शायद यही सिद्धू को दी गई बीजेपी की सुपारी थी। बीजपी के trojan horse थे सिद्धू जिन्होंने विरोधी खेमे में घुसकर तोड़फोड़ मचाई, कैप्टन को बीजेपी की तरफ़ लाए और काम पूरा होने पर इस्तीफा दिया । याद करिए बाजवा को गले लगाने और इमरान की तारीफ़ पर सवाल तो कांग्रेस से ही पूछे गए थे।