We hosted a discussion on 'Trump 2.0 and the Shifting Dynamics in the Indo-Pacific'.
As the #Trump administration completes one year, major geopolitical developments across the #MiddleEast, #Europe, and #LatinAmerica have increasingly shaped Washington’s foreign policy agenda. Considering the shift in geopolitics, this roundtable examined the trajectory of #US foreign policy toward the #IndoPacific and its allies and partners under Trump’s second administration.
Featuring: @antaragsingh, @Henrietta_Ivy, Titli Basu, @ASEANWonk, @sayantan_h & @RachelRizzo
@PNRai1@AtulHRPandey मुझे तो दुख इस बात का है कि भारत के मीडिया चैनल और समाचार पत्र अपने देश के हितों को आगे क्यों नहीं रखता? अमेरिका को यही मीडिया वाले बाप बनाएं फिरते है। हेडलाइन ये होनी चाहिए कि "बिन बुलाए बाराती ने आयोजक को भिंडी खाने की छूट दी।" 😂
ऐ भारत के सुन्नी मुसलमानो...
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देख रहे हो ना... केवल 15% शियाओं के धर्मगुरु की मौ...."""त पर कौन्ग्रेस. सपा समेत पूरा विपक्ष कैसे लहोलाट हुआ जा रहा है... तुम 85% हो..सुन्नी रोज कु।।।।...त्ते की तरह धोये जा रहे हैँ...उनके लिए इनका करेजा नहीं फ।।।।टता. .. शिया तुम्हारे दुश्मन हैँ और कौन्ग्रेस शियाओं की दोस्त है...
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भूल गए व��� करबला.... वो हुसैन की शहादत... ये मरदूद यजीदियों से कम नहीं..
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पर तुमको क्या...तुम्हारा तो जन्म ही हुआ है इनके ला चाटने के लिए.... मेरे आंसू निकल आते हैँ तुम्हारी हालत पर खुदा के नेक बंदो 😅😅😅😅
ऋषि कश्यप विदेशी थे परन्तु उनका पुत्र हिरण्यकशिपु मूलनिवासी था और उसकी बहन मूलनिवासी थी पर उनका बेटा प्रह्लाद पुनःयुरेशिया से आया था .. डलिट लॉजिक पानी पीने नहीं दिया गया ५००० वर्षों से ..
हे लूडोश्रेष्ठ, या तो यह मानो कि मोदी कमजोर है, निर्लज्ज है, या यह कि उसका जलवा ऐसा है कि उसके विजिट के लिए युद्ध रुकते हैं, या वो कहता है कि भाई बम मार दे इरान पर, और इजरायल बम मार देता है।
��ोनों बात एक साथ कैसे कह लेते हो?
इनका सेट पैटर्न है-
- > आभासी दुनिया में जियेंगे कि क़ौम पूरी दुनिया को जीत लेगी।
-> दो तीन दिन ईरान की जीत दिखायेंगे कि अकेले ने अमेरिका-इजराइल को हरा दिया है।
-> जब इजरायल मार मारके मोर बना देगा तो “Save Iran” चलाना शुरू कर देंगे कि “बचाओ बचाओ”
अबे जब अभी लड़ रहे हो, तो बाद में रोया मत करो।
बात तो 100 प्रतिशत सही है, 1400 साल पहले कहा गया था कि "माल ए गनीमत" बना के च# ढ़ जाओ गैर मुसलमान महिलाओं पर।
पर जिनकी बहन और मांओं पर चढ़ा##ई हुई, ���नके नाम आज अरबी के हैं। जैसे तुम्हारा नाम।
जिनकी महिलाएं बच गई उनके नाम नहीं बदले।
फतवा ए आलमगीर वॉल्यूम 4 5 6 में मुश्तर्का बांदी के बंटवारे और उसके बच्चे के मुस्लिम होने की बात तफसील से बयान की गई है।
अपने ही पूर्वजों के बला# त्कार पर खुश होते पहली बार किसी को देख रहा हु।
मेरे प्रिय प्रदेश वासियों,
25 नवंबर, 2025 को श्री अयोध्या धाम का नाम पुनः इतिहास के पृष्ठ पर स्वर्णिम अक्षरों में अंकित होगा।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के मार्गदर्शन से श्री अयोध्या धाम में हो रहा हर कार्य प्रभु श्री राम के जीवन मूल्यों से प्रेरित है।
मेरी यही कामना है कि धर्म-ध्वजा की पुनर्स्थापना से प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि का नया युग आरंभ हो।
जय श्री राम।
Had a productive meeting with Prime Minister Sanae Takaichi of Japan. We discussed ways to add momentum to bilateral cooperation in areas such as innovation, defence, talent mobility and more. We are also looking to enhance trade ties between our nations. A strong India-Japan partnership is vital for a better planet.
@takaichi_sanae
राहुल फिरसे विदेश भाग गया
पहले - चौकीदार चोर है लाया था
फिर - ईवीएम हैक है ये लाया था
उसके बाद- वोट चोर गद्दी छोड़ लाया
आपको क्या लगता है इस बार विदेश से कौन टू���किट लाएगा ???
