@Abhishe_krr@Mr_Shreyat@ErArvindG जिस चीज़ से काम बनना चाहिए उससे नहीं बनेगा। संविधान से काम नहीं बनेगा। मुर्खता के मुद्दों, जुमलों से काम बनेगा।
तो समुदाय वर्ग अपने बौद्धिक विकास करने और मुर्खता से हटने के बजाय अपने राजनीतिक आंदोलन को उसी स्तर पर लाना चाहता है जिस खाई में वह है।
और ये भारी अच्छा विचार है??
@Social_Darlin@vkjatav84 तेरे पढाई का ये नतीजा है बेशर्म अंधभक्त।
केवल हिंसा, नफरत षड्यंत्र और जाहिलता। तेरे इस कथित पढाई का समाज समुदाय वर्ग को कोई लाभ या फायदा क्या है। केवल नफरत पैदा करने के।
अगर माता पिता IAS, IPS हैं और कोर्ट को उसके बेटे से आपत्ति है तो उसके बेटे को ब्राह्मण होने का सर्टिफिकेट जारी कर दे।
कोर्ट में बैठे जज आरक्षण को गरीबी और गरीबी उन्मूलन की तरह क्यों देखते हैं। क्या संविधान यही कहता है। ये कोलेजियम की कैसी मेरिट है।
ये इनकी मेरिट है!!
इनकी जाहिलता और नफरत ही इनकी मेरिट है।
किसी व्यक्ति को आरक्षण नहीं मिलता "वर्ग " को आरक्षण मिलता है।
और किसी व्यक्ति का शैक्षणिक पिछड़े पन की बात नहीं उसके वर्ग के शैक्षणिक पिछड़े पन की बात है।
लेकिन फिर भी ये नफरती मंदबुद्धि मेरिट का गर्व हांकते हैं।
माननीय सुप्रीम कोर्ट ने अभी एक सवाल पूछा है कि जो शैक्षणिक पिछड़े नहीं है उनका आरक्षण क्यों
उस पर इतना हल्ला मच रहा है
वास्तव में 15(4) आरक्षण प्राप्त करने की संविधान में पहली ही शर्त है कि वह व्यक्ति शैक्षणिक पिछड़ा होना चाहिए
अगर कोई एजुकेशनल बैकवर्ड नहीं है तो वह चाहे खुद को 50 हजार साल का नीच बोले चाहे अपनी अम्मा की 3000 साल या 10000 साल शोषण की कहानी सुनाएं संविधान के अनुसार उसको आरक्षण नहीं मिल सकता
क्योंकि भारत का सुप्रीम कोर्ट एक कमजोर संस्था है जो आरक्षण वालों की ज्यादा संख्या से डरता है नहीं तो बहुत पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने उन लोगों का आरक्षण खत्म कर दिया होता जो अब शैक्षणिक अगड़े हो गए
अभी भी मुझे पूरा विश्वास है कि सुप्रीम कोर्ट कुछ नहीं करेगा और शैक्षणिक अगड़े और उनके बच्चे आरक्षण लेते रहेंगे
ये बात अब समझ आई आपको?
ये बेशर्म विपक्षी दल और उनके प्रवक्ता सरकार और मिडिया के चरित्र और व्यवहार को मान्यता और स्वीकृति दिला रहे हैं।
इसमें बड़ी बात ये भी नहीं है कि ये अपने और अपने नेता को गाली खिलाते हैं।
बड़ी बात ये है कि ये जनपक्ष और मुद्दों को खत्म करने में काम आते हैं
तेल की कीमतों पर बात हो तो आयल बांड को लेकर एंकर चिल्लाते हैं । कांग्रेस सफाई देती है फिर उसका कोई भी तर्क एंकर खारिज करता जाता है।
और कांग्रेस गाली खाकर भी सरकार को बचाने मिडिया में जाती है ताकि जहाँ सरकार फंसे कांग्रेस की तरफ ऊँगली करके काऊंटर हो जाए।
यह कांग्रेस और भाजपा का भारत को दो दलीय राजनीति बनाने का षडयंत्र है।
लेकिन इसमें क्षेत्रीय दल के मंदबुद्धि नेता और प्रवक्ता क्यों शामिल हैं?
@DeepShikhaIndra@samyak_samaj@bspindia कुछ बसपा समर्थक मिलकर एक ऐसा प्रयास क्यों नहीं करते??
सैद्धान्तिक पोलिटिक्स के साथ साथ एक्टिव पोलिटिक्स भी होना चाहिए।
@AshishPAdvocate@ManojSinghKAKA मने पहले से हिंसा करने की योजना बनाकर बरात जानी चाहिए?? नफरती लोग।
ऐसा करो पुरे समाज से लड़ने की घोषणा करके मैदान में आओ। जातिवादी
@saharanpurpol@SurajKrBauddh पुलिस का काम अपराध न करने की मानसिकता, और वातावरण निर्माण करने का नहीं रह गया है। अनंत अपराध के वातावरण में कागजी कार्रवाई करने तक ही पुलिस की भूमिका रह गई है।
@jaikishan2900@Madhuyadav190 वाह जातिवादी निर्लज्ज
तेरे मालिक लोग घोडी चढके सादी करते हैं तो
कौन सा दलित लोग लाठी लेकर जाते हैं तेरी &_₹##&&- का