NSUI वाले सड़कों पर लाठियां खा रहे है,
और मीडिया की आंखों के तारे प्रदर्शन करने के पहले पुलिस थाने जाकर परमिशन मांगेंगे।
कितने चैनल्स ने आज @VinodJakharIN
को लाठियां खाते ये तस्वीरें TV पर दिखाई?
17 year old student is flawlessly giving interview to a journalist while a 55 year old CM of a state started drinking water in front of the same journalist. 😭
ये राहुल गांधी के जुझारू सिपाही देवेंद्र यादव हैं जो NEET मामले पर सड़क पर प्रदर्शन कर रहे हैं…हालत देखिए इनकी।
कोई माने या ना माने लेकिन पेपर लीक मामले पर सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक लड़ाई सिर्फ कांग्रेस लड़ती दिख रही है।🪧
#NEET
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद, परीक्षा रद्द होने और दोबारा परीक्षा की आशंका के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों से कई विद्यार्थियों की आत्महत्या की खबरें सामने आईं. सार्वजनिक रूप से रिपोर्ट हुए प्रमुख मामलों में:
• सीकर, राजस्थान — प्रदीप मेघवाल (22 वर्ष), जिनके परिवार ने परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक के बाद बने मानसिक तनाव को वजह बताया.
• मऊगंज (मध्य प्रदेश) / नागपुर — आकांक्षा चतुर्वेदी, जिनके सुसाइड नोट में दोबारा NEET देने की हिम्मत न होने की बात लिखी गई.
• उत्तर प्रदेश — रितिक मिश्रा का मामला भी NEET विवाद के बाद आत्महत्या से जुड़ा हुआ बताया गया.
• दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से भी NEET अभ्यर्थियों की आत्महत्या की खबरें प्रकाशित हुईं.
इसके अतिरिक्त, मीडिया विश्लेषणों में 2026 के दौरान NEET से जुड़े कम से कम 14 आत्महत्या मामलों का उल्लेख हुआ है.
क्या BJP समर्थकों के लिये ये सिर्फ़ आंकड़े हैं ?
ये उन परिवारों का टूट जाना और टूट कर बिखर जाना है, है जिन्होंने अपने बच्चों के सपनों के साथ अपना पूरा जीवन जोड़ रखा था.
युवा पीढ़ी बेहाल
सरकार है ज़िम्मेदार
आकांक्षा डॉक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहती थी। आकांक्षा के पिता किसान हैं। बेटी के डॉक्टर बनने के सपने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड पर ₹3 लाख का कर्ज़ लिया। और नागपुर में खुद कुक की नौकरी कर ली, ताकि बेटी वहाँ coaching कर सके।
एक पिता ने जो कर सकता था, सब किया।
फिर NEET पेपर लीक हुआ। परीक्षा रद्द हुई। उस अनिश्चितता में आकांक्षा हमें छोड़ कर चली गई।
आकांक्षा की मौत आत्महत्या नहीं - मोदी जी की एक भ्रष्ट, टूटी हुई व्यवस्था की देन है।
और धर्मेंद्र प्रधान जी? आज भी कुर्सी पर हैं।
फिर वही कमेटी। वही ट्रांसफर। वही जाँच। न सुधार, न न्याय।
मोदी जी, कुर्सी स्थायी नहीं होती - आती-जाती रहती है। लेकिन आपने 12 वर्षों में शिक्षा व्यवस्था को जिस हद तक बर्बाद किया है, उसकी कीमत भारत की एक पूरी युवा पीढ़ी चुका रही है।
भाई साहब को केजरीवाल और आप पार्टी जनता के मुद्दे नहीं उठाने दे रही थी। इसलिए भाई साहब भाजपा में चले गये थे। लेकिन तब से भाई जी जाग ही नहीं रहे, CBSE हो गया, NEET हो गया, लेखपाल पेपर लीक हो गया। Gen जी सड़कों पर है। पर प्रिय मित्र राघव जाग ही नहीं रहे। उनकी तबियत की दुआ करता हूँ।
माता पिता पीछे खड़े हैं बेटी आगे आकर, SDM को फटकार लगाते हुए पानी की समस्या बताई।
दरअसल महू विधानसभा के शेरपुर पंचायत के ग्राम जुलवानिया में पानी की एक एक बूंद के लिए ग्रामीण परेशान हैं, कई बार प्रार्थना पत्र देने के बावजूद अधिकारियों ने समस्या का समाधान नहीं किया।
आज महू तहसील में पहुंचकर ग्रामीणों ने पानी की मांग को लेकर आवाज उठाई, जहां एक लड़की ने पानी की समस्याओं को लेकर SDM साहब से तीखी नोक झोंक की। जब युवा आगे आएंगे तब बदलाव भी आएगा। क्योंकि बूढ़े बुजुर्ग माता पिता को अधिकारी लोग डांटकर भगा देते हैं।
📍इंदौर मध्यप्रदेश📍
उत्तर प्रदेश –
गाजियाबाद में जिस इंटरनेशल पैरा खिलाड़ी चिराग त्यागी की हत्या कर दी गई, उसके परिवारवाले पिछले 7 घंटे से DM दफ्तर पर धरना देकर बैठे हैं।
वे चाहते हैं कि चिराग के हत्यारोपियों यश खटीक और बाकी का एनकाउंटर हो। फैमिली वाले UP सरकार की तरफ से दिया गया 5 लाख रुपए का चेक भी लौटाने आए हैं।
खिलाड़ी की फैमिली में नाराजगी इस बात को लेकर भी कि जब DM दूसरे हत्याकांड के मृतक सूर्या चौहान के घर कई–कई बार जा सकते हैं तो चिराग की फैमिली से एक बार क्यों नहीं मिल सकते?
मालवीय नगर अग्नि कांड की चश्मदीद बता रही है की फायर ब्रिगेड डेढ़ घंटे में आई
खास बात ये है की फायर स्टेशन तीन मिनट की दूरी पर है
हर आग लगने पर आस पास के लोग बताते हैं की भाजपा सरकार की फायर ब्रिगेड देरी से आती है ।
How many ✡️ died in the Holocaust?
Myron Gaines debates on jew on the 6,000,000 figure.
The 6,000,000 figure was achieved by the torture of Rudolph Höss (commandant to Auschwitz) by the British. Confirmed in the book “Legions of death” by Rupert Butler.
Follow @forbiddenmerch
THIS IS PEAK INSENSITIVITY
Sandeep Chaudhary tore into the system after 21 people died in the Delhi fire tragedy.
Twelve hours after the incident, Rekha Gupta still had not reached the spot.
People were trapped. People were jumping from windows. Locals were trying to save lives.
And the Chief Minister was still missing from ground zero.
“आर्थिक सुनामी आने वाली है… सिस्टम से @narendramodi का कंट्रोल ख़त्म हो रहा है… मुख्य चुनाव आयुक्त से लेकर ज्यूडिशियरी के लोग तक मुझे इंफ़ॉरमेशन दे रहे हैं… सबको लगता है जनता का बड़ा दबाव आने वाला है…” : नेता विपक्ष @RahulGandhi का बड़ा दावा