जवाब अवश्य दें
हर जगह यही हो रहा है। बच्चे विषैला कफ सिरप पी कर मरे, तो डॉक्टर को अरेस्ट किया गया है, न कि उन बाबुओं को जिन्हें जाँचना था। कछुए की रैली में लोग मरे, तो पत्रकार अरेस्ट हो जाएगा, कछुआ बाहर घूमता रहेगा।
विजयादशमी के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के गौरवशाली 100 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। देशभर में इसके लाखों स्वयंसेवक पिछली एक सदी से ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के ��ाथ मां भारती की सेवा में समर्पित रहे हैं। कल 1 अक्टूबर को सुबह करीब 10.30 बजे नई दिल्ली में आरएसएस शताब्दी समारोह में शामिल होने का सौभाग्य मिलेगा। यहां एक विशेष डाक टिकट और स्मृति सिक्का भी जारी किया जाएगा।
@RSSorg
https://t.co/Uz1dLHC6Ii
एशिया कप के अंत तक आते-आते यह स्पष्ट हो गया है कि हम क्यों अहमदाबाद एयर क्रैश, RCB की भगदड़, दिल्ली के दंगे आदि सप्ताह भर में भूल जाते हैं। हमें हमारे नेता जानते हैं कि हमारा सारा ‘विरोध’ किसी एक फोटो या ट्वीट प�� हवा हो जाएगा।
इसलिए, हमें पाकिस्तान से खेलना भी पड़ता है, खेल मंत्रालय का कुतर्क झेलना भी पड़ता है और पाकिस्तान जैसे नंगे देश को प्लेटफॉर्म दे कर, उनकी नग्नता को देखना भी पड़ता है।
पंद्रह दिन नहीं लगे हमें ‘हम एक भी मैच नहीं देखेंगे’ से ‘अरे इतना भी क्या विरोध करना, क्यों रोते रहते हो इतना’ लिखने में। पहले मैच में विरोध, दूसरे में विरोध की चर्चा भी नहीं, तीसरे में मैच देख कर जस्टिफिकेशन की पाकिस्तान को पेला जा रहा है।
हमारी सामूहिकता पाँच दिन नहीं चलती। यही एटीट्यूड हमें ‘चलता है यार’, ‘एक दिन से क्या हो जाता है’ आदि में राहत देने लगता है। हमारी नग्नता चार पैसों के आगे कैसे दिख जाती है, वो हमें अटारी बॉर्डर पर BSF के जवानों द्वारा कराए जाने वाले सर्कस में दिखता है। वह केवल इसलिए चालू हुआ क्योंकि उसकी अपनी एक इकॉनमी बन चुकी है।
जो लोग मरे, उसका बदला जब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में ले लिया गया, तो फिर क्रिकेट ही क्यों व्यापार आदि भी चालू कर देना चाहिए।
बात यह है कि जब आप भावनाओं को उत्तेजित करने के लिए ‘खून और पा��ी’ वाला संवाद बोलते हो तो बाद में क्रिकेट खेल कर, हाथ न मिलाने, जेस्चर बनाने, ट्रॉफी न लेने को ‘भावनाओं के बलात्कार’ की संज्ञा देने पर ज्ञान मत दो कि देशभक्ति क्या होती है।
तीनों मैच में जीत से यह पाप नहीं धुल जाता कि हमने एक आतंकी राष्ट्र को यूएन में आतंकी कहा, पूरी दुनिया में सांसदों के दल भेजे और कुछ पैसों के ��क्कर में लीचड़ों की तरह, उन विधवाओं के अपमान के लिए उन्हें प्लेटफ़ॉर्म दिया।
आपको जीत की बधाई हो, मैं भी जीत से प्रसन्न हूँ, परंतु यह नकारापन असहनीय है।
CHRONOLOGY
8 सितंबर - नेपाल में हिंसा फिर तख्तापलट
10 सितंबर - सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल शुरू
18 सितंबर - राहुल गांधी का GEN Z पोस्ट
24 सितंबर - लद्दाख में हिंसा और उपद्रव
24 सितंबर- कांग्रेस नेता का उकसाने वाला विडियो
25 सितंबर - लद्दाख हिंसा में कई नेपाली पकड़े गए
CLEAR ?
असल में इनकी योजना विफल हो गई है। इनका प्लान था कि मणिपुर के बाद लद्दाख से घाव दिया जाए और हिंदी हार्टलैंड में उत्तर प्रदेश में दंगे करके चाकू घोंपा जाए।
लेकिन, बीच में कोई आ गया...
फिर से कह रहा हूँ, क्र���नोलॉजी समझिए। इन घटनाओं से निपट लिया गया, इसीलिए आपको बहुत कुछ पता नहीं चला। पता चलना चाहिए। 4 सितंबर को कानपुर के रावतपुर में बारावफ़ात के जुलूस में 'I Love Muhammad' का लाइटबोर्ड लगाया गया। 21 सितम्बर को ये लखनऊ, भदोही और उन्नाव में बिना अनुमति कई जुलूस लेकर निकल आए, कानपुर के बहाने मुसलमानों को एक करके हिंसा की साज़िश रची गई। 22 सितम्बर को पीलीभीत में हिंसा भड़काने की कोशिश की गई। उसी दिन कौशाम्बी में ��टनाएँ हुईं। 25 सितम्बर को प्रधान��ंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से सन्देश देने की कोशिश की गई, बच्चों तक को आगे किया गया। 26 सितम्बर को बरेली में जुमे के साथ ही पूरे प्रदेश को भड़काने की साज़िश थी।
लेकिन, वो इस दौरान भूल गए कि लखनऊ में कोई ऐसा बैठा हुआ है जो इन्हें शांत करने में दक्षता रखता है। एक तरफ सोनम वांगचुक को गिरफ़्तार करके मोदी सरकार ने सन्देश दे दिया कि लद्दाख को हम मणिपुर नहीं बनने देंगे, दूसरी तरफ बरेली में लाठिया��� कुछ इस क़दर चलीं कि दंगाई भाग खड़े हुए। मोदी-योगी ने मिलकर इनकी कुटिल योजनाओं को विफल कर दिया।
अब आपको पता चल गया होगा कि जो राकेश टिकैत 1 साल तक दिल्ली को घेरे बैठा रहता है, वही लखीमपुर खीरी में हुए एक हादसे के बाद यूपी सरकार का सहयोग करते हुए क्यों नज़र आता है। ख़ुद बैठकर मामला सुलझाता है।वही राकेश टिकैत महाकुंभ की व्यवस्था से इतना ख़ुश हो जाता है कि योगी सरकार की तारीफ़ों के पुल बाँधता है। किसानों को बिजली देने के लिए योगी सरकार की तारीफ़ करता है। वही व्यक्ति जिसके कहने पर लाल किले पर खालिस्तानी झंडा फहरा दिया गया था। वैसे वहाँ नरमी दिखाई गई उसका भी कारण था, बांग्लादेश-नेपाल में हुए तख्तापलट को देखकर सबको समझ आ रहा है अब।
खैर, मौजूदा स्थिति पर आते हैं। थोड़ा और गहरे जाएँगे तो और अच्छे से चीजों को समझ पाएँगे। असल में अलकायदा की साज़िश थी कि दशहरा-दीपावली पर भारत को दहलाया जाए। पूरी प्लानिंग थी। अहमदाबाद से फरदीन शेख को दबोचा गया, 'ऑपरेशन सिंदूर' से जुड़े मैटेरियल जब्त हुए। सोचिए, सिंदूर ने इन्हें किस क़दर नेस्तनाबूत किया है कि ये बौखलाए हुए हैं। मोडासा से सैफुल्लाह कुरैशी गिरफ़्तार हुआ। दिल्ली से मोहम्मद फैक धराया। नोएडा से ज़ीशान अली दबोचा गया। अंत में कर्नाटक से इन सबकी मास्टरमाइंड शमाँ परवीण धराई। सारी साज़िश विफल! अब ये यहाँ कोई 26/11 नहीं कर पा रहे, इनके कैम्पस ध्वस्त किए जा रहे पाकिस्तान में घुसकर सो अलग।
पर्दे के पीछे बहुत कुछ चलता रहता है, बस भरोसा रखिए - सबसे निपटा जा रहा है, सही तरीके से निपटा जा रहा है। भारत में दशहरा-दीपावली पर आतंकी हमलों के जरिए ख़ून बहाने की साज़िश विफल हो गई तो कारगिल में मुस्लिम संगठन सक्रिय हो गया। 'आय लव मुहम्मद' वाली साज़िश लाई गई। लेकिन, ये भूल गए कि लखनऊ और दिल्ली में कौन बैठा है...
पुश्तैनी पशुशाला पर अवैध कुर्की, प्रशासनिक मौन और झूठी आख्या—क्या यही न्याय है?
मेरे वैध कब्जे की पुष्टि लेखपाल रिपोर्ट, SDM अनुमति, पुलिस रिपोर्ट और वीडियो साक्ष्य से हो चुकी है। फिर भी BNSS 165 का दुरुपयोग कर कुर्की आदेश पारित किया गया।
क्षेत्राधिकारी की आख्या में न तो साक्ष्यों का उल्लेख है, न ही विपक्षी की अवैध क���र्रवाई की जांच। सिर्फ "वाद विचाराधीन है" कहकर सारा मामला दबा दिया गया।
क्या प्रशासनिक निष्क्रियता और पक्षपात को यूँ ही स्वीकार कर लिया जाए?
📌 सत्य को दबाया नहीं जा सकता।
अवैध कुर्की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच करें 🙏
@CMOfficeUP @myogioffice @ambedkarnagrpol @Uppolice @AmbedkarnagarDM @myogiadityanath
#RTI #AdministrativeJustice #कुर्की_अन्याय #CitizenRights #BNSS165 #TransparencyMatters