सभी देशवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं ।
उन सभी वीरों और शहीदों को नमन, जिनके बलिदान की वजह भारत आजाद हुआ और आज भारत उन सभी बुलंदियों को छू रहा है जिनकी हमारे वीर शहीदों ने कल्पना की होगी l
जय हिन्द ! जय भारत ! वन्दे मातरम् ! 🇮🇳
#IndependenceDay
माननीय मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी पिछले दिनों आपसे मुलाकात के समय राजस्थान के संविदा कार्मिकों की 2 वर्ष की शिथिलता के मामले से अवगत करवाया था,
पिछली बजट घोषणा के समय मुख्यमंत्री कार्यालय में बजट पूर्व चर्चा में भी इस मांग को रखा था निवेदन है कि मांग पर सहानुभूति पूर्वक विचार कर 2 वर्ष की शिथिलता का गजट नोटिफिकेशन जारी करें ।
#2Years_Relaxation_Gazette_Notification
@BhajanlalBJP@RajCMO
CHO ब्रिज कोर्स 2025 चॉइस फिलिंग लिंक आज थोड़ी देर में या कोई दिक्कत नहीं हुई तो कल सुबह जारी कर दिया जाएगा,
लगभग 1995 चयनित अभ्यर्थियों के लिए BPCCHN चॉइस पोर्टल खोले जाने की संभावना है।
लगभग 48 कॉलेज चॉइस के लिए लिंक में दिए जाएंगे जिनमें अभ्यर्थियों को ब्रिज कोर्स कराया जाएगा
नियमितीकरण की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे हजारों सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO)
राजस्थान में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) का आंदोलन तेज हो गया है। प्रदेशभर से करीब 3000 से अधिक CHO जयपुर में एकत्र होकर नियमितीकरण, स्क्रीनिंग प्रक्रिया शुरू करने और मूल जॉइनिंग तिथि 27 मार्च 2022 मानने की मांग कर रहे हैं। धरने पर बैठे स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि वे पिछले चार वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और उप स्वास्थ्य केंद्रों पर लगातार सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन आज भी संविदा कर्मी के रूप में कार्य कर रहे हैं।
प्रदर्शन कर रहे CHO का आरोप है कि उनकी मूल जॉइनिंग तिथि 27 मार्च 2022 थी, लेकिन विभाग द्वारा इसे बदलकर जुलाई 2023 क�� दिया गया, जिससे उनके करीब दो वर्षों की सेवा अवधि प्रभावित ��ुई है। उनका कहना है कि सरकार ने तीन वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर नियमितीकरण का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक न तो नियमितीकरण के लिए कोई प्रक्रिया शुरू की गई और न ही स्क्रीनिंग को लेकर कोई नोटिफिकेशन जारी हुआ।
राजस्थान एसोसिएशन ऑफ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (RACHO) ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन सौंपकर करीब 9700 संविदा CHO के हितों से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग की है। संगठन का कहना है कि कोरोना काल से लेकर आज तक CHO ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बने हुए हैं और लाखों लोगों तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचा रहे हैं।
CHO ने नियमितीकरण के साथ-साथ NHM नियमों के अनुसार लॉयल्टी बोनस और सेवा सुरक्षा की भी मांग उठाई है। उनका कहना है कि लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाएं देने के बावजूद उन्हें स्थायित्व और कैरियर सुरक्षा नहीं मिल पाई है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि सरकार उनकी ���ांगों पर सकारात्मक निर्णय लेती है तो इससे न केवल हजारों स्वास्थ्यकर्मियों का भविष्य सुरक्षित ह��गा, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं भी और अधिक मजबूत होंगी। अब सभी की नजर राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग के अगले कदम पर टिकी हुई है।
राजस्थान में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। राजस्थान एसोसिएशन ऑफ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (RACHO) द्वारा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन सौंपकर करीब 9700 संविदा CHO के हितों से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग की गई है।
ज���ञापन में बताया गया है कि सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी पिछले चार वर्षों से अधिक समय से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। कोरोना काल के दौरान भी इन अधिकारियों ने अग्रिम पंक्ति में रहकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। संगठन ने मांग की है कि तीन वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके CHO का स्क्रीनिंग के माध्यम से नियमितीकरण किया जाए, जिससे उन्हें सेवा सुरक्षा और कैरियर उन्नति का अवसर ���िल सके।
इसके अलावा, संगठन ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के नियमों के अनुसार अनुभव और सेवाओं के आधार पर लॉयल्टी बोनस एवं अन्य सुविधाएं देने की भी मांग उठाई है। उनका कहना है कि लंबे समय से संविदा पर कार्यरत स्वास्थ्य अधिकारियों को उचित सम्मान और स्थायित्व मिलना चाहिए।
संगठन का मानना है कि यदि इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाता है तो प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक मजबूत होंगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत स्वास्��्यकर्मियों का मनोबल भी बढ़ेगा। अब स्वास्थ्य विभाग और राज्य सरकार के निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।