हमारी सरकार ने एक ऐसे आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया है जो सशक्त भी हो और सुरक्षित भी हो, जहाँ हमारे सैनिकों के हाथों में स्वदेशी तकनीक हो, हमारे वैज्ञानिकों के पास नए-नए अवसर हों, हमारे युवाओं के पास Innovation की ताकत हो, हमारी industries के पास Globally Compete करने की क्षमता हो। यही नए भारत का संकल्प है। यही विकसित भारत 2047 का मार्ग है: रक्षा म��त्री श्री @rajnathsingh
मुझे पूर्ण विश्वास है कि जब भारत वर्ष 2047 में अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब दुनिया भारत को केवल सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में नहीं, बल्कि सबसे विश्वसनीय, सबसे आधुनिक और सबसे आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति के रूप में भी देखेगी: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
सबसे Inspiring बात यह है कि इस परिवर्तन का क्रेडिट किसी एक व्यक्ति को या संस्थान को नहीं जाता है। यह परिवर्तन हमारे वैज्ञानिकों ने किया। हमारे सैनिकों ने किया। हमारे इंजीनियरों ने किया। हमारे स्टार्टअप���स ने किया। हमारे एमएसएमई ने किया। हमारे उद्योगों ने किया। और सबसे बढ़कर, भारत के युवाओं ने किया। यही अमृतकाल का भारत है। एक ऐसा भारत जो चुनौतियों से घबराता नहीं, अवसरों का निर्माण करता है। एक ऐसा भारत जो केवल अपनी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करता, बल्कि विश्व की शांति और स्थिरता में भी रचनात्मक योगदान देता है: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
हमारी रक्षा कूटनीति अब केवल रणनीतिक सहयोग तक सीमित नहीं है। उसमें Technical Cooperation, Industrial Collaboration और Global supply chain का भी महत्वपूर्ण स्थान है: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
प्रधानमंत्री जी की इस यात्रा ने इण्डोनेशिया में ब्रह्मोस मिसाइल डील से लेकर प्रंबानन मंदिर के जीर्णोद्धार तक,ऑस्ट्रेलिया में यूरेनियम सप्लाई से लेकर, न्यूजीलैण्ड से व्यापार दुगना करने तक, भारत और दुनिया के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण इण्डो-पेसेफिक क्षेत्र में, भारत के कूटनीतिक, आर्थिक, सामरिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई बुलंदी दी है: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
एक समय था, जब भारत अपने विकास के मॉडल को लेकर कभी अमेरिका की copy, कभी योरोप की copy तो कभी रूस की copy करने का प्रयास करता था, मगर अब हालात बदल चुके हैं। आज मोदीजी के नेतृत्व में भारत उस मुकाम तक पहुंचा है, कि दूसरे देश, अब भारत की नीतियों का अनुसरण कर रहे हैं। मुझे लगता है, यह स्थान जो मोदीजी ने बनाया है, वह अपने आप में नए युग की शुरुआत है: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
अभी पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के दौरे पर गए हुए थे। मुझे और हर भारतीय को उस समय गौरव की अनुभूति हुई, जब इण्डोनेशिया के राष्ट्रपति ने सार्वजनिक मंच से यह कहा कि मोदीजी के द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं के शानदार प्रभाव को देखते हुए, वे इसे अपने देश में भी copy कर रहे हैं: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
आज भारत केवल अपने लिए रक्षा उपकरण नहीं बना रहा। भारत विश्व का एक Credible Security Partner बन रहा है। हिंद महासागर से लेकर इंडो-पैसिफिक तक भारत की भूमिका निरंतर मजबूत हो रही है: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
आज Ordnance Factories अपने नए स्वरूप में बहुत ही अच्छा काम कर रही हैं और loss making entities की जगह profit making units बन चुकी हैं। मैं मानता हूँ कि दो सौ साल से भी अधिक पुराने structure को बदलना इस सदी का अब तक का एक बहुत बड़ा रिफार्म है। इस साल अक्टूबर में OFB corporatisation को पाँच वर्ष पूरे हो जाएँगे और जो परिवर्तन इन पाँच वर्षों में आया है, वह सराहनीय है: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
