दिल्ली नगर निगम के 600 से अधिक सफाई कर्मचारियों को आज माननीय मुख्यमंत्री @AtishiAAP जी की उपस्थिति में पक्का किया गया। यह @ArvindKejriwal जी की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। सभी कर्मचारियों और उनके परिवारों को बधाई!
.@ArvindKejriwal जी वो व्यक्ति है, जिन्होंने आम आदमी के दर्द को समझा और दिल्ली के लोगों की ज़िंदगी बदल दी।
आज तपती गर्मी में भी 24x7 फ्री बिजली देना हो, कच्ची कॉलोनियों में पाइपलाइन डलवाकर महिलाओं को टैंकर की लाइनों से आजादी दिलवानी हो, शानदार सरकारी स्कूलों के ज़रिये ग़रीब बच्चों का भविष्य संवारना हो। अरविंद केजरीवाल जी ने मात्र 10 सालों में वो सब कर दिखाया जो बाक़ी नेता 75 सालों में नहीं कर सकें।
लेकिन ग़रीब विरोधी भाजपा को ये सहन नहीं हुआ और दिल्लीवालों के काम रोकने के लिए इन्होंने झूठे केस में अरविंद जी को जेल में बंद कर दिया। कोर्ट ने इस फ़र्ज़ी केस में एजेंसियों के मुँह पर तमाचा मारते हुए अरविंद जी को जमानत दे दी। लेकिन अरविंद केजरीवाल जी को अपनी ईमानदारी पर लगा ये दाग बर्दाश्त नहीं है, इसलिए एक पल भी सोचे बिना उन्होंने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया।
अब अरविंद केजरीवाल जी का फैसला जनता की अदालत में है और दिल्ली अपने ईमानदार बेटे को फिर से मुख्यमंत्री बनाएगी।
📍 जनता की अदालत, छत्रसाल स्टेडियम, दिल्ली
मोदी जी अरविंद केजरीवाल जी के बारे में एक बात जान लेना- जेल से, मुकदमे से, लाठी से न केजरीवाल रुकने वाले हैं और न उनकी फौज रुकने वाली है।
#Laxminagarvidhansabha2025#jantakiadalatmainkejriwal
📍 जनता की अदालत, छत्रसाल स्टेडियम, दिल्ली
मोदी जी अरविंद केजरीवाल जी के बारे में एक बात जान लेना- जेल से, मुकदमे से, लाठी से न केजरीवाल रुकने वाले हैं और न उनकी फौज रुकने वाली है।
#Laxminagarvidhansabha2025#jantakiadalatmainkejriwal
आज मैंने दिल्ली के मुख्यमंत्री की ज़िम्मेदारी सँभाली है। आज मेरे मन में वो ही व्यथा है जो भरत के मन में थी जब उनके बड़े भाई भगवान श्री राम 14 साल के वनवास पर गए थे, और भरत जी को अयोध्या का शासन सँभालना पड़ा था। जैसे भरत ने 14 साल भगवान श्री राम की खड़ाऊँ रख कर अयोध्या का शासन सम्भाला, वैसे ही मैं 4 महीने दिल्ली की सरकार चलाऊँगी…
कल शाम सिटी एसपी ज़ोन द्वारा चांदनी चौक के ऐतिहासिक टाउन हॉल में एक शानदार फूड और म्यूजिक फेस्टिवल का आयोजन किया गया। इस मौके पर पुरानी दिल्ली के बेहतरीन पकवानों के साथ फ़ूड मेले का लुत्फ़ उठाया गया और ग़ज़लों की महफ़िल ने समां बाँध दिया।