अब चुनौती स्वीकार कीजिए:
क्या आप में इतनी हिम्मत है कि आप जनता के सामने यह वादा करें? अगर खान सर पर लगाए गए आपके ये आरोप गलत साबित हुए और ये आरोप सिद्ध नहीं हो पाए, तो क्या आप विधायक पद और अपनी पार्टी (भाजपा) से इस्तीफा देंगे? क्या आप यह स्वीकार करेंगे कि
खान सर की पहचान आपकी मोहताज नहीं: खान सर एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद हैं। उन्होंने वर्षों की कड़ी मेहनत से देश के लाखों-करोड़ों गरीब छात्रों का भविष्य संवारा है। अपनी सरल शैली से शिक्षा की अलख जगाने वाले को पूरा देश सम्मान देता है।
देशभक्ति का सर्टिफिकेट बांटना बंद करो: देशभक्ति पर सवाल उठाना कोई राजनीतिक बयानबाज़ी नहीं है। अगर आपके पास वास्तव में कोई सबूत है, तो उसे मीडिया के कैमरों के सामने चमकाने के बजाय, सीधे कानून और देश की जांच एजेंसियों के सामने रखिए।
अब चुनौती स्वीकार कीजिए:
क्या आप में इतनी हिम्मत है कि आप जनता के सामने यह वादा करें? अगर खान सर पर लगाए गए आपके ये आरोप गलत साबित हुए और ये आरोप सिद्ध नहीं हो पाए, तो क्या आप विधायक पद और अपनी पार्टी (भाजपा) से इस्तीफा देंगे? क्या आप यह स्वीकार करेंगे कि
शीर्षक: मर्यादा खोती राजनीति: जब सबूत के नाम पर सिर्फ ‘थूक बिलौना’ आता हो! 👇
नीरज कुमार उर्फ वल्लू (विधायक) जी ने खान सर पर नेपाल और पाकिस्तान से संबंध होने का और उन्हें ‘देशद्रोही’ कहने का जो घटिया स्टंट किया है, वो उनकी हताशा को साफ दिखाता है।
अब चुनौती स्वीकार कीजिए:
क्या आप में इतनी हिम्मत है कि आप जनता के सामने यह वादा करें? अगर खान सर पर लगाए गए आपके ये आरोप गलत साबित हुए और ये आरोप सिद्ध नहीं हो पाए, तो क्या आप विधायक पद और अपनी पार्टी (भाजपा) से इस्तीफा देंगे? क्या आप यह स्वीकार करेंगे कि
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को मनुवादी लोगों द्वारा जयुपर के प्रोटेस्ट में थप्पड़ मारा गया है।
दलित लड़के की बढ़ती लोकप्रियता कुछ लोगों से बर्दाश्त नहीं हो रहा है। ख़ैर हमला करने वालों मनुवादियों का कॉकरोचों ने बढ़िया तरीके से ज़वाब दे दिया है।
लाखों छात्रों का भविष्य संवारने वाले खान सर को बदनाम करने की यह राजनीतिक साजिश कभी कामयाब नहीं होगी। प्रशासन को इस बात की भी जांच करनी चाहिए कि रोशन आनंद पर किस पॉलिटिकल पार्टी या नेता का दबाव है, जो वो ऐसा मनगढ़ंत बयान दे रहे हैं। सच की जीत होगी! #KhanSir#Patna
नेपाल में हुई भाई प्रिंस यादव की दुखद मौत एक संवेदनशील मामला है, लेकिन बिना किसी सबूत के सीधे खान सर जैसे शिक्षक पर हत्या की साजिश का आरोप मढ़ देना सिर्फ और सिर्फ पॉलिटिकल प्रेशर का नतीजा है। जेल से निकलते ही ऐसा स्क्रिप्टेड बयान बिना किसी राजनीतिक शह के संभव नहीं है।
पटना कोचिंग विवाद में अब गंदी राजनीति की एंट्री! जेल से बाहर आते ही रोशन आनंद ने खान सर पर जो बेबुनियाद आरोप लगाए हैं, वो किसी गहरी साजिश का हिस्सा लगते हैं। साफ दिख रहा है कि खान सर की बढ़ती लोकप्रियता से परेशान कुछ राजनीतिक दल रोशन आनंद का इस्तेमाल कर रहे हैं। #StandWithKhanSir
पटना कोचिंग विवाद में अब गंदी राजनीति की एंट्री! जेल से बाहर आते ही रोशन आनंद ने खान सर पर जो बेबुनियाद आरोप लगाए हैं, वो किसी गहरी साजिश का हिस्सा लगते हैं। साफ दिख रहा है कि खान सर की बढ़ती लोकप्रियता से परेशान कुछ राजनीतिक दल रोशन आनंद का इस्तेमाल कर रहे हैं। #StandWithKhanSir
पटना विवाद: क्या रोशन आनंद पर है राजनीतिक दबाव?खान सर पर भाई की हत्या की साजिश का आरोप लगाने वाले रोशन आनंद के बयान में साफ दिख रही है पॉलिटिकल स्क्रिप्ट। सूत्रों की मानें तो खान सर की छवि खराब करने के लिए कुछ नेता रोशन आनंद को मोहरा बना रहे हैं। लाखों छात्र खान सर के साथ खड़े है
खान सर को टारगेट करने के लिए अब 'पॉलिटिकल टूल' का इस्तेमाल शुरू हो चुका है! रोशन आनंद का जेल से निकलते ही खान सर पर आरोप लगाना साफ दिखाता है कि पीछे से कोई राजनीतिक दल रिमोट कंट्रोल चला रहा है। एक सच्चे शिक्षक को बदनाम करने की यह साजिश बेहद शर्मनाक है।
#StandWithKhanSir#KhanSir