Former Cabinet Minister Government of Rajasthan, Former AICC In-charge of Gujarat, Daman & Diu and Dadra & Nagar Haveli, Ex Member of Parliament LokSabha, Ajmer
पिछले 10 साल में कुल 152 पेपर लीक हुए हैं यानी हर महीने एक पेपर लीक। इससे 7.5 करोड़ छात्रों को नुकसान हुआ है। लेकिन एक भी व्यक्ति को सजा नहीं हुई। ये देश युवाओं, उनके माता-पिता, उनकी कड़ी मेहनत और संघर्ष का अपमान है।
~ राहुल गांधी जी, नेता विपक्ष
#ChhatronKiGoonj
111 दिन तक माँ गंगा को बचाने के लिए आमरण अनशन पर बैठे प्रो॰ जी डी अग्रवाल हों या हरियाणा की ओलिंपिक रेसलर हों,
हमारे 750 अन्नदाता किसान हों, दलित-आदिवासी हों, या फ़िर पेपर लीक की बलि चढ़े 25 बच्चे और उनके परिजन,
इस तानाशाह सरकार ने किसी को नहीं बख़्शा…
इनकी नज़र में कोई भी अगर आवाज़ उठाता है तो वह "Anti-National" है, "परजीवी" है !
जंतर-मंतर पर आज जो हुआ वह लोकतंत्र और संविधान के ऊपर एक और काला धब्बा है।
कोटा और देहरादून से "छात्रों की गूँज" का आगाज़ हो चुका है…दिल्ली की दहलीज़ तक ज़रूर पहुँचेगी !!
5 साल रोज़ाना 10 घंटे की तैयारी और औसतन ₹9 लाख - हर छात्र की मेहनत और उसके परिवार का त्याग।
10 साल में 152 पेपर लीक, सीट-नौकरी का रेट कार्ड, 0 सज़ा, 7.5 करोड़ युवाओं का बर्बाद भविष्य - System की हालत।
इस भ्रष्ट Education System को जड़ से बदलना होगा - बनानी होगी 21वीं सदी की परीक्षा व्यवस्था, स्वतंत्र और जवाबदेह संस्था जहां छात्रों को मिले पूरी सुरक्षा।
#ChhatronKiGoonj
रिया के पिता, राजेश जी बेटी को खोकर इस तरह टूटे कि उन्हें देखने वाले हर शख़्स की आँखें भर आईं।
यह सिर्फ़ एक परिवार का दर्द नहीं। पेपर लीक ने ऐसे कई परिवारों से उनका बच्चा छीन लिया।
हर नाम के पीछे एक माँ है, एक पिता है - जिनके लिए अब कोई कल नहीं।
इस System को नए सिरे से बनाना होगा - जहाँ बच्चों को तनाव नहीं, सुरक्षा मिले। और माँ-बाप को, उनके त्याग का फल मिले - आँसू नहीं।
My letter to the PM Modi, once again requesting him to convene an All Party Meeting to discuss the Government’s revise proposals on Delimitation etc.
All of March and April, 2026, I had been writing to Hon'ble Minister of Parliamentary Affairs requesting that the Union Government convene an All Party Meeting to discuss its proposals regarding Delimitation etc.
Unfortunately, these requests had not been accepted. The Constitution (131st Amendment) Bill, 2026, then failed to secure the required 2/3rd majority in Lok Sabha on 17 April, 2026 by a clear margin.
@narendramodi
Chanda Chori - Astha se Dhoka, Paper leaks and the systemic corrossion of education system, institutional capture, breaking of political parties, multiple scams and charges of corruption, backbreaking price rise, foreign policy failures and strategic blunders, the imposition of ethanol blending on 3.5 crore vehicle owners, unbridled deforestation, and the continued assault on the rights of SCs, STs, OBCs and minorities are among the critical issues on which the Congress Party will hold the Modi Govt accountable during the forthcoming Monsoon Session of Parliament.
These pressing concerns affecting the lives and aspirations of our people were deliberated upon during the meeting of the Congress Parliamentary Party (CPP).
बहुत हुआ, चलो युवा,
हाथ से हाथ जोड़ के,
अन्याय का घड़ा फोड़ के।
युवा ख्वाब ये जल जाएंगे,
सिंहासन तब हिल जाएंगे,
छात्रों की गूंज, ये है छात्रों की गूंज।
शिक्षा Revolution की ओर देश के सभी छात्रों और युवाओं का उत्साह और जोश बढ़ाने के लिए #ChhatronKiGoonj Anthem.
