Official Twitter Account of the sole political party of India which has remained steadfast with the principles of Social Justice & Secularism against all odds.
देखिए बिहार के सांसद, मुख्यमंत्री, मंत्री, बाढ़ प्रभावित जिलों के प्रभारी मंत्री, BJP JDU के वरिष्ठ नेता, सत्तारूढ़ MLA, MLC क्या कर रहे हैं!
लोग बाढ़ में मर रहे हैं और ये NDA के बेशर्म नेता लोग सोशल मीडिया पर 80s के AI फोटो लगाने के ट्रेंड की पीपड़ी बजा रहे हैं!
#flood#Bihar@yadavtejashwi #RJD
कूूट (गत्ता) बन गया है बिहार में प्लास्टर का विकल्प!
सदर अस्पताल जहानाबाद का शर्मनाक कारनामा!
हुलासगंज में सड़क दुर्घटना में घायल दोनों युवकों के टूटे हुए दाहिने पाँव में सदर अस्पताल में कूट बांधकर PMCH रेफर कर दिया गया!
सदर अस्पताल में भी प्लास्टर का सामान नहीं रहता है?
एक सदर अस्पताल पांव फ्रैक्चर का इलाज भी नहीं कर सकता है?
#Bihar #Health
@yadavtejashwi #RJD
सत्ता के नशे में चूर मुजफ्फरपुर के सबसे बड़े भूमाफिया जेडीयू विधानपरिषद सदस्य दिनेश सिंह ने अबकी अपने घर के ही नजदीक विद्यालय के जमीन को कब्जा में लेने का पूरा प्रयास किया परंतु स्थानीय मुखिया के प्रयास से तत्काल रोक लगाने का हिम्मत दिखाया गया!
अन्यथा इस परिवार के विरुद्ध आवाज उठाने का अंजाम बहुत बड़ा होता है यह सभी जानते हैं। ऊपर नीतीश कुमार से संरक्षण मिलता था, अब सम्राट चौधरी से मिलता है। क्या प्रलोभन देता है पता नहीं!
दिनेश सिंह जेडीयू से विधानपरिषद है पत्नी वीणा देवी वैशाली से लोजपा (आर) से सांसद है और पुत्री गायघाट से JDU विधायक है। इसका नाजायज फायदा उठा कर निरंकुश धन कुबेर परिवार चिन्हित कर कर के सबका जमीन हड़पते रहता है।
वैसे भी भाजपा जेडीयू लोजपा का उद्देश्य ही है विद्यालय खत्म करके जमीन कब्जा लो, ताकि कल का युवा आज पढ़े लिखे नहीं और सत्ता से सवाल नहीं करें।
@yadavtejashwi #RJD #Bihar
जॉइनिंग लेटर बाँटते हुए फोटो खिंचवाने की भूख में सम्राट चौधरी किसी भी फर्जी कंपनी का जॉइनिंग लेटर मासूम बच्चियों को थमा देंगे?
और जब यही फर्जी कंपनियां बच्चियों को देह व्यापार में धकेलने की कोशिश करेंगे तो बेशर्म, निर्लज्ज मुख्यमंत्री सुनवाई करने के बजाय, दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय मुँह फेर लेंगे?
किस अधिकारी ने देह व्यापार वाली गैंग की कंपनी का नाम तथाकथित जॉब फेयर वाली कंपनियों के नाम के साथ जोड़ा?
बिहार के भ्रष्ट अधिकारियों को फर्जी कंपनियों का कौन सा "एहसान" उतारना था यह मुख्यमंत्री को बताना चाहिए?
यह जॉब फेयर था या सम्राट सरकार का बिहार के साथ एक और मजाक?
