#BhagwatGoBack#BhagwatGoBack
इतिहास विकृतिकरण करके सांस्कृतिक और सामाजिक आतंकवाद को बढ़ा रहा है आरएसएस।
इन शासक वर्ग के कुत्सित प्रयासों पर लगाना अत्यंत आवश्यक है,जिस पर देश का बुद्धिजीवी वर्ग और मीडिया भी खामोश हैं।
नागपुरी संतरों का राजस्थान में कोई कार्य नहीं।
इसलिए ..... #BhagwatGoBack #BhagwatGoBack #BhagwatGoBack
#थानेदार भर्ती राजस्थान में #1st_रैंक नरेश जी विश्नोई साँचोर और #प्रवीण_सिंह_राणावत 2nd रैंक पर चयनित होने पर हार्दिक बधाई। अभी तक मिली सूचना कर आधार पर 45 राजपूत थानेदार बने है और ये आंकड़ा 60+ तक जायेगा।
राजपूत चयनित सूची👇
1. नेपालसिंह खिरजां
2. सुरेन्द्रसिंह देदूसर
3. लक्ष्मण सिंह उंडू,
4. महावीरसिंह मूली(जालौर),
5. मोतीसिंह सांकड़ा
6. बलवंत सिंह सांकड़ा
7. बालू सिंह शेखावत बगड़ी
8. अमर सिंह शेखावत बगड़ी
9. मनोहरसिंह नाचना
10.दशरथसिंह छतांगढ़
11. हिम्मत सिंह गुडा,बांसवाड़ा
12.खीमसिंह उगवा
13. लक्ष्मणसिंह उण्डू
14. वीरेंद्रसिंह धौलिया
15.महेन्द्र सिंह तँवर रामदेवरा
16.प्रवीण सिंह चौहान भबराना
17.जितेंद्र सिंह राणावत, मालपुर
18.योगेंद्र सिंह वरदा
19.सुरेंद्र सिंह शेखावत रामगढ़
20.तन्मय सिंह झाला देवास झाडोल
21.देवेंद्र सिंह चौहान वसुंदर छोटी
22.विक्रम सिंह उचरडिया छोटा
23.मयूर राज सिंह चौहान वगेरी
24.मनमीत सिंह चौहान वमासा
25.भानु प्रताप सिंह
26.सुश्री हंसराज शक्तावत, खोलरी
27.श्री लक्ष्यराज सिंह शक्तावत,सेमारी
28.देवदीप सिंह चौहान निंबाहेड़ा
29.योगेंद्र सिंह चौहान
30.प्रकाश कुंवर चुंडावत (मगरोडा, प्रतापगढ़)
31.कीर्तिध्वज सिंह झाला (ठी. मांडूथल)
32.ईनल कुंवर चुंडावत
33.लोकेंद्रसिंह सोलंकी पारडा सोलंकी आसपुर
34.अमर सिंह गुढ़ा
35.छोटू सिंह बंधडा
36.मनोहर सिंह नाचना
37.लोकेंद्र सिंह कीता
38.दशरथ सिंह करणोत भाखरी (जोधपुर)
39.विक्रम सिंह नरसाणा (जालोर)
40.दशरथ सिंह छतागर (जैसलमेर)
41.कर्मवीर सिंह बालावत तड़वा जालौर
42.विनीत सिंह परमार धौलपुर
43.उम्मेद सिंह राखणा
44.नाथु सिंह दिगाव
45.सोमेंद्र सिंह देवड़ा गलथनी
46.चंद्रवीर सिंह अतिया
अंतिम रूप से राजस्थान पुलिस SI में चयनित होने पर हार्दिक बधाई और शुभ कामनाए।
सभी राजपूत युवा पढ़ाई पर ध्यान दीजिए, पिछले 2 कार्यकाल में राजपूतों ने वापसी की है।
#सहारनपुर_प्रकरण#कैराना बीजेपी सांसद #प्रदीप_चौधरी के पुत्र ने गूजर समाज के समर्थन किया
और बीजेपी के स्थानीय नेताओं ने भी समर्थन किया #RSS के नेताओं ने समर्थन किया इन्देश कुमार और अन्य ने।
क्षत्रिय समाज के समर्थन में एक भी हिन्दू नहीं आया। क्षत्रिय समाज के समर्थन में मुस्लिम राजपूत समाज खुलकर सामने आया।
आज से मैं न #RSS का समर्थन करूंगा न बीजेपी का दोनों क्षत्रियो के इतिहास को नीलाम कर रही है।
चाहे हिन्दू ठाकुर चाहे मुस्लिम ठाकुर दोनों एक ही है इन हरामखोरो ने हमें अलग किया है।
जब बीजेपी और आरएसएस क्षत्रियो के विरोध में थी तब मुस्लिम क्षत्रियो ने हिन्दू क्षत्रियो का तन मन धन से समर्थन किया और सहारनपुर में चक्काजाम कर दिया।
#क्षत्रिय_धर्म_युगे_युगे
@Teamsherdil
5 जून को @b_bhushansharan की अयोध्या रैली की अनुमति प्रशासन द्वारा नही दी गयी!
