक प्रभाव था। जिसमे जातिवाद, मानव अधिकारों का असम्मान जो डीएन तक जा चुका है, उंसकी अभिव्यक्ति थी।
उंसके बाद भी बसपा 10% वोट पर है। यह आश्चर्य से कम नही है। यह बहनजी की कुशलता है। जोशीले, नौशिखिया कोई भी निर्णय लेने से पहले अगर भारतीय समाज की परिस्थितियों को ध्यान मव रखकर रिसर्च करेंगे तो पाएंगे कि बसपा अभी तक खत्म हो जानी चाहिए थी।
विकास कुमार जाटव
विशाल आबादी वाले अपने भारत देश में ’बहुजन समाज’ अर्थात् बहुजनों के मसीहा भारतरत्न ���ोधिसत्व परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर को आज उनकी जयंती पर प्रातः मेरे द्वारा शत्-शत् नमन, पुष्पांजलि एवं अपार श्रद्धा-सुमन अर्पित करने के साथ ही बी.एस.पी. के लोगों द्वारा पूरे देश भर में ख़ुद व अपने परिवार सहित उन्हें पूरी मिशनरी भावना के साथ भावभीनी श्रद्धांजलि एवं श्रद्धा-सुमन अर्पित करने के लिये सभी लोगों का तहेदिल से आभार, शुक्रिया एवं धन्यवाद।
सर्वविदित है कि बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का पूरा जीवन देश के ग़रीबों उपेक्षितों, शोषितों तथा जातिवाद एवं सामंतवाद से पीड़ित महिलाओं आदि समेत ’बहुजन समाज’ की सुरक्षा, सम्मान व उत्थान के लिये अत्यन्त ही कड़े संघर्ष में बीता, और अन्ततः जिसकी गारण्टी उन्होंने संविधान में सुनिश्चित करने का ऐतिहासिक कार्य किया और अमर हो गये और जिसके लिये देश हमेशा उनका कृतज्ञ रहेगा।
किन्तु काश, देश की केन्द्र व यहाँ राज्यों की सत्ता में रहने वाली पार्टियाँ बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के अति-मानवतावादी, सर्वजन-हितैषी व बहुजन-कल्याणकारी संविधान के पवित्र उद्देश्यों को प्राप्त करने में सही से सफल हो पातीं तो भारत अभी तक स्वावलम्बी/आत्मनिर्भर व विकसित देश बनकर यहाँ के करोड़ों बहुजनों की अपार ग़रीबी, बेरोज़गारी, जातिवादी द्वेष, शोषण व जुल्म-ज़्यादती आदि से मुक्त समता एवं न्याय-युक्त जीवन लोगों को ज़रूर दे पाता।
अगर ऐसा नहीं हो पाया है तो क्यों? इसका जवाब ढूंढने पर देश में बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का ’सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति’ का कारवाँ चुनावी सफलता भी हासिल करके अपनी मंज़िल की ओर ज़रूर आगे बढ़ेगा। जय भीम, जय भारत
शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो !
— डॉ. भीमराव अंबेडकर
सभी लिखे जय भीम ✍️💯
भारत रत्न" बाबा साहेब डॉ.भीमराव अंबेडकर जी को शत शत नमन 🙏
#AmbedkarJayanti
My best wishes to all on #AmbedkarJayanti. Babasaheb’s greatest gift was not only the Constitution. It was his message that oppression and discrimination will not magically end, it has to be defeated through democratic struggle & participating in parliamentary democracy.
Today, 22.3% of the India’s higher castes own 41% of the total wealth and form the richest group, whereas 7.8% of Scheduled Tribes own only 3.7%, or the lowest wealth share of the country's assets. 55% of electoral bond money went to the BJP. We must reflect on who has economic, social and political power and who is powerless.
महाराष्ट्र:- लाखों क�� संख्या में अम्बेडकरवादी सड़क पर उतरकर अपने मसीहा भारत रत्न बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर की जयंती मना रहे हैं
पूरे देश में जश्न का माहौल छाया हुआ है...!!
#AmbedkarJayanti
महिलाओं के जीवन के उत्थान में
डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के विचार सभी तक पहुंचे ।।
भारत रत्न" बाबा साहेब डॉ.भीमराव अंबेडकर जी को शत श�� नमन 🙏
#AmbedkarJayanti