आज भी लौंडे ने पहली गेंद पर ही बाउंड्री मारी है, बनने सिर्फ 14 पर उसमें 3 चौके थे....
समझे...6 को...
वो तो तेज हवा के संतुलन को भांपने और फिल्डर ने एक शानदार अविश्वसनीय कैच पकड़ लिया,नहीं तो अब तक तुम सब अपने बिल में छुपे रहते।
वैभव सूर्यवंशी.....
15 साल का नौजवान जिसने हर लेबल का क्रिकेट टेस्ट देकर,सिफारिश नहीं बल्कि किस्मत का दरवाजा अपने बल्ले से तोड़ कर सबसे कम उम्र में जगह पाई है।
वो कुछ “झाटू टाईप के डॉलर खोरों” के आलोचना से फिसलने वाला नहीं है।
वो आंधी नहीं अब बवंडर बन चुका है।
इसका ये मतलब नहीं कि हर मैच में चलेगा पर जिस भी मैच में चलेगा उसे एकतरफा कर डालेगा।
इनकी बड़ी कामयाबी और दो हफ्ते से पूरी दुनिया में अपने नाम का बज रहे डंका,कई बड़े बड़े खिलाड़ियों के शाबाशी,सलाह और अपने प्रति अलग अलग राय को देखा और लगातार यात्रा के कारण बालक थोड़ा सकुचाया हुआ था।
शेर का जिगरा डाल कर ऊपर वाले ने इस बालक को भेजा है।
सब्र रखो बे दो कौड़ी के नामुरादो...अब तो तुमने आगाज देखा है। आगे जो होगा उसे देख कर तुमहे आईना से नफरत होने वाली है।
ये बालक सिर्फ क्रिकेट खेलने और टीम में अपनी जगह पकी नहीं बल्कि क्रिकेट पर अगले दो दशकों तक राज करेगा।
#VaibhavSooryavanshi
वैभव सूर्यवंशी.....
15 साल का नौजवान जिसने हर लेबल का क्रिकेट टेस्ट देकर,सिफारिश नहीं बल्कि किस्मत का दरवाजा अपने बल्ले से तोड़ कर सबसे कम उम्र में जगह पाई है।
वो कुछ “झाटू टाईप के डॉलर खोरों” के आलोचना से फिसलने वाला नहीं है।
वो आंधी नहीं अब बवंडर बन चुका है।
इसका ये मतलब नहीं कि हर मैच में चलेगा पर जिस भी मैच में चलेगा उसे एकतरफा कर डालेगा।
इनकी बड़ी कामयाबी और दो हफ्ते से पूरी दुनिया में अपने नाम का बज रहे डंका,कई बड़े बड़े खिलाड़ियों के शाबाशी,सलाह और अपने प्रति अलग अलग राय को देखा और लगातार यात्रा के कारण बालक थोड़ा सकुचाया हुआ था।
शेर का जिगरा डाल कर ऊपर वाले ने इस बालक को भेजा है।
सब्र रखो बे दो कौड़ी के नामुरादो...अब तो तुमने आगाज देखा है। आगे जो होगा उसे देख कर तुमहे आईना से नफरत होने वाली है।
ये बालक सिर्फ क्रिकेट खेलने और टीम में अपनी जगह पकी नहीं बल्कि क्रिकेट पर अगले दो दशकों तक राज करेगा।
#VaibhavSooryavanshi
वैभव सूर्यवंशी.....
15 साल का नौजवान जिसने हर लेबल का क्रिकेट टेस्ट देकर,सिफारिश नहीं बल्कि किस्मत का दरवाजा अपने बल्ले से तोड़ कर सबसे कम उम्र में जगह पाई है।
वो कुछ “झाटू टाईप के डॉलर खोरों” के आलोचना से फिसलने वाला नहीं है।
वो आंधी नहीं अब बवंडर बन चुका है।
इसका ये मतलब नहीं कि हर मैच में चलेगा पर जिस भी मैच में चलेगा उसे एकतरफा कर डालेगा।
इनकी बड़ी कामयाबी और दो हफ्ते से पूरी दुनिया में अपने नाम का बज रहे डंका,कई बड़े बड़े खिलाड़ियों के शाबाशी,सलाह और अपने प्रति अलग अलग राय को देखा और लगातार यात्रा के कारण बालक थोड़ा सकुचाया हुआ था।
शेर का जिगरा डाल कर ऊपर वाले ने इस बालक को भेजा है।
सब्र रखो बे दो कौड़ी के नामुरादो...अब तो तुमने आगाज देखा है। आगे जो होगा उसे देख कर तुमहे आईना से नफरत होने वाली है।
ये बालक सिर्फ क्रिकेट खेलने और टीम में अपनी जगह पकी नहीं बल्कि क्रिकेट पर अगले दो दशकों तक राज करेगा।
#VaibhavSooryavanshi
वो कह रहे थे....एक साल में मोदी सरकार गिर जाएगी.....मोदी इस्तीफा देकर भाग जाएंगे.....एक हफ्ता भी नहीं हुआ ये बयान दिए हुए.....और हुआ क्या....
