रुपये का डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 100 की तरफ बढ़ना और इंडस्ट्रियल फ्यूल की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी - ये सिर्फ आंकड़े नहीं, आने वाली महंगाई के साफ संकेत हैं।
सरकार चाहे इसे “नॉर्मल” बताए, लेकिन हकीकत ये है:
• उत्पादन और ट्रांसपोर्ट महंगे होंगे
• MSMEs को सबसे ज्यादा चोट लगेगी
• रोज़मर्रा की चीज़ों के दाम बढ़ेंगे
• FII का पैसा और तेजी से बाहर जाएगा, जिससे शेयर बाज़ार पर दबाव बढ़ेगा
यानी, हर परिवार की जेब पर इसका सीधा और गहरा असर पड़ना तय है। और यह सिर्फ वक्त की बात है - चुनाव के बाद पेट्रोल, डीज़ल, LPG की कीमतें भी बढ़ा दी जाएंगी।
मोदी सरकार के पास न दिशा है, न रणनीति - सिर्फ बयानबाज़ी है। सवाल यह नहीं कि सरकार क्या कह रही है - सवाल यह है कि आपकी थाली में क्या बचा है।
'महंगाई मैन' मोदी का हंटर फिर चला
प्रीमियम पेट्रोल 2 रुपए महंगा कर दिया गया।
जहां लोग पहले ही गैस की किल्लत से परेशान हैं, वहीं अब उनसे पेट्रोल पर भी वसूली की जाएगी।
उत्तम नगर के लोगों ने हिंसा की भारी कीमत चुकाई है - एक तरफ एक जवान लड़के, तरुण, की जान चली गई, दूसरी तरफ एक पूरा परिवार उत्पीड़न का सामना कर रहा है।
उन्हें और खून-खराबा नहीं चाहिए।
खून-खराबा केवल BJP और उसका इकोसिस्टम चाहता है, जो नफ़रत के तवे पर हिंसा की रोटी सेंकने के हर मौके का फायदा उठाता है।
वो चाहते हैं कि देश हिंदू-मुसलमान में उलझा रहे, ताकि लोग यह न पूछ सकें कि आखिर प्रधानमंत्री देश की रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और सामरिक संप्रभुता को अमेरिका के हवाले करने पर क्यों मजबूर हैं - इसीलिए, दिन-दहाड़े देश की राजधानी में फिर से दंगों जैसे हालात खड़े किए जा रहे हैं।
दिल्लीवासियों से अनुरोध है किसी बहकावे में न आएं - देश की शक्ति हमारी एकता, भाईचारे और मोहब्बत में है।
जोड़ो जोड़ो, भारत जोड़ो।
“ऐसे रूपये ने तोड़ा रिकॉर्ड”
लगता है, रुपया अब योगा मोड में चला गया है।
जितना झुकता है, उतना ही नया रिकॉर्ड बना देता है।
2014 में ₹58 था,
आज ₹92 पर पहुँचकर भी कह रहा है,
“मैं तो बस स्ट्रेचिंग कर रहा हूँ।”
अर्थव्यवस्था का नया फॉर्मूला:
जितनी गिरावट, उतनी उपलब्धि घोषित।
On behalf of the Indian National Congress we are deeply distressed by the horrific loss of civilian lives in Kabul following the recent airstrikes by Pakistan on a hospital which killed nearly 400 people.
We condemn such act against humanity in the strongest possible terms. Such barbarism must be strongly rejected globally.
My heartfelt condolences to our Afghan brothers and sisters and to the families who have lost their loved ones.
India shares longstanding bonds of friendship and goodwill with the people of Afghanistan. In this difficult moment, we stand in sympathy with our Afghan neighbours and pray for peace, healing, and stability for their nation.
मोदी सरकार के कुप्रबंधन ने देश को LPG संकट में धकेल दिया है। ब्लैक मार्केट में सिलेंडर ₹3000 से भी ज़्यादा में बिक रहे हैं!
इस संकट की सबसे बड़ी मार आम जनता, छोटे व्यापारी और छात्रों पर पड़ रही है, जबकि मोदी सरकार पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।
LoP Shri @RahulGandhi met Ajay Malik ji, Assistant Commandant of the CoBRA Battalion, Central Reserve Police Force, at the CRPF Mess in R.K. Puram, New Delhi today.
He underwent a leg amputation after sustaining severe injuries in an IED blast during a counter-Naxal operation in Jharkhand.
His courage and sacrifice in service of the nation inspire us all. 🇮🇳
मैं इस सदन का ध्यान West Asia में जारी conflict के कारण देश में LPG संकट की ओर दिलाना चाहता हूँ। LPG संकट से पूरे देश में इससे हाहाकार मचा हुआ है। इसका असर गरीब और कमजोर तबकों, middle-class, आम घरों, restaurants, hostels तथा commercial users पर बहुत बुरा पड़ रहा है।
भारत अपनी कुल LPG जरूरतों का करीब करीब 60% import करता है। इसमें भी 90% imports Strait of Hormuz के रास्ते होता है। इस लिहाज से मौजूदा हालात domestic availability और price stability दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
देश के करीब हर हिस्सों में इसका असर पड़ रहा है। घरों में लोग परेशान हैं। छोटे-छोटे ढाबे वाले, restaurants, hostels सब पर असर है। community kitchens से लेकर राम रसोई तक बंद है। घर ही नहीं MSMEs और दूसरे commercial users को LPG cylinders मिलने में भारी दिक्कतें हैं।
ये चिंता की बात है कि कई establishments ने अपने operations सीमित या बंद कर दिए हैं। कुछ ऊंचे दामों पर ₹5,000 प्रति cylinder से अधिक कीमत पर खरीद रहे हैं।
हमारे माननीय Petroleum मंत्री ने Lok Sabha में दावा किया कि LPG की कोई कमी नहीं है। rumours से सावधान रहने की बात कही। लेकिन जमीनी हकीकत सरकारी दावों को गलत साबित करती है।
सभापतिजी, जब सरकार भारतीय नागरिकों को Iran में advisory जारी कर रही थी कि स्थिति बिगड़ सकती है, तो उसे ये साफ करना चाहिए था कि इसका असर critical maritime routes और energy supplies पर भी पड़ सकता है। उस लिहाज से हमें तैयारी करनी थी।
देश में सिलेंडर बुकिंग का waiting period भी बढ़ा दिया गया, जिसमें शहरों में 25 दिन और गांवों/रिमोट एरिया में 45 दिन हो गया। इस कारण पैनिक बुकिंग शुरू हो गई और जमाखोरी की संभावना बढ़ गई है।
अगर सरकार को पता था कि देश में LPG संकट बढ़ेगा तो सरकार ने कड़े कदम क्यों नहीं उठाए, लोगों को विश्वास में क्यों नहीं लिया। यह संकट सरकार के दयनीय मैनेजमेंट और खराब विदेश नीति की पोल खोलता है।
मेरी माँग है कि सरकार इस विषय में तत्काल कड़े कदम उठाए और जनता समेत सभी छोटे व्यापारियों को किफायती दामों पर सिलेंडर उपलब्ध कराए।