This is official account of Ajay Verma/Member of the Indian National Congress/ Tv panelist inc party/Ex.Spokes person/राष्ट्रीय नेता स्वर्णकार समाज.
@incindia
#LIVE | "2027 में हम प्रचंड जीत के साथ सरकार बनाने जा रहे हैं।"— यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बोले कांग्रेस नेता अजय वर्मा (@inc_averma)
.
.
.
देखिए 'पूछता है भारत' ऐश्वर्य के साथ रिपब्लिक भारत पर : https://t.co/qx2antNeTh
.
.
#YogiAdityanath#AmitShah#AkhileshYadav#UPNews #Mission2027 #UPElection2027 #BJP #SamajwadiParty #PDAPolitics #LawAndOrder #ModiYogiMeet #7LKM #DelhiPolitics
#LIVE | "2027 में हम प्रचंड जीत के साथ सरकार बनाने जा रहे हैं।"— यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बोले कांग्रेस नेता अजय वर्मा (@inc_averma)
.
.
.
देखिए 'पूछता है भारत' ऐश्वर्य के साथ रिपब्लिक भारत पर :
https://t.co/Bqaq3WZXmA
.
.
#YogiAdityanath#AmitShah#AkhileshYadav #UPNews #Mission2027 #UPElection2027 #BJP #SamajwadiParty #PDAPolitics #LawAndOrder #ModiYogiMeet #7LKM #DelhiPolitics
#LIVE | "उत्तर प्रदेश देवताओं की भूमि है, नकली सनातनियों की नहीं…अखिलेश यादव जी कहीं से यात्रा शुरू करें" — रायबरेली से अखिलेश यादव की PDA यात्रा पर बोले कांग्रेस नेता अजय वर्मा (@inc_averma)
.
.
देखिए 'महाभारत' राम मोहन शर्मा (@ramm_sharma) के साथ रिपब्लिक भारत पर : https://t.co/UjMAgvuyZk
.
.
.
#UPElection2027 #CMYogi #AkhileshYadav #RahulGandhi #SamajwadiParty #Congress #Raebareli #PDARath #UPPolitics #AsaduddinOwaisi #PDA #BJP #BreakingNews #UPNews #PosterControversy #IndiaAlliance #SamajwadiPartyNews
#LIVE | "उत्तर प्रदेश देवताओं की भूमि है, नकली सनातनियों की नहीं…अखिलेश यादव जी कहीं से यात्रा शुरू करें" — रायबरेली से अखिलेश यादव की PDA यात्रा पर बोले कांग्रेस नेता अजय वर्मा (@inc_averma)
देखिए 'महाभारत' राम मोहन शर्मा (@ramm_sharma) के साथ रिपब्लिक भारत पर :
https://t.co/2ZxnwkWRQD
#UPElection2027 #CMYogi #AkhileshYadav #RahulGandhi #SamajwadiParty #Congress #Raebareli #PDARath #UPPolitics #AsaduddinOwaisi #PDA #BJP #BreakingNews #UPNews #PosterControversy #IndiaAlliance #SamajwadiPartyNews
दिल्ली में एक 17 साल की बच्ची के साथ क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गईं और उसके बाद उसे बर्बरता से मार डाला गया। कुछ ही दिनों पहले एक और नाबालिग लड़की का बलात्कार किया गया।
देश में महिला सुरक्षा के लिए कोई ज़िम्मेदारी लेने को तैयार ही नहीं है - महिलाओं के विकास की सिर्फ़ खोखली बातें की जाती हैं। सैकड़ों महिलाओं पर अत्याचार होते हैं, हिंसा होती है मगर अपराधियों पर ठोस कार्रवाई की वे उम्मीद नहीं कर सकतीं - FIR दर्ज तक नहीं होते।
समाज और सरकार दोनों, महिलाओं को सुरक्षा, स्वतंत्रता और समानता का अधिकार देने में पूरी तरह से विफल हैं।
"एक बार इंदिरा गांधी जी से पूछा गया कि उनका झुकाव लेफ्ट की ओर है या राइट की ओर...? उनका जवाब था - मेरा झुकाव न लेफ्ट है, न राइट, मैं रीढ़ सीधी रखती हूं। लेकिन मोदी जी का सिद्धांत अलग है, उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के सामने सीधे लेट जाने का फैसला किया है। उन्होंने अमेरिका को भारी मुनाफा पहुंचाने के लिए UPI पर चार्ज लगाकर हर एक भारतीय पर टैक्स थोप दिया है। मोदी जी, रीढ़ सीधी कीजिए और UPI टैक्स वापस लीजिए।"
~ राहुल गांधी जी, नेता प्रतिपक्ष
बिहार में भयानक बाढ़ की वजह से हुई तबाही का समाचार अत्यंत दुखद है। प्रदेश के लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। बड़ी संख्या में जन-धन की हानि हुई है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।
सरकार से मेरी अपील है कि राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाई जाए ताकि प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द मदद पहुंच सके। कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आग्रह है कि प्रभावित लोगों की यथासंभव मदद करें। पूरा देश आपदा में प्रभावित लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है।
Vote chori is a crime against the Indian people and a direct attack on our constitution.
