ये कैसी उल्टी गंगा...?? 🤔
मंत्रीजी यहां नागौर सांसद जी से उनके धरनों का रिपोर्ट कार्ड मांग रहे हैं! 🤦🏻♂️
अरे मंत्रीजी! धरने होते हैं सरकार और शासन-प्रशासन के खिलाफ...रिपोर्ट कार्ड तो आपकी 'पर्ची' सरकार को देना चाहिए कि आप लोगों ने विभिन्न धरनों में जिन शर्तों एवं मांगों को मानते हुए धरने स्थगित/समाप्त करवाए थे, उनमें से कितने वादे पूरे किए आपकी सरकार ने...??
धरना देने वाले व्यक्ति के हाथ में ही यदि समस्या का समाधान हो, तो फिर धरना देने की ज़रूरत ही क्यों पड़ेगी...?? रिपोर्ट कार्ड हमेशा सत्ता में बैठे लोगों और पार्टियों को पेश करना पड़ता है।
वैसे रिपोर्ट कार्ड से याद आया, आप बीकानेर के खेजड़ी आंदोलन के दौरान जो वादे करके आए थे, उसका 'रिपोर्ट कार्ड' कहां है...??
साधु- संतों ने इस उम्मीद के साथ भाजपा को मत और समर्थन दिया था कि वो लोग संतों का सम्मान बढ़ाएँगे और पर्यावरण की रक्षा के लिए कदम उठाएगी लेकिन वही बीजेपी अपने नेताओं के फायदे के लिए विकास की आड़ में विनाश करने पर तुली है ।
#RLP_बचाएगी_भैराणाधाम
RIICO एवं औद्योगिक परियोजनाओं हेतु भूमि अधिग्रहण के विरोध में, संतों की पावन स्थली के अवाप्तीकरण तथा सरकार की प्रस्तावित औद्योगिक परियोजना से होने वाली हजारों पेड़ों की कटाई के विरोध में कल दिनांक 27 मई 2026 को दोपहर 12:15 बजे से जयपुर जिले के भैराणा धाम में आयोजित होने वाली विशाल महापंचायत में आप अधिक से अधिक संख्या में सम्मिलित होकर संत समाज के पावन स्थान को बचाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनी आवाज बुलंद करें |
राजस्थान की संत परंपरा, गौ-सेवा और पर्यावरण संरक्षण की पहचान रहे जयपुर जिले का यह भैराणा धाम सैकड़ों वर्षों से न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि पशु-पक्षियों, वन्य जीवों और पर्यावरण संरक्षण का भी महत्वपूर्ण आधार रहा है। राजस्थान की भाजपा सरकार ने जनभावनाओं, धार्मिक आस्थाओं और पर्यावरण संरक्षण को नजरअंदाज करके जिस तरह यहां औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने का जो निर्णय लिया है, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी उस निर्णय के खिलाफ मजबूती से संतो के साथ खड़ी है |
#RLP_बचाएगी_भैराणाधाम
जो लोग और मीडिया वाले शिक्षकों के प्रति नफरत रखते हैं और भ्रामक चीजें फैलाते हैं उनको उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी का यह भाषण जरूर सुनना चाहिए 🙌🙏
@myogiadityanath
राजस्थान में राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) के अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पतालों को लंबे समय से सरकार द्वारा भुगतान नहीं किए जाने के कारण गंभीर स्थिति बन गई है। कई अस्पतालों ने कैशलेस उपचार सीमित या बंद करना शुरू कर दिया है, जिससे प्रदेश के लाखों सरकारी कार्मिक, पेंशनर्स और उनके परिवारजन इलाज के लिए परेशान हो रहे हैं। बीमार व्यक्ति को उपचार के समय आर्थिक और प्रशासनिक परेशानी झेलनी पड़े, यह किसी भी व्यवस्था के लिए चिंताजनक है। आरजीएचएस जैसी योजना का उद्देश्य राहत देना था, लेकिन अस्पतालों के बकाया भुगतान लंबित रहने से इसका लाभ प्रभावित हो रहा है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp को अस्पतालों के लंबित भुगतान को नियमानुसार शीघ्रता से जारी करवाने हेतु आवश्यक निर्देश देने चाहिए ताकि राज्य सरकार के कर्मचारियों व पेंशनर्स को बिना किसी बाधा के उपचार मिल सकें |
जन - स्वास्थ्य से जुड़े विषय को अनावश्यक रूप से लंबित रखना सरकार की नकारात्मक सोच को दर्शाता है |
@RajCMO
बहुत देर कर दी, हुजूर आते-आते...
