युवा पंचायत सहायक इस प्रदेश का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। यदि समाजवादी पार्टी द्वारा हम सभी पंचायत सहायकों को स्थायी करने का स्पष्ट आश्वासन दिया जाता है, तो प्रदेश भर के 57,695 पंचायत सहायक, उनके परिवार व रिश्तेदार मिलकर #PDA का पूर्ण समर्थन करेंगे तथा वर्ष 2027 में समाजवादी.....
विधायकों सांसद का कभी इंटरनेट बिल महीने का चेक करिए 8 से 10 हजार होता है लाखों में सैलरी मिल रही।
आज की विकट महंगाई में कौन सा कर्मचारी अपना पूरा समय देकर 6000 से 7000 सैलरी की नौकरी कर पाएगा।
कौन है न्याय करने वाला ??
@ranvijaylive
2021 से ₹6000 पर अटके पंच���यत सहायक 2026 में भी इंतजार कर रहे। बजट सत्र में शिक्षामित्रों को तोहफा, हमारा क्या? कम से कम ₹18000 तो दें! @CMOfficeUP
न्याय करो।
@DirectorUPPR @oprajbhar
हे मेरे वीर पंचायत सहायकों कब जागोगे तुम लोग
शिक्षामित्र का मानदेय 10000 से बढ़कर 18000 मुख्यमंत्री जी ने घोषणा कर दिया
हम पंचायत सहायकों का क्या 6000 में अपना घर पाल सकते हैं उठो और जागो क्योंकि यह शोषण बंद नहीं होगा जब तक आवाज बुलंद नहीं होगी
कैसे कैसे? मंत्री बन जा रहे है ऐसे अनपढ़ मंत्री जिनको अपने मंत्रालय के बारे में नहीं पता मंत्री जी को दिए गए मंत्रालय के कर्मचारियों के बारे में नहीं पता यह प्रदेश के जनता का क्या ही विकास करेंगे
@oprajbhar आप पंचायती राज मंत्री पद से इस्तीफा दे दीजिए इस पद के लायक नहीं है आप।
#तुगलकी_फरमान#अत्यधिक_निंदनीय
सिर्फ़ ₹6000 मानदेय देने वाले पंचायत सहायकों से अब सुबह 9:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है।
👉 ज़रा सोचिए, यह नियम किस हद तक अन्यायपूर्ण है।
👉 जब मानदेय न्यूनतम मजदूरी से भी कम है, तब इतना बड़ा कार्यकाल और इतना सख़्त नियम थोपना सरासर शोषण है।
👉 पंचायत सहायकों को पूर्णकालिक “फुल टाइम सरकारी कर्मचारी” जैसा काम कराना और वेतन “मजदूरी से भी कम” देना किसी भी दृष्टि से न्यायोचित नहीं है।
हम इस���ी कड़ी निंदा करते हैं
हम पंचायत सहायकों के साथ इस तरह का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
या तो मानदेय बढ़ाओ, या फिर ऐसे तुगलकी नियम वापस लो।
#बहिष्कार
@myogiadityanath @uppanchayatiraj
@myogioffice @yadavakhilesh
@oprajbhar @INCUttarPradesh
@UPGovt @spgoyal @bstvlive
@rajendradev6 @IASEverester
माननीय मुख्य सचिव जी @ChiefSecyUP
उक्त प्रकरण के मामले में एक पत्र में इतने बेबुनियादी आरोप लगाए गए है जो समस्त 57000+ पंचायत सहायक के आत्मसम्मान , मौलिकता और स्वाभिमान की गरिमा भंग करते है
> अतः हम जवाब चाहते है सभी आरोपों का किस आधार पर किस साक्ष्य के अंतर्गत कार्यवाही की गई।
1. पहला आरोप : हमारे मीडिया प्रभारी पर यह आरोप लगाया गया कि वह अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं, पंचायत सहायकों को भड़काते हैं और कार्य में बाधा डालते हैं।
महोदय, ज़रा ��ह बताइए
यदि कार्य में वास्तविक कठिनाइयाँ न होतीं, तो क्या 57,000 पंचायत सहायक एक साथ विरोध करते, बहिष्कार करते, अपनी समस्याएँ गिनाते?
क्या सभी 57,000 कर्मचारी फालतू हैं?
हमारे मीडिया प्रभारी केवल समस्याओं को सामने रखकर कर्मचारियों को एकजुट कर रहे हैं, और यह हमारा मौलिक अधिकार है।
संगठित होना और अपनी कठिनाइयाँ बताना संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकार है, अपराध नहीं।
यहां पर यह भी ध्यान दिलाना ज़रूरी है कि
सभी डीएम महोदय द्वारा आए हुए समस्त आदेशों का सभी 75 जिलों में पालन किया जाता है जिसमें फैमिली ID, आयुष्मान कार्ड और अन्य सभी कार्य अपने निजी फोन इंटरनेट का प्रयोग करते हुए पंचायत सहायकों ने बिना किसी बहिष्कार के पूरे किए हैं।
लेकिन क्रॉप सर्वे फील्ड वर्क है, इसमें वास्तविक खतरे हैं—दुर्घटनाएँ हो सकती हैं, जंगली जीव काट सकते हैं।
तो ��से में कौन जिम्मेदार होगा?
