Telecom Companies ऐसे Recharge Plans offer करती हैं जिनमें ‘Daily Data Limits’ जैसे 1.5GB, 2GB या 3GB per day होती हैं, जो हर 24 hours में reset हो जाती हैं। बचा हुआ data midnight पर expire हो जाता है, जबकि उसके पूरे पैसे पहले ही दिए जा चुके होते हैं।
आपको 2GB के लिए charge किया जाता है। आप 1.5GB use करते हैं। बचा हुआ 0.5GB दिन खत्म होते ही गायब हो जाता है। कोई refund नहीं। कोई rollover नहीं।
मैंने आज यह मुद्दा Parliament में उठाया की जिस data के लिए हमने पूरी payment की है, वो दिन समाप्त होने पर Expire नहीं होना चाहिए।
बचा हुआ data अगले दिन की data limit में carry forward होना चाहिए, ताकि users Data इस्तेमाल कर सकें जिसके लिए उन्होंने पहले ही pay किया है।
संसद में आज मेरी demands हैं -
1.सभी users के लिए Data carry-forward / Data rollover की सुविधा दी जाए। जो data दिन के अंत तक use नहीं होता, उसे अगले दिन की limit में add किया जाए, न कि validity खत्म होते ही ख़त्म कर दिया जाए।
2.अगले महीने के recharge amount में unused data का adjustment का option दिया जाए। अगर कोई user लगातार अपना data under-utilise करता है, तो अगले monthly recharge में उस value का adjustment या discount मिलना चाहिए। users को बार-बार उस लिमिट के लिए pay नहीं करना चाहिए जो वे use ही नहीं करते।
3.Unused data को relatives और friends को transfer करने का option दिया जाए। Unused data को user की digital property माना जाना चाहिए। उपभोक्ता को अपने daily data limit से unused data दूसरों को transfer करने की permission होनी चाहिए, बिल्कुल उसी तरह जैसे पैसे transfer किए जा सकते हैं।
आज मोबाइल डेटा कोई luxury नहीं, Digital oxygen बन चुका है। टेलीकॉम कंपनियों की ये लूट बंद होनी चाहिए।
Prepaid Recharge Customers के साथ हो रही लूट का मुद्दा आज मैंने Parliament में उठाया।
(a) अगर आपका recharge खत्म हो जाए तो Outgoing Calls बंद होना समझ में आता है, लेकिन Incoming Calls बंद करना मनमानी है।रिचार्ज खत्म होते ही न कोई आपसे संपर्क कर सकता है और न ही आपके फोन पर OTP जैसे जरूरी मैसेज आ पाते हैं। Emergency के हालातों में व्यक्ति बेसहारा हो जाता है।
(b) 28 दिन का Recharge plan एक scam है। साल में महीने 12 होते हैं लेकिन रिचार्ज 13 बार करवाना पड़ता है (28 days x 13 times = 364 days).
Recharge plan की वैधता calender months (30–31 दिन) के हिसाब से होनी चाहिए, क्योंकि 28 दिन के चक्कर में लोगों को साल भर में एक अतिरिक्त रिचार्ज करवाना पड़ता है।
मोबाइल आज के समय में Luxury नहीं, बल्कि आम नागरिक की Necessity बन चुका है।
इसलिए टेलीकॉम कंपनियों को उपभोक्ताओं के साथ Fair और Transparent रवैया रखना चाहिए।
आवश्यक जानकारी :~
-------------------
कोई भी पुलिसकर्मी बिना कारण आपको न तो थप्पड़ मार सकता है और न ही मारपीट कर सकता है। ऐसा करना BNS धारा 115 के तहत अपराध है। इसमें दोषी पुलिसकर्मी को 1 साल की जेल या ₹10,000 जुर्माना हो सकता है।
ध्यान रखें,
कानून सबके लिए बराबर है – चाहे आम नागरिक हो या पुलिसकर्मी। इसलिए अगर आपके साथ ऐसा हुआ है तो:
• नज़दीकी थाने में संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ FIR दर्ज कराएँ।
• घटना में तुरन्त सहायता पाने के लिए पुलिस हेल्पलाइन 100 या फिर आपात हेल्पलाइन 112 को कॉल करें। यह एक रिकॉर्डेड हेल्पलाइन हैं जिसे भविष्य में आप साक्ष्य के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
• अगर क्षेत्रीय थाना FIR दर्ज न करें तो इसकी लिखित शिकायत जिला पुलिस अधीक्षक/पुलिस आयुक्त/ पुलिस महानिदेशक और मानवाधिकार आयोग में दर्ज करें।
• ज़रूरत पड़ने पर दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ न्यायालय में याचिका दायर करें।
साभार: @NCIBHQ
अशोक गहलोत के ओएसडी रहे खुलासा किया है कि राजस्थान में जितने भी पेपर लीक हुए हैं वह खुद अशोक गहलोत ने करवाए हैं
मुख्यमंत्री और कई मंत्री भी राजस्थान के सभी पेपर लीक कांड में शामिल थे