पर #टिकैत और #खाप पंचायत की रोज रोज होने वाली रैली और मीटिंग पर शासन प्रशासन रोक क्योँ नही लगाता?
खाप पंचायतो मे सरकार/शासन/प्रशासन को धमकी दी जाती है उनपर कानूनी कार्यवाही क्यों नही की जाती?
Note:- #BrijbhusanSharanSingh जी का पूर्ण समर्थन करते है हम बस इसलिए उनके कुश्ती संघ के कार्यकाल में किसी भी #पहलवान के साथ कोई भेदभाव नहीं हुआ।
#WrestlersProtests
#BrijBhushanSharanSingh
-------#यूपी में गूजर वोट का #प्रभाव-----
गूजर ऐसी जाति है जिसमे घोर बिरादरीवाद है. इस जाति में किसी विचारधारा या पार्टी के प्रति कोई निष्ठा नहीं है. जहां भी इनके 8-10 हजार वोट भी होते हैं ऐसी तक़रीबन हर सीट पर ये चुनाव लड़ते हैं और इनका वोट अपने प्रत्याशी को ही जाता है. इसीलिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसी पार्टी को जिताने या हराने में इनका कोई खास योगदान नहीं होता.
लेकिन ये लोग इतने घाघ होते हैं कि ऐसी सीट पर जहां गूजर प्रत्याशी हैं वहां भी अन्य जातियों के प्रत्याशी के समर्थको को भी यह जता देते हैं कि ये इन्हें ही वोट करेंगे जबकि वोट सिर्फ अपने स्वजातीय को ही करते हैं और ये दूसरी जाति के प्रत्याशी भी इस बहकावे में रहते हैं कि गूजरो ने इन्हें वोट किया था. इस बार भी में बहुत लोगो को इस से प्रभावित होता देख रहा हूँ.
इस भ्रम को दूर करने के लिये में मेरठ सहारनपुर मंडल क्षेत्र में सीट वाइज बताऊंगा कि पिछली बार गूजरो ने किसे वोट किया था और इस बार किसे करेंगे. यूपी में गूजर प्रायः इसी क्षेत्र में मिलते हैं. इसके अलावा रोहिलखंड कि 4-5 सीट पर 5-8 हजार वोट, मथुरा की एक सीट पर 10-15 हजार वोट, आगरा कि तीन सीट पर 8-15 हजार वोट और झाँसी कि एक सीट पर 7-8 हजार वोट हैं.
पश्चिमी उत्तर प्रदेश कि वो सीट जहां गूजर 8-10 हजार या उससे ऊपर वोट हैं और इनके प्रत्याशी कि स्थिति ---
नकुड़ - 25 हजार गूजर वोट (भाजपा से गूजर प्रत्याशी) पिछली बार बसपा से गूजर प्रत्याशी था और गूजर एकतरफा बसपा को गए थे, इस बार एकतरफा भाजपा के स्वजातीय गूजर प्रत्याशी को वोट देंगे. क्षत्रियों के बिना इसका जीतना असंभव.
गंगोह - 35-40 हजार गूजर वोट (सपा और भाजपा से गूजर प्रत्याशी) पिछली बार ज्यादातर सपा और उसके बाद बसपा के गूजर प्रत्याशी को गए थे, भाजपा का गूजर प्रत्याशी 95% नॉन गूजर वोट लेकर जीता था. इस बार भी बहुसंख्यक गूजर सपा को वोट करेंगे लेकिन भाजपा प्रत्याशी नॉन गूजर वोट से ही जीतेगा.