@yadavtejashwi #RJD #Bihar
भाजपा नेताओं के झूठ पर यकीन करने वालों में कोई अक्ल नहीं होती, भाजपाइयों के जुमलों पर भरोसा करने वाले ख़ुद के वर्तमान और भविष्य के साथ-साथ अपनी आने वाली नस्लों को भी बर्बाद कर रहे है।
एक दशक बाद आई भीषण बाढ़ में जब बिहार सरकार का खजाना खाली है, राजकोषीय तनाव चरम पर है तब मुझे मेरा सड़क से सदन तक का संघर्ष याद आ रहा है।
लालू यादव जितना पक्ष-विपक्ष में रहकर बिहार और बिहारियों के हक के लिए लड़ा है उतना आज तक कोई नहीं लड़ा। अटल जी की कैबिनेट में एक दर्जन कैबिनेट मंत्री बिहार से थे लेकिन राज्य में मेरी सरकार थी तो इन नकारे नकारात्मक सांप्रदायिक भाजपाइयों ने बिहार को उसके हिस्से का बजट कभी नहीं दिया, कुछ नहीं दिया और ना ही देने दिया। पंचवर्षीय योजना तक में रोक लगा देते थे कि बिहार को पैसा ना मिले। उस वक्त राज्य सीधे उधार भी नहीं ले सकते थे।
𝟐𝟎𝟎𝟒 में जब हम राजद के 𝟐𝟒 सांसदों के साथ रुआब के साथ 𝐔𝐏𝐀-𝟏 में रेल मंत्री बने तो बिहार को उन पाँच वर्षों (𝟐𝟎𝟎𝟒-𝟎𝟗) में अपने प्रभाव और राजनीतिक ताक़त के बल पर 𝟏 लाख 𝟒𝟒 हज़ार करोड़ रुपए की भारी भरकम राशि तत्कालीन प्रधानमंत्री सरदार मनमोहन सिंह जी और श्रीमती सोनिया गांधी जी से विकास कार्यों के लिए दिलाई। हमने जो कहा उन्होंने किया।
हमारे उसी पैकेज की धनराशि से 𝟐𝟎𝟎𝟓 से नीतीश ने रगड़-रगड़ कर अपना चेहरा चमकाया। अटल जी के मंत्रिमंडल में रहते नीतीश समेत बिहार से एक दर्जन कैबिनेट मंत्रियों ने हमें बदनाम और विफल करने के लिए केंद्र से कभी कोई सहायता नहीं दिलाई लेकिन हम तो सकारात्मक दृष्टिकोण से बिहार हित में सदैव राजनीति करते रहे और बिहार को बहुत फंड दिलाया तो 𝐁𝐉𝐏 के दुलारे नीतीश जैसों ने व्यक्तिगत स्वार्थ में हमेशा बिहार को दंड दिलाया। एनडीए से 𝟑𝟎 सांसदों के बावजूद आज दिल्ली में बिहार की सुनने वाला कोई नहीं?
नेपाल से आने वाली बाढ़ और उसके स्थायी समाधान के लिए हमेशा प्रयासरत रहा। लालू सत्ता के लिए अपना चरित्र, चेहरा, चाल और विचार नहीं बदलता। संसद का वीडियो है ध्यान से सुनिए, 𝟐𝟎𝟏𝟏 का है तब केंद्र में 𝐔𝐏𝐀-𝟐 की सरकार थी, बिहार में नीतीश-बीजेपी की सरकार थी लेकिन लालू दिल्ली में बिहार के लिए 𝐔𝐏𝐀 से भी लड़ता था। अब दिल्ली में 𝐍𝐃𝐀 -𝟑 है, बिहार में 𝐍𝐃𝐀-𝟓 है लेकिन निकम्मे, नकारे और नौसिखिए लोग बहाने बनाने से बाज नहीं आते।
👉 नदियों के रख रखाव के लिए नेपाल सरकार से दो टूक बात हो, कर्पूरी ठाकुर जी ने भी इस मुद्दे को उठाया था।
👉 चुनाव और बाढ़ आने पर मुफ्तखोरी का घोषणा और फ्री 𝟐 किलो अनाज का लालच देना बंद करो, स्थाई समाधान दो।
👉 नदियों के रखरखाव पर खर्च होने वाला एक पैसा बिहार को नहीं मिला
👉 बिहार का लोग अपना घर परिवार छोड़ देश विदेश पलायन करता है। वहां से खून पसीना का कमाई लाकर यहां जमा करता है, लेकिन उसके अनुपात में उनपर खर्च नहीं होता
👉 हम भीख नहीं मांग रहे हैं, क्रेडिट के अनुरूप पैसा बिहार को दो।
👉 बिहार का 𝐂𝐃𝐑 (Credit Deposit Ratio कम क्यों है? आज भी देश में साख-जमा अनुपात बिहार का सबसे कम है?
