बापू
तुम्हारी
यह मोनालिसा सी
तिर्यक मुस्कान
अबूझ पहेली
नजर आती है
समझ ही नहीं आता
कि इस हंसी के पीछे
विद्रूप है,
विसंगति है
या फिर बेबसी
ख़ैर
और जो भी हो
तुम खुश तो नहीं ही होगे
तुम्हारे सपनों का भारत
ऐसा तो नहीं था न ?
#MahatmaGandhi
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।
भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, कर्तव्य और सत्य के मार्ग पर अडिग रहते हुए समाज के कल्याण के लिए कर्म करने की प्रेरणा देता है।
प्रभु श्रीकृष्ण की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे।
जय श्री राधे-कृष्ण!
झारखंड में पर्यटन की संभावनाओं को नई दिशा देने और पर्यटन परिसंपत्तियों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में कर्नाटक सरकार के साथ महत्वपूर्ण एवं सकारात्मक संवाद हुआ।
झारखंड सरकार के अध्ययन दल के साथ कर्नाटक प्रवास के दौरान कर्नाटक सरकार के माननीय वन मंत्री श्री ईश्वर खांड्रे जी एवं माननीय पर्यटन मंत्री श्री के. जे. जॉर्ज जी से मुलाकात कर पर्यटन एवं वन प्रबंधन के क्षेत्र में दोनों राज्यों के बीच आपसी सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में कर्नाटक सरकार के पर्यटन सचिव, जंगल लॉज एंड रिसॉर्ट्स (JLR) के एमडी एवं ईडी तथा कर्नाटक स्टेट टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
इस दौरान कर्नाटक सरकार की प्रतिष्ठित संस्था Jungle Lodges & Resorts (JLR) द्वारा वन एवं पर्यटन क्षेत्रों में स्थित विभिन्न पर्यटन परिसंपत्तियों के संचालन, रखरखाव और प्रबंधन की कार्यप्रणाली का अध्ययन किया गया। विशेष रूप से संस्थान के मैनेजमेंट मॉडल, मानव संसाधन प्रबंधन, प्रोक्योरमेंट व्यवस्था, संचालन प्रणाली तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की प्रक्रिया को समझा गया।
बैठक में Jungle Lodges & Resorts को झारखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर स्थित पर्यटन परिसंपत्तियों एवं रिसॉर्ट्स के बेहतर संचालन और प्रबंधन के लिए Knowledge Partner के रूप में जोड़ने की संभावनाओं पर भी विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। इस दिशा में संभावित MoU तथा दोनों राज्यों के सहयोग से आगे की कार्ययोजना तैयार करने पर सकारात्मक चर्चा हुई।
माननीय वन मंत्री श्री ईश्वर खांड्रे जी के साथ बैठक में झारखंड में मानव-हाथी संघर्ष की गंभीर चुनौती पर भी विशेष चर्चा हुई। इस समस्या से निपटने के लिए झारखंड सरकार द्वारा पूर्व में कर्नाटक सरकार से 6 प्रशिक्षित कुमकी हाथियों की मांग की गई थी। इस विषय पर कर्नाटक सरकार की ओर से सैद्धांतिक सहमति प्राप्त हुई है। अब दोनों राज्य सरकारें आपसी समन्वय से आगे की कार्ययोजना तैयार करेंगी।
यह अध्ययन भ्रमण देश के सफल मॉडलों से सीखकर उन्हें झारखंड की परिस्थितियों एवं आवश्यकताओं के अनुरूप अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
हमारा प्रयास है कि झारखंड की समृद्ध प्राकृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए पर्यटन परिसंपत्तियों का बेहतर प्रबंधन हो, पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिले और राज्य में टिकाऊ एवं जिम्मेदार पर्यटन को नई गति मिले।
@HemantSorenJMM
दुमका से माननीय विधायक, झामुमो के जुझारू और युवा नेता भाई बसंत सोरेन जी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
ईश्वर से प्रार्थना है कि वे आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु प्रदान करें।
@BasantSorenMLA
आज रक्षाबंधन के पावन अवसर पर गिरिडीह की महापौर श्रीमती प्रमिला मेहरा जी ने राखी बांधी। भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का यह पवित्र बंधन हम सभी के जीवन में सदैव खुशियां लेकर आए।
आप सभी को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं।
सभी देशवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं एवं जोहार।
मां भारती की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले महान क्रांतिकारियों, स्वतंत्रता सेनानियों व अमर शहीदों को कोटि-कोटि नमन!
जय हिन्द, जय भारत 🇮🇳
खनिज संशोधन विधेयक-2026 के खिलाफ झामुमो का आर-पार का ऐलान!
मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा—केंद्र सरकार काला खनिज विधेयक वापस ले, वरना जन-जागरण से लेकर चरणबद्ध आंदोलन और आर्थिक नाकेबंदी तक की जाएगी। 16-18 अगस्त तक गांव, पंचायत और प्रखंड स्तर पर जन-जागरण अभियान।
#Jharkhand
देश की माननीय राष्ट्रपति आदरणीय श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी को पत्र लिखकर खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर झारखंड और झारखंडवासियों की गंभीर चिंताओं से अवगत कराया है।
यह संशोधन केवल राजस्व का विषय नहीं, बल्कि राज्यों की विधायी एवं वित्तीय स्वायत्तता, संघीय ढांचे, आदिवासी समुदायों और खनन प्रभावित क्षेत्रों के अधिकारों से जुड़ा प्रश्न है।
माननीय राष्ट्रपति महोदया जी से विनम्र अनुरोध है कि विधेयक के संवैधानिक, संघीय, वित्तीय एवं सामाजिक प्रभावों पर गंभीरता से विचार करते हुए संविधान के अंतर्गत उपलब्ध सभी विकल्पों पर उचित विचार करने की कृपा करें, ताकि खनिज उत्पादक राज्यों, आदिवासी समाज और खनन प्रभावित क्षेत्रों के हितों को न्यायसंगत महत्व मिल सके।
@rashtrapatibhvn
माननीय प्रधानमंत्री आदरणीय श्री @narendramodi जी को पत्र लिखकर Mines and Minerals (Development and Regulation) Amendment Bill, 2026 पर पुनर्विचार हेतु आग्रह किया। प्रस्तावित प्रावधान झारखंड जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों के संवैधानिक अधिकारों, राजस्व, विकास और संघीय ढांचे पर गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं।
झारखंड के संवैधानिक एवं वित्तीय अधिकारों और राज्य की जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए मैं विनम्र अनुरोध करता हूं कि केंद्र सरकार इन प्रावधानों पर पुनर्विचार करने की कृपा करें।
माननीय लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री @RahulGandhi जी को पत्र लिखकर Mines and Minerals (Development and Regulation) Amendment Bill, 2026 के माध्यम से राज्यों के संवैधानिक एवं वित्तीय अधिकारों को सीमित करने के जो प्रयास केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे हैं उस पर साथ आवाज़ उठाने हेतु पत्र लिखा।
झारखंड के मेरे सभी युवा साथियों,
जोहार,
“छात्रों की बात - छात्रों के साथ” अभियान
(https://t.co/1Tf2OisNV9)
के तहत अब तक झारखंड के 8,500 से अधिक युवा साथियों ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं।
OMR से लेकर परीक्षा कैलेंडर, स्कोरकार्ड, प्रश्नपत्र, परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता, तकनीक के बेहतर उपयोग और JPSC सहित दोनों आयोगों में संवैधानिक दायरे में आवश्यक और जरूरी सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव हमारे पास आ रहे हैं।
जैसा मैने पहले भी कहा हमारा उद्देश्य केवल समस्याओं पर चर्चा करना ही नहीं है। हम वर्तमान की चुनौतियों का समाधान करते हुए ऐसी परीक्षा व्यवस्था का निर्माण करना चाहते हैं, जो वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए और पारदर्शी, निष्पक्ष, सुरक्षित, विश्वसनीय और जवाबदेह हो।
इसलिए मैं झारखंड के अपने सभी युवा साथियों से फिर अपील करता हूँ कि आप सभी अपने सुझाव देना जारी रखें।
आपका एक सुझाव केवल आज की परीक्षा व्यवस्था नहीं, बल्कि झारखंड के हजारों-लाखों युवाओं का भविष्य बेहतर बनाने में योगदान देगा।
यह सुधार राज्य सरकार का अकेला प्रयास नहीं होगा। यह झारखंड के मेरे युवाओं साथियों की जनभागीदारी से होने वाला सुधार होगा।
छात्रों की बात... छात्रों के साथ...
जोहार!
