#5KiPanchyat | Mungeri Lal Ke Haseen Sapne
If the Aam Aadmi Party alleges vote theft in Delhi but does not make the same allegations about Punjab, where it is in power, how does it explain this difference?
Does the Opposition allege vote theft only after electoral defeats, while remaining silent when it wins elections?
VHP Spokeserson, @VijayVst0502, discusses.
Watch the full Program:https://t.co/Odv37nhAQk
@RheemaParashar #5KiPanchayatOnDD #RahulGandhi #SanjayRaut #OppositionProtest #Congress
यूरोप के कुछ देशों को जलाया जा रहा है,दुकाने लूटी जा रही हैं,दुकानों में सब कुछ लूटा रहा है केवल पोर्क लिखे हुए फ्रिज को छोड़ कर।अब समझ में आ रहा होगा कि दंगा करने वाले वहाँ कौन हैं।
Dear @IndianExpress
Is it appropriate to use the word 'Priest' instead of 'Paster' or 'Father' in the news...??
पापी पादरियों को पुजारी कह कर हिंदुओं के आस्था केंद्रों को जानबूझकर टारगेट करना अब बंद करिए...
बहुत पते की बात इस BLO ने कही
लेकिन जमीनी हकीकत से कटा हुआ कोई @RahulGandhi इसको समझ नहीं सकता
मतदाता सूची श्री ज्ञानेश कुमार नहीं BLO बनाते हैं,जो पिछले 2 साल से खून पसीना बहा कर असम्भव काम को सम्भव बना रहे/रहीं हैं
मूर्खो
चुनाव में भी यही काम करेंगी
अपमानित करते रहो
ये संयोग नहीं, सिग्नेचर है।
एक ही सिग्नेचर - हर देश में एक साथ आग, और हर आग का एक ही पैटर्न।
रूस को यूक्रेन में उलझा दो, ताकि यूरोप की एनर्जी टूट जाए। इजराइल को तीन साल से युद्ध में फंसा दो, ताकि मिडिल ईस्ट कभी स्थिर न हो। ईरान को परमाणु की दहलीज पर खड़ा कर दो, अमेरिका को ईरान से भिड़ा दो, हूतियों से सऊदी को जलाओ, ताकि तेल का एक भी रास्ता सुरक्षित न बचे। वेनेजुएला पर कब्जा, ताकि लैटिन अमेरिका में भी कोई आवाज न उठे।
फिर यूरोप के अंदर दूसरा मोर्चा खोलो। फ्रांस को घुसपैठियों से जला दो - तुमने खुद देखा, गुच्ची के बाहर आग, 143 साल का टाउन हॉल राख, दुकानदार लड़की गिड़गिड़ा रही है और लुटेरे हंस रहे हैं। स्पेन को उसी भीड़ से घेरो, इटली को उसी भीड़ से फूंक दो, मिलान में ड्यूमो के सामने पुलिस से युद्ध। ताकि यूरोप का आम आदमी अपनी ही गली में डर कर जिए।
फिर हमारे घर के चारों तरफ दीवार गिरा दो। नेपाल में तख्तापलट, श्रीलंका में तख्तापलट, बांग्लादेश में तख्तापलट, पाकिस्तान को तोड़ने की कगार पर ला दो। ताकि भारत के चारों तरफ सिर्फ आग हो, और भारत को लगे कि वो अकेला है।
और फिर भारत में वही आग लगाने की कोशिश, हर छह महीने में एक नया चेहरा। कभी लंगर, कभी तिरपाल, कभी माइक, कभी जंतर-मंतर। मुद्दा कभी किसान, कभी जवान, कभी पहलवान, कभी संविधान। पर स्क्रिप्ट एक ही - सड़क जाम करो, देश बंद करो, दुनिया को दिखाओ भारत जल रहा है।
कुछ भी अपने आप नहीं हो रहा। महंगाई अपने आप नहीं बढ़ी, घुसपैठ अपने आप नहीं हुई, यूनिवर्सिटी में नारे अपने आप नहीं लगे, टाउन हॉल में आग अपने आप नहीं लगी। ये सब मैनेज्ड है।
क्यों? क्योंकि दुनिया को रीसेट करना है।
पुरानी दुनिया में देश थे, बॉर्डर थे, सेना थी, परिवार था, धर्म था, बाजार था। नई दुनिया में ये सब रोड़ा है। नई व्यवस्था को चाहिए - बिना बॉर्डर की दुनिया, बिना परिवार का समाज, बिना धर्म की भीड़, बिना राष्ट्र का बाजार। जहां एक ही सॉफ्टवेयर सबको चलाए।
और उस सॉफ्टवेयर के इंस्टॉल होने में सबसे बड़ा बग कौन है?
