एक अकेले प्रशांत किशोर के दबाव में पहले बिहार के नेता काम पर लगे थे…
अब बिहार के अधिकारी, इंजीनियर और बाबू भी काम पर लगेंगे। 🔥
अगली बार जब शिकायत लेकर आइए, तो सिर्फ समस्या मत बताइए—
यह भी बताइए कि किस अधिकारी को कॉल किया, किस नगर निगम कर्मचारी को बताया और किस इंजीनियर से काम कराने की कोशिश की… और फिर भी काम नहीं हुआ।
क्योंकि अब सिर्फ आपकी समस्या नहीं सुनी जाएगी,
काम रोककर बैठने वाले अधिकारी, इंजीनियर और कर्मचारी की भी जवाबदेही तय होगी।
बिहार अब देख रहा है—
एक ईमानदार और सक्रिय नेता सिस्टम के अंदर तक कितना बदलाव ला सकता है। 🔥