एक ब्राह्मण बुजुर्ग की हत्या हो गया
चाकू मा"रकर हत्या की गयी है
अगल बगल किसी को जानकारी तक नहीं
बिहार में यही सम्राट कुशवाहा का सुसान है ?
आप सोशल मीडिया खोलकर देखिए
सम्राट कुशवाहा के जाति के कुछ लोग ब्राह्मण नफरत परोसने में लगे हैं
सत्यप्रकाश जाटव ने अपनी पहचान को लेकर झूठ बोला, उसके बाद उसने नर्सिंग ऑफिसर स्नेहलता पांडेय से मंदिर में शादी की अब धक्का देकर स्नेहलता को मार डाला। संतान पैदा होने के बाद कानपुर घुमाने के बहाने उनकी हत्या कर दी।
सत्यप्रकाश जाटव शादीशुदा था उसके औलाद नहीं हो रही थी, उसने अपनी असली पहचान छिपाकर स्नेहलता पांडेय से शादी की, संतान पैदा किया। संतान को अपने घर में दिया!
स्नेहलता को कानपुर घूमने ले जाने के बहाने नदी में धक्का देकर मार डाला।
ये खबर पूरे मेनस्ट्रीम मीडिया से ग़ायब है। इतनी भयावह घटना पर कोई प्राइम टाइम डिबेट नहीं। मामला MP के भिंड का।
आनंद दुबे को UGC और हिंदुत्व पर बोलना भारी पड़ गया है।
अंत में भारी दबाब के कारण उन्होंने ख़ुद शिवसेना से इस्तीफ़ा दे दिया है।
अगला नंबर प्रियंका चतुर्वेदी का भी हो सकता है ? 🤷🏻♂️
🚨 MP रीवा में UGC का विरोध किया तो नौकरी गई! अब न्याय के लिए कलेक्ट्रेट के सामने भूख हड़ताल पर बैठे दिलीप शर्मा!
मध्य प्रदेश के रीवा में UGC रेगुलेशन 2026 के विरोध में आवाज उठाने वाले आउटसोर्स कर्मचारी दिलीप शर्मा की नौकरी जाने का मामला बेहद गंभीर सवाल खड़ा करता है।
क्या अब अपने अधिकारों की आवाज उठाने के लिए भी नौकरी गंवानी पड़ेगी?
जिस संविधान ने हर नागरिक को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार दिया, क्या उसके रहते किसी कर्मचारी को अपनी बात रखने की कीमत रोज़गार खोकर चुकानी चाहिए?
UGC रेगुलेशन से भविष्य प्रभावित होने की आशंका है, तो उसके खिलाफ आवाज उठाना लोकतंत्र में अपराध कैसे हो सकता है?
आज दिलीप शर्मा कलेक्ट्रेट के सामने भूख हड़ताल पर बैठे हैं। सवाल सिर्फ एक कर्मचारी का नहीं, बल्कि उन तमाम लोगों का है जो नौकरी जाने के डर से अन्याय के खिलाफ सवर्ण बोलने से पहले सौ बार सोचते हैं। चुप रहते है कही नौकरी न चली जाए
वोट सवर्ण और OBC से लो, काम SC-ST के लिए करो। चुनाव सनातन के नाम पर लड़ो और बाद में बौद्ध धर्म को बढ़ावा देने लगो।
यही मोदी जी और उनके पर्ची मुख्यमंत्रियों की नई रणनीति है।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि अम्बेडकर जी ने खुद संविधान सभा में कहा था कि "आरक्षण minority seats पर ही होना चाहिए!"
उनके द्वारा दिये गए भाषण को भी जजमेंट में लिखा गया है!
तब भी भाजपा सरकार अम्बेडकर जी के शब्दों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाकर आरक्षण 73% करना चाहती है!
#BJPAgainstGC
मुझे तो इसमें सामान्य वर्ग उद्यमी योजना नहीं दिख रही है!
सिर्फ SC, ST, OBC और Minorities दिख रहे हैं!
लेकिन अब मैं कुछ नहीं बोलूंगी, वरना लोग बोलेंगे "Google नहीं कर सकती, फेक न्यूज़ है!"
कोई Google करके पता करना कि बिहार सरकार की "सामान्य वर्ग उद्यमी योजना" है भी कि नहीं!🙏😂
डर तो बस इस बात का है कि कहीं बीजेपी IT Cell वाले पुष्पेंद्र जी को भी एंटी-नेशनल न घोषित कर दें। 😂
वैसे आजकल IT Cell का जो हाल है, वहाँ कुछ भी संभव है भाई! 😭
एक ही परिवार के खिलाफ 16 SC ST एक्ट के फर्जी केस...
जिस परिवार पर मुकदमे, उसे महीने में 42 पेशियां,
केस दर्ज कराने वाले परिवार को ₹46 लाख रुपया।
एक परिवार, SC/ST Act के 16 मुकदमे और करीब ₹46 लाख मुआवजा... आखिर ये चल क्या रहा है?
अलीगढ़ में एक परिवार ने 15 वर्षों में SC/ST Act के तहत 16 केस दर्ज कराए।
हैरानी की बात ये कि इनमें 11 मुकदमे सिर्फ एक ही परिवार के खिलाफ,सरकारी सहायता के रूप में करीब ₹45.84 लाख भी मिले और 5 मामलों में पुलिस फाइनल रिपोर्ट लगा चुकी है। अब राष्ट्रीय SC आयोग तक मामला पहुंच गया है।
SC/ST Act पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए बना है, लेकिन ऐसे मामले इस कानून के संभावित दुरुपयोग पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
जब केस के साथ मुआवजा भी जुड़ा हो, तो झूठे और बार-बार किए जाने वाले दावों पर सख्त जांच क्यों नहीं?
कानून सुरक्षा कवच रहे, कमाई का जरिया नहीं!
क्या धंधा बना के दिया महामानव ने....!!
ये IIT मद्रास के डायरेक्टर प्रो. वी. कामकोटि सर हैं। सर 150+ शोधपत्रों के लेखक और भारत के स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर SHAKTI विकास में अग्रणी भूमिका में रहे।
सर देश के जाने माने वैज्ञानिक हैं। दूरसंचार सुरक्षा और साइबर सुरक्षा में उनके काम के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया था।
कंधे में जनेऊ पहने एक कार्यक्रम में धर्मगुरुओं साधु-संतों की मौजूदगी में सर उद्बोधन दे रहे थे। तब से इन पर अभी टिप्पणी की जा रही, तमिलनाडु में एवरेज ब्राह्मण बताकर मजाक उड़ाया जा रहा है
अरे मूर्खों इस एवरेज ब्राह्मण ने पूरी दुनिया में देश का नाम रोशन किया है
इस बंदे को जिसने भी साड़ी पहनाई, कमाल की सोच-विचार कर पहनाईं। मदर टेरेसा डिजाइन चुना पुराने जमाने में चलती थी ऐसी काॅटन की वह भी सीधे पल्लू में।
आज इसने पुलिस वालों को खुली धमकियां दी है।
जनता को बिल्कुल पागल समझ लिया? क्या साड़े होते ये लुटेरे
कैप्टन स्मृत मछार के लिए एक शब्द नहीं निकला
UGC rollback
Sc st act खत्म करो या सुधार करो के लिए इनकी जुबान सिल जाती।
बस लोकतंत्र ख़तरे में है? इस बोड़न से पूछे कोई लोकतंत्र का क्या मतलब होता है? या राष्ट्रगीत पढ़वाओ वहीं दांत निपोर देंगे सबके सब।
पिछले 4–6 महीनों में जिस तरह राष्ट्रवादी नैरेटिव से जाति-आधारित नैरेटिव की ओर बढ़ने की शुरुआत हुई है, वह बेहद पीड़ादायक और समाज को विभाजित करने वाली है। यह हमें उसी दिशा में ले जा रहा है, जहाँ हम लोग कहते थे—“बटेंगे तो कटेंगे।”
Full Video Link = https://t.co/4Ew4BA3AaH…