गुड मॉर्निंग अखिलेश यादव जी!
आपको क्या हो गया है अखिलेश जी। एक गलती को छुपाने के लिए दूसरी गलती। ना ना, ये मत किया कीजिए मित्र आप। अरे हमने आपसे कहा कि आपने डॉ सोनेलाल जी को याद नहीं किया तो आप दबाव में आकर उन्हें सम्मान देने का दिखावा करने लगे। हमारे कुर्मी भाईयों से आप झूठ बोलें, ये अच्छा लगता है क्या?
कुर्मी भाईयों से बोला गया आपका झूठ क्या था, आइये सबको बताते हैं।
सामाजिक न्याय के प्रखर पुरोधा श्रद्धेय डॉ. सोनेलाल पटेल जी की जयंती का मुद्दा आपके मित्र ओम प्रकाश ने उठा दिया। जब उठाया तब आप सोए थे। नींद खुली तो देखकर चौंक गए, बेचैन हो गए। सोचा अब क्या करूं। कुर्मी भाई तो पहले से ही हमें वोट नहीं देते थे, अगर देने की सोची भी होगी तो अब तो बिल्कुल ही नहीं देंगे।
अब ओम प्रकाश राजभर की सच्ची बात को काट नहीं सके आपने व्हाटसअप ग्रुप्स में श्रद्धेय डॉ. सोनेलाल जी की जयंती से जुड़ी खबर का स्क्रीन शॉट वायरल करवाने लगे।
अलग अलग व्हाटसअप ग्रुप्स में कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया कि 'भइया जी ने कहा है कि इस स्क्रीन शॉट को जमकर वायरल करवाना है। विशेषकर कुर्मी समाज से जुड़े ग्रुप्स में'।
चालाकी से स्क्रीन शॉट से तारीख को हटा दिया गया, जिससे लगे 'राजा बाबू' ने श्रद्धेय डॉ. सोनेलाल जी की जयंती मनाई थी।
मत कीजिए अखिलेश जी ऐसा। मत कीजिए। आप मित्र हैं, इसलिए सुझाव दे रहा हूं। आख़िर क्या मिल जाता है आपको झूठ प्रसारित करने से?
अरे मान लीजिए कि यादव और मियां भाई के अलावा आप किसी को नायक नहीं मानते तो इसमें क्या हर्ज है? सच थोड़ी ना बदल जाता है।
आपको क्या लगता है मेरे कुर्मी भाई मूर्ख हैं?
2 जुलाई 2023 की जिस खबर की असली तारीख छुपाकर और उसे 2026 की बताकर, उसका स्क्रीन शॉट व्हाटसअप ग्रुप्स में प्रसारित करवा रहे हैं, उसका मैं लिंक कमेंट बॉक्स में डाल रहा हूं। पढ़ लीजिएगा।
ओमप्रकाश अपने कुर्मी भाईयों के साथ आपको ठगी नहीं करने देगा।
राजनीति का ये जमाना ट्विटर, ऐसी, पीसी और व्हाटसअप का अब नहीं रहा। लेकिन आपके सारे पाप का पर्दाफाश यहीं पर करूंगा।
जय भारत, जय श्री राम, जय श्री कृष्ण, जय महाराज सुहेलदेव।
@yadavakhilesh
गुड मॉर्निंग अखिलेश जी। उठ जाइए, सुबह हो चुकी है। कितना सोयेंगे महाराज।
अच्छा सुनिए। आज मैंने सपने में देखा कि आप चुनाव तक आराम की मुद्रा में ही रहने वाले हैं। यानी ऐसे ही सोए रहेंगे।
सपने से याद आया कि दादरी की फ्लॉप रैली के बाद आपको समझ आ गया कि आपकी ज़मीन अब खोखली हो चुकी है। इसीलिए कोई रैली नहीं कर रहे हैं।
आपके ही 'खासमखास' लोग बता रहे हैं कि उस रैली का हश्र देखकर आप अब कोई दूसरी रैली करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। आप निराश और हताश हो चुके हैं।
उठ जाइए महाराज। हम तो आपके मित्र हैं। मित्रता की वजह से आपकी चिंता रहती है मुझे।
सिर्फ यादव और मियां भाई के वोट से काम नहीं बनेगा मित्र। ना ट्विटर, एसी-पीसी काम करेगा। इसलिए उठ जाग मुसाफ़िर भोर भयो।
@yadavakhilesh
एक ट्वीट ने कव्वाली पार्टी में कोहराम मचा दिया। पूरी कव्वाल पार्टी सफाई दे रही है कि पापा के पैर में दिक्कत है तो कुछ किडनी का समस्या बता रहे है 🤣
कव्वालियों थोड़ा और ध्यान से देखो तीसरा पैर उनके पास है या तुम्हारे घर छोड़कर आये है।
प्रिय,
'राजा बाबू' उर्फ अखिलेश जी!
