Two years of a People’s Government. Two years of putting farmers first.
Higher returns. Stronger support. Greater dignity.
From the field to the future, Odisha’s farmers are driving the journey of a Samruddha Odisha.
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To accelerate Odisha’s growth trajectory and strengthen critical infrastructure, the State Cabinet, chaired by Hon’ble Chief Minister Shri @MohanMOdisha, has approved a series of transformative proposals. These landmark decisions will enhance development across sectors, create new opportunities, and further advance the vision of a prosperous, resilient and developed Odisha. #2YearsofLokankaSarakar #BikasharaDharaOdishaSara #2YearsofKrushakSamruddhi
तकनीक से पारदर्शिता, नवाचार से आत्मनिर्भरता, और डिजिटल क्रांति से विकसित भारत! 🇮🇳
कभी व्यवस्था में बिचौलियों का बोलबाला था। राजीव गांधी ने स्वयं स्वीकार किया था कि दिल्ली से भेजे गए एक रुपये में से गरीब तक केवल 15 पैसे ही पहुंचते हैं। बाकी राशि रास्ते में ही लीक हो जाती थी।
2014 में सत्ता संभालने के बाद प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने तकनीक को सुशासन क�� आधार बनाया। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सरकारी योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचने लगी, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई और पारदर्शिता बढ़ी।
आज DBT करोड़ों लोगों तक योजनाओं का लाभ बिना किसी कटौती के पहुंचाकर सुशासन का प्रभावी मॉडल बन चुका है। डिजिटल इंडिया के संकल्प ने भारत को दुनिया की अग्रणी डिजिटल अर्थव्यवस्थाओं में स्थापित किया है।
सस्ता डेटा, तेज इंटरनेट, रिकॉर्ड UPI लेन-देन और तेजी से बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम नए भारत की पहचान बन चुके हैं। भारत अब केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि नवाचार का नेतृत्वकर्ता बन रहा है। AI, सेमीकंडक्टर, डिजिटल भुगतान और स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में देश लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
मोदी सरकार का स्पष्ट विजन है—
तकनीक और जनशक्ति के संगम से 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना। 🇮🇳
आज कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हर दो महीने में उनकी बैठक होगी। ये हर तीसरे महीने एक चुनाव हारेंगे ���र हर दूसरे महीने में इनकी एक बैठक होगी, जबकि राहुल गांधी चुनाव हारने का शतक लगा चुके हैं।
दूसरी ओर, ये सर्वदलीय बैठक की मांग करते हैं। लेकिन पिछली बार जब नारी सशक्तिकरण के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी, तो इनमें से कोई पॉलिटिकल पार्टी नहीं आई थी, सब नदारद थे।
सच बात ये है कि जनता ने इन्हें पूरी तरह से इन-एक्टिव कर दिया है, और ये जबरदस्ती एक्टिव होने की कोशिश कर रहे हैं।
- डॉ @sambitswaraj
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