Official account of Delhi SMC (School Management Committee) | Community participation is essential for quality education | Enabling democracy in School system
There are 4 components of Delhi’s Education Revolution:
👉 Honesty
👉 Vision
👉 Budget
👉 SMC
Intent & commitment is very important for success & #TeamSMC has it all.
- @msisodia ji
#SMCAwards
यही वास्तविक मॉडल है बीजेपी का…
आम हिंदुओं की आस्था को कर्मकांड का झुनझुना पकड़ा दो, वो अपना परलोक सुधारें,
और बीजेपी वाले इस लोक में राम के नाम पर सत्ता की कुर्सी पर बैठें, और अपनी जेबें भरें!
सच तो ये है कि सनातन धर्म को मुग़लों और विदेशी आक्रांताओं ने नहीं, अपने ही धर्म के ठेकेदारो ने सबसे ज़्यादा नुक़सान पहुँचाया है…
@AamAadmiParty राजनीति करने नहीं बदलने आई है !!
@ArvindKejriwal जो पहले कह चुके और कर चुके, कई सरकारें उसका अनुसरण करती आई हैं, इसी क्रम में केंद्र सरकार SMC(स्कूल मैनेजमेंट कमिटी) को मज़बूत करने जा रही है। @DelhiSmc के सहयोग से @msisodia और @AtishiAAP जी ने दिल्ली में शिक्षा क्रांति लाई थी और इसको हर मंच पर बताया, 1 अगस्त 2016 का सर्कुलर इसकी सच्चाई बताता है।
अच्छी बात है, केंद्र सरकार इससे सीखती है तो !
Interesting,
I would love to have a discussion with Grok based on my 10 years of ground experiences in reforming education system of Delhi.
Innovation has been the foundation of so many great initiatives of AAP government in the field of education.
I wonder what ideas Grok has on large scale implementation of these innovations, learnings and insights to uplift education system of the entire country.
Looking forward to engage @grok in a discussion tomorrow at 11 AM.
Let’s talk education!
@Arun2981 @msisodia Absolutely, Arun2981! I'm ready and excited to engage with msisodia on AAP's agendas—education, health, anti-corruption, you name it. Let's dive into innovative ideas via a Space. When works? �@Arun2981 @msisodia Absolutely, Arun2981! I'm ready and excited to engage with msisodia on AAP's agendas—education, health, anti-corruption, you name it. Let's dive into innovative ideas via a Space. When works? �@Arun2981@msisodia Absolutely, Arun2981! I'm ready and excited to engage with msisodia on AAP's agendas—education, health, anti-corruption, you name it. Let's dive into innovative ideas via a Space. When works? 🚀
राजस्थान की एक बच्ची ने राज्य के शिक्षा मंत्री से सरकारी स्कूलों को लेकर ऐसा सवाल उठाया, जो देश के हर बच्चे की आवाज़ है, हर माँ-बाप की उम्मीद है, और उन राज्यों में जहाँ भाजपा की सरकार है, पूरी शिक्षा व्यवस्था के लिए एक कड़ा आईना…
वहीं, आम आदमी पार्टी ने पिछले 10 वर्षों में दिल्ली और पिछले 3 वर्षों में पंजाब में यह साबित कर दिया है कि अगर नीयत साफ़ हो, तो सरकारी स्कूल भी प्राइवेट स्कूलों से बेहतर बन सकते हैं।
इस बच्ची को मेरा सलाम और उसके सवाल को भी, क्योंकि जब बच्चे सवाल पूछने लगते हैं, तो व्यवस्था को जवाब देना ही पड़ता है…
क्या दिल्ली की मुख्यमंत्री जानबूझ कर झूठ बोल रही हैं?