आज के छात्र आंदोलन के दौरान संयम, संवेदनशीलता और पूरी जिम्मेदारी के साथ स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन और पुलिस के सभी अधिकारियों एवं जवानों का मैं धन्यवाद करता हूं।
मेरे प्यारे युवा साथियों,
आपने अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ उठाई। लोकतंत्र में अपनी बात रखने का आपका अधिकार है और आपकी आवाज़ का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है।
सरकार ने आपकी बात सुनी है। हमारे सरकार के वरिष्ठ मंत्रीगण आपसे लगातार संवाद करते रहे हैं और मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि आपकी मांगों पर पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई होगी।
पिछले कुछ दिनों में आपने देखा है कि दोषी चाहे कोई भी हो, सरकार ने किसी को भी बख्शा नहीं है। हमारा स्पष्ट उद्देश्य है कि व्यवस्था में ऐसी कमियां दूर हों, जिससे भविष्य में किसी भी छात्र को परेशानी न उठानी पड़े।
हम परीक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम, सुरक्षित और जवाबदेह बनाना चाहते हैं। इस बदलाव में आपकी भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।
हमारा प्रयास है कि झारखंड केवल समस्याओं की चर्चा न करे, बल्कि यहाँ से समाधान की एक नई मिसाल कायम करे।
मैं यह भी समझता हूं कि आपके शांतिपूर्ण आंदोलन के बीच विपक्ष के कुछ लोगों ने राजनीतिक लाभ के लिए माहौल बिगाड़ने और छात्रों को भटकाने की कोशिश की। आप सभी से अपील है कि आप ऐसे किसी भी राजनीतिक नैरेटिव के बहकावे में न आएं।
आप झारखंड का भविष्य हैं। आपकी आवाज़ को नजरअंदाज करना नहीं, उसे सुनना और आपकी समस्याओं का समाधान करना हमारी जिम्मेदारी है।
मैं अपनी बात दोहराऊंगा कि आइए, संवाद और विश्वास के साथ मिलकर इस मुद्दे का समाधान करें।
#WATCH | Ranchi: JPSC-JSSC aspirants’ protest | Jharkhand Minister Sudivya Kumar Sonu says, “Following three days of marathon talks, the government demonstrated great magnanimity on several points in an effort to dissuade the students from the proposed agitation tomorrow. Unfortunately, despite these extensive efforts, the students remained unconvinced. The issues deliberated upon over these three days fell into three main categories: the investigation, the cancellation of suspect examinations, and systemic reforms to address the flaws or SOP-related issues that led to this situation. Upon receiving indications of irregularities in the 14th JPSC examination, the state government took swift action. Raids were conducted, and digital and documentary evidence was seized. Suspects were detained, interrogated, and subsequently remanded to judicial custody. Furthermore, the JPSC Chairman and all members resigned. The state government decided that the CID would investigate the irregularities, errors, and scams associated with the 14th JPSC examination. Additionally, a formal request would be sent to the Enforcement Directorate (ED) to join the investigation. The second issue concerned the cancellation of examinations. The government agreed to cancel the 14th JPSC examination, as well as the ‘Backlog 23’ and ‘Backlog 25’ examinations that were scheduled alongside it. Moreover, in light of the allegations against TDPL, the government decided that a comprehensive and detailed inquiry would be conducted into all examinations administered by TDPL, and appropriate decisions would be taken if widespread irregularities were uncovered. While the initial focus was on the JPSC issue, the students later included the CGL issue as well, demanding the cancellation of the CGL process. The government clearly explained to them that since the entire investigation and recruitment process had been conducted under the supervision of the Supreme Court and the High Court, it was not possible for the state government to cancel it. We promised to have the CGL investigation process monitored by a committee headed by a retired High Court judge.”
#WATCH | Ranchi: JPSC-JSSC aspirants’ protest | Jharkhand Minister Sudivya Kumar Sonu says, “The investigation has two aspects. One is criminal conspiracy; our CID will handle that part. However, regarding the issue of final financial implications, we believe the ED (Enforcement Directorate) is better suited for the task... We have witnessed firsthand the nature of CBI investigations in this state; the inquiries into the first and second JPSC examinations were conducted by the CBI. More than twenty years have passed since then. When we assured them that our CID would conclude the investigation within 90 days through a fast-track court process, they should have accepted that proposal."
झारखंड सरकार #JPSC और #JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के ख़िलाफ़ विरोध कर रहे छात्रों की ज़्यादातर मांगों पर सहमत हो गई है।
राज्य के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा और 2023-25 की बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमत हो गई है।
@kumarsudivya ने कहा कि सरकार कथित वित्तीय गड़बड़ियों की प्रवर्तन निदेशालय (#ED) से जांच, आपराधिक पहलुओं की #CID जांच और 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने पर भी सहमत हो गई है।
#Jharkhand
Jharkhand government has reached an agreement on most of the demands of students protesting against alleged irregularities in #JPSC and #JSSC examinations.
State Minister Sudivya Kumar Sonu said the government has agreed to cancel the 14th JPSC Preliminary Examination and the 2023-25 backlog examinations.
@kumarsudivya said the government has also agreed to an Enforcement Directorate probe into alleged financial irregularities, a CID investigation into criminal aspects and the setting up of a fast-track court to ensure chargesheets are filed within 90 days.
#Jharkhand