बदलाव अब दूर नहीं।
नीलांचल निवासाय नित्याय परमात्मने।
बलभद्र सुभद्राभ्याम् जगन्नाथाय ते नमः।।
महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी की पावन रथयात्रा के पुनीत अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।
भगवान श्री जगन्नाथ जी आप सभी की समस्त मनोकामनाएं पूर्ण करें।
#JagnnathYatra
राजस्थान कांग्रेस की राजनीति में डॉ. रघु शर्मा को ब्राह्मण समाज के प्रभावशाली नेताओं में शामिल किया जाता है। लंबे राजनीतिक अनुभव, संगठनात्मक क्षमता और सरकार में निभाई गई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के कारण उन्होंने प्रदेश की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई है।
हालाँकि राजस्थान कांग्रेस में वरिष्ठ नेता डॉ. सी.पी. जोशी को ब्राह्मण समाज का सबसे प्रमुख चेहरा माना जाता है। वे अनुभवी और वरिष्ठ नेता है। लेकिन उनकी उम्र लगभग 76 वर्ष इसलिए जिन नेताओं का प्रभाव उल्लेखनीय माना जाता है, उनमें डॉ. रघु शर्मा और महेश जोशी का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। राज्य की राजनीति में ब्राह्मण नेतृत्व की चर्चा के दौरान इन नेताओं की भूमिका अक्सर सामने आती रही है। महेश जोशी इन दिनों क़ानूनी रूप से उलझन में है। ऐसे में अगर रघु शर्मा की बात करें तो राजस्थान की राजनीति में डॉ. रघु शर्मा उन नेताओं में गिने जाते हैं, जिन्होंने छात्र राजनीति से अपनी पहचान बनाते हुए प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। संगठन, विधानसभा, लोकसभा और राज्य सरकार में विभिन्न भूमिकाओं के कारण उनका राजनीतिक सफर लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है।
डॉ. रघु शर्मा का राजनीतिक जीवन राजस्थान विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति से शुरू हुआ। वे पहले महाराजा कॉलेज छात्रसंघ के अध्यक्ष बने और बाद में राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष चुने गए। छात्र जीवन में नेतृत्व क्षमता और संगठन कौशल के कारण उन्होंने युवाओं के बीच अपनी अलग पहचान बनाई।
छात्र राजनीति के बाद उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की युवा इकाई में सक्रिय भूमिका निभाई। वे राजस्थान युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे तथा बाद में प्रदेश कांग्रेस संगठन में उपाध्यक्ष, प्रवक्ता सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। इस दौरान उन्होंने संगठन विस्तार और युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
साल 2008 में डॉ. रघु शर्मा ने अजमेर जिले की केकड़ी विधानसभा सीट से पहली बार विधायक का चुनाव जीता। विधायक बनने के बाद उन्हें राजस्थान विधानसभा का मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने सदन के संचालन और संगठनात्मक समन्वय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
वर्ष 2018 में उन्होंने अजमेर लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज कर संसद पहुंचे। उसी वर्ष राजस्थान विधानसभा चुनाव में केकड़ी से विधायक निर्वाचित हुए और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री बनाए गए। मंत्री रहते हुए उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, चिकित्सा ढांचे को मजबूत करने और कोविड-19 महामारी के दौरान स्वास्थ्य प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाली।
बाद में कांग्रेस संगठन ने उन्हें गुजरात, दमन एवं दीव तथा दादरा एवं नगर हवेली का अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) प्रभारी नियुक्त किया, जहां उन्होंने संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाईं।
डॉ. रघु शर्मा का राजनीतिक सफर छात्रसंघ अध्यक्ष से विधायक, सांसद, कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस संगठन के राष्ट्रीय पदाधिकारी तक पहुंचने का उदाहरण माना जाता है। संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर उनकी सक्रिय भूमिका ने उन्हें राजस्थान कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में स्थापित किया। @RaghusharmaINC@INCRajasthan@INCSandesh@INCIndia@RahulGandhi@priyankagandhi@kharge
