जहां जहां SIR के नाम पर वोट काटे गए वहां वहां NDA जीता।
202 में से 128 सीटों पर SIR ने खेला किया ये चुनाव परिणाम के बाद डाटा से स्पष्ट है।
बिहार का परिणाम जनादेश नहीं बल्कि ज्ञानादेश है यानी चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार जी के द्वारा भाजपा के पक्ष में की गई मेहनत का परिणाम है।
भाजपाई और चुनाव आयोग की मिलीभगत का परिणाम है बिहार का चुनाव परिणाम। शर्मनाक।
बहुत से व्यापारी कारोबारी जिन्हें सच में शस्त्र लाइसेंस की बेहद आवश्यकता है और उन तमाम कारोबारी व्यापारियों ने भाजपा सत्ता के साढ़े 9 साल से शस्त्र लाइसेंस का आवेदन कर रखा है, उन्हें तो यह वैध शस्त्र लाइसेंस मिल नहीं रहे और भाजपाई गुंडे एवं पदाधिकारी सत्ता एवं शासन की सांठगांठ के सहारे से भारी मात्रा में शस्त्र लाइसेंस हासिल कर रहे हैं, जिनका दुरुपयोग या भाजपाई अपराधी चुनावों के दौरान वोटरों को डराने और अन्य अपराधों के लिए करते हैं
शर्म तक नहीं है झूठ बोलते हुए, असल में जो जितना बड़ा ढोंग करता है उसकी सच्चाई एक दिन सामने अवश्य आ ही जाती है
जाति के आधार पर सबसे अधिक भेदभाव, उत्पीड़न, पक्षपात करने वाले मुख्यमंत्री हैं बिष्ट ठाकुर आदित्यनाथ जिनके राज की शर्मनाक कहानी सामने है
मा. न्यायालय की ये टिप्पणी उत्तर प्रदेश में ध्वस्त कानून व्यवस्था, योगी आदित्यनाथ के कानून व्यवस्था सुदृढ़ होने के दावों और नैरेटिव पर जबरदस्त करारा प्रहार है और पूरी तरह से पोल पट्टी खुल गई है
यूपी में योगी आदित्यनाथ ने पुलिस को अपना बंधुआ गुलाम बनाकर उसे अपराधी बनाया है, हर अलोकतांत्रिक, अनैतिक, गैर कानूनी एवं असंवैधानिक कार्य करवा रहे हैं भाजपाई
यूपी में पुलिस लुटेरी है, हत्यारी है, अपराधी है, जमीन कब्जाती है, दबिश के दौरान महिलाओं के साथ छेड़खानी और बलात्कार भी करती है
पुलिस का इतना गंदा काम और गंदा इस्तेमाल कभी पहले नहीं हुआ जितना भाजपा सरकार में हो रहा है, ये पुलिस नहीं बल्कि अपराधियों का गैंग गिरोह बन चुकी है
माननीय मंत्री श्री @AmitShah जी
यूपी में योगी भाजपा शासित सरकार में अपराध की घटना का अवलोकन करें
अगली बार जब आप यूपी आइयेगा तो होम वर्क करके आइयेगा, आप झूठ बोलें ये आपके पद की गरिमा को शोभा नहीं देता
पूरा प्रदेश लूट कर खा गए हैं, डकार गए हैं ये डकैत, यहां तक कि अपना गोरखपुर भी नहीं छोड़ा, जिस गोरखपुर ने पद दिया, सम्मान दिया उसी गोरखपुर को भी लूटकर नोच कर खा गए यह लुटेरे डकैत, बातें करते हैं पूरे प्रदेश की, हाल सबका सामने है
अरे जिन डकैतों ने, लुटेरों ने भगवा पहन कर भगवान राम का मंदिर नहीं छोड़ा, उन लुटेरे डकैतों से, चोरों से आप क्या उम्मीद करेंगे भला?
बड़ी ख़बर-
दैनिक भास्कर ने अपनी रिपोर्ट हटाई।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे में गढ्ढों की भरमार पर दैनिक भास्कर की रिपोर्ट पब्लिश होने के चंद घंटों में डिलीट।
अब आप लिंक पर क्लिक करेंगे तो ये Error नज़र आएगी।
दैनिक भास्कर में खबरें पब्लिश कर डिलीट करने का रिकार्ड बनता जा रहा है।
कभी सोचा है कि इसकी वजह क्या है?
हालांकि बीबीसी एक हफ्ता पहले ही ये स्टोरी कर चुका था, जिसमें योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे में गढ्ढों की भरमार दिखाई गई थी।
उसमें तस्वीरें भी थीं, वीडियो भी और ज़रूरी बाइट्स भी।
बड़ी बात ये कि बीबीसी ने अपनी स्टोरी डिलीट नहीं की है। वो आज भी उसकी वेबसाइट पर मौजूद है।
कहानी का सार ये है कि पत्रकारिता तभी करनी चाहिए जब कमर की हड्डी पर विज्ञापन का प्लास्टर न बंधा हो!
मंदिर की जमीन पर कब्जा करना चाहता था अपराधी सुमित "सिंह"
कुछ दिन पहले ही जेल से छूटा था सुमित "सिंह"
लोगों का कहना है कि इसी सुमित "सिंह" का हाथ इन हत्याओं में हो सकता है
अब सुमित "सिंह" को किस सिंह ठाकुर क्षत्रिय का संरक्षण है इसे आप खुद समझ सकते हैं
यूपी के शाहजहांपुर में 2 साधुओं की जिंदा जलाकर जघन्य हत्या कर दी गई
यूपी में लगातार अपराध और मठ मंदिरों पर कब्जे की कोशिशें भाजपा सत्ता और मुख्यमंत्री बिष्ट आदित्यनाथ संरक्षित अपराधी कर रहे हैं
तमाम मठ मंदिरों को हत्यारों, लुटेरों, बलात्कारियों और गंजेडियों ने अपने कब्जे में कर लिया है और वहां अपराध के अड्डे बना दिए हैं
सनातन का ढोंग करके भगवा कपड़ों में अपराध कर रहे हैं अपराधी और धर्म का सहारा लेकर जनता को गुमराह करते हैं