अगर लालू जी BJP से हाथ मिला लेते तो वो आज हिंदुस्तान के राजा हरीशचंद्र होते।तथाकथित चारा घोटाला दो मिनट में भाईचारा घोटाला हो जाता अगर लालू जी का DNA बदल जाता।
आदरणीय सोनम वांगचुक जी,
आपसे विनम्र निवेदन है कि अपना आमरण अनशन स्थगित कर दीजिए। इस संवेदनहीन सरकार से आपकी नैतिक लड़ाई को समझने या सच्चे संवाद की उम्मीद बहुत कम है।
आपके पीछे खड़े हर युवा को वचन है कि शिक्षा और हर सड़ते तंत्र के सवाल हम सड़क से संसद तक उठायेंगे। जय हिंद!
बिहार की क़ानून व्यवस्था बदहाल है। चारों तरफ हत्या, बलात्कार, अपहरण, लूट और चोरी की घटनाएं हो रही है लेकिन सरकार अपना जुर्म क़ुबूल करने को तैयार ही नहीं है।
सरेआम छात्रों, युवाओं, व्यवसायियों, आम नागरिकों और महिलाओं की हत्या की जा रही है। पुलिस और अपराधियों का नापाक गठजोड़ बिहारवासियों के लिए नासूर बन चुका है। एनडीए नेताओं-पुलिस और माफ़ियाओं की संधि भ्रष्टाचार और शराब की तस्करी में व्यस्त और मस्त है। विधि व्यवस्था की किसी को परवाह नहीं।
पटना के करबिगहिया में सत्ता और पुलिस के संरक्षण में संचालित सेक्स रैकेट का विरोध करने पर 25 वर्षीय किराना दुकानदार बंटी कुमार का 6 जुलाई को पटना जंक्शन के पास से अपहरण किया गया। CCTV फुटेज में सब साफ़ साफ़ दिख रहा है लेकिन अपराधियों को दिशा-निर्देश देने वाली पुलिस ने उसे ढूंढने की बजाय परिजनों को ही डांटा।
कल राजद के शिष्टमंडल ने अपहृत कारोबारी की पत्नी से मुलाकात की और टेलीफ़ोन पर वार्ता कराई। कल हमारे दबाव पड़ने पर पुलिस ने पटना ग्रामीण के अथमलगोला थाना क्षेत्र से उनका क्षत-विक्षत शव लाकर परिजनों को सूचना दी। स्पष्ट है कि पुलिस सब कुछ जान-पहचान रही थी।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सेक्स रैकेट चलाने वाले बेख़ौफ़ होकर कहते है कि मुख्यमंत्री आवास तक इस अनैतिक और काली कमाई का हिस्सा जाता है। बड़बोले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बताए कि ऐसे अपराधियों और सिंडिकेट के सरगना कौन है? बिहार के लोग जानते है कि विगत दिनों में बीजेपी सरकार बनने के बाद पटना जंक्शन के आस-पास बड़ी संख्या में सेक्स रैकेट पनप रहे है? इसी क्षेत्र में सरकार के एक भाजपाई मंत्री का भी आवास है और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी इसी क्षेत्र से ताल्लुक रखते है।
बेगुनाहों का झूठा एनकाउंटर करवाने वाले बड़बोले मुख्यमंत्री शराब माफियाओं, सेक्स रैकेट चलाने वालों और बदमाशों के गैंग से डरते क्यों है? सत्ता शीर्ष में बैठे लोगों की इन देह व्यापारियों से क्या सांठ-गांठ है जो उन्हें बचाने में सारी ऊर्जा लगाए हुए है?
