रक्षक जन मोर्चा पार्टी (RJMP) हर तरह के अन्याय, अत्याचार और भ्रष्टाचार को समाप्त कर जनता और पुलिस परिवार की समस्याओं का समाधान पेश करने के लिए संकल्पित है। 🇾🇪
स्नेह, विश्वास, संस्कार एवं आत्मीयता के पावन पर्व रक्षाबंधन की प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं।
आइए, भाई-बहन के अटूट प्रेम के प्रतीक इस पवित्र पर्व पर हम सभी अपनी सनातन सांस्कृतिक विरासत एवं पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करने हेतु संकल्पित हों।
आज 15 अगस्त के इस पावन अवसर पर हम उन सभी महान स्वतंत्रता सेनानियों और वीर शहीदों को नमन करते हैं, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
आजादी केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी भी है।
https://t.co/5xn1pV3qMe। रक्षक जन मोर्चा पार्टी पुलिस विभाग में कार्यरत कर्मचारियों के साथ होने वाले **अन्याय, अत्याचार, शोषण और भेदभाव** के विरुद्ध उठने वाली हर न्यायसंगत आवाज़ का समर्थन करती है।
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत वार्ड संख्या-74, गिरिजा नगर स्थित मुक्तेश्वर मंदिर से दुर्गा मंदिर तक निर्मित सड़क के निर्माण कार्य से संबंधित सूचना उपलब्ध कराए जाने के संबंध में।
@InfoDeptUP@UPGovt@CMOfficeUP
#RJMP की मांग है कि चुनाव आयोग,सभी राजनीतिक दलों, तकनीकी विशेषज्ञों और नागरिक समाज के साथ व्यापक संवाद करे और ऐसी चुनाव प्रणाली अपनाई जाए, जिस पर सभी पक्षों का अधिकतम विश्वास हो।यदि बैलेट पेपर जैसी किसी व्यवस्था पर व्यापक राष्ट्रीय सहमति बनती है, तो उस पर भी गंभीरता से विचार करें
मेहनत की स्याही का जब हिसाब माँगा युवाओं ने
तो कुर्सियों के गुरूर भी ज़मीन पर आ गिरे।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ,ये जीत छात्रों की जीत हैं,अन्यान्य के विरुद्ध न्याय की जीत है
घायल हुए आंदोलनकारियों से अस्पताल जा कर सब दलों के नेता मिल आए हैं --- ये अच्छा कदम है ----लेकिन अब घायल हुए पुलिसकर्मियों की भी कुछ सुध ली लेनी चाहिए ----वे भी इस देश की संतानें हैं ----@ShivvirRJMP
सम्पूर्ण देश के शोषित वंचित पीड़ित समाज की एक मात्र बुलंद आवाज़ RJMP के राष्ट्रीय अध्यक्ष भविष्य के उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री माननीय शिववीर सिंह " शिवाजी को जन्म दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। हम सभी आपकी लंबी उम्र, अच्छी सेहत और बुलंद राजनीतिक कैरियर की प्रार्थना करते हैं
पुलिस एक्ट 1861 उस समय बनाया गया था जब अंग्रेज़ी शासन का उद्देश्य जनता की सेवा नहीं, बल्कि उन पर नियंत्रण स्थापित करना था। स्वतंत्र भारत में लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों की भावना के अनुरूप पुलिस व्यवस्था को भी आधुनिक, पारदर्शी और जनहितैषी बनाया जाना समय की आवश्यकता है।