The BJP, RSS and EC who organised it have committed an act of treason.
Justice will be served.
The video from Jamui, Bihar is deeply disturbing.
Two Class 10 students were stopped on a road. Harassed. Humiliated. Molested. A young girl, hands folded, begged to be let go while goons groped her and dragged her away.
Who gave these men the right to behave like this? This is not "culture." It is patriarchy: the belief that any man can police a girl's body, her movement, her choices.
When control is mistaken for culture, and such attitudes are normalised by Andhbhakts, mobs start believing they are the law.
Every individual in that video must be identified and prosecuted under POCSO, and justice must be swift. And if the incident happened on September 19th, why are the culprits not behind bars yet?
And the Bihar government must answer why a girl is not safe on a public road at 7 pm?
बिहार के जमुई का एक वीडियो बहुत बेचैन करने वाला है।
10वीं क्लास के एक छात्र और छात्रा को रास्ते में जबरदस्ती रोक लिया गया। उन्हें प्रताड़ित किया गया, अपमानित किया गया और छात्रा के साथ उत्पीड़न किया गया। बच्ची हाथ जोड़कर उसे जाने देने की विनती करती रही, मगर गुंडे उसे गलत तरीके से छूते और खींचतान करते रहे।
इन लोगों को ऐसी बदतमीज़ी करने का हक किसने दिया? यह "संस्कृति" नहीं है, यह patriarchy है: ये सोच कि किसी भी पुरुष का किसी लड़की के शरीर, उसके आने-जाने और उसकी पसंद-नापसंद पर नियंत्रण है।
जब नियंत्रण को ही संस्कृति मान कर 'अंधभक्त' ऐसी सोच को सामान्य ठहराते हैं, तो भीड़ को लगने लगता है कि वही कानून है।
उस वीडियो में दिख रहे हर व्यक्ति की पहचान होनी चाहिए और उन अपराधियों पर POCSO के तहत मुकदमा चलाकर उन्हें जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए। और अगर ये घटना 19 सितंबर की है तो गुनहगार अब तक सलाखों के पीछे क्यों नहीं हैं?
और बिहार सरकार जवाब दे कि शाम 7 बजे कोई लड़की राज्य की सड़कों पर सुरक्षित क्यों नहीं है?
“उस मासूम की क्या गलती थी?”