जन जागरण के महान सन्देश वाहक, नाटककार, गीतकार, नर्तक, गायक, अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता, जीवन के हर मर्म और द्वंद्व को रंगमंच की हर विधा में अपनी महारत से सटीक रूपांतरण और प्रदर्शन करने व करवाने वाले भोजपुरी के शेक्सपियर, अमर लोक कलाकार भिखारी ठाकुर जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत्-शत् नमन व भावभीनी श्रद्धांजलि।
आज पार्टी के 30वें स्थापना दिवस पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया और सबों को बधाई व शुभकामनाएँ प्रेषित की। इस शुभ अवसर पर सभी कार्यकर्ताओं को उनकी निस्वार्थ मेहनत, सेवा, सहयोग, समर्पण, कर्मठता, संघर्ष और त्याग को सच्चे मन एवं श्रद्धाभाव के साथ याद करता हूँ।
निरंतर 29 वर्षों से मिल रहे आपके अपार सहयोग, अखंड विश्वास और अटूट प्रेम के हम सभी आभारी है। अंबेडकर, गाँधी, लोहिया, कर्पूरी और लालू जी के समाजवादी विचारों पर चलते हुए कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के विश्वास ने राजद को इतना मजबूत और वैचारिक रूप से समृद्ध बनाया है।
अति हर्ष का विषय है कि पूरे प्रदेश और जिला मुख्यालयों में धूमधाम से 30वां स्थापना दिवस मनाया जा रहा है और आज पहली बार स्थापना दिवस के अवसर पर सभी जिलों के सभी साथी एक साथ जुड़े है और एक दूसरे को सुन रहे है।
आप राष्ट्रीय जनता दल की आत्मा हैं, ताकत हैं, जान हैं। राजद के कार्यकर्ताओं और समर्थकों जैसा समर्पण और समाजवाद के प्रति आस्था का कोई सानी नहीं! हमें गर्व है कि विगत 29 वर्षों में राजद ने कुर्सी की खातिर कभी भी अपने सिद्धांत, नीति और विचार से समझौता नहीं किया
हम बिहार की सेवा के लिए कटिबद्ध हैं। अपने देश के संविधान के प्रति पूर्ण संकल्पित हैं, समाजवाद ही हमारा सिद्धांत और पथ प्रदर्शक है।
समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता, आर्थिक और सामाजिक न्याय के साथ समावेशी विकास की लड़ाई को मजबूती देने के लिए 5 जुलाई सन 1997 से आज तक 30 वर्षों में हमने उतार-चढ़ाव और संघर्षों का एक लम्बा दौर देखा है। आप सब के सहयोग से हमने आने वाली हर बाधाओं को सामना किया और उन पर विजय पाई।
साथियों, संघर्षों और संक्रमण के इस दौर में हमे विचलित नहीं होना है। यह संघर्ष देश और समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय, नौकरी, आर्थिक समानता और समृद्धि की रोशनी पहुंचाने तक जारी रहेगा। केवल बिहार राज्य तक हम अपने आपको बांध कर नही रख सकते, देश को भी हमारी जरूरत है, पूरे देश के शोषितों, पीड़ितों, अल्पसंख्यकों, छात्रों, महिलाओं और युवाओं की हमे आवाज बनना होगा। हमे ताकत बनना है हर उस किसान की जो सरकारों की ओर आस भरी निगाहों से टकटकी लगाये निहारता है।
हमे ताकत बननी है हर उस जरूरत मंद की जिसके लिए सरकारी मशीनरियां अपने हाथ खड़े कर देती हैं। हम हर लाचार, मजबूर जरूरतमंद की ताकत बन कर उभरेंगें। राष्ट्रीय जनता दल एक परिवार है और सामाजिक एकजुटता ही इसकी ताकत है, हमारे परिवार में पूरा बिहार शामिल है।
राजद कर्मठ कार्यकर्ताओं के बल पर प्रतिदिन आगे बढ़ रही है। हम आपके हक-अधिकार के लिए यूँ ही लड़ते रहेंगे। हमें अपना संगठन और मजबूत करना है। अगड़े-पिछड़े, दलित-आदिवासी, अल्पसंख्यक, गरीब, युवा-महिला, किसान-मज़दूर, नए और हाशिये के लोगों को अपने साथ जोड़ना है।
अंत में उन सभी अति प्रिय लोगों का मैं कृतज्ञ हूं जिन्होने राष्ट्रीय जनता दल की मजबूती के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर किया। उनकी जगह हमारे दिल में है और बनी रहेगी।
आइए, इस स्थापना दिवस पर हम संकल्प लें कि देश की वर्तमान सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए एकजुट होकर 12 वर्षों से केंद्र में और 21 वर्षों से प्रदेश में बैठी किसान, युवा, छात्र, महिला, कर्मचारी, व्यापारी और संविधान विरोधी तानाशाही बीजेपी सरकार की नाकामियों को हर टोला-गांव और घर-घर ले जाएँगे और एनडीए सरकार को बदलेंगे।
आदरणीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री लालू प्रसाद जी की रहनुमाई में हम वंचितों, उपेक्षितों, गरीबों, किसानों, कर्मचारियों और युवाओं के हितों के लिए निरंतर संघर्ष कर एक विकसित, खुशहाल एवं शांतिप्रिय समाज का निर्माण करेंगे।
जय हिंद, जय बिहार, जय राजद।
लालू जी सूरज हैं हमारे
हम सब उनकी हैं किरणें
वो जनता के एक मसीहा
जो रहते हैं जनता के दिल में
हर ग़ुलामी की बेड़ी तोड़ी
आज़ादी का राग दिया
सदियों से ख़ामोश थे जो
उन्हें स्वर है दिया साहस भी दिया
हर शोषित वंचित को उन्होंने
न्याय दिया अधिकार दिया
जन जन को रक्खा सर माथे
हम सबको दिल से प्यार किया
हर गरीब की मुश्किल का जिसने है ढूँढा हल
हम राष्ट्रीय जनता दल
हम राष्ट्रीय जनता दल
हम हैं बिहार का दिल
हम ही हैं देश का बल!
राजद के स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
"बिहार की जनता के नाम संदेश "
प्रिय साथियों,
आप सभी को राष्ट्रीय जनता दल के 30वें स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ! बिहार के करोड़ों लोगों के लिए 5 जुलाई का दिन विशेष महत्व रखता है क्योंकि 1997 को आज ही के दिन अनेक वरिष्ठ साथियों के साथ मिलकर हमने गरीबों, शोषितों, दबे कुचले वर्गों एवं अकलियतों के हक़ों और अधिकारों की प्राप्ति के लिए राष्ट्रीय जनता दल की स्थापना की थी। यह कोई साधारण दिन नहीं है। इस दिन बिहार एवं देश की राजनीति की दशा एवं दिशा का कायापलट हुआ था।
राष्ट्रीय जनता दल द्वारा गरीबों,शोषितो एवं आम जनमानस की भलाई के लिए किये गए संघर्ष, त्याग एवं बलिदानों के बारे में अगर मैं वर्णन करुं तो शब्द भी कम पड़ जाएंगे। बिहार में व्यापत सामाजिक एवं आर्थिक असमानता और फिरकापरस्ती को नेस्तनाबूद करने के साथ-साथ एक विकसित,मजबूत, समृद्ध, खुशहाल व समतामूलक बिहार के निर्माण के लिए राजद के असंख्यक निस्वार्थ कार्यकर्ताओं एवं वोटरों ने सेवा, त्याग, बलिदान और परिश्रम की देश भर में एक अनूठी मिसाल कायम की है। पार्टी के प्रति समर्पित इन कार्यकर्ताओं के खून-पसीने से ही पार्टी का विस्तार सम्भव हुआ है। यह हमारे कार्यकर्ताओं की ऊर्जा, दृढ़ संकल्प और समर्पण का ही परिणाम है कि प्रतिदिन राजद और मजबूती से आगे बढ़ रही है। पार्टी का हर दौर में साथ देने वाले तमाम नेताओं, साथियों और कार्यकर्ताओं को मैं तहे दिल से सलाम करता हूं।
राजद की प्राथमिकता और प्रतिबद्धता गरीब, पीड़ित, बहिष्कृत, कमज़ोर व मजलूम तबकों की वकालत रही है। बदलते दौर में भी हमारी राजनीति मूलतः सामाजिक आर्थिक ग़ैरबराबरी और फिरकापरस्ती के खिलाफ़ रही है। हमारे विकास का मॉडल चमकते हवाई अड्डे, आलीशान मॉल और चमचमाते होटलों तक सीमित नहीं रहता बल्कि विकास के हरेक पहलू में हम समाज के गरीब एवं आखिरी व्यक्ति की भागीदारी और उसकी हिस्सेदारी के लिए संकल्पित हैं। इन मॉल, होटलों और हवाई अड्डों का निर्माण करने वाले शिल्पकारों, कामगारों, कारीगरों और इनमें काम करने वाले कर्मचारियों एवं उनके परिजनों के जीवन में गुणात्मक तथा सकारात्मक परिवर्तन आए यही हमारा ध्येय है। इससे कम हमें किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।
हमने सामाजिक और राजनीतिक संरचना में व्याप्त असमानता के खिलाफ निरंतर संघर्ष कर अपने लोकतंत्र को व्यापक, समृद्ध और समावेशी बनाया है। अपनी इस यात्रा में हमने कई ऐसे मुक़ाम हासिल किये हैं जिनकी चार-पाँच दशक पूर्व कल्पना भी असंभव थी। लोहिया, जेपी, कर्पूरी और अंबेडकर के इन मूल्यों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और प्रगाढ़ हुई है साथ ही हमने वो मंजिल हासिल की है जहाँ से अब आर्थिक और मनोवैज्ञानिक सबलीकरण की लड़ाई को मुकम्मल अंजाम तक ले जाना है। यह विरासत हमारी शक्ति भी है और पूँजी भी!
