नरेश भाईसाहब ने भामाशाह मातादीन जी पणिहार के पैतृक गांव छाटक्या(बानसूर) पहुंचकर उनके ���्वर्गीय पिताजी श्री बहादुर सिंह जी पणिहार को श्रद्धांजलि अर्पित की!
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें।
प्रेम ,त्याग ,और संस्कार एक ही तस्वीर में..!!
कुछ तस्वीरें हमें अहसास कराती हैं
जो है बेहतर है ,इसलिए बेहतरीन की तलाश में
अपने ईमान और चरित्र का सौदा नहीं करन�� चाहिए।।।
आज के समय में अनशन करो या जान दाँव पर लगा दो सत्ता कान पर जूँ तक नहीं रेंगने देती।
किसान मह��नों बैठे रहे, जानें गईं… फिर भी सिस्टम ने कान बंद किए रखे। यही आज की राजनीति है।
मेरी बात मनो चुप चाप घर बैठ जाओ नहीं तो भूखे चले जाएंगे कोई पूछेगा भी नहीं।
क्या इनको भूख हड़ताल से कोई फायदा होगा ?