हमारी सबसे बड़ी गलतियों में से एक यह भी है कि
हम खुद को बेहतर बनाने की बजाय, खुद को बेहतर दिखाने मे लग जाते हैं
जबकि असली ताकत भीतर से आती है, दिखावे से नहीं
खुद को सुधारो, खुद को पहचानो
दूसरे अपने आप समझ जाएंगे 🙂
बहुत गहरी और सटीक बात है!
इस बारे में आपका क्या कहना है ?
देश की मजबूती जीडीपी और प्रति व्यक्ति आय पर निर्भर करती है। जब किसी कर्मचारी की न्यूनतम आय मात्र 6,000 ₹ हो, तो देश के विकास का दावा खोखला लगता है @myogiadityanath
महज़ अल्प मानदेय 6,000 ₹ मानदेय से पंचायत सहायकों का टूट रहा आत्मविश्वास @uppanchayatiraj#अल्प_मानदेय_6000
पंचायत सहायकों की नियुक्ति से हुए बदलाव
• हर ग्राम पंचायत में एक सक्रिय प्रशासनिक कार्यालय
• हर ग्राम पंचायत में एक कामन सर्विस सेंटर का संचालन
• हर ग्राम पंचायत के सरकारी सर्वे हेतु एक अधिकृत कर्मी
• हर ग्राम पंचायत के लिए एक नोडल कर्मी
सरकार और ग्राम पंचायत के बीच सेतु समान कड़ी
• इसके विपरीत
पंचायत सहायकों की नियुक्ति हो जाने से ग्राम पंचायत सचिवों का कार्य सुलभ हो गया यानी वह अब कार्यालय न जाते सारे कार्य पंचायत सहायकों पर थोप देते है जिससे अतिरिक्त कार्यों का बोझ बढ़ता आज पंचायत सचिव हर सक्षम कार्य पंचायत सहायकों से लेते है पंचायत सचिवों का कार्य बस भुगतान के समय और निरीक्षण रह गया है
कुल मिलाकर पंचायत सहायक एक जन सेवा संचालक ,पंचायत सहायक के साथ एक ग्राम पंचायत सचिव का भी किरदार निभा रहा
लेकिन उसके मानदेय को देखकर शायद अंग्रेजी हुकूमत भी शर्म से मुंह झुका लेती।
वर्तमान स्थिति जिस हिसाब से है उस हिसाब से पंचायत सहायकों का वेतन बहुत कम है और इस नगण्य मानदेय में किसी व्यक्ति का खर्च नहीं पूरा हो सकता।
पंचायती राज विभाग @uppanchayatiraj अपने कर्मचारी की हालत नहीं समझ रहा जो कि बहुत निंदनीय है न विभागीय मंत्री @oprajbhar समझ रहे ......तो शासन @ChiefSecyUP हमारे इस दर्द को कैसे समझेगा।
फिलहाल समझेगा
सड़कों पर उतरने से शायद........!!!!
माननीय मंत्री जी श्री ओम प्रकाश राजभर जी @oprajbhar
आशा करता हूं आप स्वस्थ होगे और आपके सेहत में सुधार होगा ईश्वर आपको हमेशा स्वस्थ रखे।
" भले आपने हम सभी पंचायत सहायको के लिए कुछ नहीं किया लेकिन हमें एक उम्मीद है कि आपके रहते ....कोई ऐसा परिवर्तन जरूर होगा जो पंचायत सहायको के हित में हो
माननीय मंत्री जी किसी भी घर में अगर कोई सदस्य बीमार हो या उसकी कोई समस्या हो तो उसके लिए उस परिवार के मुखिया को गंभीर रूप से एक्शन लेना पड़ता है मुखिया इस चीज को अनदेखा नहीं कर सकता
हमारे पंचायती राज विभाग के मुखिया आप हो और इस विभाग का सबसे प्रताड़ित कर्मी एक मात्र पंचायत सहायक ही है जिसके दर्द तो हजार आपके पास आए लेकिन आपने विभिन्न कारणों का हवाला देकर उनको नजरअंदाज कर लिया ....... आखिर जब मुखिया ऐसे करेगा तो हमारी सुनेगा कौन और किससे उम्मीद की आस करे माननीय मुख्यमंत्री के समक्ष पंचायत सहायकों की समस्या पहुंचाना आपका फर्ज है अगर आप नहीं पहुंचा रहे तो हमें मौका दीजिए हम पहुंचाएंगे लेकिन कृपया करके इन 58000 परिवारों को दर्द से छुटकारा दीजिए ...विनम्र निवेदन @oprajbhar@uppanchayatiraj@ChiefSecyUP@CMOfficeUP@oprajbhar@ArunrajbharSbsp@ArunrajbharSbsp