ये दोष आप पर आना चाहिए। परंपरा तो आपने ही शुरू की।असली हत्यारे तो आप हैं।आपके NDTV में रहते हुए मैं इंटर्न था। तब एक प्रोटेस्ट के दौरान आपके एक दल समर्थक होने की वजह से मेरे साथ बदसलूक़ी हुई थी और आज १०० चूहे खाकर बिल्ली हज को चली।
मूल बात क्या है? मूल बात है कि गोदी मीडिया लोकतंत्र का हत्यारा है।
आप अगर-मगर के सहारे इससे नहीं बच सकते। कुछ अच्छे लोग हमेशा हैं, रहेंगे।उन्हें निशाना मत बनाइये, हिंसा और हुड़दंग नहीं होनी चाहिए। तब भी गोदी मीडिया की सच्चाई नहीं बदल जाएगी। जनता को हर दिन जागना होगा। आज इस मीडिया पर आप गर्व नहीं कर सकते. इसके न्यूज़ रूम के लोग भी शर्म से सहमे रहते हैं। अभी भी ज़रूरत है कि देश की हर पंचायत में पोस्टर लगना चाहिए कि गोदी मीडिया लोकतंत्र का हत्यारा है।हर पार्टी के दफ्तर के बाहर यह पोस्टर लगा होना चाहिए। एयर पोर्ट पर स्पेस ख़रीद कर यह नारा लिखा जाना चाहिए। लोगों को अपनी कार के पीछे लिखना चाहिए। इस गोदी मीडिया ने लोकतंत्र के हर कोने में सड़न पैदा कर दी है। इसके कारण कुर्सी पर बैठा हर शख़्स ख़ुद को ख़ुदा समझ बैठा है। सांसद तक लूटे जा रहे हैं। विपक्षी पार्टियाँ लूट ली जा रही हैं। वोट का अधिकार छीना गया है। इसी मीडिया के सामने। इसलिए मूल बात है कि गोदी मीडिया लोकतंत्र का हत्यारा है।
Dev Kotak, a reporter with Times now, was attacked by a mob of protesters at Jantar Mantar in New Delhi. This is absolutely disgraceful. You can request a reporter to leave the spot if you don't want him/her around but resorting to violence is absolutely unjustified.