* आज के INDi Alliance की बैठक मे DMK...AAP और Shiv Sena (UBT) गायब रहे...DMK और AAP ने INDI गठबंधन से अलग होने की घोषणा कर दी.
* TMC के 29 मे से 20 से ज्यादा सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को चिट्ठी लिखकर NDA और मोदी सरकार को समर्थन देने की घोषणा कर दी.
* TMC के सांसदों के समर्थन के बाद लोकसभा मे NDA की संख्या 293 से बढ़कर 313 हो गई...यानी सरकार और मजबूत हो गई....अगर 22 DMK सांसद NDA का समर्थन करते हैं....जोकि करेंगे....तो ये संख्या 335 हो जाती है.
तो कुल मिलाकर....जो मोदी सरकार को गिराने के सपने देख रहे थे....उनके खुद के घर पर उनके ही घरवालों ने बुलडोजर चला दिया....
मोदीजी अजेय हैं....उन्हें कोई नहीं हरा सकता....कोई नहीं का मतलब कोई नहीं.....जो ऐसी कोशिश करेगा....वो बर्बाद हो जाएगा.....
नमो नमः 🙏🚩
साहित्य,गाना और सिनेमा बदलते समाज का आईना होता है। ये कभी समझ में नहीं आया कि कौन किससे प्रभावित है पर यही चलता आया है।
आज फिर एक दामाद अपनी पत्नी को छोड़,सामाजिक संस्कारों की तिलांजलि देकर अपनी सासु मां को लेकर फरार हो गया।
इतना ही नहीं जोड़ा सीधे कोट मैरिज भी कर लिया।😊
एक आसान टेस्ट जीत...
चण्डीगढ़ टेस्ट से अफगान टीम को कुछ भी हासिल नहीं हुआ पर टीम इंडिया को रविन्द्र जडेजा के बाद कौन..??
इसका जबाव मानव सुथार के रूप में एक शानदार जुझारू टेस्ट खिलाड़ी जरूर मिल गया।
शानदार गेंदबाजी...👍🏻
#INDvsAFG
सूर्य कुमार यादव को कप्तानी से हटवाने में उनके खराब प्रदर्शन के साथ साथ IPL 26 में मुंबई इंडियंस का खराब प्रदर्शन सबसे बड़ा कारण है।
सितारों से सजी MI की टीम जिस प्रकार से लगातार एक एक कर सारे मैचों में धराशाई हुई,उसकी शिकन अंबानी बहु और अंबानी राजकुमार के चेहरे पर साफ दिख रहा था।
वरिष्ठ खिलाड़ियों का आपस में Ego की लड़ाई की खबरें भी लगातार सुर्खियां बनी।
गौरतलब है कि IPL महज अब एक क्रिकेट टूनामेंट ही नहीं रहा बल्कि कॉरपोरेट प्रतिस्पर्धा भी बन चुका है।
नफा नुकसान के साथ सतह अब ये साख का विषय भी बन चुका है।
रोहित को टीम इंडिया की कप्तानी से अचानक हटाने में भी एक कारण MI की हार और आपसी गुटबंदी ही थी।
IPL की सारी टीमों में खिलाड़ियों के लिए सबसे असुरक्षित कोई प्रेंचाइजी है तो LSG के बाद MI ही है।
ये अब स्पष्ट है कि टीम में चयन से लेकर कप्तान कौन होना चाहिए ये सब में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के साथ साथ उनका उनके IPL मालिकों से कैसा संबंध है ये ज्यादा मायने रखता है।
BCCI अब किसी भी प्रास्थिति में IPL मालिकों को नाराज नहीं कर सकती क्योंकि उसकी पैसे की हवस को ये कॉरपोरेट धन कुबेर ही पूरा कर सकते है।
इसलिए खिलाड़ियों को अब BCCI से ज्यादा अपने फ्रेंचाइजी मालिकों को खुश रखना मजबूरी हो गया है।
श्रेयस अय्यर का अचानक टीम में ना होते हुए भी सीधे भारतीय टीम का कप्तान बना देना कोई साधारण घटना नहीं है इसका IPL 27 पर असर देखने को भी मिलेगा।
ये भी हो सकता है कि श्रेयस अय्यर अगले साल MI की कप्तानी करते हुए नजर आए।
पर्दे के पीछे का खेल जो सामने दिखता है उससे काफी अलग है।
#IPL #suryakumaryadav
सूर्य कुमार यादव को कप्तानी से हटवाने में उनके खराब प्रदर्शन के साथ साथ IPL 26 में मुंबई इंडियंस का खराब प्रदर्शन सबसे बड़ा कारण है।
सितारों से सजी MI की टीम जिस प्रकार से लगातार एक एक कर सारे मैचों में धराशाई हुई,उसकी शिकन अंबानी बहु और अंबानी राजकुमार के चेहरे पर साफ दिख रहा था।