एक और महत्वपूर्ण रिफार्म हमने किया है जिसकी चर्चा कम होती है। वह है OFBs का corporatisation. हमने देखा, कि जो हमारी Ordnance factories हैं, वो उस पुरानी व्यवस्था में भी अच्छा काम कर रही थीं, लेकिन नए समय को देखते हुए, नई जरूरतों को देखते हुए, हमने Ordnance factories का Corporatisation किया, ताकि वह और ज्यादा technology friendly बन सकें, वह और ज्यादा output दे सकें, उनकी accountability बढ़ सके: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
‘SRIJAN DEEP’ के माध्यम से चालीस हजार से अधिक Manufacturers & Sellers के साथ-साथ लाखों उत्पादों का राष्ट्रीय डिजिटल डेटाबेस तैयार किया गया है। इससे भारत की डिफेन्स सप्लाइ चेन पहले से कहीं अधिक मजबूत और संगठित बनी है: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
सरकार ने केवल उद्योगों को अवसर नहीं दिया। उन्हें बाज़ार भी दिया। ‘SRIJAN’ पोर्टल के माध्यम से रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों और सेनाओं द्वारा उपयोग किए जाने वाले आयातित उपकरणों की सूची, उद्योगों के लिए उपलब्ध कराई गई। परिणामस्वरूप हजारों रक्षा उपकरणों का Indigenisation हो रहा है: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
इन दोनों डिफेंस कॉरिडोर्स में करीब 70,000 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावित हैं, जिनमें करीब 10,000 करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट हो भी चुका है। इससे युवाओं के लिए नए रोजगार सृजित हुए। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक कॉरिडोर आज आत्मनिर्भर भारत की सफलता का एक सशक्त उदाहरण बन चुका है: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
भारत के Defence Architecture की सबसे बड़ी शक्ति उसक��� Entrepreneurial spirit है। आज रक्षा उत्पादन केवल सार्वजनिक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। आज हमारे साथ DPSUs हैं। Private Industries हैं। सत्रह हजार से अधिक एमएसएमई हैं। हजारों Supply Units हैं। देशभर के Innovation Centres हैं। यही भारत का नया रक्षा औद्योगिक परिवार है: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
इस परिवर्तन को और गति देने के लिए उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में रक्षा औद्योगिक कॉरिडोर स्थापित किए गए। इन कॉरिडोरों ने निवेश आकर्षित किया। नई फैक्टरियाँ स्थापित हुईं। Advance Defence Manufacturing इस corridors में हो रहा है और कई defence कम्पनीज तो Global Manufacturing की Supply Chain से जुड़े हुए है: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
देशभर में Centre of Excellence स्थापित किए गए हैं। Young Scientists Labs का विस्तार किया गया है। प्रत्येक वर्ष हजारों इंजीनियर और ट्रेनीज डीआरडीओ के साथ जुड़ रहे हैं: रक्षा मंत्री श्र�� @rajnathsingh
आज डीआरडीओ केवल Defence Research & Development करने वाला संस्थान नहीं है। वह उद्योगों, विश्वविद्यालयों, स्टार्टअप्स और वैज्ञानिकों को जोड़ने वाला National Innovation Platform बन चुका है: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
आज भारत का युवा केवल नौकरी खोजने वाला नहीं है। वह भारत की सुरक्षा का Technological Partner बन चुका है। डीआरडीओ ने भी इस परिवर्तन को नई दिशा दी है: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
साल 2018 में जहाँ रक्षा क्षेत्र में कुछ दर्जन स्टार्टअप थे, वहीं आज उनकी संख्या दो ��जार से अधिक हो चुकी है। सैकड़ों स्टार्टअप्स को रक्षा मंत्रालय द्वारा Challenges दिए गए है, उन्हें आर्थिक सहायता मिली, प्रोटोटाइप बने और अनेक तकनीकों की खरीद के लिए approvals भी दिए गए है: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
हमने मार्च 2026 तक IDex के माध्यम से 676 स्टार्टअप्स और innovators को engage किया और 551 कांट्रैक्ट्स हमने साइन किए हैं। आज देशभर के स्टार्टअप्स ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम तकनीक, साइबर सुरक्षा, रोबोटिक्स और अत्याधुनिक Defence Technologies पर काम कर रहे हैं: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh