मुझे गर्व है कि मैं एक ऐसे देश से हूं, जिसने इस धरती के सभी देशों और धर्मों के सताए लोगों को शरण में रखा है।
मैं आपको अपने देश की प्राचीन संत परंपरा की तरफ से धन्यवाद देता हूं।
'दिग्विजय दिवस' पर स्वामी विवेकानंद जी को कोटि कोटि नमन ।
राष्ट्र साधना व धर्म जागरण में लीन विश्व हिन्दू परिषद के स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर समस्त सनातन हिन्दू समाज एवं कोटिशः कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई एवं मंगलमय शुभकामनाएँ।
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श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास में हुईं नव-नियुक्तियों के संदर्भ में विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष व वरिष्ठ अधिवक्ता श्री आलोक कुमार जी का वीडियो वक्तव्य...
प्रेस वक्तव्य:
श्री आलोक कुमार, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष, विश्व हिन्दू परिषद की ओर से
दिनांक: 02.09.2026 | नई दिल्ली। आज अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। यह हम सब के लिए आनंद की बात है कि पूज्य गोविंद देव गिरी जी महाराज अब श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री होंगे। हम पूज्य गोविंद देव गिरि जी महाराज को महामंत्री का दायित्व ग्रहण करने पर श्रद्धापूर्वक शुभकामनाएं देते है। हमें विश्वास है कि उनका नेतृत्व हम सबके लिए मार्गदर्शक होगा।
श्री महेश भागचंदका जी श्री रामजन्मभूमि आंदोलन के अग्रिम पंक्ति के सिपाही रहे है। बाद में भी वे श्री अशोक सिंघल फाउंडेशन के द्वारा पूज्य अशोक सिंघल जी और हिंदुत्व के काम को आगे बढ़ा रहे हैं। उनका ट्रस्टी और ट्रस्ट का कोषाध्यक्ष होना ट्रस्ट के लिए बहुत लाभदायक होगा।
अधिवक्ता श्री मदन मोहन पांडेय, श्री राम जन्मभूमि की न्यायिक लड़ाई में एक समर्पित अधिवक्ता रहे हैं। उनके तप का श्रीरामजन्मभूमि के मुकदमा जीतने में विशिष्ट योगदान है। अब ट्रस्टी के रूप में उनकी नियुक्ति से ट्रस्ट को उनकी विधिक दृष्टि और अनुभव का अत्यंत लाभ मिलेगा।
श्रीमती निर्मला यादव जी ट्रस्टी बनी हैं। इससे हिन्दू समाज के कई वर्गों का ट्रस्ट में प्रतिनिधित्व हो गया है। यह नियुक्ति नारी शक्ति के सम्मान का भी प्रतीक है। सीताराम जी की इस पवित्र भूमि के कार्य में मातृशक्ति की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनके समावेश से ट्रस्ट के कार्यों में एक नई संवेदनशीलता, दृष्टि और समग्रता आएगी।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति: ट्रस्ट ने एयर मार्शल श्री जितेंद्र मिश्र जी को ट्रस्ट का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। वे एक अत्यंत वरिष्ठ, सम्मानित एवं अनुभवी व्यक्तित्व हैं। उनका विशाल अनुभव ट्रस्ट के कार्यों को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाएगा। हम उन्हें भी हार्दिक बधाई देते है।
विश्व हिन्दू परिषद को पूर्ण विश्वास है कि इन अनुभवी सदस्यों के जुड़ने से ट्रस्ट भव्य श्री राम मंदिर के कार्यों को और अधिक दक्षता से पूर्ण करेगा और अयोध्या से रामराज्य का रास्ता प्रशस्त होगा।
जय श्री राम!
