India's largest student organization | When the govt walks out on students, we walk in | Justice for 22 lakh NEET aspirants | #NTABAN | Helpline: 9268030030
Congratulations to the new NSUI State Presidents! ✊🇮🇳
Indian National Congress has appointed Shri Amir Hossain as the State President of NSUI Tripura and Shri Bibhuti Bhusan Mohapatra as the State President of NSUI Odisha.
Heartiest congratulations and best wishes to both leaders on taking up this important responsibility.
We are confident that under your leadership, NSUI will further strengthen the students’ movement, uphold their rights, and take the organisation to greater heights in your respective states.
Wishing you both a successful and impactful tenure.
रोहतक में आज छात्रों की ऐतिहासिक जीत का विजय मार्च! 🇮🇳✊
GenZ ने साबित कर दिया कि जब युवा अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर खड़े होते हैं, तो सत्ता को झुकना पड़ता है।
राहुल गांधी जी के नेतृत्व में लड़ी गई इस संघर्षपूर्ण लड़ाई ने पूरे देश के छात्रों को नई उम्मीद दी है।
अब शिक्षा में न्याय, जवाबदेही और छात्र सम्मान की लड़ाई और मज़बूती से आगे बढ़ेगी।
#ChhatronKiGoonj #VictoryMarch
लीकप्रधान ने मजबूरी में कुर्सी तो छोड़ दी लेकिन मोदी सरकार बेशर्मी और अहंकार नहीं छोड़ रही।
नए शिक्षा मंत्री कह रहे कि पुराने वाले ने बहुत अच्छा काम किया, मतलब हर महीने पेपर लीक और रोज 25 स्कूल बंद होते रहेगें?
याद रखना सरकार ये आपके अहंकार के अंत की शुरुआत है।
#ChhatronKiGoonj
लीकप्रधान ने मजबूरी में कुर्सी तो छोड़ दी लेकिन मोदी सरकार बेशर्मी और अहंकार नहीं छोड़ रही।
नए शिक्षा मंत्री कह रहे कि पुराने वाले ने बहुत अच्छा काम किया, मतलब हर महीने पेपर लीक और रोज 25 स्कूल बंद होते रहेगें?
याद रखना सरकार ये आपके अहंकार के अंत की शुरुआत है।
#ChhatronKiGoonj
Pellet guns, lathis and tear gas were used against students peacefully protesting in Delhi.
I met 19-year-old Sahil Lochab. Shot with pellets, he may lose an eye. His “crime”? Demanding an end to paper leaks and a fair future for our students.
@AmitShah ji, I have two questions:
1. Did you approve the use of lethal force, including pellet guns, against students? If not, who did?
2. Were the men in plain clothes beating students with lathis police personnel or volunteers? Who authorised their deployment?
Desh jawab maang raha hai.
भाजपा और उसके सहयोगियों का असली चेहरा एक बार फिर सामने आ गया है। 👇🏻
मासूम बच्चों पर ये ताकत दिखाकर आखिर कैसी मर्दानगी साबित की जा रही है?
बच्चों के साथ हुई यह बर्बर और अमानवीय हरकत न सिर्फ निंदनीय है, बल्कि कानून के शासन पर भी सवाल खड़े करती है। इस मामले की तुरंत निष्पक्ष जाँच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी बच्चे के साथ ऐसी घटना दोबारा न हो।
बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों से कोई समझौता सहन नहीं किया जाएगा।
लाखों छात्रों की आवाज़ ने सत्ता को झुकने पर मजबूर कर दिया।
शिक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद, NSUI राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विनोद जाखड़ जी के नेतृत्व में विजयी मार्च निकाला गया।
लेकिन यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है।
जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, पैलेट गन और आंसू गैस का इस्तेमाल कराने की जवाबदेही चाहिए। इसी मांग के साथ छात्रों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफ़े की भी मांग उठाई।
@VinodJakharIN
जब सब लोग खामोश थे, तब NSUI छात्रों की आवाज़ बनकर सड़कों पर उतरी थी।
राष्ट्रीय प्रभारी श्री @kanhaiyakumar जी, सह प्रभारी श्री @anshultrivedi47 जी के मार्गदर्शन और राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @VinodJakharIN जी के नेतृत्व में NSUI के लाखों कार्यकर्ताओं ने गली-गली, चप्पे-चप्पे पर संघर्ष किया। लाठियाँ खाईं, गिरफ्तारियाँ झेलीं, लेकिन छात्रों का साथ नहीं छोड़ा।
आज धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा उस संघर्ष की जीत का प्रतीक है।
यह किसी एक संगठन की नहीं, बल्कि उन लाखों छात्रों की जीत है जिन्होंने अन्याय के सामने झुकने से इनकार किया, और उन लाखों NSUI कार्यकर्ताओं की जीत है जिन्होंने इस लड़ाई को देश का सबसे बड़ा छात्र आंदोलन बनाया।
हम लड़े थे।
हम लड़ हैं।
लड़ते रहेंगे। ✊🇮🇳
यह जीत भारत के हर छात्र को समर्पित है। ❤️
लाखों छात्रों के संघर्ष और देशव्यापी जनआंदोलन के आगे शिक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाली मोदी सरकार को झुकना पड़ा। NSUI राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @VinodJakharIN जी के नेतृत्व में निकला विजयी मार्च इस बात का प्रतीक है कि जब छात्र एकजुट होते हैं, तो सत्ता को जवाब देना ही पड़ता है।
लेकिन यह सिर्फ़ शुरुआत है, ज़ब तक जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, पैलेट गन और आंसू गैस का इस्तेमाल करने वालों पर कार्यवाही नहीं होती तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े पर देशभर के छात्र-छात्राओं और युवाओं को बधाई। यह छात्रों के लंबे संघर्ष की जीत है। ये उन सभी परिवारों की जीत हैं जिन्होंने अपने ख़ून, अपने बच्चों को खोया, क्योंकि यह सरकार भ्रष्टाचारी है।
लेकिन केवल शिक्षा मंत्री का इस्तीफ़े से सब अंत नहीं है। देश के लाखों छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ जो खिलवाड़ हुआ, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं ने युवाओं का भरोसा तोड़ा। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा की गई लाठीचार्ज के लिए भी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
जब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह देश के छात्र-छात्राओं से माफी नहीं मांगते और इस पूरे मामले की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं करते, हमारी बाकी मांगे परी नहीं करते,तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।
सिर्फ़ इस्तीफ़ा नहीं, छात्रों के साथ हुए अन्याय का पूरा हिसाब चाहिए।
इंकलाब ज़िंदाबाद ✊🏻