एक ने गांधी जी को गाली दिया और कुछ नहीं हुआ और दूसरे ने मोदी जी को गाली दिया और उसके ऊपर F.I.R हो गया।
ये दोहरा रवैया क्यों? गाली ना तो गांधी को दिया जाना चाहिए था और ना ही मोदी को। हमारे समाज में गाली अमर्यादित भाषा है लेकिन क्या इसके लिए पनिशमेंट आदमी देखकर दिया जाना सही है?
ऐसे भी सरकार ने प्रॉमिस किया है कि किसी भी CJP प्रोटेस्टर्स के खिलाफ कोई पुलिस की कार्रवाई नहीं होगी तो फिर ���ुचिका सिंह के खिलाफ़ भी कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।