अपील अच्छी है पर सवाल बहुत हैं मोदीजी
हमारे प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी एक चमत्कारिक व्यक्तित्व के धनी हैं। दूरदर्शी भी हैं। उनकी अपील में भी दम होता है। और सबसे बड़ी बात की लोग उनकी अपील को मानते भी हैं। मोदी जी की इस अपील को मानते हुए मैं आज से ही पेट्रोल डीजल बचाने का संकल्प लेता हूं और पूरे 1 साल सोना नहीं खरीदने की भी प्रतिज्ञा लेता हूं। हालांकि सोना इतना महंगा है कि मैं पिछले एक साल में भी इसकी कोई खरीद नहीं कर पाया था और अगले एक साल के बाद भी सोना खरीदने की स्थिति में मैं आ पाऊंगा, इसकी मुझे ज्यादा उम्मीद नहीं है। ख़ैर।
अब मेरे कुछ सवाल प्रधानमंत्री जी से हैं
1. खाड़ी संकट 28 फरवरी से ही शुरू हो गया था। अगले दो-चार दिन में ही इसका असर दिखना भी लगा था। देश के अलग-अलग हिस्सों से गैस के सिलेंडर के लिए कतार लगने के फोटो और वीडियो आने लगे थे। तब आपने यह अपील क्यों नहीं की?
2. आपने पेट्रोल डीजल और गैस की उपलब्धता को लेकर संसद में अपना वक्तव्य दिया था और मैंने उसे बड़ी उत्सुकता से सुना था। आपने बड़े गर्व से बताया था कि हमने क्या-क्या ऐसे उपाय किए हैं जिसके कारण हमारे देश में पेट्रोल पदार्थ का संकट नहीं है। मुझे बड़ा अच्छा लगा था लेकिन तब भी आपने पेट्रोल डीजल बचाने और सोना नहीं खरीदने की अपील नहीं की थी जबकि शादियों के सबसे बड़े सीजन इस दौरान और उसके बाद ही आए थे। इस दौरान लोगों ने जमकर सोना खरीदा है।
3. ईरान अमेरिका युद्ध के इन ढाई महीनों के दौरान हमारे देश में पांच राज्यों में चुनाव हुए। इस दौरान चुनाव प्रचार के लिए सैकड़ो हेलीकॉप्टर और छोटे विमानों ने हजारों उड़ानें भरी हैं। क्या इनमें थोड़ी बहुत कटौती नहीं की जा सकती थी?
4. चलिए, चुनाव में आपकी मजबूरी हो सकती है लेकिन परसों कोलकाता में जो आपकी सरकार का शपथ ग्रहण समारोह हुआ, उसमें आप, आपके मंत्रिमंडल के साथी और भाजपा शासित राज्यों के जो 20-22 मुख्यमंत्री अलग-अलग विमान से आए थे, क्या वे सभी शपथ ग्रहण समारोह में ऑनलाइन शामिल नहीं हो सकते थे?
5. कल असम में भी एक और सरकार का शपथ ग्रहण समारोह है। क्या आप उस समारोह को सादगी से करने के बारे में सोच रहे हैं? क्या उसमें अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय प्रतिनिधित्व को ऑनलाइन मौजूदगी के माध्यम से सुनिश्चित करने की सोच रहे हैं?
6. फिलहाल देश में आपकी ही सरकार है और अधिकांश राज्यों में भी आपकी ही सरकारें हैं। स्वाभाविक सी बात है कि देश में सबसे ज्यादा सांसद भी आपकी ही पार्टी के हैं और सबसे ज्यादा विधायक भी आपकी ही पार्टी के हैं। प्रत्येक मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायक काफिलों में चलते हैं। क्या आप इनके काफिलों में कटौती करने के लिए कोई स्पष्ट निर्देश देने के लिए तैयार हैं?
7. एक ही सरकारी कॉलोनी में रहने वाले और एक ही दफ्तर जाने वाले अहंकारी अफसरों को क्या आप कार पूलिंग के निर्देश देने वाले हैं?