[आलोक कुमार]
वरिष्ठ अधिवक्ता
अध्यक्ष, विश्व हिन्दू परिषद
प्रेस वक्तव्य:
संविधान से ऊपर शरीयत थोपने की देश विरोधी मानसिकता से बाज आएं कट्टरपंथी उलेमा: विजय शंकर तिवारी (@VijayVst0502 )
नई दिल्ली, 1 सितंबर 2026। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड द्वारा घोषित “संविधान एवं शरीयत संरक्षण आंदोलन” पर विश्व हिंदू परिषद ने अपना कड़ा विरोध जताया है।
विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय सह मंत्री श्री विजय शंकर तिवारी ने आज कहा कि भारत एक संविधानबद्ध राष्ट्र है। यहाँ संविधान सर्वोच्च है, शरीयत नहीं। जो संगठन संविधान की दुहाई देते हुए शरीयत को उसके समानांतर खड़ा करते हैं, वे देश की एकता के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
श्री तिवारी ने मुस्लिम समाज से सीधे कहा कि भारत के मुसलमान भारतीय नागरिक हैं। उन्हें संविधान द्वारा प्रदत्त सभी अधिकार प्राप्त हैं। परंतु नागरिकता के साथ कर्तव्य भी जुड़े हैं। देश के कानून को स्वीकार करना, राष्ट्र प्रतीकों का सम्मान करना और समान नागरिक संहिता की भावना को समझना भी उसी नागरिकता का हिस्सा है।
बोर्ड बार-बार यह चित्र प्रस्तुत कर रहा है कि मुसलमानों पर अत्याचार हो रहा है, मस्जिद-मदरसे निशाने पर हैं, बुलडोजर केवल उनके खिलाफ चल रहा है और वंदे मातरम् उनके धर्म पर हमला है। यह अधूरी और भ्रामक तस्वीर है। अवैध निर्माण, अतिक्रमण और अदालती आदेशों की अवहेलना किसी धर्म की रक्षा नहीं होती। कानून सब पर समान लागू होता है। अवैध को वैध बताकर पीड़ित बनना उचित नहीं।
समान नागरिक संहिता का विरोध करके बोर्ड वास्तव में अपने ही समाज की महिलाओं के समान अधिकारों का विरोध कर रहा है। बहुविवाह, असमान विरासत और पर्सनल लॉ के ऐसे प्रावधान, जो संविधान के समानता सिद्धांत से टकराते हैं, उन्हें अनंतकाल तक चलाने की जिद देश के हित में नहीं है। तीन तलाक पर न्यायालय और संसद ने जो कदम उठाए, वे न्याय के पक्ष में थे। उसी दिशा को आगे बढ़ाने का नाम UCC है।
वंदे मातरम् स्वतंत्रता संग्राम का गीत है। राष्ट्र के प्रति श्रद्धा व्यक्त करना किसी धर्म का अपमान नहीं है। जो लोग राष्ट्र गीत का सम्मान नहीं कर सकते, वे संविधान की बात करने का नैतिक अधिकार खो देते हैं।
श्री तिवारी ने मुस्लिम समाज के जागरूक वर्ग से कहा कि भय का वातावरण अपने नेताओं के वक्तव्यों से स्वयं मत फैलाइए। देश में मुसलमानों के जीवन, संपत्ति और पूजास्थलों की रक्षा संविधान से होती है, शरीयत से नहीं। जो कट्टरपंथी नेता संविधान और शरीयत को एक पंक्ति में लिखकर आंदोलन चलाने की धमकी दे रहे हैं, वे बताएं कि यदि दोनों में टकराव हो तो किसे मानेंगे? संविधान को या शरीयत को?
विश्व हिंदू परिषद का स्पष्ट संदेश है—
1. भारत में किसी भी समुदाय का पर्सनल लॉ संविधान से ऊपर नहीं हो सकता।
2. समान नागरिक संहिता राष्ट्रीय एकता और वास्तविक समानता की माँग है।
3. अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर कार्रवाई मजहबी आधार पर नहीं रोकी जा सकती।
4. वंदे मातरम् का सम्मान देशभक्ति है, किसी मजहब का विरोध नहीं।
5. स्वयं को पीड़ित बताकर देश को बाँटने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा।
श्री तिवारी ने कहा कि हिंदू समाज किसी के वैध धार्मिक आचरण का विरोधी नहीं है। परंतु संविधान के ऊपर शरीयत को थोपने का प्रयास राष्ट्र विरुद्ध है। संविधान स्वीकार कीजिए, कानून का पालन कीजिए, राष्ट्र का सम्मान कीजिए—यही सच्चा संरक्षण है।
विश्व हिंदू परिषद शांति, संवाद और संविधान की सर्वोच्चता के पक्ष में दृढ़ता से खड़ी है। परंतु संविधान को कमजोर करने वाले किसी भी अभियान का विरोध भी उतनी ही दृढ़ता से करेगी।
जारी कर्ता:
विनोद बंसल
राष्ट्रीय प्रवक्ता
