●हिरण का अवैध शिकार करो
●लोगों पर गाड़ियां चढ़ा दो
●देश को असहिष्णु बताओ
●मैच फिक्सिंग करो
●15 मिनट में हिसाब करने की बात करो
●नार्थ ईस्ट को भारत से काटने की मंशा रखो
●लव के नाम पर शोषण करो
●डॉक्टरी की आड़ में बम बनाओ
●खाने पीने की चीजों में थूंको
●पत्थर चलाओ, दंगे करो
●सड़क जाम करके महीनों बैठे रहो
●सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे करो
●दुनियाभर के गैरकानूनी काम करो
..लेकिन जब कोई कुछ कह दे तो दिलीप कुमार उर्फ #रहमानफरामोश की तरह विक्टिम कार्ड निकाल लो...क्योंकि इस कार्ड की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती 🤣
कमेंट बॉक्स में अपनी "उपस्थिति" दर्ज कराएँ और अपनी राय खुलकर साझा करें।
आज एक ऐसी बात पर चर्चा करनी है जो हम सभी के दिल को छूती है - हमारे देश का भविष्य!
आप तस्वीर में देख सकते हैं: एक तरफ़ हैं कांग्रेस की वरिष्ठ नेता श्रीमती सोनिया गांधी और दूसरी तरफ़ हैं पार्टी अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे। ये दोनों नेता उस पार्टी का नेतृत्व करते हैं जिसने लंबे समय तक देश पर शासन किया है। लेकिन क्या उनका शासन हमेशा देशहित में रहा है? यह एक बड़ा सवाल है जिस पर हर नागरिक को विचार करना चाहिए।
एक दौर था जब देश कोरोना (कोविड-19) जैसी जानलेवा महामारी से जूझ रहा था। कोरोना ने हमारे "तन" (शरीर) को चुनौती दी, लाखों लोगों को प्रभावित किया और हमें स्वास्थ्य के महत्व का अहसास कराया। यह वाकई "खतरनाक" था!
लेकिन, इस पोस्ट में एक गहरी बात कही गई है: "कांग्रेस खतरनाक है वतन के लिए।"
यह एक गंभीर आरोप है, लेकिन क्या इसमें सच्चाई नहीं है? भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण की राजनीति, आर्थिक कुप्रबंधन, और राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ - क्या इन सबने मिलकर हमारे देश की नींव को कमज़ोर नहीं किया है? क्या इन नीतियों से हमारे "वतन" (मातृभूमि) की प्रगति और सुरक्षा को ख़तरा नहीं पहुँचा है?
जब हम अपनी आने वाली पीढ़ियों के बारे में सोचते हैं, तो हमें यह तय करना होगा कि हम क्या चाहते हैं। क्या हम एक ऐसे भविष्य की ओर बढ़ना चाहते हैं जहाँ नीतियाँ पहले राष्ट्र हित को प्राथमिकता दें, या जहाँ पार्टी हित सर्वोपरि हों?
👉 आपका मत क्या है? क्या आप सहमत हैं कि कुछ राजनीतिक दल, अपनी नीतियों और कार्यप्रणाली के कारण, हमारे वतन की प्रगति और अखंडता के लिए एक बड़ा ख़तरा बन सकते हैं?
इस पोस्ट को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करें ताकि यह बात हर भारतीय तक पहुँच सके और एक सार्थक बहस शुरू हो सके! जय हिन्द!
इस नी.....ch
कांग्रेस महिला के लिए 2 शब्द कहकर जाना
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धक्का मुक्की ना करें बारी बारी सबका नंबर आएगा
पुरी के श्री जगन्नाथ धाम के सामने एक छोटे से बच्चे का वीडियो सोशल मीडिया पर तहलका मचा रहा है, जहां उसकी आंखों में भगवान जगन्नाथ की साक्षात झलक दिखने का दावा हो रहा है। वायरल क्लिप में मासूम जमीन पर बैठा मंजीरा बजाते हुए भजन में लीन है, गोल-गोल घूमता हुआ भक्ति रस में डूबा नजर आता है। देखने वाले लोग स्तब्ध होकर हाथ जोड़ लेते हैं, मानो चमत्कार हो रहा हो।
यह वीडियो पुरी जगन्नाथ मंदिर के बाहर शूट किया गया, जहां बच्चा पूरी तन्मयता से भगवान के भजन गाता और झूमता दिखा। उसकी चमकती आंखें, मासूम मुस्कान और तेजस्वी नजरें लोगों को भगवान जगन्नाथ की याद दिला रही हैं, जिनकी बड़ी-बड़ी आंखें भक्तों को मोह लेती हैं। सोशल मीडिया यूजर्स ने कमेंट्स में लिखा, 'बच्चे की आंखों में स्वयं प्रभु के दर्शन हो रहे हैं', 'जय जगन्नाथ' और 'यह चमत्कार है'। इंस्टाग्राम, एक्स और फेसबुक पर लाखों व्यूज बटोर चुका यह क्लिप अब विदेशों तक पहुंच गया है।
लोगों का मानना है कि बच्चे की भक्ति इतनी सच्ची है कि उसमें दिव्य शक्ति झलक रही। वीडियो में वह मंदिर की सीढ़ियों पर बैठा मंजीरा की लय में झूमता है, आंखों में एक अजीब तेज लिए जो भक्तों को भावुक कर देता है। कई यूजर्स ने इसे आध्यात्मिक अनुभव बताया, कहते हुए कि मासूमों के जरिए भगवान अपने भक्तों से मिलते हैं। यह घटना जगन्नाथ धाम की आस्था को नई ऊंचाई दे रही, जहां हर साल करोड़ों भक्त दर्शन को आते हैं।
फैंस और भक्तों की प्रतिक्रियाएं कमेंट बॉक्स में उमड़ पड़ीं। एक यूजर ने लिखा, 'ऐसी भक्ति देखकर धार्मिक भावनाएं मजबूत हो जाती हैं', तो दूसरे ने कहा, 'बच्चा स्टार बन गया, प्रभु का आशीर्वाद है'। वायरल होने के बाद यह वीडियो प्रेरणा स्रोत बन गया, जो बताता है कि भक्ति उम्र की मोहताज नहीं। पुरी मंदिर की यह मासूम झलक भक्तों के दिलों में बस गई।
कुल मिलाकर, बच्चे की आंखों में जगन्नाथ भगवान का यह 'दर्शन' सोशल मीडिया का नया सनसनी बन गया। यह न सिर्फ भक्ति का प्रतीक है, बल्कि आस्था की जीती-जागती मिसाल भी, जो लाखों लोगों को जोड़ रहा है।
ये जीत है आप की
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हमने दिल्ली कोर्ट से कराया था ऑर्डर
सभी सरकारी ज़मीन पर बनी है
तू एक भी नहीं बचा पाएगा लिख ले आज ही