ऐसे बहुत सारे सवाल हैं जिनका जवाब मिले बिना आपकी अपील का बहुत बड़ा असर होने की संभावना बहुत कम नजर आती है। देश हित में पेट्रोल और डीजल हमेशा ही बचाया जाना चाहिए और संकट के समय तो यह बहुत जरूरी भी है लेकिन मेरी सामान्य समझ रहती है कि बदलाव की शुरुआत हमेशा ऊपर से होती है।
उम्मीद है सरकार आत्म मंथन करेगी और इन सवालों का जवाब जरूर तलाशेगी।
@narendramodi@PMOIndia
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी द्वारा लगातार सड़क से सदन तक उठाई गई आवाज़, युवाओं के अटूट संघर्ष तथा माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय और माननीय सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद राजस्थान सरकार व राजस्थान लोक सेवा आयोग को आखिरकार S.I.भर्ती 2021 को रद्द करते हुए इस भर्ती का पुनः (Re-Exam) कराने का निर्णय लेना पड़ा | यह निर्णय अचानक नहीं आया, बल्कि हजारों युवाओं के लंबे संघर्ष, RLP के आंदोलन, धरनों, ज्ञापनों और न्याय की लड़ाई का परिणाम है। जब प्रदेश के युवा भर्ती प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ आवाज़ उठा रहे थे, तब सत्ता में बैठे लोगों ने लगातार मामले को दबाने और युवाओं की मांगों को अनदेखा करने का प्रयास किया, सरकार ने बार-बार दोगलापन दिखाया, लेकिन सच्चाई ज्यादा समय तक छिप नहीं सकी। आज यह फिर से स्पष्ट हो चुका है कि युवाओं की लड़ाई सही थी और उनकी मांग न्यायसंगत थी।
यह सिर्फ SI भर्ती का मुद्दा नहीं था, बल्कि प्रदेश के हर उस युवा के सम्मान और भविष्य की लड़ाई थी जो दिन-रात मेहनत करके अपने सपनों को पूरा करना चाहता है
लेकिन भजनलाल सरकार ने पुन: परीक्षा करवाने के इस निर्णय में भी केवल उन्हीं 383097 अभ्यर्थियों को मौका देने का निर्णय लिया है जो इस परीक्षा में उपस्थित हुए थे जबकि इस परीक्षा के लिए करीबन 8 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था ऐसे में शेष रहे 3 लाख से अधिक अभ्यर्थी जिन्होने इस SI भर्ती परीक्षा 2021 के लिए आवेदन दिया था परन्तु किसी कारण से वो इस परीक्षा में उपस्थित नहीं हो पाए थे उनके साथ कुठाराघात कर रही है ,ऐसे में हमारी मांग है कि सरकार उन तमाम अभ्यर्थियों को मौका दे जिन्होंने इस भर्ती परीक्षा में सम्मिलित होने का आवेदन दिया था क्योंकि बंगाल शिक्षक भर्ती व राजस्थान की EO/ RO भर्ती में भी भर्तियों के रद्द होने के बाद दुबारा हुई परीक्षा में उन तमाम अभ्यर्थियों को मौका दिया गया जिन्होंने इन परीक्षाओं के लिए आवेदन किया था |
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी हर मेहनतकश युवा के साथ मजबूती से खड़ी थी, खड़ी है और आगे भी रहेगी।
@BhajanlalBjp@RajCMO
राजस्थान में सरकारी कर्मचारियों का लगभग हॉस्पिटल RGHS में इलाज नहीं कर रहे हैं 💔🙏
अभी मैंने जयपुर में एक बड़े अस्पताल का अपॉइंटमेंट लेने के लिए फोन किया तो उन्होंने साफ मना कर दिया कि RGHS में इलाज नहीं होगा।
सरकार से निवेदन है कि इस समस्या का समाधान ढूंढे। हम हर महीने कटौती करवाने के बावजूद भी परेशान है, इसमें बहुत ज्यादा सुधार की जरूरत है कर्मचारी अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं😓
@officialRGHS@RajCMO@GajendraKhimsar@RESMA_7
संसद में 100% उपस्थिति के साथ मुद्दे उठाने में भी नंबर वन और सड़क पर भी संघर्ष के समय लोगों के बीच 100% उपस्थिति के साथ आवाज़ उठाने और न्याय दिलाने में नंबर 1.
@hanumanbeniwal
भागती-दौड़ती ज़िन्दगी में मैसेज आता है की ब्लड चाहिए जोधपुर एम्स में तो जिन्हें जानती हूँ उनको याद करती हूँ और एम्स में कार्यरत सुरेश जी जाखड़ मदद के लिए आगे आए ।आपका व ब्लड देने वाले भाईसाब का बहुत बहुत आभार 🙏🏻🙏🏻 @Sureshjakhar__
कुछ समय के लिए बहुत ज़्यादा व्यस्त हूँ समय पर मेसेज या कॉल अटेंड नहीं कर पा रही हूँ इसके लिए माफ़ी चाहती हूँ 🙏🏻🙏🏻
@surendradegana@janak_jakhar
एक फोटो ले लेते तो क्या हो जाता
भाई भाई कहते हुए फोटो खिंचवाना चाह रहा था बुजुर्ग
जो फोटो नहीं लेना चाहता वो मुख्यमंत्री के सपने देखता है
@SachinPilot एक फोटो लेने में क्या जाता ?
हनुमान जी ने कहाँ मेरी माताजी भी मंच पर बैठी हैं
वे बहुत मजबूत और साहसी महिला हैं
उनके दो बेटे आज विधायक और सांसद बने हैं
लेकिन फिर भी मेरी माँ आज तक अपनी परंपरा निभाते हुए घूंघट में ही बैठी हैं
घूँघट बड़ो का सम्मान और संस्कार होता है
@hanumanbeniwal 🙏