महाराष्ट्र TET का पेपर लीक हुआ, परीक्षा रद्द हुई। 6 लाख अभ्यर्थी अधर में। दो हफ्ते हो गए, नई तारीख़ का कोई अता-पता नहीं।
लीक करने वाले आज़ाद, सिस्टम बेदाग़ और सज़ा भुगत रहा है वो जिसने ईमानदारी से मेहनत की।
ये देश के कार्यरत और होने वाले शिक्षक हैं जिनके हाथ में भारत का भविष्य है - ये वही लोग हैं जिन्होंने साल दर साल तैयारी की, फॉर्म भरे, फीस दी, दूर-दराज के सेंटर तक गए। और अब बस इंतज़ार कर रहे हैं, बिना तारीख़, बिना जवाब।
मुख्यमंत्री जी - तीन चीज़ें, आज ही:
1. समय-सीमा : TET की नई तारीख़ अभी घोषित कीजिए।
2. जवाबदेही : लीक के ज़िम्मेदारों पर कार्रवाई हो, अभ्यर्थी पर नहीं।
3. भविष्य की रक्षा : जिनका साल इस लीक के कारण बर्बाद हुआ, उन्हें उम्र सीमा में छूट दी जाए।
गलती संस्था की, सज़ा अभ्यर्थी को - यह इंसाफ़ नहीं है।
17 जुलाई को देहरादून में मैं पेपर लीक के बढ़ते संकट पर आपसे विस्तार से बात करूंगा। अब समय आ गया है शिक्षा क्रांति का - ऐसी व्यवस्था बनाने का, जहां युवाओं को सिस्टम की नाकामी नहीं, अपनी मेहनत का फल मिले।
#ChhatronKiGoonj
भ्रष्ट, अन्यायी, पक्षपाती, बेईमान - ये चार शब्द मेरे नहीं, ये देश के छात्र आज भारत की शिक्षा व्यवस्था के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।
और सच यही है - भारत की शिक्षा व्यवस्था अब एक बेईमान वसूली तंत्र बन चुकी है।
जो व्यवस्था बच्चों के भविष्य को तैयार करने के लिए बनी थी, वो आज उन्हें और उनके परिवार को कर्ज़, तनाव और निराशा में धकेल रही है।
इसी भ्रष्टाचार ने पेपर लीक माफ़िया को जन्म दिया - जो तैयारी कर रहे लाखों छात्रों की सालों की मेहनत एक झटके में लूट लेता है।
यहां दोषी vendors और अधिकारियों को मिलती है tender और तरक्की। और सजा किसे मिलती है? छात्रों को, जिन्हें टूटे सपनों के साथ अकेले छोड़ दिया जाता है।
मोदी सरकार और शिक्षा मंत्री यह सब देख रहे हैं। पर उन्होंने चुप्पी चुनी है - जवाबदेही से मुँह मोड़ लिया है। और मीडिया में? बस एक लंबा सन्नाटा।
अब बहुत हुआ - अब वक़्त है शिक्षा में Revolution का।
17 जुलाई, देहरादून - मेरे साथ आइए, ‘छात्रों की गूँज’ को और बुलंद करें।
यहां जुड़ें: https://t.co/g6mbw7X5XC
#ChhatronKiGoonj
Deeply saddened by the tragic boat capsizing near Phu Quoc Island, Vietnam, carrying Indian tourists.
My heartfelt condolences to the families who have lost their loved ones. My thoughts are also with those who are still missing, and with their families enduring an agonising wait.
I urge the Government of India and the Ministry of External Affairs to work closely with the Vietnamese authorities to ensure that every possible effort is made in the ongoing rescue operations and that all necessary assistance is extended to the affected families.
मेरठ की दलित छात्रा ललिता गौतम की निर्मम हत्या ने भाजपा की डबल इंजन सरकार का महिला एवं दलित विरोधी चेहरा एक बार फिर बेनक़ाब कर दिया है। पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है, लेकिन सरकार उसकी आवाज़ सुनने के बजाय न्याय की माँग करने वालों को ही कुचलने में लगी है।
NCRB के आंकड़ों के अनुसार, 2013 से 2024 के बीच देश में महिलाओं के विरुद्ध दर्ज अपराध लगभग 42.6% और अनुसूचित जातियों के विरुद्ध अपराध लगभग 41% बढ़े। देश में हर 2 घंटे 3 मिनट में अनुसूचित जाति (SC) की एक महिला के साथ बलात्कार होता है, यानी हर दिन 12 दलित महिलाओं के साथ दुष्कर्म के मामले दर्ज होते हैं। ये केवल आंकड़े नहीं, भाजपा शासन में महिलाओं, दलितों और वंचितों की बढ़ती असुरक्षा का प्रमाण हैं।
जब कांग्रेस नेता पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने पहुंचते हैं, तो उन्हें गिरफ्तार, नजरबंद और लाठियों से रोका जाता है। आखिर योगी सरकार किस सच को छिपाना चाहती है? विपक्ष को परिवार से मिलने से क्यों रोका जा रहा है? परिवार की बात सुनकर उसे न्याय देने के बजाय पुलिसिया दमन क्यों किया जा रहा है?