देश में तमाम जनवादी, प्रगतिशील, समाजवादी और लोकतान्त्रिक विचारधारा से लैस दलों पर निराशा के क्षणिक बादल छाये हैं। Compromised constitutional institutions, आक्रामक बाज़ार, वोटर ही नहीं निर्वाचित जनप्रतिनिधि खरीदने में पूंजी का असीमित उपयोग तथा दक्षिणपंथी प्रतिक्रियावादी राजनीति ने लोकतंत्र के अस्तित्व पर कई चुनौतियाँ खड़ी कर दी हैं। पिछड़ों की भागीदारी, शिक्षा और रोज़गार के अवसरों की समानता, अकलियतों के हक़ूक़,उनकी सुरक्षा,असमान विकास के मुद्दों तथा सरकार की नाकामियों को एक तथाकथित ‘हिंदुत्व के आवरण’ से ढंका जा रहा है।
साथियों, विगत कई राज्यों के चुनाव नतीजों की अगर पड़ताल करें तो मालूम होगा कि बीजेपी संवैधानिक संस्थाओं को कब्जे में लेकर संविधान को दरकिनार कर तानाशाही के बल पर देश को फिर से पीछे धकेलने का प्रयास कर रही है।हमारी राजनीति हमें इस परिस्थिति को स्वीकार करने की इजाज़त नहीं देती। अतः राजद के सभी साथियों को बिना वक़्त जाया किये इस ऐेतिहासिक भूमिका के लिए तैयार होना पड़ेगा।हर कार्यकर्ता और नेता को यह समझना होगा कि हमारा दल सिर्फ ‘चुनाव लड़ने की मशीन’ नहीं है।
समर्थक समूहों और अन्य प्रगतिशील वर्गों के साथ लगातार संपर्क रखकर यह भरोसा दिलाना होगा कि राजद उनके मुद्दों और चिंताओं के लिए संसद और सड़क दोनों ही जगह लड़ने में सक्षम है। साथियों, यह लड़ाई पिछली सारी लड़ाईयों से अलग होने वाली है क्योंकि यह लड़ाई ‘असंवेदनशील सम्पन्नता’ और ‘चेतन विपन्नता’ के बीच कि लड़ाई है।यह लड़ाई ‘मज़बूत’ और ‘मजबूर’ वर्गों के बीच की है,यह लड़ाई संवैधानिक संस्थाओं के असंवैधानिक तरीकों को ख़त्म करने की है,यह संघ और कोर्पोरेट घरानों की नयी जुगलबंदी के बीच की लड़ाई है।ये हिंदुस्तान में गरीबों, किसानों और वंचितों के अस्तित्व की लड़ाई है।अतः छोटी-मोटी चिंताओं और मतभेदों को ताक पर रखकर इस लड़ाई को मुकम्मल अंजाम तक ले जाने के लिए मिलकर लड़ना होगा।
राष्ट्रीय जनता दल के 30वें स्थापना दिवस समारोह के राज्यस्तरीय आयोजन में गांधी, लोहिया, जेपी, कर्पूरी, अंबेडकर, संत कबीर साहेब, संत रविदास सहित पार्टी के सभी संस्थापक सदस्यों एवं समाजवादी पुरखों का स्मरण किया।
समतामूलक समाजवादी वैचारिक राजनीतिक दर्शन तथा पार्टी कार्यकर्ताओं के खून-पसीने, समर्पण-संघर्ष और त्याग-तपस्या से सिंचित @RJDforIndia के 30वें स्थापना दिवस पर पार्टी और आदरणीय लालू प्रसाद जी के चाहने वाले करोड़ों समर्थकों, कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों को हार्दिक बधाई।
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @laluprasadrjd जी के निर्देशानुसार आगामी 5 जुलाई को पार्टी का 30वाँ स्थापना दिवस जिला स्तर पर पूरे उत्साह, उमंग, उल्लास, जोश एवं धूमधाम के साथ मनाया जाएगा।