देवबन्द- 20-25 हजार वोट (बसपा से प्रत्याशी) पिछली बार गूजर प्रत्याशी नहीं था इसलिये भाजपा को गए थे, इस बार बसपा को वोट करेंगे तब भी बसपा प्रत्याशी मुकाबले में नहीं.
कैराना - 24 हजार वोट (भाजपा से प्रत्याशी ) पिछली बार 90% भाजपा के स्वजातीय को गए थे, इस बार भी रिपीट होगा और 10% गूजर सपा के मुस्लिम गूजर प्रत्याशी को भी जाएगा. भाजपा के गूजर का जीतना असंभव.
खतौली - 12 हजार वोट (बसपा से प्रत्याशी) पिछली बार सपा के स्वजातीय को एकतरफा वोट किया था. इस बार बसपा के स्वजातीय को करेंगे. पिछली बार भाजपा 30 हजार से ज्यादा के बड़े अंतर से जीती थी, इस बार उससे भी बड़े अंतर से जीतेगी.
मीरापुर - 15 हजार वोट (सपा और भाजपा दोनों से प्रत्याशी) पिछली बार भाजपा के स्वजातीय प्रत्याशी को वोट किया था. इस बार बहुसंख्यक सपा-रालोद के प्रत्याशी के साथ हैं. मात्र 4% वोट होते हुए भी गूजर अन्य लोगो के वोट से विधायक बनेंगे.
सरधना - 15 हजार वोट (सपा से प्रत्याशी ) पिछली बार भी सपा को वोट किया था, इस बार भी सपा को करेंगे. पिछली बार भी भाजपा जीती थी, इस बार भी जीतेगी.
किठौर - 25 हजार वोट (बसपा और कांग्रेस से गूजर प्रत्याशी) पिछली बार बसपा से गूजर प्रत्याशी था और गूजरो ने उसे ही वोट किया था. इस बार भी 95% गूजर बसपा और कांग्रेस के गूजर प्रत्याशी को ही वोट करेगा. पिछली बार भाजपा जीती थी, इस बार भी जीतेगी.
मेरठ दक्षिण - 20 हजार वोट (भाजपा से गूजर प्रत्याशी) पिछली बार भाजपा को गए थे इस बार भी भाजपा को करेंगे.
बागपत - 15 हजार वोट (बसपा से गूजर प्रत्याशी) पिछली बार 90% गूजरो ने रालोद के गूजर प्रत्याशी को वोट किया था, इस बार बसपा के गूजर प्रत्याशी को करेंगे. पिछली बार भाजपा 30 हजार से ज्यादा के अंतर से जीती थी, इस बार उससे भी ज्यादा से जीतेगी.
लोनी - 35 हजार वोट (भाजपा और सपा से गूजर प्रत्याशी) पिछली बार बहुसंख्यक गूजरो ने रालोद के मदन भैय्या को वोट किया था, तब भी भाजपा 40 हजार से ज्यादा वोट के अंतर से जीती थी, इस बार भी बहुसंख्यक गूजर रालोद के मदन भैय्या को करेंगे, इस बार भी भाजपा बड़े अंतर से जीतेगी..
गढ़- 20-25 हजार वोट (सपा से गूजर प्रत्याशी) पिछली बार गूजरो ने एकतरफा बसपा के गूजर प्रत्याशी को वोट किया था. इस बार सपा के प्रत्याशी को करेंगे. भाजपा बड़े अंतर से जीती थी, इस बार भी बड़े अंतर से जीतेगी.
नोएडा - 25 हजार वोट - (सपा से प्रत्याशी) पिछली बार गूजर एकतरफा सपा के गूजर प्रत्याशी को गए थे, इस बार भी स्वजातीय को वोट करेंगे. भाजपा एक लाख से ज्यादा के रिकॉर्ड मतो से जीती थी इस बार भी रिकॉर्ड अंतर से जीतेगी.