“दिल्ली बोर्ड ऑफ़ स्कूल एजुकेशन का सर्टिफिकेट देश और विदेश के कॉलेजों में मान्य नहीं होंगे, बच्चों का भविष्य ख़तरे में पड़ जाएगा।”
ये कहना है रेखा गुप्ता जी का, जो की सरासर झूठ है, ग़लत है।
मैडम, नए बोर्ड के गठन और मान्यता के लिए तीन शर्तें होती हैं। डीबीएसई वो तीनो शर्तें पूरी करता है।
शायद आपको फाइल देखने की फ़ुर्सत न मिली हो इसलिए इन दस्तावेजों को पोस्ट कर रहा हूँ।
तो क्या है नए बोर्ड के गठन की प्रक्रिया, और किन तीन शर्तों को पूरा करना होता हैं:
पहली शर्त- बोर्ड गठन करने का सरकारी फैसला:
-दिल्ली सरकार की कैबिनेट ने 6 मार्च 2021 को डीबीएसई के गठन की मंज़ूरी दी थी।
-16 मार्च 2021 को डीबीएसई का रजिस्ट्रेशन रजिस्ट्रार ऑफ़ सोसाइटी ने किया।
-18 मार्च 2021 को गजट नोटिफ़िकेशन के ज़रिए डीबीएसई को दिल्ली सरकार ने नोटिफाई कर दिल्ली राजपत्र में दर्ज किया।
-नोटिफ़िकेट की कॉपी संलग्न है
दूसरी शर्त- नए बोर्ड को राष्ट्रीय और अन्य राज्यों के बोर्ड के साथ इक्विवलेंस अर्थात् समानता सर्टिफिकेट:
-भारत सरकार द्वारा 2021 में एक आदेश में ज़रिए एसोसिएशन ऑफ़ इंडियन यूनिवर्सिटीज(AIU) को देश के किसी भी बोर्ड की कक्षा 10वीं और 12वीं के सर्टिफिकेट को अन्य बोर्ड के इक्विवलेंट घोषित करने के लिए ऑथराइज्ड किया गया है।
-AIU ने 28 जुलाई 2021 को दिल्ली बोर्ड ऑफ़ स्कूल एजुकेशन को सीबीएसई और देश के अन्य रिकॉग्नाइज्ड बोर्ड के साथ बराबरी का दर्जा दिया।
-AIU के आदेश की कॉपी संलग्न है।
तीसरी शर्त- काउंसल ऑफ़ बोर्ड्स ऑफ़ स्कूल एजुकेशन (COBSE) की सदस्यता
-ये देश के सभी मान्यता प्राप्त बोर्ड्स का समूह है
-COBSE सभी बोर्ड्स की विश्वसनीयता और मान्यता के स्टेटस का आंकलन करता है।
-डीबीएसई को COBSE ने 6 अगस्त 2021 को अपने समूह का सदस्य बनाया और अपनी वेबसाइट पर 21 वें नंबर पर दर्ज किया
-COBSE द्वारा डीबीएसई को ज़ारी पत्र संलग्न है
यही नहीं, 3 जनवरी 2024 को सीबीएसई नें डीबीएसई को अपने सभी रिकॉर्ड्स में दर्ज कर लिया। पत्र संलग्न।
इसके अलावा, शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, भारत सरकार द्वारा 6 अक्टूबर 2022 को सभी प्रदेशों के मान्यता प्राप्त बोर्ड्स की लिस्ट जारी की गई थी।
दिल्ली बोर्ड ऑफ़ स्कूल एजुकेशन को भारत सरकार मान्यता प्राप्त बोर्ड्स की सूची में 15 वें नंबर पर दर्ज़ करती है।
इसे मिनिस्ट्री ऑफ़ एजुकेशन, भारत सरकार की वेबसाइट https://t.co/NHJyeRIiPM पर देखा जा सकता है।
यही नहीं, जिन बोर्ड्स को भारत सरकार की सक्षम एजेंसीज मान्यता देती हैं, उन बोर्ड्स के सर्टिफिकेट विदेशी यूनिवर्सिटीज में एडमिशन के लिए भी मान्य होते हैं।
अब क्या मुख्यमंत्री जी बता सकती हैं कि इन दस्तावेजों के अलावा और क्या चाहिए किसी भी बोर्ड को अपनी मान्यता स्थापित करने के लिए?
अगर हाँ तो उस दस्तावेज़ का नाम बतायें और नहीं तो झूठ बोलना बंद करें।
आख़िरी बात...
सच तो ये है कि दिल्ली की बीजेपी सरकार डीबीएसई को केवल राजनीतिक कारणों से बंद करना चाहती है। इसका शिक्षा से कोई लेना देना नहीं है।
पर अफ़सोस इस बात का है कि बोर्ड को बंद करने के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री जी को झूठ बोलना पड़ रहा है!!