इस समय कन्नौज की आपकी सांसद निधि का खर्च पूरे देश में चर्चा का विषय है। विकास के नाम पर आपको सिर्फ 'सपाई अब्दुल्लों का मोहल्ला' ही दिखा?
उजाला सिर्फ इन्हीं की गलियों में करना है?
जाटव, धानुक, धोबी, लोधी की गलियों को आपने 'चांद' के भरोसे छोड़ दिया। ये सब भी आपके ही लोकसभा क्षेत्र में रहते हैं।
वैसे इस मामले में आपका और आपकी पार्टी का पुराना रिकॉर्ड है। हक खा जाने का। सपा की वजह से ओबीसी आरक्षण को सिर्फ यादवों और मुस्लिमों ने खाया।
जिसकी वजह से आज हमारे, पाल, प्रजापति, बिंद, केवट, मल्लाह, राजभर, निषाद, मांझी, दर्जी, तेली, फकीर, बंजारा समेत पूरा अति पिछड़ा और दलित समाज के बच्चे ईंट-गारा ढो रहे हैं, रिक्शा चला रहे हैं या ढाबों पर प्लेट धो रहे हैं।
आपकी सपा सरकार के 13 सालों में हमारी दो-दो पीढ़ियां बर्बाद हुई हैं।
आपकी सरकार ने हमें कमजोर किया, जिसका असर आपके मुस्लिम और यादव समीकरण में भी दिखता है। वही दबंगई, वही गुंडई, जो आपकी पार्टी और आपने सिखाई। हर जगह आपके गुंडे हमें मारते-पीटते हैं।
मुरादाबाद और बांदा की हमारी बहनें वही झेल रही हैं। उनके साथ आपके अपने गुंडे 'बत्तमीजी' कर रहे हैं। धमकी दे रहे हैं।
किसी को हिन्दू होने का दर्द झेलना पड़ रहा है तो किसी को गैर यादव ओबीसी यानी कुर्मी।
अखिलेश जी अगर कोई जाना चाहता है तो जाने दीजिए, कोई आपकी पार्टी छोड़ना चाहता है तो छोड़ने दीजिए।
डरा-धमकाकर कब तक किसी को रोक लेंगे?
अखिलेश जी आपको दिक्कत ओम प्रकाश राजभर से है, परेशानी राजभर है तो राजभर से लड़ो न!
जो करना है, मेरे साथ करो।
गैर यादव ओबीसी और दलित जातियों के हित के लिए जान देने की नौबत आई तो ये ओम प्रकाश न झुकेगा और न ही रुकेगा।
हम अति पिछड़ों को पिटवाना और धमकाना बंद करो अखिलेश।
और गुंडई करने से आपकी पार्टी बचने वाली नहीं है, सपा टूट कर ही रहेगी। बचाना है तो पहले खुद में सुधार करिए। फिर अपनी पार्टी में।
@yadavakhilesh
भिया अभी से कांप रहें हैं लेकिन भिया ये नहीं बतायेंगे 2024 में चोरी क्यों नहीं हुआ। अगर चोरी हुआ होता तो भिया के केवल 5 सांसद रहते।
हे टोटी भिया माहौल बनाये रहिए नहीं तो अहिरांड ब्वायज धमकी कैसे देंगे 2027 में सरकार आने दो फिर बतायेंगे। 🤣
आज नाइजीरिया वाला मुद्दा सोशल मीडिया से गायब हैं। सुलह हो गया क्या? 🤣🤣
चलिए कम से कम कभी हौके-मौके नाइजीरिया जाना हुआ तो बता देंगे उत्तर प्रदेश से हैं तो रूकने खाने पीने का व्यवस्था हो जायेगा।
#इंटरनेशनल_गठबंधन
युवाओं के सपनों का 'धंधा' कितना गंदा?
कोचिंग सेंटर्स का फ़र्ज़ी विज्ञापन वाला 'गेम'!
यू-ट्यूब पर क्लास लेने की जगह ऑडियंस बनाने वाले कितने?
ऑनलाइन सच्ची शिक्षा Vs व्यूज, वॉच टाइम, सब्सक्राइबर' वाला तिलिस्म!
'मुफ्त शिक्षा' के नाम पर 'डिजिटल रीच' वाला बिज़नेस मॉडल!
शिक्षा सामग्री की जगह डिजिटल कंटेंट का खेल!
टीचर या ऑनलाइन इन्फ्लुएंसर?
#CoachingMafia #BlackAndWhiteOnAajTak | @anjanaomkashyap@AnmolBali9
अरे ओ सपाई लोडरों ! कभी लंदन गये हो...?