दादरी - 90 हजार वोट (सभी पार्टियों से गूजर प्रत्याशी) पिछली बार गूजर चार हिस्सों
सूर्यवंश की बैस शाखा के कुलदीपक, कन्नौज के अधिपति, दुनिया का पहला गणतंत्र स्थापित करने वाले वैशाली के महादानवीर महाराजाधिराज शिलादित्य हर्षवर्धन जी को उनकी 1433वीं जयंती पर शत शत नमन 🙏🙏
#क्षत्रिय_सम्राट_हर्षवर्धन_बैस#SamratHarshvardhanBais
#खाप_पंचायतों_का_सच_मुजफ्फरनगर_दंगों
मुजफ्फरनगर दंगों के समय ये दोनों भाई और इनकी खाप पंचायत कि आवाज भी ना निकल रही थी. ये ऐसे दबी दबी आवाज़ में संभल के बात करे थे जैसे कितने खौफजदा हों.
नगला मदौड़ कि महापंचायत में भी राकेश टिकैत दोनो तरफ की गा रहा था. तब ना किसी के बक्कल उतारने की बात की जावे थी, ना आवाज में दम निकले था.
जब पंचायत की भीड़ पे हमला हुआ, जब नहरो में इसी के गांव, इसी की खाप के लड़को की लाशें बहाई गईं, तब ये और इसकी खाप पंचायत घर में बंद हो गए थे, अमन शान्ति भाईचारे की बात कर रहे थे.
जब इनके गांवो से गरीब मुसलमानों को भगा कर बदला लिया जा रहा था, उस समय भी ये और इसकी खाप पंचायत उससे पीछा छुड़ा के टोपी लगा नमाज पढ़ने का ड्रामा कर रही थी. बस एक गठवाला खाप का बाबा हरिकिशन मलिक था जो सरकार के खिलाफ था और उसी के गांवो में बदले की कार्यवाई हुई थी. ये टिकैत और उसकी खाप तो भाईचारे और गंगा जमुनी के नाम पर अपनी इज्जत बचा रही थी.
उसके बाद प्रशासन की कार्यवाई होने पर औरतों को आगे कर के राकेश टिकैत पूरी खाप पंचायत समेत गायब हो गया था. वो औरतो की पंचायत भी फ्लॉप हो गई थीं, सारे गांवो में सन्नाटा पसरा था. नरेश टिकैत गंगा जमुनी संस्कृति के गीत गा रहा था.
ठीक इसी समय मेरठ के खेड़ा में ठाकुरो ने पड़ी लकड़ी लेकर महापंचायत करी थी जिसमे पूरे मण्डल की पुलिस फ़ोर्स, केंद्रीय अर्धसैनिक बल, पीएसी, आरएएफ लगा दी गई थी. सोम चौबीसी के हर गांव में सैकड़ो लोगो के मुचलके पाबंद किये गए थे, सरकार द्वारा पंचायत होने पर खुलेआम भुगतने की धमकी दी जा रही थी. पूरे इलाके में हर रास्ते, चकरोड़ पे नाकाबंदी की गई थीं. यहां के ठाकुरो का भाजपा के अलावा समाजवादी समेत किसी पार्टी में कोई ठिया नहीं, समाजवादी पार्टी से छत्तीस का आकड़ा तब भी था. किसी मीडिया, न्यायपालिका, इकोसिस्टम का सहारा नहीं. सादी वर्दी में कमांडो को नियुक्त किया गया था जिन्हे सीधे गोली मारने के आदेश थे. प्रशासन खुला दुश्मनी का व्यवहार कर रहा था जैसे कोई उपनिवेशिक सत्ता हो. उसके बाद भी 20 हजार से ऊपर लोग उस महापंचायत में इकट्ठे हुए थे जिसमे पुलिस फोर्स से सीधा युद्ध हुआ था. डीएम को हालात संभालने के लिए सेना बुलानी पड़ गई थी. इसमें हजारों पे मुकदमे हुए जिनमे बहुतो पर आज भाजपा सरकार में भी मुकदमे चल रहे हैं.
इस टिकैत की खुद के खाप के जाटों को भी मुकदमो में तब राहत मिली जब हमारे वोट के दम पर सरकार बनी है. ये टिकैत और इसकी खाप पंचायत तो तब भी अखिलेश की परिक्रमा करने के बाद कांग्रेस से गठबंधन कर उसकी सरकार बनवा रहे थे. तब इसका लाठी गोला पता नहीं कहां गायब था.
ऐसे ही जब बसपा की सरकार में महेन्द्र टिकैत बिजनौर में मायावती को गाली देकर अपने गांव भाग आया था तो माफ़ी मांग के अपना पिंड छुड़ाया था, तब इस सर्वखाप पंचायत के राष्ट्रीय मुखिया की हिम्मत ना हुई लाठी गोले की भी बात करने की.