सरल, सहज, सौम्य व कर्मठ व्यक्तित्व के धनी, विकासोन्मुखी राजनीति की प्रबल व प्रगतिशील समाजवादी आवाज़, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय श्री @yadavakhilesh जी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
ईश्वर से आपके स्वस्थ, सफल, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना करता हूँ।
टू नेशन थ्योरी की मुख़ालफ़त करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी, सामाजिक संगठन मोमीन कॉन्फ्रेंस के सूत्रधार बाबा-ए-कौम मरहूम अब्दुल कय्यूम अंसारी के यौमे-ए-पैदाइश पर हम ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश करते हैं।
मरहूम अब्दुल कय्यूम अंसारी साहब ने अपनी ज़िंदगी सामाजिक न्याय, ग़रीबों और वंचितों की भलाई में लगा दी। शिक्षा की बेहतरी के लिए उस दौर में उन्होंने बिहार में बेहतरीन कार्य किया था। #TejashwiYadav #Bihar #RJD
टमाटर, प्याज और आलू की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम आदमी का जीना मुहाल कर दिया है। पेट्रोल-डीजल व LPG गैस की कीमतों ने पहले ही बजट बिगाड़ रखा है और अब खाने-पीने की आवश्यक चीजों जैसे दाल, आटा, सब्जी, तेल की बढ़ी कीमतों से जनता त्राहिमाम कर रही है।
आम नागरिक एनडीए संपोषित जमाखोरी, कालाबाजारी, महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के दुष्चक्र में फंसे है जिससे उनका दैनिक जीवन और बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। वोट चोरी से बनी एनडीए सरकार की अदूरदर्शी सोच, पूंजीपरस्त नीतियों और जनविरोधी निर्णयों से जनता में भारी आक्रोश है।
एनडीए नेता सरकारी संसाधनों की लूट, भ्रष्टाचार और चंदा चोरी में व्यस्त और मस्त है। बीजेपी सभी समस्याओं की जड़ तथा इनके झूठे, बड़बोले, अनैतिक, भ्रष्ट, जुमलेबाज़ नेता देशवासियों की सब परेशानियों के मूल कारण है।
पूर्व विधायक आदरणीय श्री विजेंद्र यादव जी के सुपुत्र के सगाई समारोह में उपस्थित होकर शुभकामनाएं दीं।
ईश्वर से युगल के प्रेम, विश्वास व सुख-समृद्धि से परिपूर्ण सुखमय और आनंदमय जीवन की मंगलकामना करता हूँ।
अपने दोहों, रचनाओं व आध्यात्मिक अनुभव से ढोंग, मूर्ति पूजा, बाह्य आडंबर, जातिवाद, सामाजिक विसंगतियों और अंधविश्वास पर कुठाराघात कर सामाजिक एवं आध्यात्मिक चेतना जागृत कर समाज में समता, शांति और सद्भावना स्थापित करने वाले तथा सरल शब्दों में जीवन जीने का सत्य मार्ग बताने वाले संत शिरोमणि कबीर साहेब जी की जयंती पर कोटि कोटि प्रणाम, शत शत नमन और लख-लख वंदन। #kabir #कबीर #TejashwiYadav
बिहार के हजारों करोड़ के रिशु श्री महाघोटाले पर 21 साल की एनडीए सरकार हमारे सवालों के जवाब दें:-
1. एक मामूली सा ठेकेदार (रिशु श्री) कई विभागों के टेंडरों को अपनी मर्जी से कैसे मैनेज कर रहा था? सरकार का निगरानी तंत्र इतने वर्षों तक क्या कर रहा थी? या अधिकारियों द्वारा निजी लाभ के लिए सब कुछ नजरअंदाज किया जा रहा था?