सत्य निकेतन की त्रासदी में अपने बेटे, अर्पित जाज, को खोने वाला परिवार डबडबाई आंखों से यही सवाल पूछ रहा है।
अगर अच्छे और सुरक्षित हॉस्टल होते, तो उन्हें अपने बच्चे को ऐसी खतरनाक जगह में रखने के लिए मजबूर न होना पड़ता। और अगर सुरक्षा मानकों का सच में पालन होता, तो शायद यह त्रासदी होती ही नहीं - एक ऐसी त्रासदी, जिसकी कल्पना उन बच्चों और उनके माता-पिता ने सपने में भी नहीं की होगी।
सिस्टम की गैर-जिम्मेदारी और भ्रष्टाचार ने सपनों से भरी कई जिंदगियां छीन लीं और उम्मीदों से भरे कई परिवारों को उजाड़ दिया।
अर्पित का परिवार भी पूरे देश की तरह जवाबदेही मांग रहा है। वे चाहते हैं कि छात्रों की जिंदगी की जिम्मेदारी तय हो, ताकि फिर किसी माता-पिता को अपने बच्चे को इस तरह खोने का दर्द न सहना पड़े।
सिस्टम से मेरा सीधा सवाल है: नए और सुरक्षित हॉस्टल क्यों नहीं बनाए जा रहे? छात्रों को असुरक्षित PG में रहने के लिए मजबूर क्यों होना पड़ रहा है? सत्य निकेतन हादसे की जांच कहां तक पहुंची?
"सरकार के पास दिया जलाने के लिए पैसा है - हमारे हॉस्टल के लिए क्यों नहीं?"
यह सवाल कल इंदौर में एक छात्रा ने मुझसे पूछा।
गाँव से पढ़ने शहर आई। हॉस्टल है नहीं, तो PG में रहना पड़ता है। सिर्फ़ सुरक्षित रहने में लाखों ख़र्च हो जाते हैं। हर महीने किराए की चिंता, और बेघर होने का डर - इसी में पढ़ाई करनी पड़ती है।
कई लड़कियाँ इसी वजह से पढ़ाई छोड़ देती हैं। सिर्फ़ इसलिए कि रहने की जगह नहीं है।
और आवास भत्ता? महंगाई के साथ बढ़ता नहीं, ऊपर से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है।
@narendramodi जी - उस बच्ची के सवाल का कोई जवाब है आपके पास?
देश पर एक system का कब्ज़ा है - परत दर परत।
कौन है ये सिस्टम?
RSS और "हम दो, हमारे दो" की अगुवाई में गिनती के लोगों ने मिल कर भारत की हर संस्था पर अपना नियंत्रण कर लिया है।
सरकार हो, व्यापार हो, शिक्षा हो, स्वास्थ्य हो, खेल हो, मीडिया हो, न्यायपालिका हो, चुनाव आयोग हो या bureaucracy - इस सिस्टम में हुनर नहीं, पैसा और पहुंच मायने रखता है।
इस क़ब्ज़े के खिलाफ, भ्रष्टाचार के खिलाफ, अन्याय के खिलाफ छात्रों की आवाज़ ही सिस्टम के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।
इसीलिए system को students से खतरा है - क्योंकि वो सवाल पूछते हैं, जवाबदेही मांगते हैं।
इसी डर से सिस्टम छात्र नहीं, अंधभक्त चाहता है - छात्रों को प्रताड़ित करता है, अंधभक्त को बढ़ावा देता है, ताकि कोई सवाल न उठे और मनमानी चलती रहे।
#ChhatronKiGoonj
नंदीग्राम उपचुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी कोई संयोग नहीं, राजनीतिक प्रतिशोध है - लोकतंत्र की हत्या है।
BJP का निष्पक्ष चुनाव में भरोसा ही नहीं - इसलिए कभी वोट चोरी, कभी सरकार चोरी और कभी पार्टी चोरी से सत्ता बचाना चाहती है।
वो चुनाव नहीं लड़ना चाहते, चुनावी मुकाबला ही खत्म कर देना चाहते हैं।
कांग्रेस न डरेगी, न झुकेगी।
हम लड़ेंगे भी, जीतेंगे भी।
मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी,
इंदौर में ‘छात्रों की गूँज’ कार्यक्रम में OBC वर्ग के छात्रों ने बताया कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद 27% OBC आरक्षण के तहत 13% पदों पर नियुक्तियां वर्षों से रुकी हुई हैं।
सभी छात्र बहुत पीड़ा में हैं - चार साल से अधिक समय से इंतज़ार कर रहे इन युवाओं का कीमती वक्त अब और ज़ाया नहीं होना चाहिए।
उनकी बात सुनिए, सभी दलों की सर्वसम्मति से पारित 27% OBC आरक्षण लागू कीजिए और सभी चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति दीजिए।