इसलिए पूछ रहा हूं कि तुम्हारे 'ट्विटर, एसी और पीसी' वाले 'कव्वाल' भइया जी लंदन निकलने की तैयारी में हैं।
मालूम नहीं, वहां उनका कौन सा मनपसंद 'सालान उर्स' लगता है, जहां हाजिरी लगाने वह हर साल अंग्रेजों की राजधानी पहुंच जाते हैं।
वैसे भी लखनऊ में एसी में बैठकर ट्विटर और प्रेस कॉन्फ्रेंस करते-करते मई का महीना तो बीत ही गया, अब जून की गर्मी उनके बर्दाश्त के बाहर है... लिहाजा बैग पैक होना शुरू हो गया है।
खैर... हमारे यहां एक कहावत है, ''सब गदहा बैकुंठ चले जाएंगे तो बोझा कौन ढोएगा'' सपाई लोडरों इस पर सोचना।
तुम लोडरों के गैंग मास्टर 'भइया जी' अच्छी तरह से जानते हैं कि 2027 में भी उनका और उनकी पार्टी का कुछ होना-हवाना है नहीं। न यूपी में कोई उनको भाव दे रहा है... बेमतलब का घाम में घूमकर 'करिया' क्यों हुआ जाए.. वैसे भी तुम लोग तो हो ही भइया-भउजी जिंदाबाद करने के लिए...लगाते रहो नारा, बिछाते रहो दरियां...
सच पूछो तो तुम लोगों पर दया भी आती है और हंसी भी... पूछो क्यों ?
क्योंकि तुम्हारे 'कव्वाल भइया' जी को उनके बाबू जी ने तो बिदेस में पढ़ा-लिखा दिया। खुद वह भी अपने बाल-गोपालों को बिदेस में पढ़ा रहे हैं। रही बात तुम लोगों की...तो तुम्हे पढ़ाई-लिखाई से कोई मतलब तो है नहीं। तुम्हारे भइया जी भी यही चाहते हैं कि तुम लोग केवल 'जय भइया-जय भउजी' कहके गैर-यादव ओबीसी और बहुजनों के साथ गुंडई, छिनैती, हत्या, लूट और बलात्कार में व्यस्त रहो...
और जब पुलिस तुम्हारे पापों के घड़े को 'ठोक-ठोक' के फोड़ेगी, तो दो-चार, दस हजार या लाख रुपया 'भइया जी' की ओर से 'पुचकार मनी' मिल ही जाएगी...
उनके बाबूजी ने तो उनका व्यवस्था कर के रख दिया है, तुम लोग अपना-अपना देख लो...
देख रहे हो न डर खतम होते ही बंगाल में तुम्हारे 'भइया जी' की 'दीदी जी' के भतिजवा पर जनता कइसे थूक रही है...करम तो तुम लोगों के भी ऐसे ही हैं…
@yadavakhilesh@samajwadiparty
अभिषेक बनर्जी को दो थप्पड़ पड़ने पर घाघरा उठाकर नाचने वाले लोग,
गाजियाबाद में 17 वर्षीय सूर्या चौहान की हत्या पर मुंह में फेविकोल डालकर सो गए हैं।
क्योंकि हत्यारा इनकी वोट बैंक वाला था।
थाना खोडा क्षेत्रान्तर्गत 17 वर्षीय सूर्या प्रताप चौहान की चाकू से गोदकर हत्या करने का मुख्य आरोपी व 50 हजार रु0 के इनामी असद पुत्र नबाव नि0 मदरसे वाली गली थाना खोडा गाजियाबाद थाना खोडा व इन्दिरापुरम पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ मे ढेर
@Uppolice
अहिरौटी साम्राज्य की महारानी #थनवंती_अहिरिन अपने जोबन से 70 हजार मुगलों की सेना को दूध पिलाकर पराजित करने के बाद अपने साम्राज्य की तरफ जाती हुई।
नोट- गोबरौटी साम्राज्य मे ऐसी बहुत सी वीरांगना है जिनको इतिहास मे जगह नहीं मिला अब इतिहासकार शिकारी सिंह इन वीरांगनाओ को उजागर करेंगे।
हमारे यहां एक जाति है जिसका इतिहास बहुत गौरवशाली रहा है। इनकी औरतों ने अपने मोटे जांघ और विरासत में मिली खुरपी की मदद से से अरहर गन्नों में मुगलों से बहुत से मलयुद्ध लड़ी है। आज भी इनके वंशज अरहर गन्नों के मेड़ों पर शाम के टाइम बांस के बने झौआ और खुरपी के साथ देखा जाता है।
यूपी सरकार द्वारा ग्राम पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव तक टालने से फायदे के बजाय नुकसान अधिक होगा,इस निर्णय से प्रधान के विपक्षी सरकार से नाराज होंगे।
उचित होगा कि ग्राम पंचायत चुनाव विधानसभा से पहले अक्टूबर माह मे और क्षेत्र/जिला पंचायत चुनाव विधानसभा के बाद कराएं
@myogiadityanath