हाथरस और उन्नाव में भी देश ने देखा था कि भाजपा सरकार ने किस तरह पीड़ितों की आवाज़ दबाई और सत्ता से जुड़े लोगों को बचाने की कोशिश की। अब मेरठ में वही दमनकारी रवैया दोहराया जा रहा है।
पीड़िता के परिवार को न्याय चाहिए, लाठियां और नजरबंदी नहीं। दोषियों को कठोरतम सजा मिले और पीड़ित परिवार की आवाज़ दबाना तत्काल बंद हो!
याद रहे…दलितों-वंचितों-मजलूमों की आवाज़ का उफान भाजपाई सत्ता के सिंहासन को जल्द उखाड़ फेंकेगा !!
मध्यप्रदेश आज भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार और लूट का केंद्र और भ्रष्टाचार का पर्याय बन चुका है।
एक घोटाला खत्म नहीं होता, दूसरा सामने आ जाता है।
अब Ethanol के नाम पर ₹1200 करोड़ का चावल घोटाला सामने आया है। जिस चावल को कुपोषित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किशोरियों के पोषण के लिए इस्तेमाल होना था, उसी चावल को मुनाफे के खेल में घुमाया गया। 5 लाख MT चावल, राइस मिलरों, एथेनॉल माफिया और भाजपा सरकार के संरक्षण में भ्रष्टाचार के इस खेल का हिस्सा बना दिया गया। भाजपा और सरकारी तंत्र की मिलीभगत से जनता के हक के अनाज पर डाका डाला जा रहा है।
इसके पहले जमीनों के मामले में बड़ा घोटाला सामने आया। उज्जैन में उन्हीं इलाकों में जमीनों का विस्तार हुआ, जहाँ सरकारी infrastructure project और Highway Corridor प्रस्तावित थे। इसमें मुख्यमंत्री जी के ऊपर ही सवालिया निसान खड़े हुए।
हर तरफ, हर विभाग में लूट और अपनी जेबें भरने का खेल, यही भाजपा की सत्ता की लूट की कहानी है।
व्यापम से शुरू हुई यह लूट, अनगिनत पेपर लीक, भ्रष्टाचार के अनगिनत मामलों के बावजूद आज भी थमी नहीं है।
भाजपा ने मध्यप्रदेश को भ्रष्टाचार का मॉडल बना दिया है और मोदी जी हर बार की तरह बस मौन साधे बैठे रहते हैं।
सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही की धारणा को मोदी-शाह ने सत्ता के अहंकार तले रौंद दिया है।
पिछले सप्ताह हुई UGC-NET परीक्षा को लेकर सामने आए गंभीर आरोप बेहद चौंकाने वाले हैं।
NEET पेपर लीक के कुछ ही हफ्तों बाद अब खबरें आ रही हैं कि -
- UGC-NET परीक्षा से ठीक पहले 100 पन्नों की एक PDF प्रसारित हुई।
- यह PDF उस question paper setting की है, जो सिर्फ़ NTA के पास उपलब्ध होती है।
- PDF के लगभग 90 सवाल Sociology के असली प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं।
- वही प्रश्नपत्र ₹2.25 लाख में बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में बेचा जा रहा था।
- इसी नेटवर्क ने CSIR-NET, HTET और ADA जैसी आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का भी दावा किया।
NEET और NET में बार-बार सामने आए घोटालों के बाद भी मोदी सरकार आंखें मूंदकर सो रही है, क्योंकि लाखों छात्रों की रात-रात जागकर की गई सालों की मेहनत उनके लिए कोई मायने नहीं रखती।
सारा देश जानता है कि प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री से किसी भी तरह की जवाबदेही या कार्रवाई की उम्मीद बेकार है - न जांच होगी, न छात्रों को न्याय मिलेगा।
बदलाव का एकमात्र औज़ार हमारी सम्मिलित आवाज़ है - देश भर के छात्रों की गूंज, जो भारत में शिक्षा revolution लाकर रहेगी।