इलाज का खर्च कौन देगा?
बीमा और संसाधनों की आपूर्ति कौन करेगा?
तभी तो आवाज उठाई जा रही की हमारी समस्याओं का समाधान किया जाए या सर्वे से पृथक रखा जाए
इन जायज़ प्रश्नों के समाधान की मांग करना अभद्रता नहीं, बल्कि लोकतंत्र में नागरिक का अधिकार है।
महोदय, कृपया बताइए कि इन सवालों को उठाना कैसे अभद्रता और बाधा कहलाता है?
@IASEverester
@dmazamgarh
2. दूसरा आरोप जन्म-मृत्यु ID हैकिंग का लगा��ा गया सवाल यह है कि जब तक व्यक्ति के मोबाइल पर OTP न पहुँचे, तब तक कोई ID हैक कैसे हो सकती है?
फिर भी आदेश था कि पंचायत सहायकों की अलग से ऑपरेटर ID बनाई जाए, लेकिन किसी ग्राम पंचायत में यह आदेश लागू ही नहीं किया गया। यह तो स्वयं अपर मुख्य सचिव का आदेश था। और जब यही सचिवगण प्राइवेट संचालकों को ID देकर कार्य कराते हैं, तब आपकी जांच कहाँ चली जाती है? @IASEverester
@dmazamgarh
3. ती��रा आरोप :
जिस पंचायत सहायक ने ग्राम पंचायत में डिजिटल सेवाएं पहुँचाकर 400 लोगों को लाभान्वित किया, उसी को गबन का आरोपी बना दिया गया।
जब OSR खाते में कोई लेन-देन ही न हुआ, तो सवाल सचिव से क्यों नहीं?
वित्तीय मामलों का जिम्मा सचिव का है, न कि पंचायत सहायक का।
यह कार्रवाई लापरवाह सचिव की ढाल बनाकर ईमानदार सहायकों पर ठीकरा फोड़ने की कोशिश है।
जब 57000 ग्राम पंचायत में यह नियम अभी तक लागू नहीं हुआ तो आप इस�� गबन का नाम कैसे दे सकते है ?? @uppanchayatiraj
@DirectorUPPR @dmazamgarh
ये सभी सवाल आरोप बहुत बड़े प्रश्न खड़े करते यदि आपकी आपके ब्लॉक की कार्यप्रणाली इतनी ही पारदर्शी है तो आपने अभी तक क्यों सचिवों को OSR खाते में धनराशि जमा कराने हेतु निर्देशित किया क्यों आपके द्वारा सिर्फ पंचायत सहायक के कंधे से बंदूक चलाई जा रही है ।।।
महोदय हम शांत नहीं रहेंगे आपने हमारे स्वाभिमान, मौलिकता,और समस्त पंचायत सहायक साथियों की भावना��ं के साथ खिलवाड़ किया है यह कतई बर्दाश्त नहीं है।
#JusticeForMediaPrabhari
श्रीमान, जिलाधिकारी महोदय, @dmfatehpur से आग्रह है कि DPRO के इस आदेश को पूर्णतः रद्द करें ऐसे आदेश #पंचायत_सहायकों पर जान बूझकर थोपे जा रहे हैं, स्वयं DPRO बताएं कि जनपद में कितने पंचायत सहायकों को ���िभाग ने फोन और इंटरनेट व्यवस्था उपलब्ध करवा दी है?
#अन्य_कार्य_बहिष्कार
#PSU
आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का कार्य #पंचायत_सहायक क्यों करेंगे? हर बार हर विभागों के कार्यों में पंचायत सहायकों क�� क्यों जोड़ा जाता है?
जान बूझकर पंचायत सहायकों को प्रताड़ित करने का ये ड्रामा अब नहीं चलेगा अन्य विभागों के कार्यों का ठेका सहायकों ने नहीं लिया है।
#अन्य_कार्य_बहिष्कार
कुशीनगर : थाने में घुसकर प्रदर्शन करने का वीडियो हुआ वायरल
हिन्दू धर्म की भावनाओं पर एक विशेष समुदाय के व्��क्ति द्वारा अमर्यादित टिप्पणी करने के मामले में हुआ प्रदर्शन
शिकायत के बाद भी कार्रवाई न करने से नारा�� थे बजरंग दल के कार्यकर्ता
थाने घुसकर दर्जनों दर्जनों कार्यकर्ताओं ने किया जमकर प्रदर्शन
विशुनपुरा थाने का बताया जा रहा है वायरल वीडियो
@kushinagarpol @Uppolice @dgpup
#UP पंचायत सहायकों से 10 से 5 बजे तक कार्य और मानदेय 6000₹ । 2 साल बीत गया। अब स्थायी काम दो #upgov अब शोषण बन्द करो।
👇मुख्य मांगे
1- मानदेय बढ़ाकर 18000₹ किया जाए।
2- पद को स्थायी कर pay ग्रेड लागू किया जाए
3- मानदेय DBT द्वारा दिया जाए।
4- c ग्रेड राज्यकर्मी घोषित किए जाए