आज इस नपुंसक सरकार के कारण ऐसे कायर और डरपोक लोग भी बहादुर और दबंग बनके दिखा रहे हैं जिनका पूरा इतिहास ही सत्ता की दलाली का रहा है, जिन्होंने आज तक आमने सामने की एक लड़ाई नहीं लड़ी. जिनकी अपने लोगो के लिए भी जुबान ना खुले थी, उनको इस सरकार ने इतना सर चढ़ा लिया है कि आज उनकी जुबान सातवे आसमान पे गूँज रही है, लाठी गोला और गर्दन काटने से नीचे बात ही ना करें. इस नपुंसक सरकार को ये भी नहीं पता कि ताकत हर किसी को हजम नहीं होती. ऐसे लोगो में हवा भरोगे तो पेचीश करके गंदगी ही फैलाएंगे.
इस नपुंसक सरकार में अपनी आस्था रख नेतृत्व और स्वाभिमान आदि गिरवी रखने के कारण समर्थक वर्ग और जातियां नेतृत्व और स्वाभिमानहीन होकर नपुंसक और ख़त्म होती जा रही हैं. जो इस सरकार का जितना बड़ा भक्त है उसका आचरण उतना ही नपुंसकता से भरा हुआ है.
यह व्यापारिक वृत्ति कि सरकार अपना तात्कालिक निजी लाभ देखती है. दूरदृष्टि कि तो क्षमता ही नहीं है इनमे. इन्हे लगता है कि हरियाणा में जाटों का डर दिखाकर सत्ता प्राप्त करना सुपरहिट फार्मूला है. कि देखो जब भाजपा सरकार में जाट इतना परेशान कर रहे हैं तो जाटों कि सरकार आने पर ये नॉन जाटों का क्या करेंगे? कि जब हमारी सरकार में सब जगह रास्ता रोक कर पड़े है, मनमानी कर रहे हैं, किसी को कुछ भी बोल रहे हैं और हमारी सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है तो सोचो हुड्डा या चौटाला कि सरकार में क्या होगा?
नॉन जाट को पता भी नहीं कि इसके कारण वो अपना ही नुकसान कर रहा है. ऐसा नहीं कि भाजपा कि सरकार में जाट नुकसान में रहता हो और नॉन जाट बहुत फायदे में. भाजपा कि सरकार में भी जाटों कि मौज में ऐसी कोई कमी नहीं है और नॉन जाट में भी कुछ नेताओं और उनके करीबियों को छोड़ के कुछ खास नहीं मिल रहा.
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सूर्यवंश की बैस शाखा के कुलदीपक, कन्नौज के अधिपति, दुनिया का पहला गणतंत्र स्थापित करने वाले वैशाली के महादानवीर महाराजाधिराज शिलादित्य हर्षवर्धन जी को उनकी 1433वीं जयंती पर शत शत नमन 🙏🙏
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सूर्यवंश की बैस शाखा के कुलदीपक, कन्नौज के अधिपति, दुनिया का पहला गणतंत्र स्थापित करने वाले वैशाली के महादानवीर महाराजाधिराज शिलादित्य हर्षवर्धन जी को उनकी 1433वीं जयंती पर शत शत नमन 🙏🙏
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सनातन ही सत्य है..🙏🚩
एक ही दिल है, कितनी बार जितोगे @msdhoni
हर क्षत्रिय को महेंद्र सिंह धोनी से यह सीख लेनी चाहिये कि कितनी भी ऊंचाई पर पहुँच जाओ लेकिन अपने पूर्वजो भगवान् राम और कृष्ण को हमेशा याद रखना चाहिये.
( MS धोनी चन्द्रवंश की शाखा के राजपूत हैं , लेकिन वो कभी भी जातिवाद नहीं करते हमे इस बात का भी गर्व होना चाहिए )
जय श्री राम 🚩
सूर्यवंश की बैस शाखा के कुलदीपक, कन्नौज के अधिपति, दुनिया का पहला गणतंत्र स्थापित करने वाले वैशाली के क्षत्रियों के वंशज, महादानवीर महाराजाधिराज राजपुत्र शिलादित्य हर्षवर्धन जी को उनकी 1433वीं जयंती पर शत शत नमन 🙏🙏
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