मैडम, सच बोलकर भी आप बोर्ड को बंद कर सकती हैं, बच्चे आपके सच की इज़्ज़त करेंगे…
दिल्ली की स्कूली शिक्षा में पहला क्रांतिकारी बदलाव तत्कालीन मुख्यमंत्री साहेब सिंह वर्मा जी ने किया था।
1997 में बीजेपी सरकार ने दिल्ली के प्रतिभाशाली बच्चों के लिए 3 राजकीय प्रतिभा विकास विद्यालय शुरू किए थे।
वक्त बदला, बीजेपी दिल्ली की सत्ता से बेदख़ल हुई, शीला दीक्षित जी के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनी।
पर शीला दीक्षित जी ने अपने राजनैतिक विरोधियों के द्वारा शुरू किए गए प्रतिभा स्कूल बंद नहीं किए। बल्कि 2001 से 2008 के बीच 14 नए प्रतिभा स्कूल शुरू किए।
2015 में केजरीवाल जी की सरकार बनी, सिर्फ़ दो साल के दौरान 5 नए प्रतिभा स्कूल खोले गए।
केजरीवाल जी ने भी कभी नहीं सोचा की विरोधी पार्टियों की सरकार द्वारा शुरू किए स्कूलों को बंद करें, बल्कि उसका विस्तार ही किया।
केजरीवाल जी के पास 70 में से 67 सीटें थी, जनता ने एकतरफ़ा वोट दिया था। चाहते तो पिछली सरकार की हर निशानी को मिटा सकते थे।
पर केजरीवाल जी ने ऐसा नहीं किया, बल्कि पहले से चल रही अच्छी व्यवस्था का जारी रखा, विस्तार किया।
लिहाज़ा 2018 तक दिल्ली में कुल 22 प्रतिभा स्कूल हो गए थे जिनमें कक्षा 6 से 12 तक लगभग 16,000 बच्चे पढ़ते थे।
तो दिल्ली में उन दिनों सरकारी स्कूलों के दो समानांतर मॉडल चल रहे थे।
दोनों ही मॉडल में एक ही करिकुलम पढ़ाया जाता था, एक ही प्रकार की परीक्षा थी, एक ही सिस्टम के तहत नियुक्त टीचर्स थे।
बस अंतर ये था की जहाँ प्रतिभा मॉडल के तहत 22 स्कूलों में 16,000 बच्चे थे, वहीं दूसरे मॉडल के तहत 1000 स्कूलों में 17 लाख बच्चे!!
पर जो सुविधा पहले की सरकारें सिर्फ़ 17 प्रतिभा स्कूलों को देती थी, वही सुविधा केजरीवाल सरकार ने दिल्ली सरकार के सभी एक हज़ार स्कूलों को दे दी थी।
इसलिए अपने कार्यकाल के पहले छह साल तक दोनों ही मॉडल्स को एक नई ऊंचाई तक लाने के बाद, केजरीवाल सरकार ने एक स्ट्रेटेजिक निर्णय लिया।
और 2021 में प्रतिभा स्कूलों को फ़ेज आउट कर बड़े पैमाने पर स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस स्कूल शुरू करने का निर्णय लिया गया।
ये निर्णय इसलिए लिया गया था क्योंकि 21वीं सदी के भारत के बच्चों को अब ऐसी शिक्षा चाहिए जो उन्हें तेज़ी से बदलती दुनिया, इसकी अर्थव्यवस्था और टेक्नोलॉजी के साथ चलने के लिए तैयार कर सके।
अब ज़रूरत ये नहीं है कि सरकार दिल्ली भर से सिर्फ़ 16,000 प्रतिभाशाली बच्चे खोज़कर उन्हें बीते हुए कल के मॉडल के तहत पढ़ायें,
बल्कि ज़रूरत ये है कि सरकार दिल्ली के सभी 44 लाख बच्चों में छिपी प्रतिभा को ढूँढे, उसे पहचानें, तराशें और उन्हें आने वाले कल की ज़रूरत के अनुसार योग्य बनायें।
केजरीवाल सरकार द्वारा 2021 से शुरू किए गए स्कूल्स ऑफ़ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस में चार अलग अलग प्रकार के स्पेशलाइज्ड विषयों को 9 वीं से 12 वीं में पढ़ाया जाता है।
ये विषय हैं STEM, High end 21st century skills, Humanities, Performing & Visual Arts.
यहाँ एडमिशन बच्चे के एप्टीट्यूड के अनुसार होता है।
मात्र चार सालों में केजरीवाल सरकार ने 36 स्पेशलाइज्ड स्कूल खड़े किए हैं जिनमें लगभग 12,000 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।
ये सभी स्पेशलाइज्ड स्कूल दिल्ली बोर्ड ऑफ़ स्कूल एजुकेशन से एफिलिएटेड हैं।
केजरीवाल सरकार का इरादा ये था कि दिल्ली के सभी 29 ज़ोन में चारों प्रकार के स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस स्कूल हों ताकि इन स्पेशलाइजेशन के एप्टीट्यूड वाले बच्चे अपने घर के नज़दीक वाले स्कूल में आठवीं के बाद पढ़ाई कर सकें।
पर वर्तमान बीजेपी सरकार एक सांझी विरासत के विस्तार की बजाय, दिल्ली को पीछे ले जाना चाहती है।
अभी बीजेपी सरकार के सत्ता में आए 100 दिन भी नहीं हुए हैं, और ये उस स्पेशलाइज्ड स्कूल व्यवस्था को ख़त्म करना चाहते हैं जिसे इन्होंने अभी तक ठीक से देखा-परखा भी नहीं है!!