वरिष्ठ खिलाड़ियों का आपस में Ego की लड़ाई की खबरें भी लगातार सुर्खियां बनी।
गौरतलब है कि IPL महज अब एक क्रिकेट टूनामेंट ही नहीं रहा बल्कि कॉरपोरेट प्रतिस्पर्धा भी बन चुका है।
नफा नुकसान के साथ सतह अब ये साख का विषय भी बन चुका है।
रोहित को टीम इंडिया की कप्तानी से अचानक हटाने में भी एक कारण MI की हार और आपसी गुटबंदी ही थी।
IPL की सारी टीमों में खिलाड़ियों के लिए सबसे असुरक्षित कोई प्रेंचाइजी है तो LSG के बाद MI ही है।
ये अब स्पष्ट है कि टीम में चयन से लेकर कप्तान कौन होना चाहिए ये सब में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के साथ साथ उनका उनके IPL मालिकों से कैसा संबंध है ये ज्यादा मायने रखता है।
BCCI अब किसी भी प्रास्थिति में IPL मालिकों को नाराज नहीं कर सकती क्योंकि उसकी पैसे की हवस को ये कॉरपोरेट धन कुबेर ही पूरा कर सकते है।
इसलिए खिलाड़ियों को अब BCCI से ज्यादा अपने फ्रेंचाइजी मालिकों को खुश रखना मजबूरी हो गया है।
श्रेयस अय्यर का अचानक टीम में ना होते हुए भी सीधे भारतीय टीम का कप्तान बना देना कोई साधारण घटना नहीं है इसका IPL 27 पर असर देखने को भी मिलेगा।
ये भी हो सकता है कि श्रेयस अय्यर अगले साल MI की कप्तानी करते हुए नजर आए।
पर्दे के पीछे का खेल जो सामने दिखता है उससे काफी अलग है।
#IPL #suryakumaryadav
सूर्या कुमार यादव को इस जिल्लत तक पहुंचाने में इस तरह के बेवकूफी, रीच की भूख और डॉलर की हवस का भरपूर योगदान है।
एक कहानी सुनाता हूं....👇🏻
एक औरत की ऐसे एक ऐसे नेकदिल मर्द से शादी हुआ जिसकी पहली बीबी ने उसे अपने छोटे से बच्चे के साथ छोड़ दिया था।
वो आदमी उस बच्चे से बहुत प्यार करता था, ये बात दूसरी औरत को पता था कि अगर इस आदमी का दिल जीतना है तो बच्चे को भरपूर लाड प्यार करना पड़ेगा।
पर फिर भी गांव की औरतें कोई ना कोई ताना मार कर बुदबुदाते हुए सौतेली मां बोल कर चली ही जाती थी।
ये सुन कर उस औरत को बहुत दुख होता था,उसने निश्चय किया कि सबकी बोलती बंद कर देगी।
वो उस दिन से उस बच्चे को हमेशा अपनी गोद में ही लिए रहती थी,कभी जमीन पर धूल तक नहीं लगने दिया।
समय गुजरा बच्चा बड़ा होता गया पर उसने बच्चे को गोद से उतार कर खुद चलने तक नहीं दिया क्योंकि उसे बच्चे,अपने मर्द और गांव वालों का मुंह बंद करवाना था।
बच्चा बारह साल का हो गया और फिर भी वो हर काम उसे गोद में लिए ही करती थी।
फिर एक रोज सभी लोग इकठ्ठा हुए और मिन्नत कर समझाए कि अब बच्चा बड़ा हो गया है इसे अपने पैरों पर चलने दो...
जब सबकी बात उसे समझ में आई और उसने बच्चे को जमीन पर अकेले चलने को छोड़ा ...तब बच्चा अपने पैरों पर खड़ा होने लायक नहीं रहा।
तकरीबन लकवाग्रस्त हो चुका था।
ये उस औरत में जानबूझ कर नहीं किया था बल्कि अपने आप को बच्चा की सगी मा से भी अच्छी बनने ताकि सब उसे सौतेली मां का ताना ना मारे इसलिए किया था।
पर वह उस बच्चे के लिए अभिशाप बन गया...
यही सूर्य कुमार यादव के साथ हुआ...जातिवादी सोच , रिच की भूख और डॉलर की भूख ने इस महान खिलाड़ी के प्रति एक बड़े समुदाय में नफरत और घृणा भर दिया।
जिस प्रकार से दुआ और प्रार्थना असंभव को संभव करती है उसी प्रकार बददुआ और घृणा भी भले इंसान को अर्श से फर्श पर ला देती है।
फिर भी आप लोग समझ नहीं रहे हो...
सूर्य कुमार यादव देश से बड़ा नहीं है..ये सूर्या भी नहीं चाहेगा कि देश हार जाए।
लीजेंड आप समझदार हो.. डॉलर के लिए कंटेंट की कमी नहीं है....
देश को बख्श दो...🙏🇮🇳