विश्व हिंदू परिषद
सत्संग केंद्र के माध्यम से सेवा और संस्कार देने का काम करेगा विश्व हिंदू परिषद- मिलिंद परांडे (@MParandeVHP ), केंद्रीय संगठन महामंत्री, विहिप
भोपाल, 30 अगस्त 2026 विश्व हिन्दू परिषद सत्संग विभाग की अखिल भारतीय दो दिवसीय बैठक
(30, 31 अगस्त 2026) भोपाल में प्रारम्भ ।
बैठक का उद्घाटन पूज्य महंत 1008 श्री राम प्रवेश दास जी महाराज गुफा मंदिर,श्री मिलिंद जी परांडे केंद्रीय संगठन महामंत्री, श्री कोटेश्वर जी शर्मा संयुक्त महामंत्री,
श्री बसंत जी रथ केंद्रीय मंत्री एवं अखिल भारतीय सत्संग प्रमुख, श्री महेन्द्र दादा वेदक, केंद्रीय सह मंत्री व अखिल भारतीय सह सत्संग प्रमुख सहित सम्पूर्ण देश से 43 प्रांतो के साथ केंद्रीय और क्षेत्रीय व प्रांतीय पदाधिकारी समेत 150 कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।
पूज्य अशोक सिंघल जी के जन्म शताब्दी वर्ष पर हमें यह लक्ष्य लेना होगा की संपूर्ण देश के प्रत्येक जिला केंद्र पर हमारे सत्संगों के माध्यम से बाल संस्कार केंद्र और सेवा के केंद्र प्रारंभ हों, साथ-साथ रोजगार की दृष्टि से और नशा मुक्त युवा बने इस और भी सत्संग केंद्र समाज के बीच कार्य करें।
Shri S. Vedantam, Born in Kollam, Kerala, he joined the Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) at age 16 in 1949. He worked as an accountant for the TVS group before quitting his job to become a full-time VHP worker in 1970/1972.
He, a veteran leader of the Vishva Hindu Parishad (VHP), served as its Tamil Nadu State Organising Secretary, International Working President, and International Vice-President.
Om shanti 🙏
Deeply saddened by the passing of Shri A. Balakrishnan Ji, All India President of Vivekananda Rock Memorial and Vivekananda Kendra, Kanyakumari.
After serving 16 years in the Indian Air Force, he left service in 1973 to become a Jeevanvrati in the first batch of Vivekananda Kendra, trained by founder Shri Eknath Ranade Ji himself.
He strengthened the Kendra's nation-building mission. His monumental contributions — organizing the 22,000 km journey from Kolkata to Kanyakumari, and pioneering Vivekananda Kendra Vidyalayas in Arunachal Pradesh in 1977 that brought education to remote border areas, will continue to inspire generations.
He devoted more than five decades of his life to the ideals of Swami Vivekananda and to the service of the nation.
Our heartfelt Shradhanjali. May his soul attain sadgati.
Om Shanti.
- Shri Alok Kumar, Int'l President VHP
"शिक्षा के माध्यम से ज्ञान प्राप्त करो और संगठन के माध्यम से सशक्त बनो।"
भारत के महान संत एवं समाज सुधारक श्री नारायणगुरु जी की जयंती पर कोटि कोटि नमन्!
नेपाल त्रासदी पर विश्व हिन्दू परिषद की संवेदना और सहायता की घोषणा
विश्व हिन्दू परिषद तिब्बत- नेपाल सीमा पर आई प्राकृतिक आपदा के फलस्वरूप रसुआ की भोटेकोशी नदी में भीषण जलप्रवाह से हुई जन-धन की भारी हानि पर गहरी संवेदना व्यक्त करती है। परिषद और संपूर्ण हिंदू समाज इस विपदा की घड़ी में नेपाली समाज, पीड़ित परिवारों और प्रभावित जनसमुदाय के साथ खड़ा है। कैलाश मानसरोवर की तीर्थयात्रा पर गये यात्रियों के जीवन पर मंडराये संकट पर परिषद चिंता और गहरा दुख व्यक्त करती है।
परिषद ने निश्चय किया है कि भारत सरकार द्वारा दी जा रही विभिन्न प्रकार की सहायता के अतिरिक्त भारतीय समाज की ओर से भी राहत सामग्री और सहायता राशि संग्रह करेगी और प्रभावित क्षेत्रों में पीड़ितों को उपलब्ध करायेगी।
बजरंग बागड़ा
महामंत्री