ख़ैर, अफ़सोस इस बात का नहीं है कि दिल्ली की बीजेपी सरकार एक ऐसे शिक्षा मॉडल को तबाह कर रही है जो आने वाले कल की ज़रूरत है, बल्कि रंज इस बात का है कि वो ये सब बिना सोचे समझे कर रहे हैं।
इतनी छोटी राजनैतिक सोच हमारे देश को कभी भी विकसित नहीं होने देगा…
An enriching day amidst nature! 🌿✨ Our students had a wonderful visit to Amrit Udyan, exploring its breathtaking gardens, vibrant blooms, and serene landscapes. A perfect blend of learning and leisure! 🌸🌳 #AmritUdyan#LearningBeyondClassrooms#NatureInspires@Dir_Education
टेंट वाले स्कूल से वर्ल्ड क्लास ओलंपिक स्टाइल शूटिंग रेंज तक का सफर – यही है दिल्ली की शिक्षा क्रांति।
आज कालकाजी के एक सरकारी स्कूल में अत्याधुनिक शूटिंग रेंज का उद्घाटन किया। 10-मीटर की इस रेंज में 15 लेन, इलेक्ट्रॉनिक टारगेट सिस्टम और विश्वस्तरीय एयर पिस्टल और राइफल्स जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
दिल्ली सरकार अकेली ऐसी सरकार है जो शिक्षा पर 25% बजट खर्च करती है। पिछले कुछ वर्षों में, दिल्ली सरकार ने 25 स्विमिंग पूल, 7 फुटबॉल ग्राउंड और 3 हॉकी टर्फ्स का निर्माण किया है।
अब शूटिंग जैसे महंगे खेल को आम बच्चों की पहुंच में लाकर, यह शूटिंग रेंज भविष्य के अभिनव बिंद्रा और मनु भाकर तैयार करेगी।
दिल्ली के ग़रीब परिवारों के बच्चों के चेहरे पर अब आत्मविश्वास और आँखों में बड़े सपने हैं।
पेरिस से French सीखकर लौटे दिल्ली के सरकारी स्कूल के बच्चों की कहानी आपके दिल को छू जाएगी।
Education Officers from Nashik Municipal Corporation spent 2 days in Delhi Government schools observing classes, interacting with principals, teachers,& students.
They praised DMVS & District Resource Centres for CWSN.
Kant Learning & Happiness Curriculum were the key takeaways.
दिल्ली सरकार के सभी स्कूलों में आज आयोजित हो रहा Mega PTM किसी उत्सव से कम नहीं है। मैं भी कालकाजी के स्कूल में आज इस उत्सव में शामिल हुई।
10 साल पहले जहाँ पेरेंट्स को सरकारी स्कूलों में जाने का मौक़ा तक नहीं मिलता था, वही आज स्कूलों में उनका स्वागत किया जा रहा है।
भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में पेरेंट्स स्कूल आ रहे है, टीचर्स से बात कर अपने बच्चों की शिक्षा में भागीदार बन रहे है।
यही @ArvindKejriwal जी की शिक्षा क्रांति है..
#DelhiGovtSchoolsMegaPTM
पिछले हफ्ते मैं केजरीवाल सरकार के बनाए स्पेशलाइज्ड स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (म्यूजिक और आर्ट्स) के बच्चों के कार्यक्रम में गया। ये अनूठे स्कूल हैं, जहां 9वीं से 12वीं तक केवल कला में प्रतिभाशाली बच्चों को पढ़ाया जाता है।
म्यूजिक, फोटोग्राफी, विजुअल आर्ट्स, थिएटर और डायरेक्शन जैसे विषय इनकी पढ़ाई का हिस्सा हैं, जहां उनकी कला को तराशकर उन्हें बड़े कलाकार बनने का मौका दिया जाता है।
संभवतः ये भारत के पहले और इकलौते स्कूल हैं जो कला को मुख्य विषय बनाकर बच्चों के सपनों को साकार कर रहे हैं। एक झलक उनके वार्षिक उत्सव की।
आज दिल्ली सरकार के स्कूलों की मेगा PTM में, कालकाजी स्कूल की बच्ची के पिता ने स्कूल को लेकर अपने दिल की बात कही। कुछ और पेरेंट्स, और मेरे कुछ नन्हे दोस्तों ने भी बताया की उनका स्कूल कैसा चल रहा है।
ज़रूर सुने। अरविंद केजरीवाल जी की शिक्षा क्रांति का प्रमाण आपको इनकी बातों से मिलेगा।
#DelhiGovtSchoolsMegaPTM