भारत।
भारत इसलिए नहीं क्योंकि उसके पास परमाणु बम है, इसलिए क्योंकि उसके पास एक ऐसा नेतृत्व है जो इस सिग्नेचर को पहचानता है। जो जानता है कि फ्रांस की आग और शाहीन बाग की आग अलग नहीं, जो जानता है कि बांग्लादेश का तख्तापलट और भारत में जाति जनगणना का शोर अलग नहीं।
फ्रांस झुक गया, इसलिए जल गया। इटली घिर गई, इसलिए सुलग रही है। नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश के पास कोई नहीं था जो भीड़ को चीर कर खड़ा हो सके, इसलिए टूट गए।
भारत के पास है।
इसीलिए भारत पर हमला सबसे ज्यादा है, और इसीलिए भारत अभी तक टूटा नहीं।
ये लड़ाई महंगाई की नहीं, व्यवस्था की है। और इस लड़ाई में पूरी दुनिया की नई व्यवस्था के रास्ते में अगर कोई एक आदमी सबसे बड़े पत्थर की तरह खड़ा है, तो वो तुम्हें पता है कौन है।
यह गुजरात के पत्रकार जगदीश मेहता है
अभी तक यह मोदी और बीजेपी की नीतियों के धुर विरोधी थे लेकिन यह अपनी बात बड़े सौम्य और धारदार तरीके से तथ्यों तर्को के साथ रखते थे इसीलिए इनका एक बहुत बड़ा विशाल फैन फॉलोइंग था
यहां तक की मेरे जैसा इनका धुर विरोधी भी इनके वीडियो को देखता था सुनता था
इन्होंने कॉकरोच आंदोलन के पहले प्रोटेस्ट को जो धर्मेंद्र प्रधान के इस्थिपे पर था उसका खुलकर समर्थन किया था लेकिन अब जो कॉकरोच आंदोलन राहुल गांधी सहित पूरा विपक्ष सड़कों पर हल्ला दंगा कर रहा है उसके बाद यह खुलेआम बीजेपी के समर्थक बन चुके हैं विपक्ष के धुर विरोधी बन चुके हैं
राहुल गांधी सहित पूरे कॉकरोच की तथ्यों के साथ कड़ी आलोचना कर रहे हैं इनका कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान तक तो ठीक था लेकिन अब तुम जो यह वोट चोरी का मुद्दा उठा हो तुम्हारे पास सबूत क्या है ?
क्या तुमने 100 आदमी भी खड़ा किया जो यह कह दे कि वह भारत का नागरिक है और उसका नाम वोटर लिस्ट से काटा गया ??
और अगर वोट चोरी सही है तो फिर केरल तेलंगाना और कर्नाटक में चुपचाप सरकार क्यों बना ली तमिलनाडु में जजोसेफ विजय जो पहले से स्थापित पार्टियों को हटाकर अचानक सत्ता में आ गया उसे पर तुम लोग चुप क्यों हो ?
उसपर तुम लोग कोई सवाल क्यों नहीं उठा रहे हो?
मतलब जहां जीत जाओ वहां सरकार बना लो और जहां हर जो वहां चुनाव आयोग को बेईमानी बता दो यह नहीं चलेगा
मोदी जब 336 सीट के साथ जीते थे तब केंद्र में कांग्रेस सत्ता में थी मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे और 99% राज्यों पर विपक्ष का शासन था और सबसे बड़े राज्य जो सत्ता निर्धारित करते हैं यानि यूपी बिहार राजस्थान मध्य प्रदेश तमिलनाडु उड़ीसा झारखंड पंजाब यहां तक की दिल्ली भी विपक्ष शासित था
फिर मोदी ने वोट चोरी कैसे कर लिया??
मतलब जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे तब मोदी को स्पष्ट बहुमत से भी ज्यादा बहुमत मिला और जब मोदी खुद प्रधानमंत्री हैं और जब उन्होंने वोट चोरी किया तब खुद को अल्पमत में ला दिया ???
तुम्हारे इन बेहूदी बातों पर कौन भारतीय जो पढ़ा लिखा है वह यकीन करेगा
दूसरी बात यह बताते हैं कि तुम अपना कोई मॉडल तो देश के सामने रखो जैसे मोदी ने गुजरात मॉडल दुनिया के सामने रखा
तो राहुल गांधी कर्नाटक मॉडल हिमाचल मॉडल झारखंड मॉडल कर्नाटक मॉडल केरल मॉडल तेलंगाना मॉडल दुनिया के सामने क्यों नहीं रखते ??
क्या वहां पर पेपर लीक नहीं हो रहा ?? अभी झारखंड में इतने लंबे समय तक आंदोलन चल वहां पेपर लीक तो छोड़ो बाकायदा नौकरी की सौदेबाजी हो रही है खुलेआम हो रही है उस पर राहुल गांधी चुप है कर्नाटक में हर रोज नौकरी के घोटाले आ रहे हैं अभी पशु चिकित्सा अधिकारी का पेपर लीक हुआ कई अधिकारी जेल में गए
उस पर राहुल गांधी चुप है
तो तुम्हारी जहां सत्ता है जहां तुम पेट्रोल डीजल पर वेट हटाकर महंगाई कम कर सकते हो जहां तुम परीक्षा का एक फूल प्रूफ व्यवस्था बना सकते हो वहां तो तुम कुछ कर नहीं पा रहे हो तो फिर दिल्ली में तुम्हारे नौटंकी का क्या मतलब है ??