2. ED की जांच में सामने आए चैट्स से पता चलता है कि रिशु श्री कई वरिष्ठ IAS अधिकारियों के प्रभावशाली कॉकस को सत्ता और सर्वोच्च अधिकारियों का संरक्षण कैसे प्राप्त था? वह अधिकारियों को निर्देश किसकी शह पर देता था?
3. चार्जशीट में बड़ी मछलियों को छोड़ दिया गया है? क्या ऐसा करने में देरी के पीछे क्या कोई राजनैतिक दबाव है अथवा सत्ता में बैठे लोगों को खुद पकड़े जाने का डर है?
4. दो IAS अधिकारियों को निलंबित किया गया लेकिन चार्जशीट में उनका नाम नहीं है? उनकी तत्काल गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?क्या सरकार को उनसे सबके पत्ते खोल देने की धमकी मिली है? सत्ता संरक्षित और पोषित भ्रष्टाचारियों को सजा से इम्यूनिटी क्यों दिया हुआ है?
5. वित्त विभाग के तत्कालीन संयुक्त सचिव, जल संसाधन, भवन निर्माण विभाग के इंजीनियरों की गिरफ्तारी के बाद, क्या सरकार ने इस बात की समीक्षा की है कि इन्होंने अब तक कुल कितने करोड़ के सरकारी फंड को डायवर्ट किया? और अगर हां तो इस राशि को सार्वजनिक करने में देरी क्यों की जा रही है?
6. आरोपी रिशु श्री पहले से तय करता था कि ठेका किसे मिलेगा और उसी हिसाब से विभागीय टेंडर की शर्तें (क्राइटेरिया) बदलवा देता था। क्या इस सिंडिकेट के सरगना मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय व निवास में बैठे अधिकारी थे और है?
7. जांच में सामने आया है कि सरकारी विभागों में बिल पास कराने और टेंडर देने के बदले 2% से 3.5% तक का फिक्स्ड कमीशन चलता था। क्या यह भ्रष्टाचार में नग्न सरकार के "जीरो टॉलरेंस" के दावों की धज्जियां नहीं उड़ाता?
8. क्या सरकार रिशुश्री और उनसे संबंधित कंपनियों को मिले सभी टेंडरों की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराएगी?
9. क्या यह संयोग है कि सारी Beneficiary कंपनियाँ गुजरात से है इसलिए उसे बचाया जा रहा है?
10. रिशु श्री द्वारा अधिकारियों और उनके परिवारों की विदेशी यात्राओं, एयर टिकट और महंगे गिफ्ट्स का खर्च उठाने की बात सामने आई है। गृह विभाग, EOU, निगरानी और खुफिया विभाग इस वित्तीय लेन-देन से बेखबर क्यों थे?
11. छापेमारी में रिशु श्री के पास से 99 संपत्तियों के डीड और करोड़ों की नकदी/जेवरात मिले हैं। बिहार की जनता जानना चाहती है कि एक ठेकेदार के पास राज्य के बजट का एक बड़ा हिस्सा कैसे चला गया?
12. सरकार केवल "छोटी मछलियों" और कुछ चुनिंदा अधिकारियों को बलि का बकरा बना रही है। इस सिंडिकेट के शीर्ष पर बैठे असली राजनैतिक आकाओं और "अमृत"पान करने वाले अधिकारियों के नाम कब सामने लाए जाएंगे?
13. जिन विभागों में यह महाघोटाला हुआ, उनके विभागीय मंत्रियों ने अभी तक अपनी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा क्यों नहीं दिया है?
14. सरकार को सभी जानकारी उपलब्ध हो जाने के बाद भी एक साल से अधिक का समय लगा। ED के कहने के बावजूद भी बिहार पुलिस ने महीनों तक FIR क्यों दर्ज नहीं की थी? क्या यह देरी सबूतों को मिटाने, "अपनों" को बचाने और फाइलें दबाने के लिए की गई थी?
15. कुछ अधिकारी इस घोटाले को दबाने के लिए दूसरे माध्यमों का सहारा ले रहे है? बिहार सरकार के वकील रिशुश्री के ख़िलाफ़ कोर्ट में क्यों उपस्थित नहीं हुए?
16. कोसी बेसिन विकास परियोजना और गुजरात की कंपनी को कोसी बराज का ठेका दिलाने में टेंडर माफिया रिशु श्री ने मदद की। बिहार के बाढ़ नियंत्रण और सुरक्षा से जुड़े इतने संवेदनशील प्रोजेक्ट में इतनी आसानी से भ्रष्टाचार कैसे हो जा रहा है?
17. क्या सरकार का पूरा आंतरिक ऑडिट सिस्टम और विजिलेंस विभाग पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है जो इस स्केल के महाघोटाले को ससमय उजागर नहीं कर सकता या सभी इस भ्रष्टाचार में कहीं ना कहीं से लिप्त हैं?
18. जब राज्य में सब कुछ ई-टेंडरिंग के जरिए होता है, तो BJP-JDU सरकार के पाले-पोसे टेंडर माफिया का सिंडिकेट डिजिटल पोर्टल को कैसे मैनिपुलेट और मैनेज कर रहा था?
19. एसवीयू ने 4000 पन्नों की चार्जशीट में सिर्फ 7 मुख्य आरोपियों को नामजद किया है और कहा है कि अन्य के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं। यह बाकी बचे रसूखदार अधिकारियों और नेताओं को "क्लीन चिट" देने की जल्दबाजी नहीं है तो क्या है?
20. यह NDA का संयोग कहिए या प्रयोग, सभी बड़े घोटालों में दबाब पड़ने पर अगर किसी प्रशासनिक अधिकारी की दिखावटी गिरफ़्तारी करनी-करानी है या उसे बलि का बकरा बनाना है तो वह दलित-पिछड़े और मुस्लिम समुदाय का ही अधिकारी क्यों होता है?
हजारों करोड़ के रिशु श्री टेंडर महाघोटाले पर 21 साल की एनडीए सरकार मौन है।
हर बार एक बड़ा घोटाला उजागर होता है, कुछ छोटे किरानी-कर्मचारी गिरफ्तार होते है। लेकिन नीतीश-BJP-NDA के राज में इस संगठित संस्थागत भ्रष्टाचार के मुख्य सरगना, Master Mind, ताकतवर, प्रभावशाली और लाभार्थी लोग कभी भी गिरफ़्तार नहीं होते, उन तक कोई जाँच एजेंसी नहीं पहुंच पाती? चाहे वो एस्टीमेट घोटाला हो, सृजन घोटाला हो, CAG घोटाला हो या टेंडर घोटाला हो।
मुहर्रम का मुक़द्दस महीना हमें अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आवाज़ उठाने व सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा तथा सब्र, इंसाफ़, सच्चाई और भाईचारे का सबक़ सिखाता है।
आइए हजरत इमाम हुसैन के कुर्बानियों को याद करते हुए हम सभी आपसी भाईचारे, प्रेम और सौहार्द को मजबूत करने का संकल्प लेकर देश में शांति, सद्भाव और खुशहाली की दुआ करें।
बिहार सरकार के पूर्व मंत्री एवं राजद के विधान पार्षद श्री कार्तिक मास्टर जी के मोकामा स्थित गांव में उनकी सुपुत्री के शादी समारोह में शामिल होकर इस शुभ अवसर पर परिजनों को मंगल बेला पर बधाई और नव दंपति को सुखद और मंगलमय वैवाहिक जीवन की हार्दिक शुभकामनाएं दी।
ईश्वर से प्रार्थना है कि यह पावन अवसर उनके जीवन में अपार खुशियां, प्रेम, सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए। #TejashwiYadav #RJD #bihar