भाजपाई देश में अपनी सरकार नहीं, रील-बाजी और PR फैक्ट्री चला रहे हैं!
जब उनकी नाकामी और लापरवाही के कारण दर्जनों जानें चली जाएं, हजारों घर बर्बाद हो जाएं, लाखों घर अपना जमापूंजी गंवा दें,...तब उठती उंगलियों से निपटने के लिए ये लोग रील, फोटो शूट और PR का ही सहारा लेते हैं!
@yadavtejashwi #RJD #India
जो श्री @yadavtejashwi जी ने बाढ़ की विभीषिका झेल रहे बिहार के लिए प्रधानमंत्री मोदी से माँगा है, अगर प्रधानमंत्री मोदी बिहार को गुजरात के समान महत्व देते तो उन्हें लोगों की पीड़ा देखकर खुद ही अपने आप पर शर्म आती और खुद ही बिहार के बाढ़ पीड़ितों के लिए भरसक प्रयत्न करते और वह सब कुछ करते जो #TejashwiYadav जी ने अपने पत्र के माध्यम से मांग की है।
#RJD
बिहार का महत्व केवल चुनाव तक मोदी जी?
गुजरात की समस्या राष्ट्रीय समस्या हो जाती है और बिहार में आपदा का कोई माई बाप नहीं?
बिहार में आपकी सरकार नाकारी, निकम्मी, बेपरवाह है!
गुजरात के प्रधानमंत्री महोदय, बड़ा दिल दिखाइए!
देश के प्रधानमंत्री बनने की कोशिश कीजिए!
@yadavtejashwi #RJD
JDU सांसद संजय झा चाहे चिल्ला चिल्ला कर कितना भी दुष्प्रचार करें वास्तविकता यही है कि 1991 से बिहार सरकार ने अपने नागरिकों को बार बार पड़ने वाले सूखे, भीषण बाढ़ और पारिस्थितिक असंतुलन से बचाने के लिए ऊपरी-तटीय राज्यों द्वारा जल के न्यायसंगत और उचित उपयोग का मौलिक मुद्दा बार-बार उठाया है।
1991 में, राज्य ने जल संसाधन मुद्दों का मूल्यांकन करने के लिए द्वितीय बिहार राज्य सिंचाई आयोग का गठन किया।
संजय झा को विपक्ष के विरुद्ध झूठ फैलाने के बजाय अपने गठबंधन और सत्ता के साथी भाजपा से धूर्त नूराकुश्ती का ड्रामा छोड़ बिहार के हित में फरक्का बैराज पर अपनी बात मनवाने पर ध्यान देना चाहिए।
जो पूछते है कि बिहार में लालू यादव ने क्या किया है?
तो ऐसा है कि बिहार का रहने वाला स्वतंत्र भारद्वाज जैसा लफ़ंगा और सांप्रदायिक कीड़ा बिहार में अपनी सड़क छाप गुंडई करने की बजाय दिल्ली में आकर बकवास करता फिरता है क्योंकि लालू जी द्वारा तैयार सामाजिक न्यायवादी लोग ऐसे गुंडों का बिहार में दो मिनट में दिमाग ठीक कर देते है।
#LaluYadav #RJD
राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष व बिहार विधानसभा में नेता विरोधी दल आदरणीय श्री तेजस्वी यादव जी ने माननीय प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखकर बिहार के संदर्भ में सात मांगें रखी है।
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आदरणीय प्रधानमंत्री जी,
महोदय,
बिहार इस समय भीषण बाढ़ की त्रासदी से गुजर रहा है। इस समय बिहार के 20 जिले बाढ़ जनित आपदा की चपेट में हैं। इस आपदा में फंसे लाखों लोग त्राहिमाम कर रहे हैं। नदियों में निरंतर बढ़ते जलस्तर से जल ग्रहण क्षेत्र में वृद्धि के कारण सार्वजनिक ढांचे को भारी नुकसान हुआ है तथा हजारों करोड़ के जान-माल की क्षति हुई है। राज्य की बड़ी आबादी भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवा, बिजली आपूर्ति, पशुचारा एवं सुरक्षित आवागमन जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है।
देश के सबसे गरीब और पिछड़े राज्य बिहार की एनडीए सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही बाढ़ राहत एवं बचाव व्यवस्था ऊँट के मुँह में जीरे समान है। बिहार में विनाशकारी बाढ़ ने लाखों लोगों का जीवन तबाह कर दिया है, लेकिन बिहार सरकार और बिहार से निर्वाचित NDA के केंद्रीय मंत्री व सांसद बेबस, लाचार, अक्षम और असहाय नजर आ रहे हैं। वो ना तो केंद्र सरकार से इस भीषण बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करा पा रहे हैं और ना ही बिहार के लिए विशेष राहत एवं सहायता राशि की मांग मजबूती से उठा पा रहे हैं।
यह स्थिति केवल प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि आपदा प्रबंधन के अंतर्गत response, mitigation और adaptation की वर्षों से चली आ रही सतत्त विफलता का भी परिणाम है। प्रत्येक वर्ष बाढ़ आने के बावजूद स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित कार्य नहीं हुआ है।
यह अत्यंत चिंता का विषय है कि दिवालिया हो चुकी बिहार सरकार बाढ़ पीड़ितों की सहायता करने में उदासीन है। आपदा राहत की राशि का उपयोग केवल निर्धारित उद्देश्यों के लिए सुनिश्चित किया जाना चाहिए था किन्तु इस वर्ष राज्य की आकस्मिक निधि एवं अन्य वित्तीय संसाधनों का उपयोग नियमित सरकारी खर्चों में इस प्रकार हुआ है कि आपदा के समय राहत के लिए धन की अत्यंत कमी हो रही है।
उपरोक्त तथ्यों के आलोक में मेरा सविनय आग्रह है कि केंद्र सरकार-
1. बिहार की विनाशकारी बाढ़ को “राष्ट्रीय आपदा” घोषित करे।
2. बिहार की मदद के लिए तत्काल 𝟓 हजार करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान करते हुए विशेष बाढ़ राहत पैकेज उपलब्ध कराए।
3. भीषण बाढ़ से प्रभावित एवं सड़क संपर्कहीन क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त नाव, बोट एवं अन्य संसाधनों की तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए।
4. बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यकता वाले क्षेत्रों में सेना एवं वायुसेना के हेलीकॉप्टरों का सहयोग सुनिश्चित किया जाए।
5. भोजन, पेयजल, दवा, पशुचारा एवं अस्थायी आश्रय की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
6. किसानों, मजदूरों, पशुपालकों एवं प्रभावित परिवारों के लिए विशेष आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
7. राज्य की वित्तीय एवं आपदा-प्रबंधन तैयारियों तथा राज्य की आकस्मिक निधि के उपयोग व लेन-देन की स्वतंत्र समीक्षा/ CAG परीक्षण कराई जाए।
सर्वविदित है कि बिहार की भौगौलिक स्थिति के कारण बिहार का 76% भूभाग बाढ़ग्रस्त रहता है। भारी वर्षापात और जलस्तर में वृद्धि के कारण कई दफ़ा यह 80% से भी अधिक हो जाता है। बिहार की बाढ़ समस्या के स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालिक Flood Resilience Mission प्रारंभ किया जाए जिसमें नदी एवं तटबंध प्रबंधन, जलनिकासी, जलाशयों का पुनर्जीवन, आधुनिक Flood Forecasting तथा नेपाल, बांग्लादेश एवं अन्य पड़ोसी देशों के साथ प्रभावी जल प्रबंधन नीति व संधि शामिल हो।
इस समय हमारी प्राथमिकता बिहार के नागरिकों का जीवन बचाना है। बिहार की जनता संकट में है जिन्हे अब राजनीति नहीं, ठोस राहत और जवाबदेही चाहिए। मैं आग्रह करता हूं कि केंद्र सरकार बिहार के साथ किसी प्रकार का सौतेला व्यवहार न करे और वर्तमान संकट को मानवीय एवं राष्ट्रीय दायित्व के रूप में देखते हुए विशेष केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराए। वर्तमान संकट में राज्य सरकार की किसी भी वित्तीय कठिनाई का प्रभाव राहत एवं बचाव कार्यों पर नहीं पड़ना चाहिए। विपदा की इस कठिन घड़ी में मेरा आपसे विनम्र आग्रह है कि अविलंब बिहार का दौरा कर हरसंभव मानवीय, वित्तीय एवं अन्य जरुरी सहायता उपलब्ध कराएं।
#TejashwiYadav #RJD #Bihar #BiharFlood #BiharPolitics #news
यह बिहार के मुख्यमंत्री का ट्वीट है?
10 साल से NDA वादा कर रही है पर बिहार में ना डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर(DIC) बना और ना 7 डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स(DMC) में कोई किरदार दिया और ना ही DRDO टेक्नोलॉजी क्लस्टर में कोई स्थान दिया!
बिहार सिर्फ BJP JDU को वोट देने के लिए है मुख्यमंत्री महोदय?
भविष्य के युद्धक्षेत्र में तकनीक ही निर्णायक शक्ति होगी।
@DRDO_India का SHIELD Programme भारत की रक्षा क्षमता को इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वॉरफेयर, हाई-पावर माइक्रोवेव तकनीक और काउंटर-ड्रोन क्षमताओं के नए आयाम दे रहा है।
यह आत्मनिर्भर भारत की उस संकल्पशक्ति का प्रमाण है, जो आधुनिक तकनीक के साथ राष्ट्र की सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है।
तकनीक में आत्मनिर्भरता, सुरक्षा में सामर्थ्य, यही है नए भारत की शक्ति।
#DRDO
#AtmanirbharBharat
सम्राट चौधरी या BJP JDU के किसी भी चाटुकार दब्बू बिहार के मंत्री, सांसद या विधायक में हिम्मत तो है नहीं कि गुजराती आलाकमान के सामने बाढ़ प्रभावित बिहार के लिए एक न्यायोचित पैकेज भी माँग लें!
यह दायित्व भी @yadavtejashwi जी अपने ऊपर लेकर मोदी सरकार को बिहार में बाढ़ की विभीषिका से परिचय करवा रहे हैं और बाढ़ की त्रासदी झेल रहे बिहार के लिए ₹5000 करोड़ का आर्थिक पैकेज माँग रहे हैं!
उल्लेखनीय है कि बिहार सरकार ने चुनाव जीतने के लिए बीच चुनाव लगभग ₹12,500 करोड रुपए बांट दिए!
और आज बाढ़ की त्रासदी में ठन ठन गोपाल हुए बैठी है!
#TejashwiYadav #RJD #Bihar
बिहार में बाढ़ आपदा को लेकर माननीय प्रधानमंत्री को पत्र लिख आग्रह किया है कि वो अविलंब बिहार का दौरा कर विनाशकारी बाढ़ को “राष्ट्रीय आपदा” घोषित करे तथा बिहार की मदद के लिए तत्काल 𝟓 हजार करोड़ की वित्तीय सहायता राशि के अलावा राज्य को हरसंभव मानवीय एवं अन्य जरुरी सहायता उपलब्ध कराएं।