और अब इनके वीडियो का गुजरात के युवाओं में काफी असर हो रहा है मैं सोशल मीडिया पर देख रहा हूं कि गुजरात की युवा जगदीश मेहता की बातों से काफी प्रभावित होते जा रहे हैं
ऐसे ही दूसरा उदाहरण अभिनेत्री और मॉडल पूनम पांडे का भी है वह जंतर मंतर पर कॉकरोच आंदोलन में मंच पर गई थी वहां भाषण भी दिया था लेकिन अब वह कह रही है कि मुझे शर्मिंदगी है कि मैं इसका समर्थन किया था
धर्मेंद्र प्रधान के इस्थिपे तक तो ठीक था लेकिन अब जो तुम यह रिज्यूम चेंज की बात कर रहे हो या जो सड़कों पर दंगा फैला रहे हो तो मुझे शर्म आ रही है कि मैं कभी तुमको समर्थन दिया था
भारत की जानता सवाल कर रही है कि उस व्यक्ति को जिसे अमेरिकी डीप स्टेट ने भारत में उथल-पुथल करने के लिए भेजा है, जो आदमी सरकार उखाड़ देने की बात करता है, जो आदमी मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफा मांगता है, जो आदमी संसद पर हमला करने के लिए उकसाता है, जो आदमी भारत को नेपाल और बांग्लादेश बनाना चाहता है, जो आदमी पुलिस कर्मियों पर हमला करवाता है, उसे 10 पुलिस कर्मियों की सुरक्षा किस लिए दी गई है?
अब उत्तर यही दिया जा सकता है कि भारत में सांपों को भी दूध पिलाने की परंपरा अभी तक है।
भारत की जानता सवाल कर रही है कि उस व्यक्ति को जिसे अमेरिकी डीप स्टेट ने भारत में उथल-पुथल करने के लिए भेजा है, जो आदमी सरकार उखाड़ देने की बात करता है, जो आदमी मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफा मांगता है, जो आदमी संसद पर हमला करने के लिए उकसाता है, जो आदमी भारत को नेपाल और बांग्लादेश बनाना चाहता है, जो आदमी पुलिस कर्मियों पर हमला करवाता है, उसे 10 पुलिस कर्मियों की सुरक्षा किस लिए दी गई है?
अब उत्तर यही दिया जा सकता है कि भारत में सांपों को भी दूध पिलाने की परंपरा अभी तक है।
1952, 1985, 2013, 2022 और 2026 में न्यायालयों ने धर्मांतरण और आरक्षण के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
आज सर्वोच्च न्यायालय ने पुनः स्पष्ट किया कि धर्म परिवर्तन से पूर्व की जातिगत पिछड़ेपन की स्थिति नए धर्म में स्वतः स्थानांतरित नहीं होती।
आरक्षण सामाजिक न्याय का संवैधानिक प्रावधान है, धर्मांतरण का प्रलोभन बनाने का साधन नहीं।
हिंदू पर्वों के समय अराजकता भारत की सांस्कृतिक और आर्थिक शक्ति को कमजोर करने का प्रयास है?
दीपावली, नवरात्रि, दशहरा और छठ केवल आस्था और उत्सव के पर्व नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक एकता, स्वदेशी उत्पादन और आर्थिक समृद्धि के महत्वपूर्ण आधार हैं।
इन पर्वों से करोड़ों व्यापारियों, कारीगरों, किसानों, श्रमिकों और छोटे उद्यमियों की आजीविका जुड़ी है। ऐसे समय में यदि सुनियोजित अराजकता, हिंसा, भय या अवरोध उत्पन्न किए जाते हैं, तो उसका दुष्प्रभाव केवल श्रद्धालुओं पर नहीं, भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है।
गर्भवती महिला पत्रकार ऋचा पाराशर को राहुल गांधी ने हाँथों से घसीट कर नीचे गिराया, एक गर्भवती महिला पत्रकार के साथ इस तरह के व्यवहार को जाहिल और जंगलीपन ही कहा जाएगा।बस यहीं है राहुल का शिव तांडव।अब कोई बाहरी,संवेदनहीन हिंसक सोच का व्यक्ति ही राहुल गांधी के साथ खड़ा हो सकता है।
*सर्वमङ्गलमङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।*
*शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते।।*
आदिशक्ति माँ भगवती के सभी रूपों की आराधना-उपासना के महापर्व 'शारदीय नवरात्रि' की आपको हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं...